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स्टॉप डायरिया 2025 अभियान के तहत ग्राम चांटी में जनजागरूकता कार्यक्रम किया गया आयोजित

स्टॉप डायरिया 2025 अभियान के तहत ग्राम चांटी में जनजागरूकता कार्यक्रम किया गया आयोजित ग्रामीणों को डायरिया से बचाव और स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक, बच्चों की रही विशेष भागीदारी एमसीबी/भरतपुर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम चांटी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में दिनांक 2 जुलाई 2025 को जल जीवन मिशन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में “स्टॉप डायरिया कैंपेन 2025” के अंतर्गत एक प्रभावी जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल की अनिवार्यता और डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिससे आयोजन जन सहभागिता की दृष्टि से अत्यंत सफल और प्रभावी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का संचालन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ओंकार सिंह, सहायक अभियंता जयंत कुमार चंदेल और उप अभियंता मनमोहन सिंह के मार्गदर्शन एवं आदेशानुसार किया गया। इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक (मॉनिटरिंग) अनिमेष कुमार तिवारी, आईएसए प्रतिनिधि निहाल डिक्सना, आईईसी समन्वयक नवीन कुमार एवं हैंडपंप तकनीशियन सुशील बंजारे ने डायरिया की रोकथाम, सुरक्षित पेयजल के उपयोग, स्वच्छ शौचालय व्यवहार और हाथ धोने की आदतों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डायरिया जैसी बीमारियाँ सामान्य लगने के बावजूद गंभीर परिणाम दे सकती हैं, यदि समय रहते स्वच्छता और शुद्ध जल की महत्ता को नहीं समझा गया। कार्यक्रम में बच्चों को रोचक गतिविधियों और सवाल-जवाब के माध्यम से स्वच्छता से जुड़ी अहम जानकारियाँ दी गईं, वहीं महिलाओं को घर-परिवार में जल संरक्षण, जल उबालने, नलों एवं हैंडपंप की स्वच्छता बनाए रखने जैसे जरूरी उपायों पर जागरूक किया गया। “स्वच्छ गाँव, शुद्ध जल, बेहतर कल” की भावना को लेकर चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीण स्वास्थ्य और जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है, जो आने वाले समय में जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाएगा।

कलेक्टर अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति पर महत्वपूर्ण बैठक 4 जुलाई को

एमसीबी जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और मादक पदार्थों की रोकथाम को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जा रहा है। यह बैठक कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में 04 जुलाई 2025 को सायं 5.00 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित होगी।         बैठक में जिले में अपराध नियंत्रण, नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सड़क सुरक्षा के प्रभावी उपायों और शांति व्यवस्था को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी विभागों के संबंधित अधिकारियों से निर्धारित तिथि और समय पर अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।

प्रदेश में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार :अब कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं

रायपुर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और संतुलित बनाने की दिशा में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से बेहतर परिणाम मिले हैं। प्रदेश में युक्तियुक्तकरण के पूर्व कुल 453 विद्यालय शिक्षक विहीन थे। युक्तियुक्तकरण के पश्चात एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। इसी प्रकार युक्तियुक्तकरण के पश्चात प्रदेश के 5936 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में से 4728 विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना की गई है जो कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक सार्थक कदम है, जिससे निःसंदेह उन विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। बस्तर एवं सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में शिक्षकों की कमी के कारण लगभग 1208 विद्यालय एकल शिक्षकीय रह गये हैं। निकट भविष्य में प्रधान पाठक एवं व्याख्याता की पदोन्नति तथा लगभग 5000 शिक्षकों की सीधी भर्ती के द्वारा शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में पूर्ति कर दी जावेगी, जिससे कोई भी विद्यालय एकल शिक्षकीय नहीं रहेगा तथा अन्य विद्यालयों में भी जहां शिक्षकों की कमी है, शिक्षकों की पूर्ति की जाएगी। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में निहित प्रावधानों के तहत की गई है, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर पर 2008 के सेटअप की प्रासंगिकता नहीं रह गई है। ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जो किसी भी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पाये गये, उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का विजन – विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लिए डिजिटल क्रांति को नई गति देने पर बल

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के साथ विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्यों को पूर्ण करने एवं सहज, सरल, त्वरित और पारदर्शिता के साथ सुचारू शासन की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों, विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा संभागों में नए मोबाइल टॉवर लगाने तथा फाइबर नेटवर्क लाइन बिछाने जैसे कार्यों में तेजी लाई जाए। आने वाले समय में राज्य में समय सीमा के भीतर चरणबद्ध रूप से 5,000 से अधिक मोबाइल टॉवर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 के माध्यम से वर्तमान में विभिन्न विभागों की 85 ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार करते हुए 250 अन्य ऑफलाइन सेवाओं को भी ऑनलाइन सेवाओं में तब्दील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं का लाभ लोगों को घर बैठे ही ऑनलाइन प्राप्त होगा, तो इससे समय की बचत होगी तथा कार्यालय आने-जाने में होने वाला खर्च भी कम होगा। इसके साथ ही टीयर-थ्री के अनुरूप स्टेट डाटा सेंटर को अपग्रेड करने की भी बात कही गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में प्रदेश में विभाग द्वारा संचालित प्रमुख परियोजनाओं—अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, नियद नेल्लानार एवं L.W.E. सैचुरेशन डैशबोर्ड, भारतनेट फेस-2, छत्तीसगढ़ स्टेट डाटा सेंटर (CGSDC), आधार एनरोलमेंट इन-हाउस मॉडल, ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0, सीजी स्वान, ई-प्रोक्योरमेंट तथा कैपेसिटी बिल्डिंग सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने विगत सवा साल में विभाग द्वारा अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विगत 4 वर्षों से लंबित डाटा सेंटर के अपग्रेडेशन की निविदा प्रक्रिया पूर्ण की गई, खनिज 2.0 पोर्टल का गो लाइव किया गया, वाई-फाई मंत्रालय योजना तथा ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल सफलतापूर्वक शुरू हुए। इसके साथ ही भारतनेट फेज-2 परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया एवं अटल मॉनिटरिंग पोर्टल डैशबोर्ड का निर्माण कर 19 विभागों की 100 योजनाओं के KPI इसमें प्रदर्शित किए गए हैं। इस बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मलिक सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लमना में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का किया गया आयोजन: मंत्री लखन लाल देवांगन

रायपुर : शिक्षा हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी: मंत्री लखन लाल देवांगन नव प्रवेशी विद्यार्थियों का किया गया अभिनंदन और दी गई पाठ्य सामग्री: मंत्री लखन लाल देवांगन लमना में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का किया गया आयोजन: मंत्री लखन लाल देवांगन रायपुर वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम लमना में शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम के अवसर पर आयोजित समारोह में उपस्थित बच्चों को देश का बेहतर नागरिक बनने और प्रतिदिन स्कूल आकर पढ़ाई करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि सभी विद्यार्थी शिक्षा अर्जन कर बेहतर नागरिक बनें। शिक्षा हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है, जिसका बंटवारा नहीं किया जा सकता। शिक्षा से ही देश की प्रगति होती है। घर का एक व्यक्ति शिक्षित होने पर परिवार जागरूक और शिक्षित होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ने का काम कर रही है। मंत्री देवांगन ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री का वितरण करने के साथ उनका स्वागत अभिनंदन कर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया।       मुख्य अतिथि देवांगन ने उपस्थित ग्रामीणों से अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजने तथा बच्चों की पढ़ाई लिखाई में स्वयं रूचि लेते हुए बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अधिक से अधिक प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। मंत्री देवांगन ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक होता है तथा बेहतर नागरिक बन पाता है। उन्होंने कहा कि शासन का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा स्कूल न छोड़े, उनकी नियमित उपस्थिति बनी रहे एवं उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। हम सबको मिलकर प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा दिलाने में अपना अमूल्य योगदान प्रदान करना चाहिए जिससे प्रत्येक बच्चा शिक्षा के माध्यम से समग्र रूप से विकसित होकर उज्ज्वल भविष्य की मंजिल पा सके। मंत्री देवांगन ने कोरबा जिले में विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने शुरू की गई कोचिंग व्यवस्था, स्कूलों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति, नाश्ते की व्यवस्था, भृत्यों की नियुक्ति की बात कहते हुए कहा कि इससे जिले के स्कूलों में आवश्यक व्यवस्था सुधरेगी और शिक्षा का बेहतर माहौल बनेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों को बताते हुए श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी और ग्रामीणों से इसका लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा स्कूली छात्राओं को सायकिल प्रदान किया गया।      इस अवसर पर स्थानीय विधायक तुलेश्वर मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने भी विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया। कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है। समाज में अपनी पहचान बनाने के साथ अपना बेहतर भविष्य का निर्माण भी शिक्षा के माध्यम से किया जा सकता है। इस अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम“ अभियान तहत वृक्षारोपण किया गया एवं छात्रों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पालकगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा छात्र-छात्राएं प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

सारंगढ़ नगर पालिका में दो करोड़ तथा पवनी, भटगांव और सरसींवा नगर पंचायत में एक-एक करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज जिला मुख्यालय सारंगढ़ सहित जिले के तीन नगर पंचायतों पवनी, भटगांव और सरसींवा में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण किया। उन्होंने इस दौरान तीनों नगर पंचायतों में एक-एक करोड़ रुपए और सारंगढ़ नगर पालिका में दो करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सारंगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों को उनके नवनिर्मित आवासों की चाबी भी सौंपी। सांसद राधेश्याम राठिया भी लोकार्पण कार्यक्रमों में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने चारों नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता हैं। अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। उनके सम्मान में राज्य के सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे अटल जी की गरिमा के अनुरूप अटल परिसर को हमेशा साफ-सुथरा रखें और वहां अच्छा वातावरण बनाए रखें।   उप मुख्यमंत्री साव ने अटल परिसरों के लोकार्पण के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नगर पंचायत पवनी में जल आवर्धन योजना के लिए पांच करोड़ 30 लाख रुपए और 26 परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। शहर के विकास के लिए एक करोड़ 64 लाख रुपए की पार्षद निधि भी प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि भटगांव नगर पंचायत में 14 करोड़ रुपए लागत की जल आवर्धन योजना का कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही वहां विभिन्न विकास कार्यों के लिए पांच करोड़ 76 लाख रुपए तथा 99 परिवारों के लिए तीन करोड़ पांच लाख रुपए के पीएम आवास मंजूर किए गए हैं।  उप मुख्यमंत्री साव ने अपने संबोधन में कहा कि सभी शहरों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता में है।  उन्होंने बताया कि सरसींवा नगर पंचायत में दो करोड़ रुपए के विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है। हर घर में नल कनेक्शन के लिए साढ़े आठ करोड़ रुपए और 31 परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास भी मंजूर किए गए हैं। साव ने बताया कि सारंगढ़ नगरपालिका में विभिन्न विकास कार्यों के आठ करोड़ 18 लाख रुपए, नाली निर्माण के लिए छह करोड़ 40 लाख रुपए और 250 सीटर नालंदा लाइब्रेरी परिसर के लिए चार करोड़ 41 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला पंचायत के अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, श्रीमती केराबाई मनहर और सुकामदा जोल्हे, पवनी नगर पंचायत के अध्यक्ष कुलदीपक साहू, भटगांव नगर पंचायत के अध्यक्ष विक्रम कुर्रे, सरसींवा नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती गुलेचन बंजारे, कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे, पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय सहित चारों नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पार्षदगण, गणमान्य नागरिक और शहरवासी भी अटल परिसरों के लोकार्पण के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद थे। 

पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित ,यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत पाठ्यपुस्तक वितरण प्रक्रिया में आई तकनीकी समस्याओं पर लिया गया त्वरित निर्णय  पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित ,यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा रही हैं। यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई जा रही है। पाण्डेय ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में सामने आई कुछ अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रत्येक पुस्तक पर दो बारकोड लगाए गए हैं।एक प्रिंटर की पहचान के लिए और दूसरा पुस्तक के गंतव्य विद्यालय की पहचान के लिए। इस वर्ष कुल 2 करोड़ 41 लाख किताबें मुद्रित की गईं, जो 17-18 जून 2025 तक सभी डिपो में पहुँचा दी गईं। शासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं, 10वीं की पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी गई है तथा स्कूलों में बारकोड स्कैनिंग का कार्य भी 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसी तरह आत्मानंद विद्यालयों में भी पुस्तकों का वितरण तेजी से किया जा रहा है और 60 प्रतिशत किताबें पहुँच चुकी हैं, शेष कुछ ही दिनों में पहुँचा दी जाएंगी। प्राइवेट विद्यालयों को इस बार बारकोड स्कैनिंग के पश्चात ही पुस्तकें डिपो से प्रदान की जा रही हैं, जबकि पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह प्रक्रिया की जाती थी। हालांकि, बीते तीन दिनों में डिपो में स्थान की कमी और स्कैनिंग प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता की कमी के कारण समस्याएं उत्पन्न हुईं। इस संबंध में जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को अवगत कराया गया और बताया गया कि 1100 से अधिक सरस्वती शिक्षा मंदिर सहित बड़ी संख्या में प्राइवेट विद्यालयों को पुस्तकें मिलनी हैं, तब मुख्यमंत्री जी ने शीघ्र निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि सभी प्राइवेट विद्यालय अपनी आवश्यकता अनुसार जिलेवार किताबें डिपो से प्राप्त करें तथा 7 दिवस के भीतर अपने विद्यालय में बारकोड स्कैनिंग पूर्ण करें। मुख्यमंत्री जी के इस निर्णय की सराहना करते हुए अध्यक्ष पाण्डेय ने कहा कि यह शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और कोई भी छात्र पुस्तक के अभाव में पीछे न रह जाए। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित और सजगता से कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री साय से रजक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट, राज्य स्तरीय युवा सम्मेलन में शामिल होने का दिया आमंत्रण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रजक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। रजक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री साय को आगामी 20 जुलाई को बिलासपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय युवा सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय से समाज के युवाओं के उत्थान एवं कौशल विकास के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की तथा राज्य सरकार द्वारा समाज के कल्याणार्थ किए जा रहे कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री साय ने रजक समाज की एकजुटता और प्रगति की सराहना करते हुए सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रह्लाद रजक  उपस्थित थे।

वनाधिकार क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका—वन विभाग की सशक्त प्रतिबद्धता का प्रमाण

रायपुर  छत्तीसगढ़ वन विभाग ने अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों प्रकार के वन संसाधन अधिकारों की मान्यता एवं वितरण में देश के अग्रणी राज्यों में रहते हुए सक्रिय, सकारात्मक और सराहनीय भूमिका निभाई है। अब तक प्रदेश में 4,78,641 व्यक्तिगत अधिकार तथा 4,349 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFRR) पत्र वितरित किए गए हैं, जिससे कुल 20,06,224 हेक्टेयर क्षेत्र पर कानूनी अधिकार प्रदान कर लाखों वनवासी परिवारों को सशक्त बनाया गया है। यह उपलब्धि प्रदेश की प्रशासनिक प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और सतत विकास के प्रति दृढ़ निष्ठा का प्रत्यक्ष प्रमाण है। वन विभाग द्वारा सीएफआरआर क्रियान्वयन के दौरान मॉड्यूल प्रबंधन योजनाओं और दिशा-निर्देशों के अभाव में फील्ड अधिकारियों को केवल एक परामर्श जारी किया गया था, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सामुदायिक प्रबंधन योजनाएं राष्ट्रीय वर्किंग प्लान कोड, 2023 से वैज्ञानिक रूप से समन्वित हों। इस परामर्श की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि बिना स्पष्ट ढांचे के फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन में असंगति उत्पन्न हो रही थी, जिससे भविष्य में वनों की पारिस्थितिकी के क्षतिग्रस्त होने, स्वीकृत कार्य योजनाओं से टकराव और समुदाय तथा विभागीय विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका थी। कुछ संस्थाओं एवं ग्राम सभाओं द्वारा इसे अधिकार सीमित करने के प्रयास के रूप में देखा गया, जबकि वास्तव में विभाग का उद्देश्य केवल पारदर्शी, टिकाऊ और कानूनी रूप से मजबूत प्रबंधन की पूर्व तैयारी करना था। दिनांक 15.05.2025 को कार्यालय से जारी पत्र केवल एक अंतरिम प्रक्रिया-संबंधी व्यवस्था थी, जिसमें उल्लेख किया गया था कि मॉडल योजना जारी होने तक केवल स्वीकृत योजनाएं ही लागू की जाएं। इस पत्र में एक टंकण त्रुटि के कारण वन विभाग को ‘नोडल एजेंसी’ लिखा गया था, जबकि वास्तविक शब्द ‘समन्वयक’ था। इस त्रुटि को 23.06.2025 के परिपत्र से विधिवत सुधार दिया गया। उक्त पत्र तथा स्पष्टीकरण के कारण उत्पन्न भ्रम को दृष्टिगत रखते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार दोनों पत्रों को दिनांक 03.07.2025 को वापस ले लिया गया है। सीएफआरआर क्रियान्वयन को और सुदृढ़ बनाने हेतु छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को औपचारिक अनुरोध भेजे गए हैं, जिनमें अनुरोध किया गया है कि राष्ट्रीय वर्किंग प्लान कोड, 2023 के अनुरूप मॉडल सामुदायिक प्रबंधन योजनाएं तथा विस्तृत क्रियान्वयन दिशा-निर्देश जल्द से जल्द जारी किए जाएं एवं ग्राम सभा प्रतिनिधियों सहित सभी हितधारकों के लिए समग्र प्रशिक्षण मॉड्यूल / हैंडबुक प्रकाशित की जाए। छत्तीसगढ़ वन विभाग यह स्पष्ट करता है कि सीएफआरआर का क्रियान्वयन प्रदेश में पूरी पारदर्शिता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सहभागिता के साथ किया गया है तथा आगे भी परंपरागत ज्ञान को सम्मान देते हुए सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाता रहेगा।

मुख्यमंत्री साय का विजन – विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लिए डिजिटल क्रांति को नई गति देने पर बल

  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के साथ विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्यों को पूर्ण करने और सहज, सरल, त्वरित और पारदर्शिता के साथ सुचारू शासन की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण योगदान है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली. इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों, विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभागों में नए मोबाइल टॉवर लगाने तथा फाइबर नेटवर्क लाइन बिछाने जैसे कार्यों में तेजी लाई जाए. आने वाले समय में राज्य में समय सीमा के भीतर चरणबद्ध रूप से 5,000 से अधिक मोबाइल टॉवर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 के माध्यम से वर्तमान में विभिन्न विभागों की 85 ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार करते हुए 250 अन्य ऑफलाइन सेवाओं को भी ऑनलाइन सेवाओं में तब्दील किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं का लाभ लोगों को घर बैठे ही ऑनलाइन प्राप्त होगा, तो इससे समय की बचत होगी तथा कार्यालय आने-जाने में होने वाला खर्च भी कम होगा. इसके साथ ही टीयर-थ्री के अनुरूप स्टेट डाटा सेंटर को अपग्रेड करने की भी बात कही गई. मुख्यमंत्री साय ने बैठक में प्रदेश में विभाग द्वारा संचालित प्रमुख परियोजनाओं-अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, नियद नेल्लानार और L.W.E. सैचुरेशन डैशबोर्ड, भारतनेट फेस-2, छत्तीसगढ़ स्टेट डाटा सेंटर (CGSDC), आधार एनरोलमेंट इन-हाउस मॉडल, ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0, सीजी स्वान, ई-प्रोक्योरमेंट तथा कैपेसिटी बिल्डिंग सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली. इस दौरान प्रमुख सचिव निहारिका बारिक ने विगत सवा साल में विभाग द्वारा अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया. उन्होंने बताया कि विगत 4 वर्षों से लंबित डाटा सेंटर के अपग्रेडेशन की निविदा प्रक्रिया पूर्ण की गई, खनिज 2.0 पोर्टल का गो लाइव किया गया, वाई-फाई मंत्रालय योजना तथा ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल सफलतापूर्वक शुरू हुए. इसके साथ ही भारतनेट फेज-2 परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल डैशबोर्ड का निर्माण कर 19 विभागों की 100 योजनाओं के KPI इसमें प्रदर्शित किए गए हैं. इस बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मलिक सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.