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राजस्थान में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध: कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़

जयपुर, उद्योग एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने शुक्रवार को जोधपुर में औद्योगिक विकास से जुड़े विविध पक्षों पर स्थानीय उद्यमियों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर उन्होंने औद्योगिक प्रगति से संबंधित राज्य सरकार की भावी कार्ययोजना एवं नवीन पहलुओं की जानकारी देते हुए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उद्योग मंत्री  ने बताया कि राज्य सरकार सर्कुलर इकोनॉमी को आधार बनाकर औद्योगिक क्षेत्र में एक नई क्रांति की ओर अग्रसर है। इस नीति के अंतर्गत संसाधनों के पुनः उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उद्योगों को पर्यावरण-संवेदनशील और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में आधुनिक मॉडल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना की जाएगी, जो विश्वस्तरीय अधोसंरचना से युक्त होंगे। इन पार्कों के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा तथा युवाओं के लिए व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर सृजित होंगे। कर्नल राठौड़ ने घोषणा की कि राज्य सरकार का प्रयास है कि रीको (RIICO) के अंतर्गत शून्य कराधान (Zero Tax) व्यवस्था लागू की जाए, ताकि पूर्ण राजस्व को औद्योगिक अधोसंरचना के विकास में ही पुनर्निवेशित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह नीतिगत परिवर्तन राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को और अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी तथा निवेशोन्मुख बनाएगा। उन्होंने कहा, "नीतिगत निर्णयों की ज़िम्मेदारी सरकार की है और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में राजस्थान सरकार उद्योग जगत के सभी अपेक्षित सुधारों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कर्नल राठौड़ ने यह भी कहा कि औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने हेतु “सरकार – उद्योग – प्रशासन” की त्रिस्तरीय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोधपुर को विश्वस्तरीय औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने हेतु संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा Ease of Doing Business को सुगम एवं सुलभ बनाने के लिए उठाए जा रहे ये ठोस कदम राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक रूप से अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे। बैठक में सांसद श्री राजेन्द्र गहलोत, लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री घनश्याम ओझा, राज्यसभा , श्री प्रसन्नचन्द मेहता, मारवाड चैम्बर आफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज, राजस्थान स्टील एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री प्रकाश जीरावला, लघु उद्योग भारती के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री शंतिलाल बालड, सहित 150 से अधिक प्रबुद्ध उद्यमियो ने भाग लिया।

‘राइजिंग राजस्थान’ एमओयू समीक्षा बैठक- राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। इस लक्ष्य को पूरा करने में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित निवेश एमओयू की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए इन निवेश एमओयू में शामिल सौर व बैटरी स्टोरेज आधारित परियोजनाओं के विकास के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया जाए। श्री शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के तहत हुए एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एमओयू के समयबद्ध क्रियान्वयन से प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों को निवेश समझौतों की प्रगति के लिए मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता से एमओयू क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के दौरान हुए एमओयू की समीक्षा के लिए त्रि-स्तरीय व्यवस्था की गई है। जिसके तहत 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले एमओयू की समीक्षा प्रतिमाह नियमित रूप से मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों में से अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। निवेशकों से रखें संवाद, प्रगति से कराएं अवगत उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान बनाने के लक्ष्य को साकार करने में निवेश का अहम योगदान है। राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशकों से निरंतर संवाद स्थापित रखें और मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, उन्होंने  कहा कि मुख्य सचिव स्तर पर नियमित रूप से अक्षय ऊर्जा से संबंधित एमओयू की नियमित समीक्षा की जाए। एकीकृत पावर कॉरिडोर अपनाने के हो प्रयास श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अक्षय ऊर्जा आधारित परियोजनाओं पंप स्टोरेज तथा बैटरी स्टोरेज जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी जोर दे रही है। प्रदेश में 6 हजार मेगावाट आवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकसित की जाने वाली सौर व बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए तथा इसके लिए एकीकृत पावर कॉरिडोर सहित अन्य नवाचारों को अपनाए जाने के प्रयास किए जाएं।  मुख्यमंत्री ने बैठक में सौर ऊर्जा, कॉम्प्रेस्ड बायो गैस व बायो फ्यूल प्रोजेक्ट्स की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रगतिरत एमओयू के क्रियान्वयन में तेजी लाने एवं शेष रहे एमओयू के श्रेणीवार विभाजन के साथ तय समय सीमा में धरातल पर लागू करने के संबंध में निर्देश दिए।  बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं संबंधित जिला कलक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े।

लग्जरी गाड़ी में सवार होकर एसबीआई का एटीएम उखाड़कर ले गए बदमाश

सीकर शहर के जयपुर रोड पर हुई एक सनसनीखेज वारदात में बदमाशों ने पूनिया वाइंस के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम को उखाड़कर करीब 32 लाख रुपये से अधिक लूट को अंजाम दिया। वारदात करने वाले बदमाश चार से पांच की संख्या में थे और एक लग्जरी गाड़ी में सवार होकर आए थे। घटना की सूचना मिलते ही उद्योग नगर थाना पुलिस सहित पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मौका-मुआयना किया और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वारदात रात करीब 3 बजे हुई और पूरी घटना एटीएम के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। हालांकि अब तक बदमाशों की पहचान नहीं हो पाई है। ये भी पढ़ें: Kota News: आपसी कहासुनी में युवक ने महिला को गोली मारने के बाद की आत्महत्या, महिला अस्पताल में भर्ती सूचना के बाद एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही एटीएम इंचार्ज और बैंक के अन्य अधिकारी भी सुबह मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। पुलिस ने जिले भर में नाकाबंदी करवा दी है और बदमाशों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस को शक है कि यह कोई संगठित गिरोह है, जिसने पहले से ही योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि जिस तरीके से एटीएम को उखाड़ा गया और उसे वाहन में लादकर ले जाया गया, उससे साफ है कि बदमाश इस तरह की घटनाओं के लिए पूरी तैयारी के साथ आए थे। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सीकर जिले के अजीतगढ़ और खाटूश्यामजी इलाके में भी ऐसी ही एटीएम लूट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले को भी उसी गैंग से जोड़कर देख रही है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हुई हैं और जिले के बाहर भी सुराग जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बासनपीर में हिंसा फैलाने वाले महिलाओं सहित 23 उपद्रवी हिरासत में

जैसलमेर जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत बासनपीर गांव में छतरी पुनर्निर्माण के दौरान उपजे तनाव के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से जुड़े विभिन्न वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। अब तक इस मामले में कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। गौरतलब है कि 10 जुलाई को पुराने रियासती योद्धाओं की स्मृति में बनाई जा रही छतरियों के पुनर्निर्माण को लेकर अचानक उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष, महिलाएं और बच्चे एकत्र होकर जोरदार विरोध करने लगे। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य के विरोध में नारेबाजी करते हुए पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान भीड़ ने पुलिसकर्मियों व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को घेरते हुए उन पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए मौके पर तैनात अधिकारियों पर जानलेवा हमला और राजकार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से जुड़े विभिन्न वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। अब तक इस मामले में कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि मामले की तह में जाकर की गई जांच में यह सामने आया कि पूरे घटनाक्रम के पीछे गांव का ही निवासी हासम खान मुख्य भूमिका में था। हासम खान ने ही ग्रामीणों को भड़काया और प्रशासन को भ्रमित करते हुए समुदाय विशेष के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत किए, जिससे गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। एसपी चौधरी के अनुसार हासम खान ने सोची-समझी साजिश के तहत दोनों पक्षों को भड़काने का कार्य किया। उसने पुलिस और प्रशासन को एकपक्षीय परिवाद देकर गुमराह किया और साथ ही ग्रामीणों को धार्मिक भावना से उकसाया। परिणामस्वरूप गांव में तनाव का माहौल बना और छतरी निर्माण कार्य के दौरान हिंसात्मक झड़प हुई। पुलिस की जांच का दायरा सिर्फ हासम खान तक सीमित नहीं रहा। अब उसके पीछे की संभावित साजिशों और अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। एसपी ने बताया कि हासम खान इस पूरे घटनाक्रम में सिर्फ मोहरा नहीं, बल्कि योजना का सूत्रधार था और अब पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इसके पीछे किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसके अलावा अन्य उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज, फोटो और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर दबिशें दी जा रही हैं। पुलिस उन सभी लोगों को चिन्हित करने में लगी है, जिन्होंने इस हिंसा में भाग लिया और कानून व्यवस्था को बाधित किया। गांव में फिलहाल शांति का माहौल है और पुलिस द्वारा लगातार गश्त कर क्षेत्र में कानून व्यवस्था को कायम रखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है।

खाटूश्यामजी मंदिर के पास बवाल, श्रद्धालुओं के साथ पुलिस की झड़प

राजस्थान राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी एक बार फिर हिंसा और अव्यवस्था की खबरों के चलते सुर्खियों में है। ताजा मामला सीकर जिले के रींगस स्थित खाटूश्याम मंदिर का है, जहां श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच हुई झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में लाठी-डंडों से की गई मारपीट और भगदड़ के दृश्य सामने आए हैं, जो मंदिर की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। वायरल वीडियो में दिखी बर्बरता वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह भीड़ के बीच युवकों और दुकानदारों ने एक-दूसरे पर लाठियां बरसाईं। महिलाएं चीखती-चिल्लाती रहीं लेकिन बर्बरता नहीं रुकी। लाठी-डंडे हवा में लहरते रहे और जो भी सामने आया, उसे पीटा गया। कुछ लोगों के सिर फूटने और चोटिल होने की भी बात सामने आई है। मारपीट इतनी भीषण थी कि श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से FIR दर्ज नहीं हुई है। स्थानीय पुलिस ने सिर्फ यह बताया कि मामले की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है। लेकिन एक के बाद एक ऐसी घटनाओं का सामने आना यह दर्शाता है कि मंदिर प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह विफल नजर आ रहे हैं। कुछ दिन पहले भी हुआ था बड़ा अपराध यह पहली बार नहीं है जब खाटूश्याम मंदिर की व्यवस्था सवालों के घेरे में आई हो। कुछ दिन पहले चिड़ावा निवासी भगवती प्रसाद सोनी की लाखों रुपये की चोरी भी इसी परिसर में हुई थी। वे अपने परिवार के साथ शादी की 50वीं सालगिरह मनाने आए थे, लेकिन इसी दौरान ढाई लाख नकद और 25 ग्राम सोना अज्ञात युवकों ने उनके बैग से उड़ा लिया। सीसीटीवी फुटेज में घटना की कुछ झलकियां कैद होने के बावजूद अब तक आरोपियों का सुराग नहीं मिला। क्राइम के केंद्र में धार्मिक स्थल? पिछले कुछ महीनों में खाटूश्यामजी मंदिर परिसर अपराध और अव्यवस्था का नया गढ़ बनता जा रहा है। जहां एक ओर लाखों श्रद्धालु भगवान श्याम के दर्शन के लिए आते हैं, वहीं दूसरी ओर जेबकतरे, झगड़े, चोरी और हिंसा जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। प्रशासन की लापरवाही, मंदिर ट्रस्ट की निष्क्रियता और पुलिस की सुस्त कार्यशैली इस पवित्र स्थल को अपराधियों के लिए सुरक्षित जगह बना रही है। अब क्या? इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि मंदिर जैसी आस्था की जगह पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं आखिर क्यों हो रही हैं? क्या यह सिर्फ आपसी विवाद है या फिर इसके पीछे संगठित अपराध या दबंगई का एंगल भी हो सकता है? यह जानना और जांचना पुलिस के लिए जरूरी है। अगर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं। आस्था के केंद्र को अपराध का अड्डा बनने से रोकना होगा – नहीं तो न भगवान बचाएंगे, न कानून।  

नरेश मीणा को हाईकोर्ट से राहत, रिहाई का रास्ता साफ

जयपुर देवली-उनियारा आगजनी प्रकरण में लंबे समय से जेल में बंद नरेश मीणा को आखिरकार राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश प्रवीण भटनागर ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए नरेश मीणा की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इससे पहले, इसी प्रकरण से जुड़े थप्पड़कांड मामले में भी मीणा को जमानत मिल चुकी है। नरेश मीणा पिछले करीब आठ महीनों से न्यायिक हिरासत में थे। उन्हें 13 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वे जेल में बंद थे। अब कोर्ट के फैसले के बाद नरेश मीणा की सोमवार को टोंक जिला जेल से रिहाई संभावित है। मीणा के संघर्ष के साथी सरपंच मुकेश मीणा ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि नरेश मीणा को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है और सोमवार को वे रिहा होंगे। जेल से बाहर आने के बाद नरेश सबसे पहले समरावता गांव आएंगे, जहां समर्थक उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वे अपने गृह जिले बारां जाएंगे। नरेश मीणा की रिहाई को उनके समर्थक एक 'संघर्ष की जीत' के रूप में देख रहे हैं और कई जगहों पर उनके स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मामले में अगली कानूनी प्रक्रिया क्या दिशा लेगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।  

जिला कलेक्टर ने किया स्टेडियम व स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का बारीकी से निरीक्षण

कोटा कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम, जेके पवेलियन एवं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने खेल मैदानों, विभिन्न खेलों की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक निर्देश प्रदान किए। जिला कलेक्टर ने खेल मैदानों, बैडमिंटन कोर्ट, कुश्ती,कराटे,बॉक्सिंग रिंग, एरोबिक्स, जिम आदि का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। इन गतिविधियों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या की जानकारी ली और निर्देश दिए कि खेलों में रुचि रखने वाले आधिकाधिक लोगों को जोड़ा जाए ताकि उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों का पूरा लाभ मिल सके। जिला कलेक्टर ने महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम का भी निरीक्षण किया और इसके रखरखाव के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर समारिया ने विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों से भी मुलाकात कर परिचय प्राप्त किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर खेल संकुल के विकास एवं उन्नयन की प्रस्तावित योजना की प्रगति के संबंध में उन्होंने कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से जानकारी ली। अधिशासी अभियंता सुमित चित्तौड़ा ने बताया कि अपग्रेडेशन कार्य की डीपीआर तैयार करने हेतु आवश्यक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इस योजना का प्रेजेंटेशन तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। जिला खेल अधिकारी वाई वी सिंह ने खेलों की व्यवस्थाओं के संबंध में जिला कलेक्टर को जानकारी दी। विभिन्न खेल गतिविधियों से अवगत कराया। महिला फुटबॉल अकादमी की प्रभारी मधु चौहान ने अकादमी के संबंध में जानकारी दी और समस्याओं से अवगत कराया।  

सोशल मीडिया और चैटिंग ऐप्स पर लड़कियों के नाम से आईडी बनाकर युवतियों को ब्लैकमेल करने वाला आरोपी गिरफ्तार

सीकर सीकर पुलिस ने ब्लैकमेल करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी शमीम सोशल मीडिया पर युवतियों से दोस्ती कर उन्हें ब्लैकमेल करता था। आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया और चैटिंग ऐप्स पर लड़कियों के नाम से आईडी बनाकर युवतियों से दोस्ती करता था और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठता था। कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग आईडी बनाकर युवतियों को झांसे में लेता था। दोस्ती होने के बाद वह चैट, वॉयस कॉल और वीडियो कॉल को रिकॉर्ड कर लेता था। इन्हीं रिकॉर्डिंग, युवतियों की तस्वीरों और नंबरों का इस्तेमाल कर उनसे पैसे वसूल करता था। गिरफ्तार आरोपी शमीम के मोबाइल से कई संदिग्ध चैट भी मिली हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। लड़की को ऐसे पता चली सच्चाई हाल ही में 9 जुलाई को लोसल पुलिस थाने में एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी उसे पिछले 2 साल से परेशान कर रहा है। पीड़िता ने बताया कि वह एक ऐप का इस्तेमाल करती थी, जहां आरोपी शमीम ने खुद को लड़की बताकर उससे दोस्ती की। बाद में उसने उसका फोन नंबर हासिल कर लिया और उसके फोन से तस्वीरें व अन्य नंबर हैक कर लिए। इसके बाद आरोपी ने रोहन नाम से लड़के की आईडी बनाकर बताया कि वह ही लड़की के रूप में उससे बात कर रहा था। अगर वह उससे बात नहीं करेगी तो वह उसके घर फोन करके बता देगा कि वह एक ऐप चलाती है और लड़कों से बात करती है। वीडियो कॉल की धमकी, फिर पैसे की मांग करने लगा आरोपी आरोपी की धमकी के बाद युवती डर गई और युवक से बात करने लगी। इसके बाद आरोपी ने उसे वीडियो कॉल करने के लिए मजबूर किया और मना करने पर उसके पति को फोन कर दिया। जब पीड़िता ने फिर मना किया तो उसने पैसे की मांग की और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी शमीम को गिरफ्तार कर लिया है।  

खड़े डंपर में घुसी कार, तीन की मौत, 7 घायल

बालोतरा नागौर-लाडनूं सड़क पर गुरुवार रात को दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। चूरू जिले के सुजानगढ़ सदर थाना क्षेत्र में मगरासर फांटा के समीप एक कार सड़क किनारे खड़े डंपर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार चार मासूम बच्चों समेत कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही सुजानगढ़ सदर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस के अनुसार हादसा गुरुवार रात करीब आठ बजे का है। हादसे में मृतक पचपदरा (जिला बालोतरा) के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं, जो खाटू श्यामजी के दर्शन कर वापस अपने घर लौट रहे थे। मगरासर फांटा के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़े डम्पर से भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें बैठे लोग बुरी तरह फंस गए। हादसे में पचपदरा निवासी महावीर (25) पुत्र अजाराम माली, सुरेश (35) पुत्र बाबूलाल माली तथा सुरेश माली की पत्नी उषा (32) की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने तीनों के शवों को कानुता के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। वहीं हादसे में घायल हुए सात अन्य लोगों को तुरंत कानुता अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर देखते हुए नागौर के जेएलएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। जेएलएन अस्पताल चौकी पुलिस के अनुसार हादसे में घायल हुए लोगों में हिमांशी (11) पुत्री सुरेश माली, धापू (23), अनुष्का (13) पुत्री सुरेश माली, रिंकू पुत्री किशनाराम, लक्षित (2) पुत्र महावीर माली, दिवांशु (9) पुत्र सुरेश माली तथा रवीना (18) शामिल हैं। इनमें से कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें देर रात हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। इधर, हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क किनारे खड़े डम्पर पर रिफ्लेक्टर या कोई चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे, जिस वजह से हादसा हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसी गाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जो सड़कों पर जानलेवा तरीके से खड़ी रहती हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया है। खाटू श्यामजी जैसे आस्था के तीर्थ से लौट रहे परिवार की यह दुर्घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

सातवें आसमान से जमीं पर आया दर्द, लोकेंद्र की खुशियां क्रैश में हो गईं राख

चुरू राजस्थान के चुरू में बुधवार को क्रैश हुए जगुआर लड़ाकू विमान में सवार देश के दो बहादुर पायलट की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें से एक स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिद्धू की खुशियां इन दिनों सातवें आसमान पर थी। क्योंकि पिछले महीने ही वह पिता बने थे। नवजात बच्चे के साथ खुशियों के पल बिताकर वह 30 जून को ही वह दोबारा ड्यूटी पर लौटे थे। 32 साल के एयरफोर्स के पायलट हरियाणा के रोहत जिले में खेरी साध गांव के रहने वाले थे। पेशे से डॉक्टर उनकी पत्नी सुरभि सिंधु ने हिसार स्थित अपने मायके में 10 जून को बेटे को जन्म दिया। बुधवार को जब दुघद हादसे की खबर आई सुरभि मायके में ही थीं। रोहतक के देव कॉलोनी में रहने वाले परिवार के मुताबिक पायलट लोकेंद्र ने 30 जून को ही ड्यूटी जॉइन की थी। लोकेंद्र के पिता जोगिंदर सिंह महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से 2023 में सुपरिंटेंडेंट के पद से रिटायर हुए थे, जबकि मां स्कूल टीचर हैं। बड़े भाई एक एमएनसी में जॉब करते हैं। लोकेंद्र की बहन अंशी ने भी एयरफोर्स हाल ही में शॉर्ट सर्विस कमिशन के रूप में कार्यकाल पूरा किया है, उनके पति भी विंग कमांडर हैं। आखिरी मिशन से पहले पिता से की थी बात भाई ज्ञानेंद्र ने बताया कि लोकेंद्र ने जगुआर विमान से अपनी आखिरी उड़ान से पहले पिता से बात की थी। उन्होंने परिवार के वॉट्सऐप ग्रुप में बेटे की तस्वीर भी शेयर की थी। जोगिंद्र सिंधू कहते हैं कि उनका बेटा बचपन से ही बहुत अच्छा स्टूडेंट था। वह हमेशा से एयरफोर्स का पायलट बनकर आसमान छूना चाहता था। परिवार को उस पर गर्व है। उन्होंने कहा, 'लोकेंद्र ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और 2011 में एयरफोर्स में शामिल हुए थे। राजस्थान के सूरतगढ़ में उनकी मौजूदा पोस्टिंग थी।' राजस्थान केऋषि की भी गई जान बुधवार दोपहर चुरू में क्रैश हुए जगुआर विमान में लोकेंद्र के अलावा फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषि राज सिंह भी थे, जो राजस्थान के पाली के रहने वाले थे। उनकी भी इस हादसे में जान चली गई। इस साल मार्च से अब तक यह तीसरा जगुआर विमान हादसा है। एयर फोर्स ने हादसे का कारण पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया है।