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भूमि पेडनेकर का करियर मंत्र: आत्मसम्मान की कीमत पर कोई समझौता नहीं

मुंबई 

फिल्मी दुनिया में कलाकारों की चमक-दमक अक्सर लोगों को आकर्षित करती है, लेकिन इस चमक के पीछे कड़ा संघर्ष छिपा होता है। इस कड़ी में अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने अपने करियर, बचपन और निजी अनुभवों को लेकर खुलकर बात की।
उन्होंने बताया कि अभिनय उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। कुछ बातें ऐसी हैं जिन पर वे कभी समझौता नहीं कर सकतीं। भूमि पेडनेकर हाल ही में वेब सीरीज 'दलदल' में नजर आई थीं। इस दौरान उन्होंने 'वुमन ऑफ इम्पैक्ट' कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपने जीवन के कई अहम पहलुओं पर बात की।

उन्होंने कहा, ''जब मैं सिर्फ 12 साल की थीं, तभी मैंने अपनी मां को साफ कह दिया था कि मैं अभिनेत्री बनना चाहती हूं। उस उम्र में यह सपना बहुत बड़ा था, लेकिन मैंने अपने लक्ष्य को कभी छोड़ा नहीं। मैंने मेहनत की, सीखा और धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई। आज मैं अपनी दमदार भूमिकाओं और मजबूत अभिनय के लिए जानी जाती हूं।''

कार्यक्रम के दौरान भूमि ने अपने स्कूल के दिनों की एक ऐसी घटना भी साझा की, जिसने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया था। उन्होंने कहा, ''एक दिन जब मैं अपनी कक्षा में लौटीं तो मुझे एक कागज का टुकड़ा मिला, जिस पर मेरे शरीर को लेकर मजाकिया और अपमानजनक शब्द लिखे थे। उस समय मैं बहुत छोटी थी और ऐसी बातें मेरे मन पर गहरा असर डाल गईं।''

उन्होंने कहा, ''कम उम्र में इस तरह की छींटाकशी और बदमाशी बच्चों को डर और असुरक्षा का एहसास कराती है। यह अनुभव मेरे लिए आसान नहीं था, लेकिन मैंने समय के साथ खुद को मजबूत बनाया।''

भूमि ने कहा, ''मैं किसी भी ऐसी भूमिका का हिस्सा नहीं बनूंगी जिसमें महिलाओं के प्रति अपमान हो। मेरे लिए आत्मसम्मान और महिलाओं का सम्मान सबसे अहम है। मैं ऐसी कहानियों का हिस्सा नहीं बनना चाहती, जहां महिला किरदार को कमजोर या कमतर दिखाया जाए। मैं ऐसे भी किरदार निभाना पसंद नहीं करती जिनमें करने के लिए बहुत कम हो। मैंने अपने करियर में बहुत मेहनत करके एक ऐसी पहचान बनाई है जो उनके अभिनय पर आधारित है, और मैं चाहती हूं कि दर्शक मुझसे मजबूत और प्रभावशाली भूमिकाओं की ही उम्मीद रखें।''

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