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भीषण गर्मी में बड़ी राहत: नहरों के पानी से 4755 सूखे तालाब हुए लबालब

नहरों से सूखते तालाबों में जलभराव:भीषण गर्मी से बड़ी राहत, 4755 तालाब हुए लबालब मुख्यमंत्री श्साय की मंशा के अनुरूप सूखते तालाबों को*जीवनदान देने जल संसाधन विभाग का विशेष अभियान  रायपुर वर्तमान में भीषण गर्मी के दौरान तालाबों में पानी की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में सूख रहे 4 हजार 755 तालाबों को अब तक विभाग द्वारा त्वरित पहल करते हुए नहरों के माध्यम से भरा जा चुका है और जरूरत के मुताबिक शेष तालाबों में भी पानी भरने का कार्य तेजी से जारी है।     उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भीषण गर्मी नेे पूरे देश को अपने चपेट में ले रखा है, इससे छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इससे जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्र में पानी का प्रमुख स्त्रोत तालाब भी जलविहीन हो रहे हैं। ऐसे हालात में लोगों को राहत पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य में सूख रहे तालाबों में जल भराव का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।     जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें सर्वाधिक रायपुर जिला के अंतर्गत निस्तारी हेतु प्रस्तावित कुल 783 तालाबों में से अब तक 663 तालाबों में जल भराव हेतु नहर से पानी दिया जा चुका है। इसी तरह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 586 तालाबों में से 504 तालाबों, धमतरी जिले के 508 तालाबों में से 329 तालाबों में पानी भरा जा चुका है। इस तरह प्रदेश के अमूमन सभी जिलों के तालाबों में पानी भराव का कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लोगों के निस्तारी आदि की समस्या का तत्काल समाधान हो सके।     उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के तहत नहरों के माध्यम से पानी को तालाबों तक पहुंचाने के लिए यह योजना जल संरक्षण  और वाटर रिचार्ज की दिशा में एक दूरदर्शी और प्रभावी कदम साबित हो रही है। यह पहल केेवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जल संरक्षण की सामूहिक सोच को मजबूत करती है। जब गांवों के तालाब भरते हैं और लोगों को उनका प्रत्यक्ष लाभ मिलता है, तब समाज में जल बचाने और जल-स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।     जल संसाधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में जल दोहन सहित अन्य कारणों से सूखते तालाबों के लिए नहरों से पानी का पहुंचाया जाना अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से तालाबों के भू-जल स्तर में वृद्धि अहम साबित होगी। नहरों से तालाबों में छोड़ा गया पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भूूूू-जल का पुर्नभरण होता है। इससे कुएं, हैण्डपम्प लम्बे समय तक जलयुक्त बने रहते हैं। इस तरह तालाबों के भरने से जहां ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में पानी के कमी से राहत मिल रही है, वहीं आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व से बढ़ा देश की सनातन संस्कृति का गौरव, बोले मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य हुआ था पूरा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा – अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।                मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।              साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।           मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है।              मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।            कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया भी प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही विभिन्न योजनों के माध्यम से लोगों को आस्था से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की संस्कृति, वैभव और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल उन्मूलन के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सनातनियों के आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सनातन संस्कृति की आस्था को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुंगेली के चौक-चौराहों में प्रतिमाओं का अनावरण किया

सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण डॉ. भीमराव अंबेडकर, बाबा गुरु घासीदास, महाराणा प्रताप और भक्त माता कर्मा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया नमन रायपुर   शासकीय योजनाओं का लाभ लोगो को प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के साथ ही सुशासन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सुशासन तिहर अंतर्गत समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में महापुरुषों एवं संतों की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम के दौरान नगर में उत्साह, श्रद्धा और गौरव का वातावरण रहा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक पुन्नू लाल मोहले, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।             मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टोरेट कार्यालय के पास भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर संविधान निर्माता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत आधारशिला प्रदान की। उनका जीवन शिक्षा, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।       इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय ने दाऊपारा स्थित गुरु घासीदास बाबा की प्रतिमा का विधिवत अनावरण करते हुए कहा कि बाबा गुरुघासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी समाज को एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संतों और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक उनके आदर्शों को पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।            इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पड़ाव चौक में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास का महान योद्धा बताते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित में सक्रिय भूमिका निभाने कहा। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर रोड तिराहा में भक्त माता कर्मा की प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि भक्त माता कर्मा सेवा, श्रद्धा और समर्पण की प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को मानव सेवा, भक्ति, परोपकार और संस्कारों की प्रेरणा देता है।   मुख्यमंत्री साय ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। स्थानीय नागरिकों एवं समाज प्रमुखों ने प्रतिमा स्थापना को जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान: मुंगेली को मिले 353 करोड़ से अधिक के विकास कार्य

सुशासन तिहार 2026 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंगेली को दी 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात 414 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और जल सुविधाओं को मिलेगा नया विस्तार संवेदनशीलता और सुशासन ही विकास की मुख्य अवधारणा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज मुंगेली जिला विकास, जनकल्याण और सुशासन के एक ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बना। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला मुख्यालय स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होकर जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले 414 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक की लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण तथा 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की लागत के 130 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इन कार्यों से जिले में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और जनसुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम तथा जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान पुष्प वाटिका एवं चौपाटी, नहर, एनीकट, लाइवलीहुड कॉलेज भवन पहुंच मार्ग, मुंगेली-भटगांव पहुंच मार्ग सहित अनेक सड़क निर्माण कार्यों, महतारी सदनों, छात्रावासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, सामुदायिक भवनों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों, प्राथमिक शाला भवनों, सांस्कृतिक मंचों, सीसी सड़कों, अमृत सरोवरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही विभिन्न ग्रामों में सीसी सड़क, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सड़क मार्ग, एसटीपी निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, फुटपाथ और पुल निर्माण सहित अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद विद्यालय मोतिमपुर, लालपुरथाना, लोरमी, पथरिया और सरगांव का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन सरकार विकास और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज मुंगेली जिले को मिली विकास कार्यों की यह बड़ी सौगात आने वाले समय में जिले के विकास को नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर भक्ति और श्रम की प्रतीक माता कर्मा, सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा शौर्य और त्याग के प्रतीक महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का अनावरण करते हुए कहा कि ये महापुरुष समाज को प्रेरणा देने वाले आदर्श हैं। उन्होंने नवागढ़ रोड में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना के लिए 25 लाख रुपये, मुंगेली में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण, मेला नवागांव में बाउंड्रीवाल एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तथा सीसी सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय की मांग को पूरा करने के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया। केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने जिले को मिली 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिल रही है।  उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार जनता के दुख-दर्द को समझते हुए त्वरित निर्णय ले रही है और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुंगेली जिला निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह सब मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। विधायक पुन्नूलाल मोहले ने जिले में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित कर लाभान्वित भी किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के चार विद्यार्थियों अंशुल शर्मा, नंदिता देवांगन, हेमा साहू और चैतूराम साहू को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियां, मनियारी बैराज योजना से प्रभावित परिवारों को प्रतिकात्मक चेक, मछुआरों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स, किसानों को मिनी किट तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता सामग्री वितरित की। कुल 282 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी बिलासपुर रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, डीएफओ अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।               इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।              उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री साय आज हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर महादेव घाट में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ‘सुशासन तिहार’, किसानों और युवाओं के लिए विकास का महापर्व—दक्ष वैद्य साहू

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ‘सुशासन तिहार किसानों-युवाओं के लिए बना विकास का महापर्व: दक्ष वैद्य साहू   ‘गांव-गांव पहुंच रहे सीएम साय, खेत-खलिहान में हो रहा जन-संवाद त्वरित समाधान सतत निगरानी रायपुर   भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा सोशल मीडिया प्रदेश सहप्रभारी एवं हिन्द सेना युवा ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य साहू ने ‘सुशासन तिहार 2026’ को ‘विकास का महापर्व’ निरूपित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार गांव, गरीब और अन्नदाता के द्वार तक पहुंचकर सुशासन का स्वर्णिम अध्याय रच रही है।   दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अनवरत रूप से गांव-गांव पहुंचकर आमजन से आत्मीय संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे अन्नदाता भाइयों की व्यथा खेत की मेड़ पर बैठकर सुन रहे हैं, युवा साथियों के रोजगार संबंधी विषयों पर गंभीर विमर्श कर रहे हैं और मातृशक्ति के सुझावों को प्राथमिकता से संज्ञान में ले रहे हैं। ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ ही विकास कार्यों की सतत एवं प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है।   किसानों-युवाओं को समर्पित जन-अभियान   साहू ने कहा कि सुशासन तिहार मात्र एक शासकीय अभियान नहीं, अपितु जनता और सरकार के मध्य विश्वास, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संवेदनशील प्रशासन का सुदृढ़ सेतु है। भाजपा की डबल इंजन सरकार में यह अभूतपूर्व है कि कोई मुख्यमंत्री स्वयं ट्रैक्टर पर सवार होकर खेतों का निरीक्षण कर रहा है, गौठानों में पहुंचकर गोबर खरीदी व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है और धान उपार्जन केंद्रों में कृषकों के साथ बैठकर उनके सुख-दुःख में सहभागी बन रहा है। यही वास्तविक सुशासन है।   उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में जनकल्याणकारी योजनाएं सचिवालय की फाइलों में कैद होकर रह जाती थीं। इसके विपरीत आज मुख्यमंत्री स्वयं धरातल पर उतरकर प्रत्येक विकास कार्य का प्रतिपुष्टि जनता से प्राप्त कर रहे हैं। सड़क, विद्युत, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा – प्रत्येक विभाग की जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। ‘शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना’ के अंतर्गत 2.49 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड निर्गत हो चुके हैं तथा 48 लाख से अधिक हितग्राहियों को ₹5 लाख तक का निःशुल्क उपचार प्राप्त हुआ है। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता का जीवंत प्रमाण है।   किसान मोर्चा उतरेगा जन-जागरण में   दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि ₹5 लाख का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच, ₹3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 1 लाख सरकारी नौकरियों का सृजन तथा स्वरोजगारोन्मुखी योजनाएं प्रदेश के युवाओं और किसानों का भविष्य सुरक्षित कर रही हैं। भाजपा किसान मोर्चा सोशल मीडिया के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी की सफलता की कहानी को घर-घर तक पहुंचाएगा।   दक्ष वैद्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने 5 वर्ष के शासनकाल में अन्नदाताओं को छला, युवाओं को बेरोजगारी भत्ते के नाम पर भ्रमित किया और माताओं-बहनों को पूर्ण शराबबंदी के वादे से वंचित रखा। आज भाजपा सरकार में किसान सम्मान निधि का समयबद्ध भुगतान हो रहा है, 2 वर्ष का लंबित बोनस एकमुश्त प्रदान किया गया है तथा ‘महतारी वंदन योजना’ से 70 लाख बहनों को प्रतिमाह ₹1000 की सम्मान राशि प्राप्त हो रही है। यही ‘कथनी और करनी’ का प्रत्यक्ष अंतर है।   दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि भाजपा सरकार ‘वातानुकूलित कक्षों से नहीं, अपितु खेत-खलिहान की माटी से संचालित होती है’। यह ‘विकास का महापर्व’ वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बनाने के संकल्प की आधारशिला को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में 4 हितग्राहियों को मिली प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी

सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में 4 हितग्राहियों को मिली प्रधानमंत्री आवास योजना की खुशियों की चाबी पक्के घर का सपना हुआ साकार, हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 4 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी सौंपी गई। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की जेरोम, मयूरचुंदी के बीरबल यादव, करडेगा के टूना राम तथा जगदीश यादव शामिल हैं। पक्के मकान की चाबी पाकर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें बारिश, धूप और अन्य कठिनाइयों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनका सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का सपना साकार हुआ है और अब वे अपने परिवार के साथ नए घर में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करेंगे। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

सड़क विकास में तेजी, कांसाबेल-बगीचा मार्ग उन्नयन की निविदा प्रक्रिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में पूरी

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सड़क अधोसंरचना को मजबूती, कांसाबेल-बगीचा मार्ग उन्नयन कार्य की निविदा प्रक्रिया पूर्ण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कांसाबेल से बगीचा मार्ग के मजबूतीकरण एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है, जिससे जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।     लगभग 29 करोड़ 08 लाख 06 हजार रुपए की लागत से 39 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग का उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसके अंतर्गत सड़क मजबूतीकरण के साथ आवश्यक पुल-पुलियों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।     कांसाबेल-बगीचा मार्ग क्षेत्र का अत्यंत व्यस्त संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, विद्यार्थी और व्यापारी आवागमन करते हैं। समय के साथ सड़क की स्थिति प्रभावित होने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ बनेगी।     इस परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रा समय में कमी आएगी तथा व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अधोसंरचनात्मक सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: आज प्रदेशभर में 2300 से अधिक जोड़ों ने निभाई शादी

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आज 8 मई को प्रदेशभर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे। राज्य के सभी जिलों में होने वाले इस आयोजन में 2300 से अधिक जोड़े विवाह सूत्र में बंधेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह आयोजन केवल विवाह तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और सामूहिक सहभागिता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। समारोह में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध समेत विभिन्न समुदायों और विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे। हर नवविवाहित जोड़े को मिलेगी आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत राज्य सरकार प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देना और बेटियों के विवाह को सम्मानजनक तरीके से संपन्न कराना है। इसके अलावा विवाह समारोह में दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजनों के लिए भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजाम भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया सामाजिक समरसता का प्रतीक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज में समानता और सम्मान को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल है। उन्होंने कहा कि पहले गरीब परिवारों के लिए बेटियों का विवाह चिंता का कारण बनता था, लेकिन अब यह योजना उन्हें आर्थिक और सामाजिक संबल दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशील शासन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। पहले भी बना था वर्ल्ड रिकॉर्ड उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी 2026 को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 6,412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे। इस आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया था। उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 1,316 नवविवाहित जोड़ों को प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद दिया था, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। महिला एवं बाल विकास विभाग ने संभाली जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा सभी जिलों में आयोजन की व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रशासनिक अमला आयोजन स्थलों पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है, ताकि सभी जोड़ों और उनके परिवारों को सम्मानजनक वातावरण मिल सके।  

बस्तर का वेस्ट अब बनेगा बेस्ट: छिंद के बीजों से तैयार होगी कैफीन मुक्त हर्बल कॉफी

रायपुर बस्तर के नैसर्गिक सौंदर्य और समृद्ध संसाधनों के बीच अब एक नई और सुगंधित क्रांति आकार ले रही है, जिसका श्रेय दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी युवा उद्यमी विशाल हालदार को जाता है। बीकॉम और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की शिक्षा प्राप्त करने वाले विशाल ने अपनी जड़ों से जुड़े रहने और कुछ नया करने की चाह में छिंद (खजूर की एक स्थानीय प्रजाति) के उन बीजों से हर्बल कॉफी तैयार की है, जिन्हें अब तक बस्तर में पूरी तरह व्यर्थ समझा जाता था। इस अभिनव प्रयोग के पीछे विशाल का उद्देश्य न केवल बेकार पड़े प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करना है, बल्कि कॉफी के उन शौकीनों को एक स्वस्थ विकल्प प्रदान करना है जो स्वाद तो चाहते हैं लेकिन कैफीन के दुष्प्रभावों से बचना चाहते हैं। विशाल का यह सफर करीब दो वर्षों के गहन शोध और प्रयोगों का परिणाम है, जिसमें उन्होंने इंटरनेट की मदद और स्थानीय समझ का बखूबी तालमेल बिठाया है। विशाल की इस नवाचार को इनोवेशन महाकुंभ में प्रथम स्थान मिला, जिसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा सम्मानित किया गया। इस हर्बल कॉफी की सबसे प्रभावशाली विशेषता इसका पूरी तरह से कैफीन मुक्त होना है, जबकि इसमें छिंद के प्राकृतिक गुणों के कारण प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। विशाल का मानना है कि अधिकांश लोग केवल मानसिक सक्रियता के लिए ही नहीं, बल्कि कॉफी के अनूठे स्वाद और उसकी आदत के कारण इसका सेवन करते हैं, और उनकी यह खोज इसी वर्ग को ध्यान में रखकर की गई है। इस नवाचार को तब बड़ी पहचान मिली जब विशाल ने शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर में आयोजित इनोवेशन महाकुंभ में अपना स्टॉल लगाया। वहाँ प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चैधरी सहित विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और आम जनता ने इस कॉफी का स्वाद चखा और इसकी खूब सराहना की। विशाल केवल एक उत्पाद बनाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के यूथ अप फाउंडेशन के माध्यम से स्थानीय युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनके इस आइडिया से बस्तर के ग्रामीणों को रोजगार मिले और गांवों और जंगल से मिलने वाले छिंद के बीजों से उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके। हालांकि यह प्रोजेक्ट अभी भी टेस्टिंग और विकास के दौर में है और इसका आधिकारिक लॉन्च होना बाकी है, लेकिन विशाल के इस अटूट प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि यदि दृष्टि स्पष्ट हो तो स्थानीय वेस्ट को भी वैश्विक स्तर के बेस्ट उत्पाद में बदला जा सकता है। आने वाले समय में यह हर्बल कॉफी न केवल बस्तर की पहचान बन सकती है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक दुनिया के लिए एक अनूठा उपहार भी साबित हो सकती है।