देहरादून
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के कैबिनेट का आज विस्तार हुआ। कैबिनेट विस्तार में 5 मंत्रियों को राज्यपाल गुरमीत सिंह ने शपथ दिलाई। कैबिनेट में मंत्री की शपथ लेने वाले विधायकों में मदन कौशिक प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, भरत सिंह चौधरी और खजान दास शामिल रहे। इन विधायकों के शपथ के साथ ही पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट में अब मुख्यमंत्री समेत 12 सदस्य हो गए हैं।
अभी कैसा है धामी कैबिनेट का स्वरूप
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट में अब मुख्यमंत्री समेत12 सदस्य हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज 5 नए मंत्रियों को शपथ दिलाने के बाद कैबिनेट सदस्यों की संख्या 7 से अब 12 हो गई।
इन पांच विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ
1 मदन कौशिक
2. खजान दास
3. राम सिंह कैडा
4. प्रदीप बत्रा
5. भरत चौध
ये रहे धामी सरकार के नए सिपाही
खजान दास (अनुसूचित जाति): देहरादून जिले की राजपुर सीट से लगातार दो बार चुनाव जीतने वाले खजान दास भुवन खंडूरी सरकार में शिक्षा राज्यमंत्री रह चुके हैं.
साल 2007 में टिहरी जिले से जीते थे चुनाव. संगठन के पदों पर भी रह चुके हैं खजान दास. फिलहाल बीजेपी के प्रवक्ता भी हैं खजानदास.
प्रदीप बत्रा (पंजाबी समाज): हरिद्वार जिले में रुड़की विधानसभा से तीन बार के विधायक प्रदीप बत्रा पंजाबी समाज से आते हैं. हरीश रावत सरकार के दौरान जिन कांग्रेसी विधायकों ने बगावत करके बीजेपी का दामन थामा था, उसमें बत्रा भी शामिल रहे हैं. बीजेपी संगठन में बत्रा की अच्छी पकड़ मानी जाती है.
मदन कौशिक (ब्राह्मण): हरिद्वार से पांच बार के विधायक मदन कौशिक, बीजेपी का बड़ा ब्राह्मण चेहरा हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे, कौशिक बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सदस्य हैं. कौशिक 2002 में पहली बार हरिद्वार से विधायक चुने गए थे. तब से लगातार हरिद्वार से विधायक हैं कौशिक.
राम सिंह कैड़ा (ठाकुर): नैनीताल जिले की भीमताल सीट से दो बार के विधायक राम सिंह कैड़ा पहली बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बने हैं। 2017 में कैड़ा, निर्दलीय के तौर पर भीमताल से जीते थे. छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले राम सिंह कैड़ा लंबे समय तक कांग्रेस से भी जुड़े रहे.
भरत चौधरी (ठाकुर): रुद्रप्रयाग जिले की रुद्रप्रयाग विधानसभा से दो बार के बीजेपी विधायक भरत चौहान राजनीति में चार दशक से हैं. इनको मंत्री बनकर बीजेपी ने क्षेत्रीय संतुलन साधने का मैसेज दिया है. भरत चौधरी ने संस्कृत भाषा में शपथ लिया.





