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पंजाब में 5 दिसंबर को बड़ा ऐलान—19 जिलों की दिनचर्या बदल देने वाला निर्णय आया सामने

पटियाला  किसानों द्वारा एक बार फिर बड़ा ऐलान कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार शंभू-खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शन करने वाले किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने पंजाब में 5 दिसंबर को रेलवे ट्रैक रोकने का ऐलान कर दिया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि पंजाब के 19 जिलों में दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक 26 स्थानों पर ट्रेनें रोकी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान सड़कें बंद नहीं की जाएंगी, ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। इस रेल रोको अभियान का असर अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और बठिंडा सहित कई जिलों में रेल यातायात पर पड़ने की संभावना है। पंधेर ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार किसानों की प्रमुख मांगों जैसे MSP की कानूनी गारंटी, इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म बिल-2025 की वापसी, और प्रीपेड मीटर हटाकर पुराने मीटर बहाल करने आदि पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं। उनका कहना है कि किसानों को मजबूर होकर विरोध का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकारें जल्द समाधान नहीं निकालतीं, तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। 

अश्विनी शर्मा का ऐलान—2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव भाजपा लड़ेगी अपने दम पर

चंडीगढ़ पंजाब में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होंगे। इसे लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से ही अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है। इस बीच पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने मंगलवार को कहा कि पार्टी 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव अपने दम पर अकेले लड़ेगी। अश्विनी शर्मा ने आम आदमी पार्टी (आप) की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था ठप हो गई है। उन्होंने कहा कि 2022 में पंजाब में सरकार बनाने के बाद जिस तरह आम आदमी पार्टी ने नगर निगम और नगर परिषद चुनावों में अपने मेयर और अध्यक्ष बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया, अब उसी तरह जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने चंडीगढ़ में राज्य चुनाव समिति की बैठक से पहले मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार अपने बेतुके बयानों से लोगों का ध्यान भटका रही है। अश्विनी शर्मा ने कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को 2027 के विधानसभा चुनावों के नतीजों का पहले ही अंदाजा हो गया है, इसीलिए घबराहट में वह जनता का ध्यान भटकाने के लिए बेबुनियाद बयान दे रही है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या सरकार राज्य में कानून व्यवस्था को कंट्रोल कर पाई है? क्या ड्रग्स माफिया और गैंगस्टर खत्म हो गए हैं? और क्या किसानों, मजदूरों और महिलाओं से किए गए वादे पूरे हुए हैं? शर्मा ने कहा कि आप सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को मुआवजा देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 साल के राज से देश में जो माहौल बना है, उससे पंजाब के लोगों में उम्मीद और भरोसे की भावना पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाबी ड्रग्स का खात्मा, गैंगस्टरों का खात्मा, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और हरियाणा की तरह फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी चाहते हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्होंने पठानकोट से फाजिल्का तक गैर-कानूनी माइनिंग का पर्दाफाश किया था, लेकिन उसके बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने न तो कोई एक्शन लिया और न ही पब्लिक में कोई सफाई दी। उन्होंने आगे कहा, "इससे साफ पता चलता है कि आप सरकार के लिए प्राथमिकता पंजाब नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल को खुश करना है।"

जज्बे की मिसाल! कांस्टेबल से फ्लाइंग अफसर तक का सफर, DGP ने बांधे तारीफों के पुल

मोहाली पंजाब पुलिस के एक युवा कॉन्स्टेबल ने वह सपना पूरा कर दिखाया, जिसे बहुत लोग देखते तो हैं, पर चंद ही लोग उसे हासिल कर पाते हैं। कॉन्स्टेबल गुरसिमरन सिंह बैंस (22), जो इस समय मोहाली में तैनात है, ने SSB इंटरव्यू पास कर लिया है। अब उनका चयन भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच के लिए हो गया है। वह जल्द ही फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में ट्रेनिंग लेने के लिए एयर फ़ोर्स अकादमी में शामिल होंगे। रूपनगर (रोपड़) जिले के रहने वाले गुरसिमरन सिंह बैंस अगस्त 2022 में पंजाब पुलिस में भर्ती हुए थे, पर खाकी वर्दी के पीछे उनका सपना हमेशा आसमान में उड़ना ही था। वर्षों की मेहनत, लगन और तैयारी के बाद अब उनकी यह मंज़िल पूरी हुई है। यह SSB में उनका चौथा प्रयास था। गुरसिमरन ने पंजाब यूनिवर्सिटी के सेंटर फ़ॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन से बैचलर ऑफ़ आर्ट्स की पढ़ाई पूरी की है। वह मौरिटोरियस स्कूल, मोहाली के पूर्व विद्यार्थी हैं, जहाँ से उन्होंने 10वीं और 12वीं शानदार अंकों से पास की। उन्होंने AFCAT (एयर फ़ोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट) भी 143 अंकों के साथ पास किया, जिसके आधार पर उन्हें SSB के लिए क्वालिफाई किया। उन्होंने बताया कि यह सफर आसान नहीं था। उन्होंने NDA और टेक्निकल ब्रांच के ज़रिए भी वायुसेना में प्रवेश की कोशिशें कीं, लेकिन थोड़ा-सा अंतर रह गया। पर निराश हुए बिना कोशिशें जारी रखीं। “असफलताओं ने मुझे कभी रोका नहीं। हर प्रयास ने मुझे और मज़बूत किया और IAF में शामिल होने के संकल्प को बढ़ाया,” उन्होंने कहा। DGP ने सांझा की खुशी गुरसिमरन सिंह बैंस की इस कामयाबी पर DGP गौरव यादव ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए कहा, “बड़े सपने देखो, कड़ी मेहनत करो और कभी हार मत मानो—यही महानता का रास्ता है।” उन्होंने लिखा कि गुरसिमरन की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे पंजाब पुलिस के लिए गर्व का क्षण है। यह इस बात का प्रमाण है कि अगर युवा अनुशासन, फोकस और मेहनत के साथ अपनी मंज़िल का पीछा करें, तो वे आसमान को भी छू सकते हैं।  

रोज़गार का सुनहरा मौका: पंजाब सरकार ने की नई भर्ती प्रक्रिया की घोषणा

संगरूर होम्योपैथिक विभाग में लंबे समय से विभिन्न कैडरों में खाली पड़े कुल 115 पदों के पुनर्जीवन और भर्ती को वित्त विभाग द्वारा मंजूरी दिए जाने का एसोसिएशन फॉर साइंटिफिक रिसर्च इन होमियोपैथी ने जोरदार स्वागत किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का धन्यवाद करते हुए डॉ. अमरजीत सिंह मान, डॉ. अवतार सिंह (अध्यक्ष), डॉ. भूपिंदर सिंह (उपाध्यक्ष), और डॉ. विनोद सिंगला (उपाध्यक्ष) ने कहा कि राज्य में मानक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और होम्योपैथिक विभाग की क्षमता को बढ़ाने के लिए होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर के 42 पद, डिस्पैंसर के 72 पद और क्लर्क का एक पद भरे जाने से विभाग में नई जान आएगी। इससे होम्योपैथिक विभाग में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू तरीके से चलाने में सहायता मिलेगी। 

सावधान! 1 जनवरी से आपका PAN Card भी हो सकता है बंद, जानिए किन पर लागू होगा नियम

पंजाब  1 जनवरी से कई लोगों के PAN Card निष्क्रिय (Invalid) होने की खबर सामने आई है। अगर आपने अभी तक अपना आधार कार्ड PAN कार्ड से लिंक नहीं किया है, तो आपके लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने PAN Card-आधार लिंकिंग की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय की है। यह नियम उन सभी लोगों पर लागू होता है जिन्होंने 1 अक्टूबर 2025 या उससे पहले PAN कार्ड बनवाया था। CBDT के अनुसार, टैक्स फाइलिंग सिस्टम को पारदर्शी और सरल बनाने, साथ ही फर्जी PAN कार्डों पर रोक लगाने के लिए आधार–PAN लिंक करना आवश्यक है। ITR फाइल करने के लिए यह एक कानूनी अनिवार्यता है। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित समय सीमा तक PAN को आधार से लिंक नहीं करता है, तो उसका PAN 1 जनवरी 2026 से निष्क्रिय (Invalid) माना जाएगा। इसके कई गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।      निष्क्रिय PAN के साथ न तो आप इनकम टैक्स रिटर्न भर पाएंगे और न ही आपका कोई लंबित रिटर्न प्रोसेस होगा।     PAN निष्क्रिय होने पर आपका रिफंड जारी नहीं किया जाएगा और आपका भुगतान रुका रह सकता है।     बैंकिंग से जुड़ी कई सेवाएं प्रभावित होंगी, जैस कि SIP और अन्य निवेशों में फेलियर, उच्च दर पर TDS/TCS कटौती।     आपके फॉर्म 26AS में TDS/TCS का क्रेडिट नहीं दिखाई देगा और टैक्स अधिक दर पर काटा जा सकता है। लेट लिंक करने पर क्या होगा? अगर PAN निष्क्रिय हो जाता है और आप बाद में लेट फीस जमा कर इसे लिंक करते हैं, तो आमतौर पर PAN 30 दिनों के भीतर पुनः सक्रिय कर दिया जाता है। वहीं अगर किसी ने अपने आधार कार्ड की नामांकन आईडी के इस्तेमाल से PAN Card बनाया है तो उसे दोबारा लिंक करने की जरूरत है। घर बैठे कैसे करें लिंक?     इस प्रक्रिया के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं-आप इसे ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं।     आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।     होमपेज पर दिखाई देने वाले ‘Link Aadhaar’ विकल्प पर क्लिक करें।     अपना PAN नंबर, Aadhaar नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें।     मोबाइल पर आए OTP से वेरिफिकेशन करें।     अगर PAN पहले से निष्क्रिय है, तो 1000 रुपए लेट फीस जमा करें। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ‘Link Aadhaar Status’ में जाकर अपनी स्थिति चेक करें।

कड़ाके की सर्दी दस्तक देने को तैयार, चंडीगढ़ में येलो अलर्ट जारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ की रातों पर अब ठंड का पहरा लगना शुरू हो चुका है। रातों की ठंड का असर है कि शहर में दिन में भी अधिकतम तापमान 22 डिग्री तक गिर गया है। मौसम विभाग की मानें तो शहर में शीतलहर दस्तक दे चुकी है। चंडीगढ़ शहर के अंदर सैक्टर 39 में अधिकतम तापमान 24 डिग्री से ऊपर नहीं गया तो एयरपोर्ट पर तापमान 22 डिग्री से ऊपर नहीं गया। पंचकूला और मोहाली में भी दिन का पारा 23 डिग्री लसे ऊपर नहीं गया। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 3-4 दिनों तक सूरज ढलने के बाद रात में अच्छी खासी ठंड रहेगी।  उधर, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए राज्य में शीत लहर की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने पूरे पंजाब में शीत लहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 2 से 5 दिसंबर तक चलने वाली यह शीत लहर लोगों को कंपा देगी। इस दौरान घनी धुंध पड़ने की भी संभावना है और तापमान 2 से 4 डिग्री तक नीचे जा सकता है।  

सड़कों से लेकर सुविधाओं तक—गुरुग्राम के छह सेक्टरों में बड़े बदलाव की मंजूरी

चंडीगढ़  गुरुग्राम में लगातार बढ़ रहे विकास और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए जिला नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने सेक्टर 88ए, 88बी, 89ए, 89बी, 95ए और 95बी की संशोधित सेक्टोरल योजना को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव का उद्देश्य जमीन का बेहतर उपयोग, सड़क नेटवर्क में सुधार और भविष्य के आवासीय व व्यावसायिक विकास को सुचारू बनाना है। यह संशोधन संगम बिल्डिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर विचाराधीन था। विभाग ने इस प्रस्ताव पर जनता की राय के लिए 27 जून को विभिन्न अखबारों में विज्ञापन जारी किया था। निर्धारित समय तक किसी भी व्यक्ति या संस्था की ओर से आपत्ति नहीं आने के बाद अब इसे औपचारिक स्वीकृति दे दी गई है।   बेहतर यातायात और सड़क मार्ग संशोधित योजना में मुख्य एवं सेकेंडरी सड़कों का नया संरेखण तय किया गया है, जिससे सेक्टरों के बीच यात्रा तेज और आसान होगी। इससे भविष्य में ट्रैफिक जाम की परेशानी भी कम होने की उम्मीद है। स्पष्ट और व्यवस्थित विकास जिन लोगों ने इन सेक्टरों में फ्लैट, दुकान या जमीन खरीदी है, उन्हें अब विकास योजना और ढांचे को लेकर स्पष्ट दिशा मिलेगी, जिससे भविष्य को लेकर अनिश्चितता कम होगी। सुविधाओं का सटीक वितरण पार्क, स्कूल, अस्पताल, पानी, सीवर, बिजली और बाजार जैसी आवश्यक नागरिक सुविधाओं के लिए जमीन का आवंटन अब अधिक संतुलित और व्यावहारिक तरीके से किया जाएगा। निवेशकों और बिल्डरों को राहत विकास योजना स्पष्ट होने से निर्माण कार्यों में तेजी आएगी तथा निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र का विकास और तेज होगा। बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी इन सेक्टरों का विकास मास्टर प्लान-2031 के तहत किया जा रहा है। लेकिन पुराने प्लान में सड़क मार्गों के दिशा निर्धारण (री-अलाइनमेंट) और विभिन्न भूमि उपयोग क्षेत्रों को लेकर कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आई थीं। जमीन की वास्तविक स्थिति, जनसंख्या वृद्धि और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए योजना में बदलाव जरूरी माना गया। अब विकास कार्य, सड़क निर्माण और सभी अधोसंरचनात्मक योजनाएं संशोधित सेक्टोरल प्लान के अनुसार की जाएंगी। इससे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र सुव्यवस्थित, यातायात के अनुकूल और आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित होगा।

आखिर खत्म हुई पंजाब में बसों की हड़ताल, लोगों को बड़ी राहत

अमृतसर  पिछले चार दिनों से किलोमीटर स्कीम टेंडर के विरोध में हड़ताल पर गए पंजाब रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन आखिरकार अपनी ड्यूटी पर वापस आ गए हैं। कर्मचारियों के ड्यूटी पर वापस आने पर अब रोडवेज और पनबस की बसें फिर से पंजाब की सड़कों पर घूमती दिखाई देंगी। इससे प्रभावित हो रहा आम जनजीवन कहीं ना कहीं दोबारा सुचारू ढंग से चलना शुरू हो जाएगा। आज सुबह यूनियन के मुख्य अधिकारियों ने हड़ताल छोड़ दोबारा से ड्यूटी ज्वाइन करने का फैसला किया। इसके बाद अमृतसर बस स्टैंड पर फिर से बसों की आवागमन दोबारा शुरू हो गया है।

US में पंजाबी ट्रकर्स की बड़ी मुसीबत: फेडरल जांच शुरू, ड्राइविंग स्कूलों में 44% फेल

चंडीगढ़  अमेरिका में लगभग 1.5 लाख पंजाबी/सिख ट्रक ड्राइवर इन दिनों अभूतपूर्व फेडरल जांच के दायरे में हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इस अभियान में ट्रकिंग स्कूलों और प्रवासी मालिकों की कंपनियों पर व्यापक कार्रवाई की जा रही है। समीक्षा में पाया गया है कि देश के 44 फीसदी ट्रक ड्राइविंग स्कूल न्यूनतम मानकों का पालन नहीं कर रहे, जिसके कारण वे बंद होने की कगार पर हैं। सिख समुदाय का कहना है कि जांच के नाम पर उन्हें अनुचित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। ट्रांसपोर्टेशन डिपार्टमेंट ने बताया कि देशभर के 16,000 पंजीकृत ड्राइविंग प्रोग्राम्स में से करीब 3,000 प्रशिक्षण और रिकॉर्ड मानकों पर खरे नहीं उतर सके। फेडरल विभाग इन स्कूलों की मान्यता अगले 30 दिनों के भीतर रद्द करने की तैयारी में है। इसके अलावा 4,500 संस्थानों को चेतावनी दी गई है कि वे भी जल्द कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। मान्यता रद्द होने के बाद ये स्कूल छात्रों को वह अनिवार्य प्रमाणपत्र जारी नहीं कर पाएंगे, जो कमर्शियल लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक होता है। इससे छात्रों के इन स्कूलों को छोड़ने की संभावना बढ़ जाएगी। विभाग के अनुसार कई संस्थान पहले से ही निष्क्रिय पाए गए हैं। प्रवासी मालिकों की कंपनियों का डीएचएस ऑडिट डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने कैलिफोर्निया में प्रवासी मालिकों वाली ट्रकिंग कंपनियों का भी ऑडिट शुरू किया है। इसमें ड्राइवरों की इमिग्रेशन स्थिति और कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई उस घटना के बाद तेज हुई, जिसमें एक कथित तौर पर अनधिकृत ड्राइवर ने फ्लोरिडा में अवैध यू-टर्न लेकर तीन लोगों की जान गंवाने वाली दुर्घटना का कारण बना। परिवहन मंत्री सीन डफी ने कहा कि सरकार ‘कम प्रशिक्षित और जोखिम पैदा करने वाले ड्राइवरों को सड़क पर उतरने से रोकने’ के लिए दृढ़ है। उन्होंने कैलिफोर्निया, पेंसिलवेनिया और मिनेसोटा को फेडरल फंडिंग रोकने की चेतावनी भी दी है यदि राज्यों ने लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं में खामियों को दूर नहीं किया। ‘सीडीएल मिल्स’ पर शिकंजा और फर्जी रिकॉर्ड की जांच उद्योग संगठनों के अनुसार जिन संस्थानों पर कार्रवाई हुई है, उनमें से कई ‘सीडीएल मिल्स’ थे। ये संस्थान कुछ ही दिनों की ट्रेनिंग का दावा करते हुए बिना पर्याप्त अभ्यास और शिक्षा के लाइसेंस प्रमाणपत्र जारी कर देते थे। उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक मानक संस्थानों में प्रशिक्षण कम से कम एक माह चलता है और इसमें क्लासरूम अध्ययन के साथ सड़क प्रशिक्षण भी शामिल होता है। फेडरल विभाग का आरोप है कि कई संस्थानों ने अधूरे या गलत रिकॉर्ड रखे, प्रशिक्षण डेटा में हेरफेर किया और सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं किया। सिख समुदाय : योग्य ड्राइवरों को भी संदेह की नजर से देखा जा रहा हाल के महीनों में फ्लोरिडा और कैलिफोर्निया के घातक हादसों में शामिल दोनों ड्राइवर सिख समुदाय से थे। इसके बाद पंजाबी/सिख ट्रकर्स पर अतिरिक्त दबाव और जांच बढ़ी है। नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी ट्रकर्स एसोसिएशन का अनुमान है कि वेस्ट कोस्ट की ट्रकिंग वर्कफोर्स में 40 फीसदी जबकि देशभर में 20 फीसदी सिख ड्राइवर हैं। एडवोकेसी समूहों के अनुसार अमेरिका में लगभग 1.5 लाख सिख ट्रकर्स काम करते हैं। यूनाइटेड सिख्स ने कहा कि प्रवासी मालिकों के यहां ‘आक्रामक इमिग्रेशन ऑडिट’ किए जा रहे हैं, जिनसे ‘कानूनी और लाइसेंसशुदा ड्राइवर तक संदिग्ध की तरह ट्रीट किए जा रहे हैं।’ समूह का कहना है कि ऐसी कार्रवाई ज़ेनोफोबिया, उत्पीड़न और सड़क पर हिंसा को बढ़ावा देती है और देश की सप्लाई चेन को जोखिम में डालती है। 17,000 गलत तरीके से जारी लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया फेडरल निर्देशों के बाद कैलिफोर्निया प्रशासन ने 17,000 कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है। ये लाइसेंस कथित रूप से गलत तरीके से जारी हुए थे या ऐसे ड्राइवरों को दिए गए जिनके वर्क परमिट पहले ही समाप्त हो चुके थे।

लोकतंत्र पर सवाल उठाए सैलजा ने: कहा— संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है

चंडीगढ़  पूर्व केंद्रीय मंत्री व सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि आज देशभर में यह गंभीर चिंता उभरकर सामने आ रही है कि हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख लगातार कमजोर की जा रही है। संसद से लेकर सड़कों तक, जनता और जनप्रतिनिधि दोनों यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों बनाई जा रही हैं जिनसे संस्थाओं की निष्पक्षता पर संदेह पैदा हो। देश की जनता अब सवाल पूछ रही है और सरकार को इन सवालों के जवाब देने होंगे। मंगलवार को चंडीगढ़ से जारी एक ब यान में सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार राजनीतिक ड्रामेबाजी के सहारे शासन चलाने की कोशिश कर रही है। उनकी कार्यप्रणाली ने उन संस्थाओं पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं, जिन्हें वर्षों की कड़ी मेहनत और संवैधानिक मूल्यों की नींव पर खड़ा किया गया था। सांसद ने कहा कि शासन का मूल आधार काम और समय पर डिलीवरी होता है, न कि दिखावा और भटकाव की राजनीति। जहां डिलीवरी नहीं होती, वहां जनता अपनी आवाज बुलंद करती है और यही आज पूरे देश में दिखाई दे रहा है। कुमारी सैलजा ने बिहार सहित कई राज्यों के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी प्रक्रियाओं पर उठ रहे सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब आम नागरिक का चुनाव आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्था पर भरोसा कम होने लगे, तो यह केवल विपक्ष का मुद्दा नहीं रह जाता, बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी बन जाता है। सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उन संस्थाओं की स्वायत्तता को कमजोर कर रही है जिन्हें बनाने में दशकों लगे हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को कायम रखे, लेकिन दुर्भाग्य से आज इन्हें नियंत्रित करने और दबाव में लेने की कोशिशें साफ दिखाई देती हैं। इससे लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रहार हो रहा है। कुमारी सैलजा ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक का है।