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अरुण साव बोले – रायपुर को नम्बर-1 बनाने स्वच्छता के कार्यों में बढ़ानी होगी जनसहभागिता

स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को सम्मानित करने आयोजित होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम रायपुर नगर निगम द्वारा 25 स्वच्छता निरीक्षकों, 144 स्वच्छता दीदियों और 52 सफाई मित्रों का सम्मान   रायपुर, रायपुर को देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बनाने के लिए स्वच्छता के कार्यों में जनसहभागिता बढ़ानी होगी। शहर के एक-एक व्यक्ति, एक-एक परिवार को इस मिशन से जोड़ना होगा, तभी हम रायपुर को देश का स्वच्छतम शहर बना सकेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सम्मान समारोह में ये बातें कहीं। भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में रायपुर को मिलियन प्लस (दस लाख से अधिक) आबादी वाले शहरों में देश का चौथा सबसे स्वच्छ शहर, गारबेज-फ्री सिटी में सेवन स्टार रैंकिंग और वाटर प्लस सर्टिफिकेशन की उपलब्धियों में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सक्रिय योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। रायपुर नगर निगम द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सभी जोनों के स्वच्छता अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही 25 स्वच्छता निरीक्षकों, 144 स्वच्छता दीदियों और 52 सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में रायपुर सहित प्रदेश के सात शहरों को स्वच्छता के लिए उत्कृष्ट कार्यों हेतु राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। स्वच्छ सर्वेक्षण में शामिल राज्य के 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग सुधारी है। छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का अमूल्य योगदान है, जिसके लिए वे अभिनंदन के पात्र हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इनके सम्मान के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। श्री साव ने कहा कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने राज्य शासन नगरीय निकायों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जनसहभागिता बढ़ाने गंभीरता से काम करना होगा। रायपुर नगर निगम की महापौर  मीनल चौबे ने समारोह में कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर को जो उपलब्धियां हासिल हुई हैं, उसकी नींव की पत्थर हमारी स्वच्छता दीदियां और सफाई मित्र ही हैं। स्वच्छता सेवा और समर्पण का काम है जिसे ये पूर्ण मनोयोग से कर रही हैं। आने वाले समय में रायपुर को देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बनाने के लिए हम सभी गंभीरता और सक्रियता से काम करेंगे। सभापति सूर्यकांत राठौर ने सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए धूप, बरसात और ठंड में भी अपने कार्यों को अंजाम देते हैं। आप लोगों की मेहनत से हमें नई दिल्ली में सम्मानित होने का मौका मिला है। कोरोना महामारी के कठिन समय में भी आप लोगों ने सराहनीय काम किया है। रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष गायत्री चन्द्राकर और आयुक्त विश्वदीप ने भी समारोह को संबोधित किया। निगम के अपर आयुक्त श्री यू.एस. अग्रवाल, श्री विनोद पाण्डेय और स्वास्थ्य अधिकारी सुश्री प्रीति सिंह सहित सभी जोनों के अध्यक्ष, एमआईसी सदस्य, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी और सफाई कर्मी बड़ी संख्या में सम्मान समारोह में मौजूद थे।

पाट जात्रा पूजा विधान के साथ होगी विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की गुरूवार से विधिवत शुरूआत

परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है बस्तर दशहरा रायपुर, छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में कल गुरुवार को हरेली अमावस्या के मौके पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत होगी। इस दौरान पारम्परिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने ठुरलू खोटला रस्म अदा करेंगे। इस अवसर पर बस्तर दशहरा समिति द्वारा मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादारों सहित गणमान्य नागरिकों एवं ग्रामीणों को उपस्थित होकर पाट जात्रा पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया गया है।       जात्रा पूजा विधान के साथ ही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को समर्पित इस 75 दिवसीय ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व में शुक्रवार 05 सितम्बर को डेरी गड़ाई पूजा विधान, रविवार 21 सितम्बर को काछनगादी पूजा विधान, सोमवार 22 सितम्बर को कलश स्थापना पूजा विधान, मंगलवार 23 सितम्बर को जोगी बिठाई पूजा विधान सहित बुधवार 24 सितम्बर से सोमवार 29 सितम्बर 2025 तक प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, सोमवार 29 सितम्बर को सुबह 11 बजे बेल पूजा, मंगलवार 30 सितम्बर को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, बुधवार 01 अक्टूबर को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव, गुरुवार 02 अक्टूबर को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शुक्रवार 03 अक्टूबर को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शनिवार 04 अक्टूबर को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान के पश्चात दोपहर में मुरिया दरबार का आयोजन होगा। वहीं रविवार 05 अक्टूबर को कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान में ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई की जाएगी और मंगलवार 07 अक्टूबर को मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व सम्पन्न होगी।,

रंजिश में चॉइस सेंटर संचालक पर हमला, हालत गंभीर

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अपराधियों के हौंसले बुलंद है. पुरानी रंजिश में चॉइस सेंटर संचालक पर जानलेवा हमले के मामला सामने आया है. आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ वार किया, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल है. मामला गुंडरदेही थाना सेहतर के डौकीडीह गांव का है. जानकारी के मुताबिक, डौकीडीह गांव के एक चॉइस सेंटर में दो लोग पहुंचे और पुरानी बातों को लेकर विवाद करने लगे. इसी दौरान संचालक पर धारदार चाकू से हाथ, जांघ और कमर पर बेरहमी से हमला कर दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए हैं. घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है. पुलिस ने शिकायत के बाद मामला दर्ज कर आरोपियों की पतासाजी में जुट गई है.

मुख्यमंत्री साय बोले – नौनिहालों के पोषण के साथ ही सुरक्षित और सुनहरा भविष्य देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

  बच्चों के समुचित विकास के लिए महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ करें कार्य अगली कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में महिलाओं और बच्चों के लिए संचालित योजनाओं की होगी गहन समीक्षा बच्चों से जुड़ी योजनाओं का हो शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की जिला स्तर पर नियमित समीक्षा करें कलेक्टर रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नौनिहालों के पोषण और उनको सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बच्चों के समुचित विकास हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ मिलकर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री साय ने आज  मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित योजनाओं की जिलेवार नियमित मॉनिटरिंग सचिव स्तर से की जाए तथा आगामी कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में इसकी गहन समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत संरचना, बजट और संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विभाग बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के पोषण एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों की देखभाल और पोषण जितनी संवेदनशीलता और कुशलता से की जाएगी, उनका शारीरिक और मानसिक विकास उतना ही प्रभावी और सुदृढ़ होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बच्चे हमारे देश के भविष्य की नींव हैं और इस नींव को मजबूत करने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अमले को जमीनी स्तर पर सक्रियता और स्वप्रेरणा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को पूरक पोषण आहार और विभागीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहार, गर्म भोजन, उसकी मात्रा, गुणवत्ता और कैलोरी मानकों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और वितरण की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री साय ने पीएम जनमन योजना अंतर्गत संचालित 197 आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की जानकारी ली तथा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण सूचकांकों की समीक्षा करते हुए अपेक्षित सुधार लाने हेतु ठोस प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सूचकांकों के माध्यम से वास्तविक स्थिति का आंकलन संभव होता है, और जहां भी कमी दिखाई दे, वहां त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए  निर्देश दिए कि यह प्रगति इसी प्रकार सतत बनी रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास पर छोटी-छोटी बातों और व्यवहार का गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संवेदनशीलता के साथ बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव बनाएं। मुख्यमंत्री साय ने विभागीय अमले के नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि वे तकनीकी रूप से दक्ष और अनुसंधानपरक दृष्टिकोण के साथ परिणामोन्मुखी कार्य कर सकें। बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला कोष, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मिशन वात्सल्य तथा अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव  शम्मी आबिदी, संचालक पी. एस. एल्मा सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में स्पॉन्सरशिप योजना बनी बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला

रायपुर, छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य (एकीकृत बाल संरक्षण योजना) के अंतर्गत स्पॉन्सरशिप योजना जरूरतमंद बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। विशेष रूप से उन बच्चों के लिए, जो माता-पिता के संरक्षण से वंचित हैं या जिनकी देखरेख और शिक्षा में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, यह योजना आर्थिक सहारा बन रही है। कोरबा जिले में जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से अब तक 122 बच्चों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है। इन सभी बच्चों को प्रतिमाह 4000 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके अभिभावकों या संरक्षकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। यह सहायता राशि बच्चों के पोषण, देखरेख, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मूलभूत जरूरतों की पूर्ति में सहयोग कर रही है। जिला प्रशासन के नेतृत्व में इस योजना को प्रभावशाली रूप से लागू किया जा रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में और जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी की देखरेख में स्पॉन्सरशिप कमेटी की सक्रिय भूमिका से जरूरतमंद बच्चों को चिह्नित कर उन्हें योजना से जोड़ा गया है। यह योजना किशोर न्याय अधिनियम और आदर्श नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत संस्थागत और गैर-संस्थागत सेवाएं प्रदान की जाती हैं। कोरबा जिले में गैर-संस्थागत सेवाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों को उनके परिवार या संरक्षकों के साथ रहकर बेहतर जीवन की दिशा में अग्रसर करने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर कोरबा ने अपील की है कि समाज के सभी नागरिक यदि अपने आसपास ऐसे बच्चों की जानकारी रखते हैं जिन्हें देखरेख, संरक्षण या शिक्षा की आवश्यकता है और जो माता-पिता से वंचित हैं, तो उन्हें बाल कल्याण समिति अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई के समक्ष प्रस्तुत करें। राज्य सरकार का यह प्रयास यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी बच्चा सिर्फ माता-पिता की अनुपस्थिति के कारण अपने भविष्य से वंचित न रह जाए। स्पॉन्सरशिप योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि यह समाज के संवेदनशील दायित्व की पूर्ति की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।

जंगल से आई मौत: 3 साल के बच्चे को पटका, तीन की गई जान

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जंगलों में विचरण कर रहे हाथियों का उत्पात थमने में नाम नहीं ले रहा है। रोजाना हाथियों के द्वारा गांवों में पहुंच कर ग्रामीणों के फसलों और घरों को तोड़ा जा रहा है। बीती रात हाथी के हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है। रायगढ़ जिले में बीती रात हाथी और उसके शावक ने जमकर उत्पात मचाया और एक ही रात में तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूंरे गांव में दहशत का माहौल है। वहीं, वन विभाग की टीम गांव पहुंची है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, बीती रात लैलूंगा के गोसाईडीह गांव में जहां हाथी ने तीन साल के सत्यम राउत को पटक कर मार डाला। वहीं, अंगेकेला गांव में भी एक महिला को खेत में कुचल कर मारने के बाद घर में सो रहे एक युवक के ऊपर दीवार गिराकर उसकी जान ले ली। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के करीब एक हाथी अपने शावक के साथ विचरण कर रहा था और रात होते ही उसी हाथी ने जमकर उत्पात मचाया है। आज सुबह हाथी के हमले से तीन लोगों की मौत की खबर के गांव के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, वहीं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी गांव पहुंच कर आगे की कार्रवाई में जुट गए हैं।

कॉर्पोरेट पहचान में बदलाव: जिंदल स्टील एंड पावर अब बनी जिंदल स्टील लिमिटेड

रायपुर  जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड का नाम अधिकृत रूप से बदलकर जिन्दल स्टील लिमिटेड कर दिया गया है। यह नाम परिवर्तन भारत सरकार के कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से अनुमोदन के बाद कल प्रभावी हुआ है। जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड का नाम बदलकर जिन्दल स्टील लिमिटेड करने की मुख्य वजह यह है कि कंपनी सिर्फ अपने मुख्य काम, यानी स्टील उत्पादन पर अधिक ध्यान देने और भविष्य में एक मज़बूत स्टील कंपनी के रूप में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इस नए नाम से कंपनी को देश और विदेश, दोनों जगह अपनी पहचान साफ़ तौर पर स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, कंपनी अपनी पुरानी पहचान और मूल्यों को भी बनाए रखेगी। यह परिवर्तन कंपनी (इनकॉरपोरेशन) नियम-2014 के नियम-29 के अनुसार किया गया है । इसकी पुष्टि के लिए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा नए नाम को दर्शाने वाला इनकॉरपोरेशन प्रमाणपत्र जारी किया गया है। कंपनी की कॉरपोरेट पहचान संख्या (CIN: L27105HR1979PLC009913) या इसके पंजीकृत कार्यालय के पते में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पंजीकृत कार्यालय का पता जिन्दल स्टील लिमिटेड, ओ.पी. जिन्दल मार्ग, हिसार – 125005, हरियाणा (भारत) ही रहेगा । जिन्दल स्टील का नाम भले ही बदल गया हो, लेकिन यह पहले की तरह ही एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी रहेगी, जिसके शेयरों की खरीद-बिक्री लोग कर सकेंगे । कंपनी के जितने भी पुराने अधिकार, जिम्मेदारियां, लेन-देन और करार हैं, वे सब वैसे के वैसे रहेंगे और पूरी तरह से लागू होंगे । इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। कंपनी ने इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से समस्त शेयरधारकों, भागीदारों और आम नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया है। कंपनी ने जानकारी दी है कि नाम परिवर्तन के सिलसिले में सभी स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य वैधानिक प्राधिकरणों को अवगत कराया गया है। जिन्दल स्टील के बारे में जिन्दल स्टील एक बड़ी औद्योगिक कंपनी है, जो स्टील उत्पादन, खनन और इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्य कर रही है। इस कंपनी ने पूरी दुनिया में 12 अरब डॉलर (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये) का निवेश किया है । यह लगातार अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा रही है और बेहतरीन व विश्वसनीय ढंग से काम करके मजबूती से आगे बढ़ रही है ताकि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में निरंतर योगदान कर सके। एक अग्रणी स्टील निर्माता के रूप में, जिन्दल स्टील औद्योगिक विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने के उद्देश्य से कार्बन फुटप्रिंट घटाने और कामकाज के आधुनिक तौर-तरीके अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: कुलदीप सिंह, +919899692981; kuldeep.singh@jindalsteel.com जिन्दल स्टील लिमिटेड (पूर्व में जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड)

Raipur से Rajim तक दौड़ेगी ट्रेन, शहरवासियों को जल्द मिलेगी नई मेमू ट्रेन की सौगात

रायपुर  राजधानी रायपुर और इसके आसपास के इलाके जल्द ही स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में विकसित होंगे। खास बात यह है कि रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सेवा की भी सुविधा मिलेगी। इसके सर्वे और डीपीआर तैयार करने के लिए सरकार ने पांच करोड़ रुपये का बजट प्रविधान किया है। इस पहल को राज्य के विकास का नया ग्रोथ इंजन माना जा रहा है। विधानसभा में स्टेट कैपिटल रीजन संबंधी छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक- 2025 पारित होने के बाद काम ने रफ्तार पकड़ ली है। रायपुर, दुर्ग, भिलाई, नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र एससीआर के दायरे में आएंगे। इसे दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित है और व्यापार, उद्योग व वाणिज्य का केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव की पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर एससीआर के तहत योजनाबद्ध और शहरी विकास की योजना तैयार की गई है। इससे राजधानी व आसपास के शहरों में प्लानिंग के साथ विकास होगा। ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, नागरिक सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। 2031 तक 50 लाख पहुंचेगी आबादी राजधानी क्षेत्र में 2031 तक 50 लाख से अधिक की आबादी का अनुमान है। बढ़ती आबादी और शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाया जाएगा। यह प्राधिकरण दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की तरह काम करेगा। पांच करोड़ से बनेगा डीपीआर 2024-25 के बजट में एससीआर कार्यालय की स्थापना, सर्वे और डीपीआर बनाने के लिए पांच करोड़ का प्रविधान किया गया है। प्राधिकरण के लिए कार्यकारी समिति भी बनेगी, जिसके अध्यक्ष सीईओ होंगे। इसमें नगर एवं ग्राम निवेश, नगरीय प्रशासन, शहरी योजनाकार, अभियंता, पर्यावरण व वित्त विभाग के अधिकारी, एससीआर अंतर्गत जिलों के कलेक्टर सदस्य रहेंगे। 400-500 करोड़ रुपए का खर्च वहीं, रायपुर शहर में लाइट मेट्रो चलाने में 400-500 करोड़ रुपए का खर्च हो सकता है। एमओयू साइन होने के बाद बजट की स्वीकृति सरकार से लेनी होगी। साथ ही विदेशी निवेश भी हो सकता है। रूस में लाइट मेट्रो बैट्रियों से चलती है। इसमें आठ कोच होते हैं। विकास निधि बनेगी, खास उपकर लगाने का अधिकार एससीआर के विकास के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि बनाई जाएगी। साथ ही एक अलग पुनरावृत्ति निधि भी होगी। प्राधिकरण को अवसंरचना परियोजनाओं के लिए विशेष उपकर लगाने का अधिकार होगा। यह वार्षिक बजट बनाएगा और हर साल राज्य सरकार को प्रगति रिपोर्ट सौंपेगा। प्राधिकरण का व्यापक उद्देश्य एससीआर प्राधिकरण न केवल विकास योजनाएं बनाएगा, बल्कि निवेश को आकर्षित करने, आर्थिक योजनाओं को लागू करने, सरकारी व निजी हितधारकों के बीच समन्वय बनाने और अधोसंरचनात्मक विकास को बढ़ावा देने का काम भी करेगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह राजधानी और आसपास के क्षेत्रों को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री साय होंगे प्राधिकरण के अध्यक्ष एससीआर विकास प्राधिकरण का नेतृत्व मुख्यमंत्री करेंगे। इसमें नगरीय प्रशासन, पर्यावरण, लोक निर्माण मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव और चार विधायक शामिल होंगे। चार निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया जाएगा। प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईटो) संयोजक होंगे। भूमि उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना इसकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत निखिल कश्यप को किया नमन, परिजनों के दुःख में हुए सहभागी

रायपुर,    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी में आयोजित शोक सभा में शामिल होकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्व. निखिल कश्यप की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी तथा शोकाकुल परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री साय ने इस दुःखद अवसर पर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

आशुतोष राणा से मुलाकात में क्या हुआ खुलासा? ओपी चौधरी और पत्नी अदिति ने खोले राज

रायपुर Rise & Shine कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे अभिनेता और मोटिवेशनल स्पीकर आशुतोष राणा से प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी और उनकी पत्नी अदिति पटेल चौधरी ने होटल में मुलाकात की. इस दौरान होटल की लिफ्ट से नीचे उतरने के दौरान आशुतोष राणा ने अपना एक राज मंत्री ओपी चौधरी के सामने खोला. ओपी चौधरी की मुलाकात से पहले आशुतोष राणा के फैन्स और रोटरी कॉस्मो डीवाज़ क्लब की अध्यक्ष और सदस्यों ने भी उनसे मुलाकात की और उन्होंने खूब सारे सवाल उनसे पूछे. कुछ सवाल आशुतोष और उनकी पत्नी से जुड़े हुए भी थे. आशुतोष राणा, मंत्री ओपी चौधरी, उनकी पत्नी अदिति पटेल जब लिफ्ट से उनके साथ नीचे उतर रहे थे, तब उनकी मैनेजर ने मंत्री को बताया कि ‘सर ने जितनी भी किताबें लिखी है वो ज्यादातर रात में ही लिखी गई है’. इसके बाद आशुतोष ने हंसते हुए कहा कि- हां, मुझे देर रात तक जागने की आदत हो गई है… फिर उन्होंने हंसते हुए मंत्री से कहा कि- ओपी जी… हमने ‘फिट रहने के लिए नींद जरूरी’ के फार्मूला को फेल कर दिया है, जिसमें ये कहा जाता है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूरी है. आशुतोष राणा ने बताया कि वो मात्र 4-5 घंटे की रोजाना नींद लेते है और फिर भी वे पूरी तरह से फीट है. इसके बाद मंत्री ओपी चौधरी की पत्नी अदिति पटेल को भी ये कहना पड़ा कि जब से वे मंत्री बने है, तब से उनकी भी नींद चंद घंटे की ही रह गई है. इस दौरान मंत्री और उनकी पत्नी ने आशुतोष राणा को अगली बार छत्तीसगढ़ दौरे में आने के दौरान अपने घर आने का न्योता भी दिया.