अमृतसर
वैसाखी और खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 1763 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना किया गया।
“जो बोले सो निहाल” के जयकारों के बीच रवाना हुए इस जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, देशभर से करीब 2800 सिख श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल हो रहे हैं। यह जत्था अगले 10 दिनों के दौरान ननकाना साहिब, पंजा साहिब, डेरा साहिब, करतारपुर साहिब और सच्चा सौदा सहित विभिन्न पवित्र स्थलों के दर्शन करेगा।
श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पहली बार इन गुरुधामों के दर्शन के लिए जा रहे हैं और यह उनकी लंबे समय से इच्छा थी। उन्होंने वाहेगुरु से प्रार्थना की कि हर संगत को इस पवित्र अवसर का लाभ मिले।
एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि संगत की अरदासों के फलस्वरूप यह अवसर मिलता है, जिससे श्रद्धालु गुरु नानक देव जी से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन कर पाते हैं। उन्होंने यात्रा की सफलता और सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए अरदास की।
इस दौरान करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पूरी तरह से खोलने की मांग भी दोहराई गई। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर सिख संगत की भावनाओं से जुड़ा है और इसे जल्द से जल्द पूरी तरह खोलना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें।
जत्थे के टीम लीडर सुरजीत सिंह तुगलवाला ने कहा कि वह पहली बार इस यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं और एसजीपीसी हर साल यात्रियों के लिए बेहतर प्रबंध करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी यात्रा सुचारू रूप से संपन्न होगी।
32 श्रद्धालुओं के आवेदन हुए रद्द
एसजीपीसी ने 1795 वीजा के लिए आवेदन भेजे थे, जिनमें से 1763 को वीजा जारी किया गया, जबकि 32 श्रद्धालुओं के आवेदन रद्द कर दिए गए। यह जत्था धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के बाद 19 अप्रैल को भारत लौटेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी यात्रा 10 दिनों की होगी।
खालसा सृजना दिवस (बैसाखी) पर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए विभिन्न कमेटियों के श्रद्धालु गए हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से 409, हरियाणा कमेटी से 255 और एसजीपीसी से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा मिला है, जिससे कुल 2840 श्रद्धालु पाकिस्तान जा रहे हैं।
करतारपुर साहिब का मार्ग खोलने की मांग
श्रद्धालुओं ने सरकारों से अपील की है कि अधिक से अधिक लोगों को वीजा जारी किए जाएं और करतारपुर साहिब का मार्ग खोला जाए।उन्होंने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए 20 डॉलर के शुल्क को खत्म करने की भी मांग की। जिन श्रद्धालुओं को वीजा नहीं मिला, उनमें निराशा भी देखी गई।
14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस
एसजीपीसी के सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस मनाया जाएगा और इसी संबंध में यह जत्था पाकिस्तान भेजा गया है। उन्होंने पुष्टि की कि 1795 पासपोर्ट भेजे गए थे, जिनमें से 32 रद्द हुए और 1763 श्रद्धालु यात्रा पर जा रहे हैं।





