अजमेर.
अजमेर के शैक्षिक इतिहास में जल्द नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। हाथीखेड़ा क्षेत्र में 30 एकड़ क्षेत्र में 20 करोड़ रुपए की लागत से बालिका सैनिक स्कूल बनेगा। इसके वर्क ऑर्डर शीघ्र जारी होंगे। इसके साथ ही सुंदर विलास स्थित मॉडल बालिका स्कूल को सावित्री बालिका प्राथमिक विद्यालय भवन में शिफ्ट किया जाएगा।
ऐसे में करीब 300 छात्राओं को अन्य स्कूलों में शिफ्ट होने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी। अजमेर उत्तर क्षेत्र की स्कूलों में डीएमएफटी फंड से 5 करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाए जाएंगे। इससे क्षेत्र में शैक्षिक आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शनिवार को सर्किट हाउस में अजमेर में शिक्षा विभाग से संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से हाथीखेड़ा क्षेत्र में बनने वाले बालिका सैनिक स्कूल की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जयपुर में अधिकारियों को फोन कर वर्क ऑर्डर अप्रेल में जारी करने के निर्देश दिए। बालिका सैनिक स्कूल करीब 20 एकड़ जमीन पर बनने जा रहा है। इसके निर्माण पर करीब 20 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस परियोजना से बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासनात्मक माहौल भी मिलेगा।
छात्राओं को बेहतर वातावरण मिलेगा
देवनानी ने शहर में बालिका शिक्षा की एक बड़ी समस्या का समाधान भी किया। उन्होंने सुंदर विलास स्थित मॉडल बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल के भवन संबंधी समस्या पर चर्चा करते हुए इसे सावित्री बालिका प्राथमिक विद्यालय के भवन में संचालित करने के निर्देश दिए। इससे छात्राओं और स्टाफ को दूसरे स्कूलों में मर्ज नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय भवन में पर्याप्त कक्षा कक्ष हैं। सेफ्टी ऑडिट भी करवा ली गई है। जल्द ही इसकी मरम्मत व रंग-रोगन करवा कर बालिकाओं के लिए संचालित करवा दिया जाएगा। इससे छात्राओं को बेहतर वातावरण मिलेगा। देवनानी ने अधिकारियों से शहर में जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों व कक्षों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि बारिश के समय किसी तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए जर्जर भवनों की मरम्मत कराई जाए। पीडब्ल्यूडी भी इस दिशा में काम करे। बच्चों को किसी तरह के खतरे में नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
विकास कार्यों की जानकारी भी ली
उन्होंने शिक्षा विभाग और अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से डीएमएफटी फंड से स्कूलों में होने वाले विकास कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रुपए से होने वाले ये विकास कार्य जल्द शुरू करवाए जाएं ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। देवनानी ने विधायक कोष से स्कूलों में होने वाले कामों की भी समीक्षा की। कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से स्कूलों के सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा परिणाम की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में अधिक विद्यार्थी 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाएं। स्कूल स्टाफ का मूल्यांकन भी इसी आधार पर हो। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग नामांकन बढ़ाए। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। आंगनबाड़ी के स्कूल जाने लायक बच्चों का नामांकन किया जाए। शिक्षक स्कूल समय के अतिरिक्त क्षेत्र में संपर्क कर बच्चों को शिक्षा से जोड़ें। इसी तरह अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी दर्शना शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





