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हरमनप्रीत का बयान: एशिया कप से पहले ऑस्ट्रेलिया दौरा है बड़ी तैयारी

बेंगलुरु भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शुक्रवार को कहा कि मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम का उसके घरेलू मैदान पर सामना करने से उनकी टीम को इस महीने के आखिर में होने वाले एशिया कप से पहले उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी जिनमें सुधार की जरूरत है। भारतीय टीम आज तड़के ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो गई, जहां वह 15 से 21 अगस्त तक पर्थ हॉकी स्टेडियम में मेजबान टीम के खिलाफ चार मैचों की महत्वपूर्ण श्रृंखला खेलेगी। हरमनप्रीत ने टीम के रवाना होने से पहले कहा, ''ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके घरेलू मैदान पर खेलना हमेशा बड़ी चुनौती होती है और एशिया कप के लिए तैयारी के इस चरण में हमें इसी की जरूरत है।'' उन्होंने कहा, ''हम इस श्रृंखला को एशिया कप की तैयारी के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देख रहे हैं। हमारा ध्यान एक इकाई के रूप में सुधार करने, मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खुद को परखने और एशिया कप के लिए राजगीर जाने से पहले जरूरी लय हासिल करने पर है।'' हरमनप्रीत ने कहा, ''ऑस्ट्रेलिया के इस दौर से हमें एशिया कप से पहले उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी जिनमें सुधार करने की आवश्यकता है। हम ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित हैं।'' ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच 15, 16, 19 और 21 अगस्त को खेले जाएंगे। इस श्रृंखला से टीम प्रबंधन को एशिया कप के लिए अंतिम टीम के चयन करने में भी मदद मिलेगी। एशिया कप 29 अगस्त से राजगीर में शुरू होगा। इस टूर्नामेंट का विजेता विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करेगा।  

संजू सैमसन का IPL 2026 में CSK में जाना तय? राजस्थान रॉयल्स से हो सकता है विदाई

मुंबई  आईपीएल ट्रेड मार्केट में सबसे ज्यादा चर्चा इन दिनों राजस्थान रॉयल्स  (RR) और उनके कप्तान संजू सैमसन को लेकर हो रही है. क्या सैमसन टीम में बने रहेंगे? क्या फ्रेंचाइजी उन्हें किसी और खिलाड़ी से ट्रेड करेगी या उन्हें नीलामी के लिए रिलीज कर देगी? जवाब इतना सीधा नहीं है क्योंकि मामला जटिल है. यहां नियम हैं, व्यक्तिगत नजरिए हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि कोई खिलाड़ी अगर खुद ही टीम में नहीं रहना चाहता तो क्या फ्रेंचाइजी उसे रोक सकती है? तथ्य हैं और फिर जटिलताएं भी विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, संजू सैमसन और राजस्थान रॉयल्स के मैनेजमेंट के बीच गंभीर मतभेद हो चुके हैं. हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सैमसन ने फ्रेंचाइजी से खुद को ट्रेड करने या नीलामी में छोड़ने की औपचारिक मांग कर दी है. सैमसन के परिवार के सदस्य भी यह खुलेआम कह चुके हैं कि वह अब इस फ्रेंचाइजी के साथ नहीं रहना चाहते. उनके करीबी कुछ आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि टीम के साथ उनके संबंध पहले जैसे नहीं रहे. … लेकिन नियम क्या कहते हैं? आईपीएल में एक बार कोई खिलाड़ी किसी टीम से रिटेन या नीलामी के जरिए जुड़ता है तो वह उस टीम से तीन साल के लिए अनुबंधित होता है. ऐसे में यह फैसला खिलाड़ी नहीं, बल्कि फ्रेंचाइजी ही करती है कि उसे रिलीज करना है या नहीं. कानूनी रूप से सैमसन अभी भी 2027 सीजन तक राजस्थान रॉयल्स के साथ बंधे हैं. फ्रेंचाइजी के लिए चुनौती यह स्थिति राजस्थान के लिए असमंजसपूर्ण है. क्या किसी ऐसे खिलाड़ी को बनाए रखा जाए जो खुद ही टीम में नहीं रहना चाहता? खासकर तब जब टीम एक खुशहाल ड्रेसिंग रूम का सपना देखती हो. वहीं, इतना बड़ा खिलाड़ी यूं ही छोड़ना भी मुश्किल है. संजू को किशोरावस्था से संवारने वाली राजस्थान रॉयल्स मैनेजमेंट इस समय लगभग हर टीम से संपर्क कर चुकी है. यह जानने के लिए कि क्या कोई फ्रेंचाइजी ट्रेड में दिलचस्पी रखती है. शुरुआती बातचीत कुछ टीमों से हुई भी है, यहां तक कि उन टीमों से भी जिनके पास पहले से ही विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं. बल्लेबाजी क्रम बना कारण? बतौर कप्तान संजू को अपनी बल्लेबाजी स्थिति तय करने की आजादी की अपेक्षा थी. टीम इंडिया की टी20 स्कीम में वह ओपनिंग करते हैं, लेकिन पिछले सीजन में यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी की युवा ओपनिंग जोड़ी ने ऐसा जलवा दिखाया कि सैमसन की पुरानी भूमिका खतरे में पड़ गई. माना जा रहा है कि यह भी मतभेद का एक बड़ा कारण रहा. राजस्थान से सैमसन का पुराना नाता संजू 2015 में कोलकाता नाइट राइडर्स से रिलीज होकर राजस्थान से जुड़े थे और तब से इस फ्रेंचाइज़ी का चेहरा बन चुके हैं. सिर्फ 2016 और 2017 में टीम के निलंबन के दौरान वह बाहर रहे. एक वक्त था जब उनकी प्रतिभा से खुद सचिन तेंदुलकर इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने एक मैच के बाद निजी तौर पर उनसे मिलने की इच्छा जताई. उस मुलाकात में सचिन ने उनकी बल्लेबाजी की जमकर सराहना की थी. अब आगे क्या? सीएसके ने दिखाई दिलचस्पी, लेकिन… चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने संजू को लेकर दिलचस्पी जरूर दिखाई है, लेकिन उनकी नीति किसी भी खिलाड़ी को रिलीज करने की नहीं है. ऐसे में डायरेक्ट ट्रेड का रास्ता बंद हो जाता है. धोनी और ऋतुराज गायकवाड़ इन दिनों चेन्नई में हैं और टीम के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास कर रहे हैं. शीर्ष प्रबंधन के साथ बैठकें भी हो रही हैं, हालांकि यह साफ नहीं है कि उनमें सैमसन को लेकर चर्चा हुई या नहीं. बाकी टीमें भी सैमसन में दिलचस्पी रखती हैं, लेकिन अब तक ऐसा कोई ऑफर सामने नहीं आया है जो राजस्थान को मंजूर हो. फैसला अब राजस्थान के पाले में राजस्थान के लिए यह नाजुक मोड़ है. उन्हें तय करना है कि वे कप्तान को मनाने की कोशिश करेंगे या एक नया अध्याय शुरू करेंगे. फिलहाल फ्रेंचाइजी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

आईसीसी के 2 टियर डब्ल्यूटीसी प्लान से इंग्लैंड ने बनाई दूरी

लंदन भारत और ऑस्ट्रेलिया जहां 2 टियर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) प्रणाली को अपनाने के लिए तैयार है। वहीं इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) इसके लिए तैयार होता नजर नहीं आता दिख रहा है। आईसीसी ने पिछले महीने न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज रोजर ट्वोज के नेतृत्व में एक वर्किंग ग्रुप बनाया था, जिसका लक्ष्य जुलाई 2027 में शुरू होने वाले अगले चक्र से पहले डब्ल्यूटीसी में सुधार करना था। जुलाई में आईसीसी के सालाना सम्मेलन में भी 2 टियर सिस्टम पर सबसे काफी महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई थी। गौरतब है कि टू-टियर टेस्ट क्रिकेट पर पिछले 15 साल से भी ज्यादा समय से बहस चल रही है।  आईसीसी ने साल 2009 में ही इसे लागू करने की अपनी इच्छा जताई थी। हालांकि कुछ पूर्ण सदस्य अलग-अगल कारणों से इससे सहमत नहीं हैं। इंग्लैंड और भारत के बीच ओवल टेस्ट के पहले दिन ईसीबी के अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन ने कहा कि टी20 लीगों के व्यस्त कैलेंडर के कारण द्विपक्षीय क्रिकेट का महत्व कम हो रहा है और ज्यादातर देशों में टेस्ट क्रिकेट को भारी नुकसान हुआ है। थॉम्पसन ने कहा था कि आईसीसी टेस्ट क्रिकेट के लिए 2 टियर मॉडल पर विचार कर रहा है हालांकि उन्हें भरोसा नहीं है कि यह सही होगा या नहीं। उन्होंने कहा, हमें कई विकल्पों पर विचार करना होगा।  2-टियर सिस्टम उनमें से एक होगा। हम नहीं चाहेंगे कि इंग्लैंड के रूप में हम एक खाली दौर से गुजरें और इसका मतलब है कि हम डिवीजन दो में आ जाएं और ऑस्ट्रेलिया और भारत के साथ न खेलें? ऐसा नहीं हो सकता। यहां समझदारी से काम लेने की जरूरत है। थॉम्पसन का मानना था कि वर्तमान में डब्ल्यूटीसी में ही बदलाव करना एक बेहतर रहेगा। उन्होंने उदाहरण के तौर पर दक्षिण अफ्रीका द्वारा ऑस्ट्रेलिया को हराकर 2023-25 डब्ल्यूटीसी का विजेता बनने का उदाहरण दिया, जहां सही समर्थन से छोटे देश मजबूत दावेदार के रूप में उभर सकते हैं। वहीं आईसीसी के लिए 2-टियर मॉडल पर स्पष्टता महत्वपूर्ण है, क्योंकि देशों ने अगले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (2027-29) चक्र का हिस्सा बनने वाली द्विपक्षीय सीरीजों के लिए बातचीत शुरू कर दी है।  क्या है टेस्ट क्रिकेट में 2-टियर सिस्टम आईसीसी की योजना है कि बड़े और छोटे क्रिकेट बोर्ड मिलकर यह तय करें कि आगे से जो डब्ल्यूटीसी का चक्र शुरू हो तो उसमें 2-टियर सिस्टम लागू हो। इस समय 9 टीमें डब्ल्यूटीसी में खेल रही हैं, लेकिन आईसीसी चाहती है कि इसमें 12 टीमें हों, लेकिन 6-6 टीमें टियर 1 और टियर 2 में हों। टियर 1 वाली टीमें 5-5 दिवसीय मैच खेलें और टियर 2 वाली टीमें 4-4 दिवसीय टेस्ट खेलेंगे। जो टीम टियर 2 में अच्छा करे उसे टियर 1 में प्रमोट किया जाए और टियर 1 में खराब प्रदर्शन करने वाली टीम को डिमोट करके टियर 2 में भेजा जाए।  

कर्स्टन ने याद किया किस्सा, क्यों था ईशांत को बल्लेबाजी के लिए बुलाना मुश्किल

जोहांसबर्ग भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच और दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज क्रिकेटर रहे गैरी कर्स्टन ने कहा है कि अपने कार्यकाल के दौरान उनके लिए सबसे कठिन काम ईशान शर्मा को बल्लेबाजी के लिए तैयार करना था। कर्स्टन से जब एक कार्यक्रम में पूछा गया कि भारतीय टीम के कोच के तौर प उनके लिए सबसे कठिन क्या था तो उनके जवाब से भी हैरान रह रहे। सभी को अंदाजा था कि वह विश्वकप की बात करेंगे पर कर्स्टन ने कहा कि उनके लिए सभी कठिन चुनौती इशांत शर्मा को नेट्स में बल्लेबाजी करने के लिए बुलाना होता था।  कर्स्टन ने कहा, ‘सबसे बड़ी चुनौती इशांत को उनके बैट और पैड के साथ नेट्स में लाना होता था.। उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में वीवीएस लक्ष्मण के साथ विजयी साझेदारी के लिए भी तैयार करना था। यह मेरे लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था कि उनकी बल्लेबाजी पर काम किया जाये। ईशांत सोचते थे कि वह अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर सकते हैं, लेकिन हमने उन्हें उस टेस्ट मैच में मदद की और उन्होंने उसमें बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।’ इशांत ने इस साझेदारी में 48 गेंदों का सामना किया था। कर्स्टन जिस मैच की बात कर रहे थे वह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1 से 5 अक्टूबर 2010 को मोहाली में खेला गया था। उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को जीत के लिए 216 रन का लक्ष्य दिया था। इसके जवाब में भारतीय टीम ने 124 रन पर 8 विकेट खो दिये थे पर इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण ने 73 आरे इशांत ने 31 रन बनाकर भारतीय टीम को जीत दिला दी।   

मैथ्यू फोर्ड बाहर, जोहान बने वेस्टइंडीज की वनडे टीम के नए सदस्य

नई दिल्ली वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार से तीन वनडे मैचों की सीरीज शुरू हो रही है। वेस्टइंडीज को सीरीज की शुरुआत से पहले ही बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज मैथ्यू फोर्ड पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। 22 साल के मैथ्यू फोर्ड बुधवार को अभ्यास सत्र के दौरान कैच पकड़ने की कोशिश में अपना कंधा चोटिल कर बैठे। उनकी इंजरी गंभीर है और उन्हें वनडे सीरीज से बाहर होना पड़ा है। इसकी पुष्टि क्रिकेट वेस्टइंडीज ने की है। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने अपने बयान में मैथ्यू फोर्ड के इंजरी की वजह से वनडे सीरीज से बाहर होने और उनकी जगह ऑलराउंडर जोहान लेने को टीम में जगह दिए जाने की पुष्टि की है। 21 साल के जोहान लेने का प्रदर्शन साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ अच्छा रहा था। उसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका दिया गया है। वह तेज गेंदबाजी के बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। वेस्टइंडीज का हालिया प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। वेस्टइंडीज को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में 0-3 से करारी हार झेलने के बाद टी20 सीरीज में भी 0-5 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद पाकिस्तान से भी टीम टी20 सीरीज 1-2 से हारी। पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम कैसा प्रदर्शन करती है। इस पर वेस्टइंडीज टीम मैनेजमेंट की नजर है। वेस्टइंडीज टीम के मुख्य कोच डैरन सैमी का मानना है कि पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी की दिशा में अहम है। उन्होंने कहा, “2027 विश्व कप के लिए स्वतः क्वालीफाई करने के हमारे प्रयासों के बीच पाकिस्तान एक अलग तरह की परीक्षा और चुनौती पेश करेगा। क्वालीफाई करना हमारा तात्कालिक लक्ष्य है, लेकिन दीर्घकालिक सफलता के लिए विजयी मानसिकता और टीम एकजुटता बनाए रखना आवश्यक है। उच्च रैंकिंग वाली पाकिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ आगामी मैच विश्व कप से पहले हमारी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अहम है।” वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, त्रिनिदाद में खेली जाएगी। मैच 8, 10, और 12 अगस्त को होंगे। वेस्टइंडीज वनडे टीम: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जेडिया ब्लेड्स, कीसी कार्टी, रोस्टन चेज, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, ब्रैंडन किंग, जोहान लेने, एविन लुईस, गुडाकेश मोटी, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स, रोमारियो शेफर्ड।  

टीम ने डब्ल्यूटीसी सफलता से बढ़कर ICC चैंपियनशिप को बनाया लक्ष्य: रबाडा

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का खिताब जीता था। 1998 के बाद साउथ अफ्रीका की यह पहली आईसीसी ट्रॉफी थी। टीम के खिलाड़ियों ने जोरदार तरीके से इस जीत का जश्न मनाया। लेकिन, टीम के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने साथी खिलाड़ियों से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खिताब से आगे बढ़ने और अहम आईसीसी खिताबों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है। रबाडा ने कहा, “डब्ल्यूटीसी फाइनल में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को हराने की खुशी अपार थी। लेकिन साथियों को अब उस ऐतिहासिक जीत से आगे बढ़कर आगामी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और आगामी प्रमुख आईसीसी खिताबों पर ध्यान देना चाहिए, जिसमें 2026 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप और 2027 वनडे विश्व कप शामिल हैं।” आईसीसी ने रबाडा के हवाले से कहा, “जीत राहत की बात थी, लेकिन टी20 विश्व कप नजदीक आ रहा है। मुझे लगता है अब हमारा दृष्टिकोण थोड़ा अलग होगा। अब किसी चीज का डर नहीं है।” साउथ अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टी20 और तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। इसकी शुरुआत रविवार से हो रही है। रबाडा का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए काफी अहम होगी। रबाडा ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच हमेशा जोरदार टक्कर देखने को मिलती रही है। हम जब भी ऑस्ट्रेलिया से खेलते हैं, तो हमेशा रोमांचक क्रिकेट खेला जाता है। ऐसा हमेशा लगता है कि वे हमसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाते हैं। मुझे यह पसंद है।” कगिसो रबाडा की साउथ अफ्रीका को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का खिताब दिलाने में अहम भूमिका रही थी। उन्होंने फाइनल में 9 विकेट लिए थे। कगिसो रबाडा की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में होती है। 30 साल के इस गेंदबाज ने 2014 में डेब्यू किया था। वह 71 टेस्ट में 336, 106 वनडे में 168 और 65 टी20 में 71 विकेट ले चुके हैं।  

मोइन अली ने की सिराज की तारीफ, बताया जांबाज़ खिलाड़ी

लंदन इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली भी भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज से बेहद प्रभावित दिखे हैं। मोइन ने सिराज की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह जूझारु है और कठिन हालातों में भी झुकता नहीं है। यही जुनून और जज्बा उसे दूसरे क्रिकेटरों से अलग करता है। इसलिए किसी भी बल्लेबाज के लिए उसका सामना करना आसान नहीं रहता। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला 2-2 से ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाने वाले सिराज ने 23 विकेट लिए। मोईन ने कहा, ‘सिराज का प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में शानदार रहा है। उसकी ऊर्जा, आक्रामकता और निरंतरता शानदार रही है। वह भारत के लिए मैच विजेता है और बल्लेबाजों के लिए उसका सामना करना हमेशा कठिन रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात उनका गेंद पर नियंत्रण रहना है। वह बेहद जुझार हैं और कठिन हालातों में भी हार नहीं मानते हैं। अपनी इसी खूबी के कारण वह अन्य खिलाड़ियों से अलग नजर आता है।   

सचिन तेंदुलकर की कप्तानी का पहला दिन: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में खास तारीख

नई दिल्ली क्रिकेट के मैदान पर सचिन तेंदुलकर की चमक किसी भी बल्लेबाज से कहीं ज्यादा है। अपने करियर में तेंदुलकर ने बल्लेबाजी में ऐसे कीर्तिमान रचे, जो उनसे पूर्व के खिलाड़ियों ने सोचे भी नहीं थे। संन्यास के एक दशक बाद भी तेंदुलकर के कई रिकॉर्ड आज भी अटूट हैं। लेकिन, बतौर कप्तान तेंदुलकर को वैसी सफलता नहीं मिली। सचिन तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल की उम्र में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था। डेब्यू के सात साल बाद 23 साल की उम्र में 9 अगस्त 1996 को उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई। 23 साल 169 दिन की उम्र में वह मंसूर अली खान पटौदी के बाद भारत के दूसरे सबसे युवा कप्तान बने थे। लगभग एक साल तक वह भारतीय टीम के कप्तान रहे, लेकिन इस दौरान टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। दिसंबर 1997 में उन्होंने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। 1999 वनडे विश्व कप में अजहरुद्दीन भारतीय टीम के कप्तान थे। टीम इंडिया का विश्व कप में खराब प्रदर्शन रहा था। इसलिए 1999 में तेंदुलकर को दूसरी बार भारतीय टीम की कमान सौंपी गई। इस बार भी उनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा। टीम की लगातार हार की वजह से 2000 में सचिन ने बीसीसीआई के सामने कप्तानी छोड़ने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद सौरव गांगुली ने टीम की कमान संभाली। सचिन ने दो छोटे-छोटे कार्यकाल में भारत के लिए 25 टेस्ट और 73 वनडे मैचों की कप्तानी की। भारतीय टीम 4 टेस्ट और 23 वनडे जीतने में कामयाब रही। आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि तेंदुलकर बतौर कप्तान प्रभावी नहीं रहे। हालांकि, सचिन तेंदुलकर डेब्यू से लेकर संन्यास तक भारतीय बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ रहे। 1989 से 2013 के बीच सचिन ने भारतीय टीम के लिए 200 टेस्ट मैचों की 329 पारी में 51 शतक और 68 अर्धशतक लगाते हुए 15,921 रन बनाए। 463 वनडे में 49 शतक और 96 अर्धशतक लगाते हुए 18,426 रन बनाए। वहीं, एकमात्र टी20 में उन्होंने 10 रन बनाए। सचिन के नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक मैच खेलने और सर्वाधिक रन और शतक बनाने का रिकॉर्ड है। ये ऐसे रिकॉर्ड हैं जो निकट भविष्य में टूटते नहीं दिखते।  

इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर बोले – राहुल का खेल है विश्वस्तरीय

नई दिल्ली शुभमन गिल की कप्तानी में भारत का इंग्लैंड दौरा यादगार रहा है। 5 टेस्ट मैच की सीरीज 2-2 से बराबरी पर रही। दोनों ही टीमों ने हर मैच में अपना सब कुछ झोंक दिया था। भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी सीरीज में जैसा प्रदर्शन किया वो अविश्वसनीय था। भारत के तीन बल्लेबाजों ने सीरीज में 500 से ज्यादा रन बनाए। गिल ने तो रिकॉर्ड 754 रन ठोक डाले। सीरीज के सबसे सफल बल्लेबाजों में दूसरे नंबर पर जो रूट 537 रन, तीसरे पर केएल राहुल 532 रन और चौथे पर स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा 516 रन रहे। 33 साल के ओपनर केएल राहुल ने 53.2 के शानदार औसत से रन बनाए जिनमें 2 शतक और 2 अर्धशतक शामिल रहे। इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली ने उन्होंने 'दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक' करार दिया है। अली ने यूट्यूब पर 'बर्ड बिफोर विकेट' पॉडकास्ट में भारतीय ओपनर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि लोगों को महसूस ही नहीं होता कि केएल राहुल ओपनर के तौर पर कितने अच्छे हैं। इंग्लैंड के पिछले दौरे पर भी वह शानदार रहे थे और इस सीरीज में वह एक बार फिर जबरदस्त रहे हैं। शुभमन ने सबसे ज्यादा रन बनाए और वह अद्भुत दिखे लेकिन मुझे लगता है कि केएल ने भारतीय टीम में जो भूमिका निभाई, वह बेस्ट था, मैं वर्षों से उन्हें देख रहा हूं।’ मोईन अली ने आगे कहा, 'वह इतने अच्छे खिलाड़ी हैं और मुझे वाकई ये लगता है कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं और मैं यह बात कह भी चुका हूं…मैं तो यही कहूंगा कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं।' केएल राहुल इंग्लैंड के पिछले दौरे पर भी 205 रन बनाए थे। इस बार उन्होंने लीड्स में खेले पहले टेस्ट और लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में शानदार शतक लगाए। वह लॉर्ड्स में एक से ज्यादा शतक लगाने वाले दिलीप वेंगसरकर के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन चुके हैं। इससे पहले 2021 में भी उन्होंने लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाया था।  

सिनसिनाटी ओपन के पहले दौर में हारीं पूर्व नंबर-1 टेनिस स्टार वीनस विलियम्स

सिनसिनाटी करीब एक साल से अधिक समय बाद पिछले महीने कोर्ट पर लौटी पूर्व नंबर-1 टेनिस स्टार वीनस विलियम्स सिनसिनाटी ओपन के पहले दौर में स्पेन की जेसिका बोजास मानेइरो से 6-4, 6-4 से हार गईं। यह मुकाबला गुरुवार (भारतीय समयानुसार शुक्रवार) को खेला गया। सात बार की ग्रैंड स्लैम सिंगल्स चैंपियन वीनस अब अगले टूर्नामेंट यूएस ओपन की तैयारी करेंगी, जहां उन्हें रायली ओपेल्का के साथ मिक्स्ड डबल्स के लिए वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली है। यह मुकाबले 19 अगस्त से शुरू होंगे। वीनस 14 ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब अपनी बहन सेरेना विलियम्स के साथ और दो मिक्स्ड डबल्स खिताब जीत चुकी हैं। विश्व रैंकिंग में 51वीं पायदान पर काबिज 22 वर्षीय बोजास मानेइरो ने पिछले हफ्ते मॉन्ट्रियल में अपना पहला डब्ल्यूटीए 1000 क्वार्टरफाइनल खेला था। दिलचस्प बात यह है कि जब वीनस ने अपने पहले चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीते थे, तब मानेइरो का जन्म भी नहीं हुआ था। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बावजूद वीनस को सर्विस गेम में संघर्ष करना पड़ा। वीनस ने पिछले महीने डीसी ओपन में पेटन स्टर्न्स को हराकर दो दशक से अधिक समय में WTA मैच जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला का रिकॉर्ड बनाया था। यह उनका 16 महीने बाद पहला टूर्नामेंट और 2023 सिनसिनाटी ओपन के बाद पहली जीत थी। सिनसिनाटी ओपन में यह वीनस की 11वीं उपस्थिति थी, जहां वह 2012 में सेमीफाइनल और 2019 में क्वार्टरफाइनल तक पहुंची थीं। अपने करियर में वह कुल 11 हफ्ते विश्व नंबर-1 की रैंकिंग पर रह चुकी हैं।