samacharsecretary.com

बिहार चुनाव संग्राम: तेज प्रताप का इमोशनल हमला, किसे कहा बहुरूपिया?

पटना 
लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) से निकाले जाने के बाद अलग पार्टी जनशक्ति जनता दल(जजेडी) गठित कर चुनाव लड़ रहे तेज प्रताप यादव ने पूरी ताकत झोंक दी है। उन्होंने कहा कि जयचंदों की साजिश से उन्हें राजद से बाहर कर दिया गया लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि असली मालिक जनता है। उन्होंने बहुरूपिया कहकर राजद नेताओं पर निशाना साधा। तेज प्रताप और तेजस्वी यादव के बीच सियासी टकराव अब खुलकर सामने आ गया है।
 
तेज प्रताप यादव खुद अपनी पुरानी सीट महुआ से चुनाव लड़ रहे हैं जहां उनका सामना राजद के निवर्तमान विधायक मुकेश कुमार रोशन से है। उनकी पार्टी जेजेडी से 35 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनके प्रचार के लिए तेज प्रताप यादव पसीना बहा रहे हैं। नवादा में रजौली से उनकी पार्टी के प्रत्याशी प्रकाशवीर के लि जनसभा को संबोधित करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि हमने जिन्हें आगे बढ़ाया उन्हीं में से कुछ जयचंद निकल गए। उन्होंने मुझे पार्टी और परिवार से बाहर करने की साजिश रच दी। लेकिन आप लोग असली मालिक हैं। आपके बीच आकर लगा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि पिताजी(लालू यादव) कहते थे कि जब भी मन विचलित हो तो जनता मालिक के बीच चले जाना। ऐसा करते रहे और आप सब की ताकत मिल गई। आज हम आपके बीच हैं तो कोई चिंता नहीं है। आप लोगों के बीच हमारे प्रकाशवीर हैं। इन्हें आशीर्वाद दीजिए। आप हमारे मालिक और भगवान हैं। हर हताशा, निराशा से आपके बीच आकर शांति मिल जाती है। प्रकाशवीर जी को आप लोग आशीर्वाद देकर आगे बढ़ा दीजिए।

तेजप्रताप महुआ से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव यहां नहीं आ सकते। लेकिन तेजस्वी यादव ने महुआ में हेलीकॉप्टर से चुनावी सभा की। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने पहले तेजस्वी को सोशल मीडिया पर ज्ञान दे दिया और उसी दिन राघोपुर में हेलीकॉप्ट उतार दिया। दो चुनावी सभाओं के संबोधित किया। मां राबड़ी देवी से जब तेज प्रताप को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बेटा के नाते आशीर्वाद है। पर अलग पार्टी होने के कारण उनके लिए चुनाव प्रचार में नहीं जा सकते। पिछले दिनों एयरपोर्ट पर मॉल में तेजस्वी और तेज प्रताप एक दूसरे के सामने आ गए। दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here