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चोउ तिएन चेन को दी मात, श्रीकांत ने कनाडा ओपन सेमीफाइनल में बनाई जगह

कैलगरी भारत के स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत ‘कनाडा ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट’ के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के शीर्ष वरीयता प्राप्त चोउ तिएन चेन को सीधे गेम में 21-18, 21-9 से हराया। श्रीकांत ने चीनी ताइपे के वांग पो-वेई को 43 मिनट तक चले इस मुकाबले में शिकस्त देकर सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का किया था। वर्तमान में विश्व में 49वें स्थान पर काबिज श्रीकांत अब फाइनल में जगह बनाने के लिए जापान के तीसरी वरीयता प्राप्त केंटा निशिमोटो से भिड़ेंगे। श्रीकांत के पास 30 वर्षीय केंटा निशिमोटो के खिलाफ हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में 6-4 की बढ़त है। भारतीय खिलाड़ी ने पिछली विश्व चैंपियनशिप में जापानी शटलर को सीधे गेम में हराया था। इसके बावजूद निशिमोटो अन्य भारतीय खिलाड़ियों के लिए चुनौतियां पेश करते रहे हैं। अपने कोर्ट कवरेज के लिए पहचाने जाने वाले निशिमोटो इस सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। निशिमोटो ने भारत के शंकर मुथुसामी सुब्रमण्यम को 21-15, 5-21, 21-17 से कड़ी टक्कर देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। श्रीकांत प्री-क्वार्टरफाइनल मैच में चीनी ताइपे के वांग पो-वेई के खिलाफ 21-19, 21-14 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे। श्रीकांत ने यह मुकाबला 41 मिनट में जीता था। वांग पो-वेई वर्ल्ड नंबर-71 हैं। पूर्व विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता किदांबी श्रीकांत मई में मलेशिया मास्टर्स के फाइनलिस्ट रह चुके हैं। विमेंस सिंगल्स में, भारत की युवा शटलर श्रेयांशी वलीशेट्टी डेनमार्क की 24 वर्षीय अमाली शुल्ज के खिलाफ एक कठिन मुकाबले में 21-12, 19-21, 19-21 से हारकर बाहर हो गईं। श्रीयांशी ने दूसरे और तीसरे गेम में वापसी की, लेकिन शुरुआती गेम जीतने के बाद बढ़त हासिल नहीं कर पाईं। निर्णायक गेम में, उन्होंने 9-17 के अंतर को कम करके 19-21 का स्कोर बनाया, लेकिन मामूली अंतर से हार गईं, जिससे उनके नॉर्थ अमेरिकी टूर का समापन हो गया।  

एमएलसी 2025: मैथ्यू शॉर्ट ने खेली कप्तानी पारी, यूनिकॉर्न्स की एक रन से रोमांचक जीत

न्यूयॉर्क सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स ने मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) के 25वें मैच में रोमांचक जीत दर्ज की। टीम ने फ्लोरिडा में टेक्सास सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबला महज एक रन से जीता। यह सीजन में सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स की सातवीं जीत रही, जबकि टेक्सास सुपर किंग्स को तीन मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। पहले ही ‘प्लेऑफ’ के लिए क्वालीफाई कर चुकीं इन दोनों टीमों ने अब तक नौ-नौ मैच खेले हैं। मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स ने छह विकेट खोकर महज 148 रन बनाए। टीम ने महज 19 रन तक अपने तीन विकेट गंवा दिए थे। यहां से सलामी बल्लेबाज मैथ्यू शॉर्ट ने कप्तानी पारी खेलते हुए टीम को संभाला। मैथ्यू शॉर्ट ने हसन खान के साथ चौथे विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी की। हसन खान 25 गेंदों में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 40 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद मैथ्यू शॉर्ट ने पारी को आगे बढ़ाया और 63 गेंदों में चार छक्कों और पांच चौकों की मदद से 80 रन जड़े। विपक्षी टीम की ओर से मार्कस स्टोइनिस ने सर्वाधिक तीन विकेट झटके, जबकि अकील हुसैन, नांद्रे बर्गर और नूर अहमद को एक-एक सफलता हाथ लगी। इसके जवाब में टेक्सास सुपर किंग्स निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट गंवाकर 147 रन बना सकी। टीम के लिए डेवोन फेरीरा ने 20 गेंदों में 39 रन की पारी खेली, जबकि सैतेजा मुक्कामल्ला ने 29 गेंदों में 34 रन जड़े। इनके अलावा शुभम रांजणे ने 28 रन की पारी खेली। टीम को जीत के लिए अंतिम ओवरों में 13 रन की दरकार थी, उसके पास चार विकेट शेष थे। आखिरी ओवर की पहली गेंद पर मोहम्मद मोहसिन ने चौका लगाया, लेकिन अगली बॉल पर कोई रन नहीं बना। तीसरी और चौथी गेंद पर एक-एक रन आए, जबकि पांचवीं गेंद पर मोहसिन ने फिर से चौका जड़ दिया। ऐसे में टीम को अंतिम गेंद पर जीत के लिए तीन रन की दरकार थी, लेकिन एक रन दौड़ते ही मोहसिन रन आउट हो गए। इसी के साथ सैन फ्रांसिस्को ने मुकाबला एक रन से जीत लिया।  

विश्व मुक्केबाजी कप : नूपुर फाइनल में पहुंची, अविनाश जामवाल भी सेमीफाइनल में

अस्ताना कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में चल रहे विश्व मुक्केबाजी कप में भारत के पदक की संख्या बढ़ गई है। नूपुर (80 किग्रा) फाइनल में पहुंच गईं हैं, जबकि अविनाश जामवाल (65 किग्रा) ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। नूपुर ने सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए तुर्की की सेमा दुस्ताज को 5:0 से हराकर महिलाओं के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह पक्की की। इससे पहले दिन में, अविनाश जामवाल ने पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में यूएसए के रेने कैमाचो को सर्वसम्मत निर्णय से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया और अपने लिए पदक पक्का किया। नीरज फोगाट (65 किग्रा) और अनामिका (51 किग्रा) का अभियान क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। नीरज ने बेहतरीन तरीके से अपना मैच खेला लेकिन विभाजित निर्णय में 3:2 से हार गए। सेमीफाइनल में 10 मुक्केबाजों और फाइनल में एक के साथ भारत का अस्ताना में मजबूत प्रदर्शन रहा है। गुरुवार को हितेश गुलिया और साक्षी ने सेमीफाइनल में स्थान पक्का कर पोडियम स्थान सुनिश्चित किया। वर्ष की शुरुआत में ब्राजील चरण के स्वर्ण पदक विजेता हितेश ने पुरुषों के 70 किग्रा क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के अल्माज ओरोजबेकोव पर 5:0 से शानदार जीत हासिल की, जिससे उनके नाम एक और पदक सुनिश्चित हो गया। महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में साक्षी ने धैर्यपूर्ण प्रदर्शन करते हुए ब्राजील की तातियाना रेजिना डी जीसस चागास को सर्वसम्मत निर्णय से हराया। भारत ने ब्राजील में पिछले विश्व मुक्केबाजी कप में छह पदक जीते थे। इस साल नवंबर में नई दिल्ली में होने वाले फाइनल के साथ, अस्ताना चरण तैयारियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत ने ब्राजील के फोज डू इगुआकू में 2025 विश्व मुक्केबाजी कप के पहले चरण में एक स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदक जीते थे। उजबेकिस्तान ने ब्राजील में पहले चरण में आठ पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था, जिसमें पांच स्वर्ण पदक शामिल थे। मेजबान ब्राजील ने नौ पदक जीते, लेकिन उसके पास स्वर्ण तीन थे, जबकि कजाकिस्तान ने तीन स्वर्ण और तीन कांस्य सहित छह पदकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया था।  

पाल्मेरास को हराकर चेल्सी का सेमीफाइनल में प्रवेश, 2-1 से मिली जीत

फिलाडेल्फिया अगस्टिन जियाय के अंतिम क्षणों में किए गए आत्मघाती गोल की बदौलत चेल्सी ने फीफा क्लब वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पाल्मेरास पर 2-1 से जीत हासिल की। यह मुकाबला फिलाडेल्फिया के लिंकन फाइनेंशियल फील्ड पर खेला गया। इसी के साथ चेल्सी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। कोल पाल्मर ने पहले हाफ में चेल्सी के लिए गोल किया, जिससे ‘ब्लूज’ को न्यूयॉर्क में ब्राजील की टीम फ्लूमिनेंस के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाने में मदद मिली। ब्रेक के बाद पाल्मेरास ने जोरदार वापसी की, जब युवा फुटबॉलर एस्टेवाओ ने 53वें मिनट में एक शानदार गोल दागते हुए टीम को बराबरी पर ला दिया, लेकिन मुकाबले के 83वें मिनट में अगस्टिन जियाय के आत्मघाती गोल के चलते पाल्मेरास ने मुकाबला 1-2 से गंवा दिया। चेल्सी के मैनेजर एन्जो मारेस्का ने कहा, “जैसा कि हमने उम्मीद की थी, यह एक मुश्किल मुकाबला था। मुझे लगता है कि दूसरे हाफ की तुलना में हम पहले हाफ में थोड़े बेहतर थे। हमने मुकाबले को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया। मुझे लगता है कि हम जीत के हकदार थे। खिलाड़ियों को बधाई, क्योंकि उन्होंने काफी अच्छा खेल दिखाया हैं।” मारेस्का ने आगे कहा, “मैं खुश हूं क्योंकि हम जीत गए, खुश हूं क्योंकि उन्होंने गोल किया, इसलिए यह एक शानदार रात है।” वहीं, दूसरी ओर फीफा क्लब विश्व कप 2025 में अपने शानदार अभियान को जारी रखते हुए फ्लूमिनेंसे ने अल हिलाल को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में स्थान पक्का कर लिया है। यह दोनों क्लब के बीच पहली भिड़ंत थी। फ्लूमिनेंसे की ओर से मुकाबले के 40वें मिनट में मैथियस मार्टिनेली ने शानदार गोल दागा, लेकिन 51वें मिनट में मार्कस लियोनार्डो के गोल की मदद से अल हिलाल बराबरी पर आ गई। 70वें मिनट में हर्क्यूलिस ने गोल के साथ अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। फ्लूमिनेंसे को इस टूर्नामेंट में एक कमजोर टीम समझा जा रहा था, लेकिन अब यह टीम 9 जुलाई को सेमीफाइनल में चेल्सी से भिड़ेगी।  

16वें ओवर तक मुकाबला हमारे हाथ में था, लेकिन हमने इसका पूरा फायदा नहीं उठाया: हरमनप्रीत कौर

लंदन भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का मानना है कि उनकी टीम ने कुछ मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे मैच पर पूरा नियंत्रण नहीं बना सकी। भारतीय टीम को किंग्स्टन ओवल में पांच रन से हार का सामना करना पड़ा है। अब पांच मुकाबलों की इस सीरीज में भारत के पास 2-1 की बढ़त है। भारतीय टीम के पास दौरे के शुरुआती दो मैच जीतकर सीरीज पर 3-0 से कब्जा जमाने का सुनहरा मौका था, लेकिन 172 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को इंग्लैंड की गेंदबाजों ने परेशानी में रखा। मैच गंवाने के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा, “16वें ओवर तक मुकाबला हमारे हाथ में था, लेकिन हमने इसका पूरा फायदा नहीं उठाया। ओस भी आई। हमने कुछ मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। गेंदबाज बेहतरीन थे और हमने सच में अच्छी गेंदबाजी की और फील्डर्स ने हमारा साथ दिया।” टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड को सलामी बल्लेबाजों ने शानदार शुरुआत दिलाई। सोफिया डंकले और डेनियल व्हाइट-हॉज (66) के बीच 15.2 ओवरों में 137 रन की साझेदारी हुई, जिसने टीम को 171/9 के स्कोर तक पहुंचाया। इसके जवाब में भारतीय टीम 20 ओवरों में पांच विकेट खोकर 166 रन ही बना सकी। सोफिया डंकले को 53 गेंदों में 75 रनों की शानदार पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। भारतीय कप्तान ने कहा, “हमने इंग्लैंड की शुरुआती साझेदारी के बाद जोरदार वापसी की। उन्होंने अपनी योजना को बहुत अच्छे से अंजाम दिया, लेकिन अंत में हम सिर्फ एक बाउंड्री से चूक गए।” भारतीय टीम सीरीज का पहला मैच 97 रन से अपने नाम कर चुकी है, जबकि दूसरे मैच में उसने मेजबान टीम को 24 रन से हराया था। भारत-इंग्लैंड के बीच सीरीज का चौथा टी20 मैच 9 जुलाई को ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला जाएगा। अंतिम मुकाबला 12 जुलाई को बर्मिंघम में आयोजित होगा।  

क्रिकेट इतिहास में कमाल: टेस्ट-वनडे दोनों में दोहरा शतक जड़ने वाले टॉप 5 प्लेयर्स

नई दिल्ली भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने एजबेस्टन में जारी इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरे टेस्ट में दोहरा शतक कई रिकॉर्ड्स बनाए। वह SENA देशों में दोहरा शतक लगाने वाले पहले एशियाई खिलाड़ी बने, वहीं उन्होंने भारत के लिए एक टेस्ट इनिंग में बतौर कप्तान सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इसी के साथ गिल ने अपनी जगह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में बना ली है जिन्होंने टेस्ट और वनडे दोनों में शतक जड़ा है। बता दें, भारत के लिए ऐसा अभी तक सिर्फ चार ही खिलाड़ी कर पाए हैं, वहीं एक विदेशी खिलाड़ी भी लिस्ट में शामिल है। आईए एक नजर इन खिलाड़ियों पर शुभमन गिल जनवरी 2023 में, हैदराबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ 208 रन की पारी के साथ शुभमन गिल वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बने। इसके बाद उन्होंने अब इंग्लैंड के खिलाफ दोहरा शतक ठोक इस लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। गिल ने एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में 269 रन बनाए थे। क्रिस गेल क्रिस गेल वनडे में दोहरा शतक बनाने वाले पहले गैर-भारतीय बने थे, जब उन्होंने 2015 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ 147 गेंदों पर 215 रनों की पारी खेली थी। वहीं टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम दो ट्रिपल सेंचुरी है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 317 तो श्रीलंका के खिलाफ 333 रनों की आइकॉनिक पारी खेली थी। रोहित शर्मा रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ी पारी खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 2014 में 264 रन बनाए थे। वनडे में उनके नाम सबसे अधिक तीन डबल सेंचुरी है। वहीं टेस्ट में उन्होंने यह कमाल एक ही बार किया है जब 2019 में पारी का आगाज करते हुए साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 212 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी थे, उन्होंने 2010 में यह कारनामा साउथ अफ्रीका के खिलाफ करके दिखाया था। उन्होंने 200 रनों की नाबाद पारी खेली थी। वहीं टेस्ट में उनके नाम 6 दोहरे शतक है जिसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 241 और बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 248 रनों की आइकॉनिक इनिंग शामिल है। वीरेंद्र सहवाग वीरेंद्र सहवाग सचिन तेंदुलकर के बाद वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में 219 रनों की पारी खेली थी। वहीं टेस्ट में उनके नाम दो ट्रिपल सेंचुरी है। 309 रन उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ बनाए थे, वहीं 319 रनों की पारी उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर खेली थी। इसके अलावा भी कई बार उन्होंने टेस्ट में 200 रन का आंकड़ा छुआ है।  

इंग्लैंड के खिलाफ इतिहास रचने से चूकी टीम इंडिया, हरमनप्रीत कौर आखिरी गेंद पर नहीं लगा पाईं SIX

लंदन इंडिया वर्सेस इंग्लैंड 5 मैच की वुमेंस T20I सीरीज का तीसरा मुकाबला शुक्रवार रात लंदन के केनिंग्टन ओवल में खेला गया। इस मैच में हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया के पास मुकाबले को अपने नाम कर इतिहास रचने का मौका था, मगर अंतिम क्षणों में बैटिंग यूनिट के लड़खड़ाने की वजह से टीम चूक गई और भारत को इस करीबी मैच में 5 रनों से हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि सीरीज के पहले दो मैच जीतकर टीम इंडिया अभी भी 2-1 से आगे चल रही है। इंग्लैंड के बैटिंग कोलैप्स और खराब फील्डिंग के बावजूद भारत यह मैच हार गया। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। सोफिया डंकले (75) और डैनी व्याट-हॉज (66) ने पहले विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी करके उसे शानदार शुरुआत दिलाई, लेकिन इंग्लैंड ने 25 गेंदों में 31 रन के अंदर नौ विकेट गंवा दिए और टीम आखिर में 20 ओवर में 9 विकेट पर 171 रन ही बोर्ड पर लगा सकी। इसके जवाब में भारत एक समय अच्छी स्थिति में दिख रहा था। स्मृति मंधाना (56) और शेफाली वर्मा (47) ने कई जीवनदान का फायदा उठाकर पहले विकेट के लिए 9 ओवर में 85 रन जोड़े, लेकिन इसके बाद भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। लॉरेन फाइलर (2/30) ने 16वें ओवर में मंधाना को आउट करके इंग्लैंड की जीत की नींव रखी। सोफी एक्लेस्टोन (1/24), लॉरेन बेल (1/37) और इस्सी वोंग (1/36) ने एक-एक विकेट लेकर भारत को 20 ओवर में पांच विकेट पर 166 रन पर रोक दिया। भारत को अंतिम गेंद पर छह रन की जरूरत थी। कप्तान हरमनप्रीत कौर (23) बेल की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गई। हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, ‘‘मैच 16वें ओवर तक हमारी पकड़ में था लेकिन हम इसका फायदा नहीं उठा पाए। ओस का भी असर पड़ा। हमने टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन हमें काफी कुछ सीखने को मिला।" उन्होंने कहा," हमारे गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और फील्डर्स ने हमारा साथ दिया। उनकी अच्छी शुरुआत के बाद हमने शानदार वापसी की। उन्होंने अपनी रणनीति को बहुत अच्छे से अंजाम दिया। आखिर में हम सिर्फ एक बाउंड्री से चूक गए।" भारत की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ पहली बार टी20 सीरीज जीतने पर टिकी थीं, लेकिन डंकले और वायट-हॉज ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। डंकले ने 53 गेंदों की अपनी पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया जबकि व्याट-हॉज ने अपनी 42 गेंद की पारी में सात चौके और तीन छक्के लगाए। दीप्ति शर्मा (3/27) ने 16वें ओवर में डंकले को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा। अरुंधति रेड्डी (3/32) ने 17वें ओवर में एलिस कैप्सी (02), वायट-हॉज और एमी जोन्स (00) को आउट करके इंग्लैंड को अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठाने दिया। टैमी ब्यूमोंट (02) को राधा यादव (1/15) ने बोल्ड किया। श्री चरनी (2/43) ने पैगे स्कोल्फील्ड (04) और वोंग (00) को जबकि दीप्ति ने एक्लेस्टोन (10) और फाइलर (00) को आउट किया। भारत ने पावरप्ले में 61 रन बनाए। शेफाली ने 25 गेंदों पर 47 रन की पारी में सात चौके लगाए, लेकिन नौवें ओवर में एक्लेस्टोन की गेंद पर आउट हो गईं। मंधाना ने 38 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन उनके लगातार छह डॉट गेंदें खेलने के बाद फाइलर की गेंद पर आउट होने से इंग्लैंड की उम्मीद जगी। जेमिमा रोड्रिग्स (20) को भी फाइलर ने आउट किया जबकि रिचा घोष बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वोंग की गेंद पर कैच आउट हो गईं। इन दोनों टीमों के बीच चौथा मैच बुधवार को मैनचेस्टर में खेला जाएगा।  

6 बैट्समैन 0 पर आउट फिर भी इंग्लैंड ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ऐसा करने वाली दुनिया की पहली टीम बनी

नई दिल्ली इंग्लैंड की टीम ने टेस्ट क्रिकेट में उस समय इतिहास रचा जब उन्होंने एजबेस्टन टेस्ट में भारत के 587 रनों के जवाब में पहली पारी में 407 रन बोर्ड पर लगाए। अब आप सोच रहे होंगे कि 407 रन बनाकर कोई टीम कैसे इतिहास रच सकती है। तो बता दें, इंग्लैंड को इस विशाल स्कोर तक पहुंचान में सिर्फ दो ही बल्लेबाजों ने अहम रोल अदा किया। हैरी ब्रूक ने जहां 158 रन बनाए वहीं जेमी स्मिथ ने 184 रनों की नाबाद पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच 303 रनों की साझेदारी हुई, वहीं बाकी बल्लेबाज 105 रन ही जोड़ सके। यहां गौर करने वाली बात यह है कि इंग्लैंड की इस पारी के दौरान 6 बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए और 0 पर आउट हुए। इंग्लैंड की टीम इस तरह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 6 और उससे अधिक बल्लेबाज के 0 पर आउट होने के बावजूद 400 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया की पहली टीम बनी है। जी हां, आज तक कोई और टीम ऐसा कारनामा नहीं कर पाई। इससे पहले यह रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाम था, जब उन्होंने 6 बल्लेबाजों के 0 पर आउट होने के बावजूद 365 रन बनाए थे। यह कारनामा बांग्लादेश ने 2022 में श्रीलंका के खिलाफ किया था। उस मैच में मुश्फिकुर रहीम ने 175 रनों की नाबाद पारी खेली थी और लिटन दास ने 141 रन बनाकर उनका साथ दिया था। बता दें, यह टेस्ट क्रिकेट में ही नहीं बल्कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में छत्तीसगढ़ के नाम 6 या उससे अधिक बल्लेबाजों के 0 पर आउट होने के बावजूद कर्नाटक के खिलाफ 311 रन बनाने का रिकॉर्ड था। बात मैच की करें तो, तीसरे दिन की शुरुआत इंग्लैंड के लिए अच्छी नहीं रही थी 84 के स्कोर पर उनकी आधी टीम पवेलियन लौट गई थी। तब हर किसी को लग रहा था कि भारत मेजबानों को फॉलोऑन भी दे सकता है। मगर तब हैरी ब्रूक और जेमी स्मिथ ने ऐसी धुआंधार बल्लेबाजी की जिसका किसी भारतीय गेंदबाज के पास जवाब नहीं था। 387 के स्कोर पर इंग्लैंड का 6ठा विकेट हैरी ब्रूक के रूप में गिरा तब भारतीय गेंदबाजों ने राहत की सांस ली और पूरी टीम को 407 रनों पर ढेर कर दिया। पहली पारी के बाद भारत के पास 180 रनों की बढ़त थी। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने 1 विकेट के नुकसान पर 64 रन बोर्ड पर लगा दिए हैं और कुल बढ़त 244 रनों की हो गई है। चौथे दिन भारत कम से कम ढाई सेशन बल्लेबाजी करना चाहेगा और उनकी नजरें इंग्लैंड को 500 से अधिक का टारगेट देने पर होगी।  

एजबेस्टन में ऐसे टूटेगा ‘बैजबॉल’ का घमंड, इतना टारगेट दिया तो भारत की जीत पक्की

एजबेस्टन  भारत-इंग्लैंड के बीच बर्मिंघम के एजबेस्टन में एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का दूसरा मैच खेला जा रहा है. शुक्रवार (4 जुलाई) को मैच का तीसरा दिन था. पहले इंग्लैंड की पहली पारी 407 के स्कोर पर सिमट गई. सिराज ने 6 विकेट झटके हैं जबकि आकाशदीप को 4 सफलता मिली है. इंग्लैंड के 6 बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल सके. भारत के पास 180 रनों की बढ़त थी. इसके बाद भारत ने दूसरी पारी में दिन का खेल खत्म होने तक यशस्वी जायसवाल का विकेट गंवाकर 64 रन बना लिए थे. यानी भारत की लीड अब 244 रन की हो गई है.  मोहम्मद सिराज ने तीसरे दिन की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की. अपने खाते के पहले ही ओवर में उन्होंने जो रूट और कप्तान स्टोक्स को आउट कर दिया. हालांकि, वो हैट्रिक नहीं ले सके. लेकिन इसके बाद स्मिथ और ब्रूक ने कमाल की बल्लेबाजी की. दोनों के बीच 300 से ज्यादा रनों की साझेदारी हुई. लेकिन ब्रूक के आउट होते ही इंग्लैंड की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में शुभमन गिल के शानदार दोहरे शतक के दम पर 587 रन बनाए थे.  एजबेस्टन में ऐसे टूटेगा 'बैजबॉल' का घमंड दूसरी पारी में भारत ने एक विकेट के नुकसान पर 64 रन बना लिए हैं. केएल राहुल 28 और करुण नायर 7 रन पर नाबाद हैं. यशस्वी जायसवाल 28 रन बनाकर आउट हुए. भारत को पहली पारी में 180 रन की बढ़त मिली थी. इस तरह टीम इंडिया की कुल बढ़त 244 रन की हो गई है. इससे पहले इंग्लैंड की पहली पारी 407 रन पर समाप्त हुई. अब सबसे बड़ा सवाल है कि भारतीय टीम इंग्लैंड को कितने रनों की टारगेट देगी जिससे भारत की जीत पक्की हो सकती है. इस सवाल पर NDTV के कंसल्टिंग एडिटर बोरिया मजूमदार ने अपनी राय दी है. वाशिंगटन सुंदर और रविंद्र जडेजा ने रन बनाए जो अहम थे बोरिया मजूमदार वाशिंगटन सुंदर और रविंद्र जडेजा को लेकर भी अपनी राय दी और कहा,  दोनों ने रन बनाए हैं. लेकिन कुलदीप यादव यदि इस मैच में खेलते तो यकीनन भारत को फायदा होता . इंग्लैंड के बल्लेबाज स्पिन को अच्छा नहीं खेलते हैं. ऐसे में यकीनन भारत को कुलदीप से फायदा मिलता.  भारत की दूसरी पारी की हाइलाइट्स दूसरी पारी का आगाज यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने किया. भारत के पास पहले से ही 180 रनों की बढ़त थी. लेकिन यशस्वी 28 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक केएल राहुल और करुण नायर ने 64 रन जोड़ लिए थे. भारत की लीड अब 244 रनों की हो गई है.  एजबेस्टन टेस्ट में इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को उधेड़ने के बाद भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा कि उन्हें जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में आक्रमण की अगुआई करने की जिम्मेदारी उठाने में मजा आ रहा है। उन्होंने शुक्रवार को दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान 70 रन देकर छह विकेट चटकाए और मेहमान टीम को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। सिराज ने अपने शानदार प्रदर्शन को अविश्वसनीय बताया और कहा कि इसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था। छह विकेट लेने वाले सिराज बोले- लंबे समय से इंतजार था वहीं, तेज गेंदबाज आकाश दीप ने भी चार विकेट लिए। उन्होंने कहा कि वह इंग्लैंड में सीम और स्विंग कराने की सोच रहे थे, लेकिन वैसे हालात नहीं थे। वहां अनुशासन के साथ गेंदबाजी करना ज्यादा महत्वपूर्ण था। भारत ने पहली पारी में 587 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 407 रन पर सिमट गई। जेमी स्मिथ (207 गेंदों पर नाबाद 184 रन) और हैरी ब्रूक (234 गेंदों पर 158 रन) के शतकों की वजह से इंग्लिश टीम इस स्कोर तक पहुंच पाई। ब्रूक और स्मिथ ने मिलकर 368 गेंदों पर 303 रन की साझेदारी की। 'लंबे समय से इस स्पेल का इंतजार था' सिराज ने कहा, 'यह अविश्वसनीय है क्योंकि मैं लंबे समय से इसका इंतजार कर रहा था। मैं अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं, लेकिन विकेट नहीं ले पा रहा हूं। मैंने इससे पहले यहां केवल चार विकेट लिए थे, इसलिए छह विकेट लेना बहुत खास है।' सिराज ने कहा कि विकेट धीमा था, जिससे अनुशासन बनाए रखना महत्वपूर्ण हो गया। उन्होंने कहा, 'विकेट बहुत धीमा था, लेकिन जब आपको आक्रमण का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी जाती है, तो मेरा लक्ष्य बहुत अधिक प्रयास न करके सही क्षेत्रों में गेंदबाजी करना और अनुशासन के साथ गेंदबाजी करना होता है। मेरी मानसिकता रन नहीं देना था।' 'मुझे चुनौतियां पसंद हैं…' इस टेस्ट के लिए बुमराह को आराम दिए जाने के बाद सिराज ने आकाश दीप और प्रसिद्ध कृष्णा की अपेक्षाकृत कम अनुभव वाली तेज गेंदबाजी इकाई का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा, 'यह आकाश दीप का तीसरा या चौथा मैच है, प्रसिद्ध के लिए भी यही है, इसलिए मेरा ध्यान केवल निरंतर बने रहने और दबाव बनाने पर था। मुझे अलग-अलग चीजें आजमाने का मन कर रहा है, लेकिन मुझे निरंतर बने रहना है।' बुमराह के बिना गेंदबाजी करते हुए अपने शानदार रिकॉर्ड के बारे में पूछे जाने पर, सिराज ने कहा, 'मुझे जिम्मेदारी पसंद है, मुझे चुनौती पसंद है।' 'धीमी होती जा रही है पिच…' भारत अभी इंग्लैंड से 244 रन आगे है और सिराज ने कहा कि मेहमान टीम का पलड़ा भारी है, लेकिन उन्होंने बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'हम अभी काफी आगे हैं, लेकिन हमारी योजना अधिक से अधिक रन बनाने की है, क्योंकि हम उनकी आक्रामक मानसिकता को जानते हैं।' पिच के व्यवहार पर सिराज ने कहा, 'दिन-ब-दिन पिच धीमी होती जा रही है। अगर आप एक ही क्षेत्र में गेंदबाजी करते रहेंगे… अगर आप रन लुटाना शुरू कर देंगे, तो उसे रोकना मुश्किल होगा। हमने स्मिथ और ब्रूक के साथ ऐसा देखा। यहां धैर्य बहुत महत्वपूर्ण है।' लीड्स टेस्ट में मौका नहीं मिलने से निराश थे आकाश? आकाश दीप ने भी सपाट सतह पर नई गेंद का भरपूर इस्तेमाल किया और इंग्लैंड की धरती पर अपने पहले मैच की पहली पारी में चार विकेट चटकाए। आकाश दीप, जो ज्यादातर फुलर लेंथ से गेंदबाजी करते हैं … Read more

देश में पहली बार नीरज चोपड़ा जैवलिन थ्रो में दिखाएंगे दम, जानें भारत में कब-कहां देखें इवेंट

बेंगलुरु नीरज चोपड़ा शनिवार (5 जुलाई) को बेंगलुरु में एनसी क्लासिक (NC Classic) भाला फेंक (Javelin throw) प्रतियोगिता में कुछ चिरपरिचित प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उतरेंगे. वह इस साल दूसरी बार 90 मीटर की दूरी पार करने की कोशिश करेंगे. यह इवेंट शाम 6.30 बजे शुरू होगा.   27 साल के नीरज चोपड़ा अब तक लगभग सभी प्रमुख खिताब जीत चुके हैं. ओलंपिक और विश्व चैम्पिनशिप के स्वर्ण पदक, डायमंड लीग फाइनल्स ट्रॉफी, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक उनकी सफलताओं की कहानी कहते हैं.  नीरज चोपड़ा क्लासिक का पहला संस्करण केवल खेल में सफलता हासिल करने तक सीमित नहीं है, यह भारतीय प्रशंसकों को शीर्ष-स्तरीय प्रतियोगिता को व्यक्तिगत रूप से देखने का मौका दे रहा है, जो देश में खेल की प्रतिष्ठा बढ़ाने में मदद करेगा. वह विश्व रिकार्डधारी स्वीडिश पोल वॉल्टर आर्मंड डुप्लांटिस और केन्या के दिग्गज धावक किपचोगे कीनो से प्रेरित हैं, जिनके नाम पर 'मोंडो क्लासिक' और 'किप केइनो क्लासिक; जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन होते हैं, जो विश्व एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर का हिस्सा हैं. कांतीरावा स्टेडियम में होने वाली प्रतियोगिता के दौरान प्रशंसकों को इस डबल ओलंपिक पदक विजेता को एक्शन में देखने का मौका मिलेगा. मई में दोहा में पहली बार 90 मीटर से अधिक थ्रो करने वाले नीरज फिर से वैसी ही दूरी हासिल करने की कोशिश करेंगे. वह एक साल के अंतराल के बाद भारत में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं. टोक्यो ओलंपिक में भारत को एथलेटिक्स में पहला स्वर्ण पदक दिला चुके हरियाणा के खांदरा गांव के इस धुरंधर एथलीट ने कहा, 'इस तरह की प्रतियोगिता भारत में आयोजित करना मेरा एक सपना था जो अब पूरा हो रहा है.मैं बहुत उत्साहित हूं. मैंने देश के लिए ओलंपिक और अन्य पदक जीते हैं. अब इस आयोजन के माध्यम से मैं भारतीय एथलेटिक्स, खिलाड़ियों और प्रशंसकों को कुछ वापस दे रहा हूं.' इस प्रतियोगिता का आयोजन नीरज चोपड़ा JSW स्पोर्ट्स, भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) और विश्व एथलेटिक्स के साथ मिलकर कर रहे हैं. नीरज ने कहा कि एनसी क्लासिक हर साल आयोजित किया जाएगा और भविष्य में इसमें भाले के अलावा अन्य खेलों को भी जोड़ा जाएगा. पहले यह कार्यक्रम 24 मई को पंचकूला (हरियाणा) में होना था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रसारकों के लिए आवश्यक अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के कारण इसे बेंगलुरु में स्थानांतरित कर दिया गया. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के कारण इस कार्यक्रम को बाद में स्थगित कर दिया गया था.  यह भारत में आयोजित होने वाली सबसे हाई-प्रोफाइल एकल स्पर्धा अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता होगी, जिसे विश्व एथलेटिक्स ने कैटेगरी ए का दर्जा दिया है. हालांकि कुछ खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से प्रतियोगिता की रौनक जरूर कम हुई है. दो बार के विश्व चैम्पियन एंडरसन पीटर्स (ग्रेनेडा) चोट के चलते बाहर हो गए हैं, लेकिन नीरज की लोकप्रियता से स्टेडियम पूरा भरने की उम्मीद है. 12 खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धा अभी भी विश्वस्तरीय है, जिनमें से 5 पहले ही इस साल टोक्यो में होने वाली विश्व चैम्पिनशिप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं. नीरज के कोच और विश्व रिकॉर्डधारी जान जेलेज्नी भी शहर में पहुंच चुके हैं और भारतीय प्रशंसकों को इस दिग्गज को देखने का अवसर मिलेगा. प्रतियोगिता में नीरज सबसे प्रबल दावेदार हैं. जूलियन वेबर भाग नहीं ले रहे हैं और पीटर्स भी बाहर हो गए हैं. इन दोनों ने इस सीजन में नीरज को सबसे कड़ी टक्कर दी थी. जर्मनी के वेबर ने नीरज को दो बार हराया था, लेकिन पेरिस डायमंड लीग में नीरज ने उन्हें पछाड़ दिया. पीटर्स दो बार तीसरे स्थान पर रहे. पाकिस्तान के ओलंपिक चैम्पियन अरशद नदीम को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने अपने ट्रेनिंग शेड्यूल का हवाला देते हुए मना कर दिया. नीरज को चुनौती देने वाले अन्य प्रमुख खिलाड़ी हैं – थॉमस रोहलर (जर्मनी, व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ: 93.90 मीटर) जूलियस येगो (केन्या, व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ: 92.72 मीटर) कर्टिस थॉम्पसन (अमेरिका, व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ: 87.76 मीटर) हालांकि रोहलर और येगो हाल के दिनों में अच्छी फॉर्म में नहीं हैं. अन्य विदेशी प्रतिभागी हैं-  मार्टिन कोनेक्नी (चेक गणराज्य – PB: 80.59 मीटर) लुइज मौरिसियो डा सिल्वा (ब्राजील – PB: 86.62 मीटर) रमेश पथिरगे (श्रीलंका – PB: 85.45 मीटर) सायप्रियन मर्जीग्लोड (पोलैंड – PB: 85.92 मीटर) चार अन्य भारतीय खिलाड़ियों में सचिन यादव बेहतरीन फॉर्म में हैं और हाल ही में एशियन चैम्पियनशिप में रजत पदक जीत चुके हैं. चोटिल किशोर जेना की जगह लेने वाले यशवीर सिंह एशियाई चैम्पियनशिप में 5वें स्थान पर रहे.अन्य दो भारतीय खिलाड़ी रोहित यादव (2023 विश्व चैम्पियनशिप में भाग ले चुके हैं) और साहिल सिलवाल हैं. इन सभी के लिए एनसी क्लासिक महत्वपूर्ण होगा क्योंकि वे न केवल कुछ शीर्ष थ्रोअरों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे, बल्कि 85.50 मीटर के सीधे प्रवेश मानक को पार करके इस वर्ष की विश्व चैम्पियनशिप के लिए अर्हता प्राप्त कर सकते हैं या विश्व रैंकिंग कोटा के माध्यम से विश्व चैम्पियनशिप में जगह बनाने के लिए मूल्यवान अंक प्राप्त कर सकते हैं. नीरज चोपड़ा – 2025 सीजन प्रदर्शन 16 अप्रैल – पोट्च इनविटेशनल मीट (दक्षिण अफ्रीका)- पहला स्थान, 84.52 मीटर 16 मई – दोहा डायमंड लीग (कतर)– दूसरा स्थान, 90.23 मीटर (बेस्ट) 23 मई – यानुज कुशोचिंस्की मेमोरियल (पोलैंड) – दूसरा स्थान, 84.14 मीटर 20 जून – पेरिस डायमंड लीग (फ्रांस) पहला स्थान, 88.16 मीटर 24 जून – ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक (चेक गणराज्य) – पहला स्थान, 85.29 मीटर