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प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर आधारित रैंकिंग रिपोर्ट का होता है निर्माण 

आजीविका मिशन में वाराणसी फिर प्रदेश में अव्वल, 6 माह में 4 बार प्रथम और दो बार टॉप-10 में रही काशी 

प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर आधारित रैंकिंग रिपोर्ट का होता है निर्माण 

घरों की दहलीज से निकल कर काशी की महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को दे रहीं रफ्तार

एनआरएलएम से 11879 समूहों की एक लाख अड़तीस हजार से अधिक महिलाएं है जुड़ीं 

महिलाओं को समूह से जोड़ने, रिवाल्विंग फण्ड देने,आजीविका से जोड़ने का डबल इंजन सरकार ने किया मार्ग प्रशस्त

बैंक सखी व उद्यम सखी के चयन, बैंक से ऋण दिलाने व व्यक्तिगत, आंतरिक ऋण दिलाने की दिशा में भी किया जा रहा उत्कृष्ट कार्य 

वाराणसी
 काशी की महिलाएं घरों की दहलीज से निकल कर अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को रफ्तार देते हुए उत्तर प्रदेश में अव्व्वल हो गई हैं। दीनदयाल अन्त्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत वाराणसी एक बार फिर से प्रदेश में योजनाओं  को लागू करने एवं महिलाओं को आगे बढ़ाने में अव्वल है। प्रदेश की अक्टूबर 2025 की रैंकिंग में वाराणसी शीर्ष पर है, जबकि पिछले 6 महीनों में वाराणसी 4 बार शीर्ष पर रहा और दो बार टॉप टेन में स्थान बना चुका है। 

37 इंडीकेटर्स के आधार रिपोर्ट होती है तैयार
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि दीनदयाल अन्त्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत वाराणसी एक बार फिर से प्रदेश में योजना को लागू करने में प्रदेश में अक्टूबर-2025 के रैंकिंग में प्रथम स्थान पर है। रैंकिंग के लिए प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर रिपोर्ट तैयार की जाती है। पिछले 6 महीने से वाराणसी शीर्ष-4 बार प्रथम रहा है। वाराणसी  में वार्षिक कार्ययोजना के सापेक्ष महिलाओं को समूह से जोड़ने, रिवाल्विंग फण्ड देने, आजीविका से जोड़ने, उत्पादक समूह गठन करने, बैंक सखी व उद्यम सखी के चयन, समूहों को बैंक से ऋण उपलब्ध कराने, ग्राम संगठन की प्रोफाइल व व्यक्तिगत आंतरिक ऋण दिलाने में उत्कृष्ट कार्य किया गया है। 
 
आजीविकापरक गतिविधियों से जुड़कर आय बढ़ाने में मिली मदद 
उपायुक्त (स्वत: रोजगार) वाराणसी पवन कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी में 11879 समूहों में एक लाख अड़तीस हजार से अधिक महिलाएं जुड़ीं हैं, जो विभिन्न प्रकार आजीविका परक गतिविधियों जैसे  कृषि, पशुपालन, सब्जी की खेती, फूलों की खेती, ग्रोसरी, बीसी सखी, विद्युत् सखी, टेक होम राशन प्लांट, दोना पत्तल, ब्यूटी पार्लर, सिलाई कढ़ाई, सिल्क साड़ी, चार मुरब्बा, काशी प्रेरणा कैफे, जूट बैग, ड्रोन सखी आदि से जुड़कर अपनी व अपने परिवार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 

रोजगार से जोड़ने के हो रहे हैं नवीन प्रयास
योगी सरकार द्वारा लगातार  महिलाओं द्वारा उत्पादित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने हेतु सरस मेला और अन्य विभागीय मेलों में प्रतिभाग करना ,आन लाइन बाजार से जोड़ना, काशी प्रेरणा मार्ट खोला जा रहा है। जनपद में आजीविका मिशन, जिला प्रसाशन के सहयोग से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के नवीन प्रयास हो रहे हैं। जनपद में महिलाओं को बीमा सखी बनाने, सीएसआर फण्ड से महिलाओं को आजीविका से जोड़ने, मधु मक्खी पालन, मखाना की खेती, बकरी पालन आदि से जोड़ने के लिए मुहिम चलायी जा रही है। 

एकता संकुल समिति विकासखण्ड आराजीलाइन की वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षक अंजू देवी बताती हैं कि योगी सरकार ने आय और सम्मान दोनों दिलाया है। समूह से जुड़ कर महिलाएं दो से तीन रोजगार कर रही हैं तथा महिलाएं अपनी पहचान बना रही हैं। जो महिलाएं बैंक जाने से घबराती थीं, अब वे सुगमता से बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले रही हैं। 

विकासखण्ड चिरईगांव की अचार और मुरब्बा बनाने वाली महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह की अमृता देवी बताती हैं ,डबल इंजन सरकार और सीएम योगी ने महिलाओं का जीवन बदल दिया है। महिलाओं में हुनर था लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से काम नहीं कर पाती थी। सरकार की योजना ने महिलाओं की प्रतिभा को निखारा दिया है।

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