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7 जुलाई को खड़गे का छत्तीसगढ़ दौरा, कई वरिष्ठ नेता होंगे मौजूद

रायपुर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 7 जुलाई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं. उनके दौरे को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक में खड़गे की प्रस्तावित सभा की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई. प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में यह बैठक हुई. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे मौजूद रहे. वहीं सह प्रभारी, प्रदेश प्रभारी महामंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक और रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी शामिल हुए. इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे और सभा को लेकर चर्चा की जा रही है. सभा को सफल बनाने के लिए गठित विभिन्न समितियों की आज दिनभर बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें अब तक की तैयारियों की समीक्षा और आगे की रणनीति को लेकर निर्देश दिए जाएंगे. 7 जुलाई को खड़गे का छत्तीसगढ़ दौरा बता दें कि बीते दिनों छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने राजीव भवन में बैठक ली थी. इस दौरान उन्होंने मैराथॉन बैठकों के बाद घोषणा की थी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे 7 जुलाई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे. इस दौरान विशाल रूप में किसान-जवान-संविधान सभा आयोजित की जाएगी.

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वॉटर वुमन शिप्रा पाठक का किया सम्मान

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली "वॉटर वुमन" के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण और विशेष रूप से सिंदूर पौधरोपण को जन-जन तक पहुंचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने शिप्रा पाठक को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि शिप्रा पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए किए गए कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर पहचान प्राप्त की है। उनके नेतृत्व में पौधरोपण अभियान ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया है, बल्कि आम लोगों को पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी किया है।इस अवसर पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर हरिशंकर सिंह भी उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

सांप काटने पर सबसे पहले हमें सीधे नजदीकी अस्पताल पहुंचकर ईलाज कराना चाहिए : स्वास्थ्य विभाग

रायपुर बारिश का मौसम शुरू होते ही वातावरण में नमी और उमस बढ़ जाती है. बरसात का पानी सांप बिच्छू के बिलों में जाने से वे बारह भोजन की तलाश में अक्सर हमारे निवास पर चले आते हैं और कभी -कभी लोगों को काट भी लेते हैं. इसलिए बारिश के मौसम में सर्प दंश की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं. लेकिन सांप काटने पर कुछ लोग ओझा-बैगा के झाड़-फूंक कराने चले जाते हैं, जिससे पीड़ित को उचित इलाज नहीं मिलता और उनकी मौत हो जाती है. जबकि सांप काटने पर सबसे पहले हमें सीधे नजदीकी अस्पताल पहुंचकर ईलाज कराना चाहिए. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वास से बाहर आ कर सर्पदंश की स्थिति में अस्पताल में अपना उपचार कराने की  अपील की है. विभाग के अनुसार विषैले सर्पों के काटने का इलाज अस्पतालों में उपलब्ध एंटीवेनम से ही होता है.  किसी प्रकार के झाड़-फूँक करवाने से यह ठीक नहीं हो सकता बल्कि इसमें समय गंवा देने पर अक्सर पीड़ित व्यक्ति गंभीर हो जाता है और बाद में अस्पताल लाने पर चिकित्सकों को उस मरीज पर बहुत मेहनत करनी पड़ती है. बता दें, कई प्रकरणों में विष पूरे शरीर में फैल जाता है जिस कारण जान बचाना भी काफी मुश्किल रहता है. इसलिए ऐसे प्रकरणों में तत्काल अस्पताल जाना ही सही है जहां इसका निःशुल्क इलाज किया जाता है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार  सर्पदंश की स्थित में मरीज को घबराने नहीं देना है क्योंकि इससे हृदय गति बढ़ने से विष तेजी से फैलता है. काटे गए अंग को हिलाना नहीं है और न ही कोई कड़ा कपड़ा बांधना है. नजदीक के अस्पताल में तुरंत ले जाएं. घर से बाहर जाने और उस जगह पर रोशनी कम होने पर टार्च लेकर जाएं और जूते पहनें, आसपास सफाई रखें और कक्ष में भोजन सामग्री ,धान आदि न रखें जिससे चूहे न आने पायें.

जीएसटी सुधारों पर वित्त मंत्री चौधरी ने रखा ठोस विजन, बोगस पंजीयन व फर्जी बिलों पर सख्त कार्रवाई के दिए सुझाव

  जीएसटी राजस्व संग्रहण विषय पर मंत्रियों के समूह (GoM) की बैठक आयोजित रायपुर देशभर में जीएसटी राजस्व संग्रहण को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और प्रभावी बनाने के लिए गठित मंत्रियों के समूह (GoM) की महत्वपूर्ण बैठक आज राजधानी दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के अनुभव साझा किए और बोगस व्यवसायियों पर सख्त कार्रवाई, पंजीयन प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक के प्रयोग तथा फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पर रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस समूह का संयोजन गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद पी. सावंत कर रहे हैं। बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बतौर सदस्य भागीदारी की और राज्य के अनुभव एवं नीतिगत सुझाव साझा किए। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रहण में आ रही चुनौतियों का आकलन कर व्यापक समाधान तलाशना था। बैठक के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में जीएसटी के राजस्व पर पड़ने वाले आर्थिक व अन्य कारकों का विस्तार से विश्लेषण किया। इस अवसर पर श्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ में एंटी इवेजन और अनुपालन के क्षेत्र में की गई पहलों की जानकारी दी। श्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि कर अपवंचन रोकने और वास्तविक करदाताओं को सहूलियत देने के लिए छत्तीसगढ़ में डाटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स का सघन उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव हुई है। बैठक में बीफा, जीएसटी प्राइम और ई-वे बिल पोर्टल जैसी अत्याधुनिक प्रणालियों के प्रजेंटेशन भी हुए। श्री चौधरी ने सुझाव दिया कि इन नवाचारों को पूरे देश में समान रूप से लागू करने से बोगस व्यवसायियों की पहचान और कार्यवाही में तेजी लाई जा सकेगी। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ने विशेष रूप से फर्जी बिलों पर नियंत्रण, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट की रोकथाम, तथा पंजीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए केंद्रीयकृत डिजिटल तंत्र के विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन उपायों से न केवल राजस्व बढ़ेगा बल्कि करदाताओं में विश्वास भी बढ़ेगा।  वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जीएसटी कलेक्शन के संदर्भ में राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रियाओं ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का अनुभव अन्य राज्यों के लिए उपयोगी मॉडल बन सकता है। बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि सभी राज्यों को मिलकर साझा प्रयास करने चाहिए ताकि जीएसटी राजस्व संग्रहण में स्थायित्व एवं वृद्धि सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मंत्रियों के समूह द्वारा सुझाए गए उपायों को जीएसटी परिषद शीघ्र लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह बैठक जीएसटी परिषद के समक्ष व्यापक सुधारात्मक प्रस्ताव रखने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जिससे भारत में कर प्रशासन और राजस्व संग्रहण को नई दिशा मिलेगी।

वॉटर वुमन” के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने मुख्यमंत्री साय से की सौजन्य भेंट

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली "वॉटर वुमन" के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण और विशेष रूप से सिंदूर पौधरोपण को जन-जन तक पहुंचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने शिप्रा पाठक को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि शिप्रा पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए किए गए कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर पहचान प्राप्त की है। उनके नेतृत्व में पौधरोपण अभियान ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया है, बल्कि आम लोगों को पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी किया है।इस अवसर पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर हरिशंकर सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के तुमनार अस्पताल को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र

रायपुर,  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के तुमनार गांव के अस्पताल को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणन में 96.4 प्रतिशत अंक मिले हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर जिले के तुमनार खंड में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर तुमनार की ये उपलब्धि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि एनक्यूएस मूल्यांकन में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं, बुनियादी ढांचे, रिकॉर्ड प्रबंधन, स्वच्छता और रोगी देखभाल की गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा, ''आयुष्मान आरोग्य मंदिर तुमनार ने निवारक, प्रोत्साहनात्मक, उपचारात्मक, पुनर्वास और उपचारात्मक देखभाल जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर तुमनार को क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक आदर्श के रूप में स्थापित किया है।'' राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, ''आयुष्मान आरोग्य मंदिर तुमनार को एनक्यूएएस प्रमाण पत्र मिलना बीजापुर जिले के लिए गौरव का क्षण है। यह उपलब्धि हमारे स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण और सहयोग के प्रयासों का परिणाम है।'' उन्होंने कहा, ''हमारा लक्ष्य राज्य के प्रत्येक नागरिक को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करना है और यह उपलब्धि उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।'' जायसवाल ने कहा, ''आयुष्मान आरोग्य मंदिर तुमनार ने गैर संचारी रोगों, मानसिक स्वास्थ्य, नेत्र रोग, वृद्धावस्था देखभाल और आपातकालीन सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अपनी सेवाओं का विस्तार किया है जो पहले केवल जिला स्तर पर उपलब्ध थीं। यह केंद्र आयुष्मान भारत योजना के तहत व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में अग्रणी रहा है।''  

75 लोगों को जीआरपी ने लौंटाएं उनके चोरी गए मोबाइल

रायपुर ट्रेन में या प्लेटफार्म में मोबाइल चोरी होने के बाद शायद ही किसी को उम्मीद रही होगी कि जीआरपी उनका मोबाइल ढूंढ कर देगी. लेकिन जीआरपी एसपी श्वेता सिन्हा कहती है कि यदि अब यदि किसी यात्री का मोबाइल चोरी या गुम हो जाएं तो वे निश्चिंत होकर ये भरोसा कर सकता है कि मोबाइल को ढूंढ़ने में जीआरपी उनकी पूरी मदद करेगी. ऐसे ही 75 परिवारों के चेहरे पर आज खुशियां लौटी जिनका मोबाइल ट्रेन या प्लेटफार्म से चोरी या गुमा था. जीआरपी एसपी कार्यालय में जीआरपी ने ऐसे ही 75 लोगों को उनके मोबाइल लौंटाएं है. ऐसा पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में चोरी या गुमे मोबाइल जीआरपी ने लौंटाएं हो. जिन यात्रियों को उनके मोबाइल मिले उनका कहना था कि उन्होंने तो ये उम्मीद खो ही दी थी कि उनका मोबाइल कभी मिलेगा, लेकिन अपना मोबाइल मिलने के बाद वे काफी खुश है.

बिना अनुमति सरकारी स्कूल में जला दिए गए किताबें, रजिस्टर समेत कई दस्तावेज, संयुक्त कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देश

खैरागढ़ छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित शासकीय अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक शाला (क्रमांक-1) में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है. स्कूल की किताबें, रजिस्टर समेत कई सरकारी दस्तावेज को बिना किसी प्रक्रिया के आगे के हवाले कर दिया गया. जिसके बाद यह सवाल उठ रहा है क्या कुछ छुपाने की साजिश के तहत यह दस्तावेज जला दिए गए. स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने घटना को लेकर नारजगी जाहिर की है. उनका कहना है कि दस्तावेजों को इस तरह जलाना न सिर्फ सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सीधा प्रहार है. लोगों ने कहा अगर इस तरह दस्तावेज जलाए जाते रहे तो भविष्य में गड़बड़ियों को छिपाने का रास्ता खुल जाएगा. जांच के दिए गए निर्देश घटना की शिकायत मिलने पर नागरिकों ने जिला कलेक्टर सुमन राज के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसे संयुक्त कलेक्टर सुमन राज ने प्राप्त किया. उन्होंने कहा कि “शासकीय दस्तावेजों को जलाने की शिकायत गंभीर है. जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं. दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो.” जांच के बाद खुल सकती हैं परतें स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल में दस्तावेज जलाने की घटना अगर समय पर नहीं रोकी गई, तो शासन और प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो जाएंगे. लोगों में घटना को लेकर नाराजगी है और उन्हें उम्मीद है कि जांच में सच सामने आए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो.

मल्लीगुड़ा और जराटी स्टेशनों के बीच हुए भूस्खलन ने किरंदुल-विशाखापत्तनम रेल लाइन ठप

जगदलपुर ओडिशा के कोरापुट जिले के पास मल्लीगुड़ा और जराटी स्टेशनों के बीच हुए भूस्खलन ने किरंदुल-विशाखापत्तनम रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही को ठप कर दिया है. बुधवार से ही जगदलपुर से चलने वाली यात्री और मालगाड़ियां प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी हैं. भूस्खलन की वजह से पटरी पर पड़े मलबे को हटाने के लिए रेलवे करीब 300 श्रमिकों और 13 आधुनिक मशीनों की मदद से लगातार काम में जुटा है. वाल्टेयर मंडल के डीआरएम ललित बोहरा और रायगड़ा मंडल के डीआरएम अमिताभ सिंघल मौके पर निगरानी कर रहे हैं. दो दिन से जारी इस अभियान में बारिश के कारण दिक्कतें आ रही हैं, जिससे काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है. बताया गया है कि पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर और मलबा खिसककर सीधे ट्रैक पर आ गिरा है, जिससे पटरी पूरी तरह जाम हो गई. सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने एहतियातन 10 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है. साथ ही जगदलपुर से पुरी जाने वाली रथयात्रा स्पेशल ट्रेन को अब कोरापुट से रवाना किया जाएगा. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले संबंधित हेल्पलाइन या वेबसाइट से अपडेट जरूर लें. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के. संदीप ने कहा है कि स्थिति की नियमित निगरानी हो रही है, लेकिन सेवा कब तक शुरू होगी इसका स्पष्ट अनुमान अभी नहीं दिया जा सकता. रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें     राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी     जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी     जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस     विशाखापत्तनम-किरंदुल पैसेंजर     किरंदुल-विशाखापत्तनम पैसेंजर     हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी     जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी     विशाखापत्तनम-किरंदुल एक्सप्रेस     किरंदुल-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस     जगदलपुर-पुरी रथयात्रा स्पेशल भूस्खलन की वजह से हो चुके हैं हादसे किरंदुल से विशाखापत्तनम तक फैली यह रेल लाइन पहाड़ी और घाटी इलाकों से होकर गुजरती है. यही वजह है कि यहां बारिश के मौसम में भूस्खलन की घटनाएं आम हैं. रूट पर हुए हादसे –     जनवरी 2017 कुनेरू स्टेशन पर हादसा, हीराखंड एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त, 39 यात्रियों की जान गई, 50 लोग घायल हुए थे.     अक्टूबर 2017 चिमीड़िपल्ली के पास चट्टान गिरने से ट्रैक महीनों बंद रहा.     अगस्त 2022 शिखरपाई के पास बोल्डर गिरने से ट्रेनों की रफ्तार थमी.     सितंबर 2023 मनाबर-जरा टी खंड में मलबा आने से संचालन रोकना पड़ा. 17 दिन बाद बहल हुआ मार्ग.     1967 में जापानी तकनीक से बनी इस KK लाइन पर अब तक दर्जनभर बार भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे हर बार रेलवे सेवा बाधित हुई है.     2 जुलाई 2025 वर्तमान मल्लीगुड़ा-जरती खंड में भूस्खलन ने फिर ट्रैक बंद करवा दिया. आज तीसरा दिन है. अभी भी स्पष्ट नहीं कि कब बहाल होगा मार्ग.  

गौरेला पेंड्रा मरवाही में हुई मूसलाधार बारिश, मध्यप्रदेश जोड़ने वाला नेशनल हाईवे बहा, यातायात बुरी तरह प्रभावित

गौरेला पेंड्रा मरवाही पिछले 12 घंटों में गौरेला पेंड्रा मरवाही में हुई मूसलाधार बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। बारिश की वजह से बिलासपुर पेंड्रा गौरेला को मध्यप्रदेश के जबलपुर डिंडोरी अमरकंटक से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे मार्ग कई जगहों से बह जाने से इस मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है। कई गांव का संपर्क टूटा जिला मुख्यालय से। जोगीसार, बेलपत, डुगरा, कोटमीखुर्द, बस्ती बगरा, इलाकों में आज सुबह मूसलाधार बारिश हुई। कई पुल पुलिया रपटा से पानी बह रहा है। बिलासपुर को पेंड्रा जिला मुख्यालय से होते हुए मध्यप्रदेश के अमरकंटक जबलपुर से जोड़ने वाले निर्माणाधीन नेशनल हाइवे कई जगह से बह गया है। जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग जान जोखिम में डाल कर उफनते नालों और बहाव क्षेत्रों को पार कर रहे हैं। जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। इन जगहों पर प्रशासन ने अब तक कोई इंतजाम नहीं किया है। वहीं, बेलपत के भैनीन नाले को पार करने के दौरान एक कार बह गई, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से निकाला गया। गनीमत रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। तो करिआम मुख्यमार्ग पर ट्रक के फस जाने से काफी समय तक जाम की स्थिति बनी रही।