samacharsecretary.com

सेना और नौसेना कमांडो का 17000 फीट पर अभ्यास, क्षमता और समन्वय बढ़ाने का प्रयास

कोलकाता

भारतीय सेना के पैरा स्पेशल फोर्सेज और नौसेना के मरीन कमांडो (मार्कोस) ने सिक्किम में बेहद कठिन परिस्थितियों में संयुक्त स्कूबा और लड़ाकू डाइविंग अभ्यास किया। यह अभ्यास  17,000 फीट की ऊंचाई पर एक सप्ताह तक चला। रक्षा अधिकारियों ने इस संयुक्त अभ्यास के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों बलों के बीच तालमेल बढ़ाना, उनके विशेष युद्ध कौशल को निखारना और विविध व चुनौतीपूर्ण इलाकों में अभियानों के लिए उनकी तैयारी सुनिश्चित करना है। तथा इससे यह सुनिश्चित करना होता है कि भारत की विशिष्ट सेनाएं हिमालय से लेकर गहरे समुद्र तक विविध भूभागों में मिशन के लिए तैयार रहें।
 
उन्होंने बताया कि उच्च ऊंचाई वाले प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने ओपन सर्किट एयर डाइविंग, क्लोज सर्किट प्योर ऑक्सीजन डाइविंग, अत्यधिक ठंडे पानी की स्थिति में 17 मीटर की गहराई तक गोता लगाया तथा कॉम्बैट नाइट डाइविंग की।

30 अगस्त से पांच सितंबर तक चला अभ्यास
यह प्रशिक्षण 30 अगस्त से 5 सितंबर के बीच बर्फीले पानी और दुर्गम इलाके में आयोजित किया गया। इस दौरान कमांडो ने ओपन-सर्किट एयर डाइविंग, क्लोज-सर्किट प्योर ऑक्सीजन डाइविंग, और अत्यधिक ठंडे पानी में 17 मीटर की गहराई तक गोताखोरी का अभ्यास किया। इसके अलावा, उन्होंने रात के समय में भी लड़ाकू गोताखोरी का भी अभ्यास किया।

इस बारे में एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि इस तरह का प्रशिक्षण सैनिकों को भविष्य के युद्धक्षेत्रों के लिए तैयार करने के लिए आवश्यक है, जहां अप्रत्याशितता ही एकमात्र स्थिरता है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यास से दुर्लभ उच्च ऊंचाई की स्थितियों में काम करना, बर्फीले पानी में सटीक कार्य करना और संयुक्त अभियानों में लड़ाकू गोताखोरी को एकीकृत करते हैं।

इस दौरान टीम कमांडर ने कहा कि इन चरम स्थितियों में प्रशिक्षण से सैनिक की सहनशक्ति, कौशल और मानसिक शक्ति के हर पहलू का परीक्षण होता है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करता है कि जब भी आवश्यकता हो, हमारी टीमें किसी भी वातावरण में प्रभावी ढंग से काम कर सकें, चाहे वह कितना भी कठिन या चुनौतीपूर्ण क्यों न हो।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here