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हरियाणा दिवस विशेष: जहां कुरुक्षेत्र से शुरू हुई गीता की वैश्विक गूंज

चंडीगढ़   59 वर्ष के हरियाणा प्रदेश ने आध्यात्म के क्षेत्र में भी काफी प्रभावी कदम उठाए हैं। जहां भगवान श्रीकृष्ण की भूमि कुरुक्षेत्र को मथुरा व वृंदावन की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है और अब लगातार देश के साथ-साथ विदेशों से भी पर्यटक इस धर्मक्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं तो वहीं कृष्ण की इस धरा से उठी श्रीमद् भागवत गीता के संदेश की गूंज अब वैश्विक स्तर पर भी सुनाई देने लगी है।  2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐतिहासिक धरा कुरुक्षेत्र से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाए जाने की पहल की। इसके बाद से हर साल यह महोत्सव आयोजित किया जाता है। इस कड़ी में विदेशों में भी गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। अब तक लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, श्रीलंका व इंडोनेशिया सहित कई देशों में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा चुका है।  इंडोनिशया में गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सान्निध्य में हरियाणा से विश्व के कोने-कोने तक गीता का संदेश पहुंचाया गया। इस दौरान इंडोनेशिया के बाली के सीनेटर डा. आर्य वेदा करणा को जब स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गीता की प्रति भेंट की तो उन्होंने गीता जी को ससम्मान अपने सिर पर विराजमान कर लिया।  

हरियाणा सरकार का बड़ा उपहार: ‘लाडो’ योजना की पहली किस्त से खिले 5.22 लाख बहनों के चेहरे

चंडीगढ़ हरियाणा दिवस के पावन अवसर पर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं के खातों में पहली किस्त जारी कर दी गई है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 5 लाख 22 हजार 162 पात्र बहनों को ₹2,100 की पहली किस्त सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है।    पंजीकरण में दिखा उत्साह योजना की शुरुआत के बाद से ही महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। 31 अक्टूबर तक, योजना के मोबाइल एप पर 6 लाख 57 हजार 657 लाडो बहनों ने सफलतापूर्वक पंजीकरण किया। इनमें से जाँच के बाद 5 लाख 22 हजार से अधिक आवेदन पात्र पाए गए। यह योजना उन महिलाओं (23 वर्ष से अधिक आयु) के लिए है जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹1 लाख या उससे कम है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास कर रही है।   मुख्यमंत्री ने दी बधाई हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह राशि महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक सम्मान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह योजना इसी दिशा में एक मील का पत्थर है।  

CBSE ने बड़ी घोषणा की! 10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम की डेटशीट 110 दिन पहले जारी, जानें पूरा शेड्यूल

चंडीगढ़  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा की परीक्षा की तारीखें जारी कर दी हैं। अधिसूचना के मुताबिक 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक होगी। वहीं, बारहवीं की परीक्षा 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक होगी। दोनों परीक्षाएं केवल एक शिफ्ट सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित कराई जाएंगी।  110 दिन पहले जारी की डेटशीट  सीबीएसई के मुताबिक, पहली बार डेटशीट परीक्षा शुरू होने से 110 दिन पहले जारी की गई है। इससे बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों और स्कूलों को कई लाभ होंगे। जैसे छात्र परीक्षा की तैयारी पहले शुरू कर सकेंगे, जिससे उन्हें अपना प्रदर्शन बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही सभी स्कूल बोर्ड कक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से योजना बना सकेंगे। दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। पूरी डेटशीट सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट www.cbse. gov.in पर देखी जा सकती है। इस साल करीब 42 लाख बच्‍चे CBSE बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। 

राहत भरी खबर! हरियाणा के लाखों छात्रों के स्कूलों की मान्यता अब अगले साल तक मान्य

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के 1032 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए मान्यता का एक साल का विस्तार प्रदान कर दिया है। इस निर्णय से लगभग 3 लाख विद्यार्थियों को राहत मिली है, जिनकी बोर्ड परीक्षाएं मान्यता न मिलने की स्थिति में प्रभावित हो सकती थीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से कई बार मुलाकात के बाद निजी स्कूल संचालकों की यह मांग पूरी की गई। इन स्कूलों में अधूरी सुविधाओं और निर्धारित मानकों की अनुपालना न होने के कारण शिक्षा विभाग ने पूर्व में मान्यता रोक दी थी। विभाग का कहना है कि आगामी सत्र तक सभी स्कूलों को निर्धारित मानक पूरे करने होंगे, अन्यथा नए प्रवेश बंद कर दिए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार, जिन स्कूलों को विस्तार दिया गया है, वे 30 अप्रैल 2003 से पहले स्थापित हुए संस्थान हैं या फिर 30 अप्रैल 2003 से 31 मार्च 2007 के बीच हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। सभी स्कूलों को इस विस्तार की शर्तों को स्वीकार करते हुए एक शपथपत्र (एफिडेविट) जमा कराना होगा। प्रदेश में 2003 से अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को हर वर्ष एक-एक वर्ष का विस्तार मिलता आ रहा है। उस समय कुल 3200 स्कूल थे, जिनमें से 2106 संस्थान अब स्थायी मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। शेष 1032 स्कूल अभी भी भूमि और अधोसंरचना संबंधी कमी के कारण मानक पूरे नहीं कर पाए हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अस्थायी राहत अंतिम मानी जाए और आगामी शिक्षण सत्र तक सभी संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार पूरे करने होंगे।

सुरक्षा अलर्ट! संवेदनशील इलाके में टोल प्लाजा संचालन पर विवाद, मंत्री ने दिए जांच के आदेश

गुरुग्राम  केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शुक्रवार को स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पंचगांव चौक पर निर्माणाधीन टोल प्लाजा के विषय में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी.एस. ढेसी, डीसी अजय कुमार, SDM मानेसर दर्शन यादव, HSIIDC के AGM राजीव गोयल, NHAI के प्रोजेक्ट निदेशक तिलक राज सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि NHAI के अधिकारी पंचगांव के पास टोल प्लाजा को शिफ्ट करने की प्रक्रिया में स्थानीय ग्रामीणों के सुगम आवागमन और प्रमुख मार्गों पर उनकी सीधी कनेक्टिविटी का विशेष ध्यान रखें। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और NHAI द्वारा टोल प्लाजा के लिए चिन्हित स्थल का नक्शा भी देखा। राव ने बताया कि सहरावन और पंचगांव के बीच चिन्हित स्थान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील क्षेत्र है। जिसको लेकर संबंधित अधिकारियों ने कुछ आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने NHAI को निर्देश दिया कि इन आपत्तियों पर विचार करते हुए उनके निवारण या वैकल्पिक स्थान की दिशा में आगे बढ़ा जाए। केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि इस विषय में विस्तृत खाका तैयार कर मंगलवार तक उनके कार्यालय में प्रस्तुत करें ताकि केंद्रीय स्तर पर समन्वय बैठक आयोजित की जा सके। मानेसर में फ्लाईओवर निर्माण से पूर्व वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था आवश्यक बैठक में राव ने कहा कि मानेसर में प्रस्तावित एलिवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण से पूर्व जिला प्रशासन और NHAI वाहनों के सुगम आवागमन हेतु वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि गुरुग्राम–पटौदी–रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (352D) के निर्माण पूरा होने के बाद ही फ्लाईओवर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाए। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर यातायात दबाव कम होगा और जनता को असुविधा से राहत मिलेगी। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि किसी भी विकास योजना का उद्देश्य तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसका सीधा लाभ स्थानीय नागरिकों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि योजनाएं केवल निर्माण या ढांचे तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनमें लोगों की सुविधा और क्षेत्र की सुरक्षा का समुचित समावेश होना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना पर निर्णय लेने से पहले ग्रामीणों की आवश्यकताओं, यातायात की सहजता और भविष्य में क्षेत्र के औद्योगिक विस्तार पर उसके प्रभाव का संतुलित मूल्यांकन किया जाए।

दिवंगत IPS वाई. पूरन कुमार के केस में नया मोड़, IAS पत्नी अमनीत ने फोन-लैपटॉप लौटाने की रखी मांग

चंडीगढ़  हरियाणा की वरिष्ठ IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने चंडीगढ़ की अदालत में याचिका दायर कर अपने दिवंगत पति IPS वाई. पूरन कुमार का मोबाइल फोन और लैपटॉप वापस दिलाने की मांग की है। यह दोनों उपकरण पुलिस ने आत्महत्या मामले की जांच के दौरान जब्त किए थे। अदालत ने इस आवेदन पर चंडीगढ़ पुलिस सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार, IPS अधिकारी के परिवार ने अदालत के आदेश के बाद लैपटॉप पुलिस को सौंपा था, लेकिन इससे पहले उन्होंने उसे देने में कुछ देरी की थी। पुलिस का कहना है कि यह लैपटॉप एक अहम सबूत है, क्योंकि इसे अधिकारी ने अपना अंतिम नोट टाइप करने के लिए इस्तेमाल किया था। पुलिस ने बताया कि यह लैपटॉप CFSL (सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) भेजा जाना है, ताकि नोट की प्रामाणिकता, फिंगरप्रिंट और ईमेल अकाउंट्स की जांच की जा सके। इसके अलावा, पुलिस ने वाई. पूरन कुमार के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। गौरतलब है कि 2001 बैच के IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की 7 अक्तूबर 2025 को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास पर गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था। मृतक अधिकारी ने अपने सुसाइड नोट में 16 वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों के नाम दर्ज किए थे, जिन पर उन्होंने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपने कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी रखे हुए है।

तेजी से बढ़ रहे डेंगू केस: सिरसा में 275 मरीज, प्रशासन ने जारी की सख्त हिदायतें

सिरसा  जिले में डेंगू के केस लगातार बढ़ते जा रहे है। अब तक 275 मरीज डेंगू के मिल चुके है, जिनमें से 235 मरीज ठीक भी हो चुके है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार दिवाली के त्यौहार बीतने के बाद नवंबर महीने में डेंगू के मरीज बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सिरसा जिला में लोगों को अपने आस पास के एरिया में साफ-सफाई रखने की हिदायत जारी कर रहे है। डेंगू का लक्षण मिलने के बाद तुरंत अपने नजदीकी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाएं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में ज्यादा डेंगू के मरीज बढ़ रहे है। लारवा मिलने पर नोटिस जारी स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार संदिग्धों के सैंपल एकत्रित करने और लार्वे की तलाश के लिए सर्वे किया जा रहा है। विभाग ने जिले में अब तक काफी लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। नागरिक अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 30 बेड लगाए हैं, लेकिन अस्पताल में नाम मात्र मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विभाग ने अब तक करीब सैंकड़ों संदिग्ध लोगों के सैंपल एकत्र किए हैं। कई दिन पहले हुए बारिश होने के बाद अभी भी शहर में अलग-अलग स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण डेंगू व मलेरिया के मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है और केसों की संख्या में बढ़ोतरी होने की आशंका भी जताई जा रही है। शहर में फॉगिंग भी करवाई जा रहीः डिप्टी सीएमओ सिरसा नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ गौरव अरोड़ा ने बताया कि जिला में डेंगू के 275 मरीज मिले है जिनमें से 235 मरीज स्वस्थ हो चुके है। उन्होंने कहा कि सिरसा शहर में फॉगिंग भी करवाई जा रही है। साथ में सीएमओ ने लोगों से अपील की कि लोगों को कूलर, फ्रिज के पिछले हिस्से, टायरों में पानी जमा नहीं होने दें। डेंगू के बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनने। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्रों में लगातार सर्वे कर रही हैं और लार्वा को नष्ट करने के लिए दवाओं का छिड़काव भी किया जा रहा है।  स्वास्थ्य विभाग ने नगरपरिषद से किया ये आग्रह  खाली प्लाटों में जलभराव की समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नगरपरिषद से आग्रह किया है कि प्लाट मालिकों को नोटिस जारी किए जाएं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इन प्लाटों में बारिश का पानी भरने से मच्छरों के लार्वा तेजी से पनप रहे हैं, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है।   

2 नवंबर को होगी अमित पंघाल की शादी, जानिए कौन हैं उनके जीवन की हमसफर

जींद हरियाणा के रोहतक के प्रसिद्ध मुक्केबाज अमित पंघाल जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। जींद की बेटी अंशुल श्योकंद के साथ उनकी शादी 2 नवंबर को जींद के एक निजी होटल में होगी। शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, और ग्रामीण रीति-रिवाजों के अनुसार सभी रस्में निभाई जाएंगी। अमित पंघाल, जो ओलंपियन और विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक विजेता हैं, रोहतक के मायना गांव के निवासी हैं। वे भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जे.सी.ओ.) के रूप में सेवा दे रहे हैं। उनकी मंगेतर अंशुल श्योकंद जींद के पालवां गांव की रहने वाली हैं। अंशुल ने रोहतक यूनिवर्सिटी से बी.कॉम पूरा किया है और वर्तमान में रोहतक के सांपला से एम.कॉम कर रही हैं। वे ताइक्वांडो की नेशनल खिलाड़ी रह चुकी हैं और भारतीय वायुसेना की परीक्षा पास कर चुकी हैं, जहां वे रक्षा सेवाओं में जाने की तैयारी कर रही हैं। शादी की खास तैयारियां डिजाइनर लहंगा: अंशुल ने दिल्ली से स्पेशल डिजाइनर लहंगा मंगवाया है, जिसे नामी डिजाइनरों ने तैयार किया है। यह लहंगा शादी की रस्मों के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है।    घर की सजावट: अमित के रोहतक स्थित घर को फूलों और रोशनी से सजाया जा रहा है। शादी की रस्में 27 अक्टूबर से शुरू हो चुकी हैं, जिसमें हल्दी (बान) की रस्म भी शामिल है।  शादी का स्थान: मुख्य समारोह जींद के एक निजी होटल में होगा, जहां ग्रामीण परंपराओं के अनुसार सभी रस्में होंगी। बारात रोहतक से जींद पहुंचेगी, और बारात का स्वागत धूमधाम से किया जाएगा।  रिसेप्शन: शादी के बाद 4 नवंबर को रोहतक के एक निजी होटल में रिसेप्शन पार्टी रखी गई है। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री, सांसद, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र को न्योता दिया गया है। मेहमानों का स्वागत अमित के पसंदीदा व्यंजन खीर-चूरमा से किया जाएगा। परिवार का बयान अंशुल के पिता कुलदीप श्योकंद (किसान) ने बताया, "शादी पूरी तरह ग्रामीण रीति-रिवाजों के अनुसार होगी। सभी पारंपरिक रस्में निभाई जाएंगी, और तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।" अंशुल की मां सीमा (नर्सिंग ऑफिसर, पहले रोहतक पीजीआईएमएस में ड्यूटी) ने कहा, "यह हमारे लिए खुशी का पल है। हम ग्रामीण परंपराओं को बनाए रखते हुए बेटी की शादी करा रहे हैं।"  अमित के पिता विजेंद्र पंघाल ने भी शादी के कार्ड खुद बांटे हैं और सभी रस्मों का जिम्मा अपने कंधों पर लिया है। परिवार ने बताया कि यह अरेंज्ड मैरिज है, जो दोनों परिवारों की दोस्ती से बनी। सगाई 31 मार्च 2025 को जींद के ही एक निजी होटल में हुई थी, जिसमें केवल परिवारजन शामिल हुए थे।  अमित और अंशुल का सफरअमित पंघाल ने 2007 में बॉक्सिंग शुरू की और जल्द ही एशियन गेम्स (गोल्ड), कॉमनवेल्थ गेम्स (रजत) और विश्व चैंपियनशिप (रजत) जैसे सम्मानों से नवाजे गए। वे दो बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अंशुल भी खेलों से जुड़ी हैं और रक्षा सेवाओं में रुचि रखती हैं। दोनों का मिलन खेल और परंपरा का अनोखा संगम लगता है।  यह शादी न केवल दो परिवारों को जोड़ेगी, बल्कि हरियाणा के खेल जगत के लिए भी एक खुशी का अवसर बनेगी। तैयारियां अंतिम चरण में हैं, और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।  

एकता के संदेश के साथ दौड़ा हरियाणा: मुख्यमंत्री सैनी ने फतेहाबाद से बढ़ाया ‘रन फॉर यूनिटी’ का कदम

चंडीगढ़  लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को हरियाणा में उत्साहपूर्ण माहौल रहा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फतेहाबाद में ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने दौड़ में शामिल प्रतिभागियों पर फूलों की वर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के एकीकरण में जो भूमिका निभाई, वह सदैव प्रेरणादायक रहेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को बनाए रखने का आह्वान किया।   सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा झज्जर में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। यहां उन्होंने महर्षि दयानंद स्टेडियम से शुरू हुई रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाई। इस रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में स्कूली बच्चों,युवाओं,बुजुर्गों व पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। जिसके लिए डा.शर्मा ने सभी की सराहना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जैसे हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात में भाजपा के नेतृत्व में विकास की गूंज सुनाई दी, वैसे ही अब बिहार में भी भाजपा के कार्यों का असर दिखेगा। राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी “वोटों के लिए नाचते हैं,” सहकारिता मंत्री ने कहा कि “राहुल गांधी को कुछ भी कहने की आदत है, लेकिन मोदी जी के मुकाबले कांग्रेस कहीं नहीं ठहरती। वहीं, रोहतक में भी राष्ट्रीय एकता दिवस पर ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया गया। राई की विधायक कृष्णा गहलावत ने सुभाष चौक से दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर भी मौजूद रहे।   विधायक गहलावत ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कुछ दूरी तक स्वयं भी दौड़ीं। इस आयोजन में शिक्षा विभाग, पुलिस, खेल विभाग और अन्य सरकारी संस्थानों के कर्मचारियों व विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रोहतक में कार्यक्रम को हरी झंडी दिखातीं विधायक कृष्णा गहलावत ने कहा कि सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की नींव रखी थी। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी देश के महान नेताओं को उनकी जयंती और पुण्यतिथि के अवसर पर स्मरण कर उनके आदर्शों को आगे बढ़ाती है।” उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को दुनिया का सबसे सशक्त देश बनाने में योगदान दें। कार्यक्रम के बाद उन्होंने अशोका रोड पर मनीष ग्रोवर और कार्यकर्ताओं के साथ चाय की चुस्की लेकर एकता का संदेश दिया। हरियाणा पुलिस मुख्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस हरियाणा पुलिस द्वारा लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में पुलिस मुख्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री ओपी सिंह ने पुलिस मुख्यालय में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय के पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल के उल्लेखनीय योगदान को याद किया। इस मौके पर उपस्थित पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि देश की एकता व अखंडता को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान देना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में कार्यरत होने के चलते इस दिशा में हमारा उत्तरदायित्व और अधिक बढ़ जाता है। हमारा पहला कर्तव्य है देश की एकता व अखंडता बनाए रखने के साथ-साथ सेवा व सुरक्षा के भाव के साथ समर्पित होकर अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने पुलिसकर्मियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे पूरी सत्यनिष्ठा व समर्पण भाव से कार्य करें। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था संजय कुमार तथा पुलिस महानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था कुलदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।   भारत की एकता और अखंडता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर ताऊ देवीलाल स्टेडियम, गुरुग्राम में रन फॉर यूनिटी का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शिरकत की और हरी झंडी दिखाकर एकता के लिए दौड़ को रवाना किया। यह दौड़ ताऊ देवीलाल स्टेडियम से शुरू होकर बख्तावर चौक तक गई और पुनः स्टेडियम पर समाप्त हुई। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों, युवाओं, अधिकारियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। डीसी अजय कुमार व पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने केंद्रीय राज्य मंत्री का स्टेडियम में पहुंचने पर स्वागत किया।  

कांग्रेस में अनुशासन की नई परिभाषा: राव नरेंद्र का बड़ा सांगठनिक कदम

चंडीगढ़  हरियाणा कांग्रेस अब नए तेवर में दिखाई दे रही है। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने संगठन को ‘कागजी’ नहीं, ‘जमीनी’ रूप देने की ठान ली है। उन्होंने सभी जिलाध्यक्षों को एक विस्तृत पत्र भेजकर कार्यकारिणी गठन का स्पष्ट और सटीक फॉर्मूला तय कर दिया है ताकि न तो पदाधिकारियों में भ्रम रहे और न जिम्मेदारी में किसी तरह की ढील की कोई गुंजाइश बचे। पार्टी नेतृत्व से मिले ‘फ्री-हैंड’ के साथ ही हरियाणा कांग्रेस में अब ‘अनुशासन और जवाबदेही’ का नया दौर शुरू हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने संगठन के भीतर कसावट लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एक ऐसा कदम जो प्रदेश कांग्रेस की कार्यसंस्कृति को बदलने की क्षमता रखता है। पत्र में राव ने यह भी तय कर दिया गया है कि अब हर माह संगठन के हर स्तर पर रिपोर्टिंग और समीक्षा होगी। राजनीतिक हलकों में इस कदम को राव का ‘संगठनिक मास्टरस्ट्रोक’ कहा जा रहा है क्योंकि क्योंकि इससे कई निष्क्रिय जिलों में हरकत और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। राव नरेंद्र सिंह का यह कदम आंतरिक संगठनात्मक राजनीति के बीच एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से कुछ जिलों में निष्क्रियता और गुटबाज़ी बनी हुई थी। अब हर माह की समीक्षा प्रणाली से यह साफ हो जाएगा कि कौन जिलाध्यक्ष वास्तव में सक्रिय है और कौन सिर्फ नाम के लिए पद संभाले हुए है। राव की रणनीति यह भी है कि 2029 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस संगठन ‘जाग्रत और जवाबदेह’ दोनों हो जाए। राव नरेंद्र सिंह ने हरियाणा कांग्रेस को सिर्फ पदों के ढांचे से निकालकर एक प्रणाली में बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उनका मॉडल अब हर महीने हर स्तर पर नतीजे मांगेगा। यानी कांग्रेस संगठन अब खुद पर नजर रखेगा। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय बाद पहली बार है जब ‘रिपोर्टिंग कल्चर’ को अनिवार्य बनाया गया है। संगठन के लिए ‘मॉडल ब्लूप्रिंट’ पत्र के मुताबिक, हर जिले में अब कांग्रेस का ढांचा एकदम स्पष्ट होगा। चार उपाध्यक्ष, एक महासचिव (संगठन), आठ महासचिव, एक कोषाध्यक्ष और सोलह सचिव मिलाकर कुल 31 सदस्यीय कार्यकारिणी बनेगी। राव ने जिला अध्यक्षों को यह छूट भी दी है कि वे चाहें तो वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष के साथ चर्चा कर कार्यकारिणी के सदस्य चुन सकते हैं, ताकि संगठनात्मक फैसले ‘एकतरफा नहीं, सामूहिक’ हों। इसी फार्मूले पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों का गठन भी किया जाएगा। राव ने कहा – ‘संगठन केवल चेहरों का जमावड़ा नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारियों का तंत्र है। हर पद पर काम दिखना चाहिए, न कि सिर्फ नाम।’ पानीपत शहरी की फाइल अभी खुलनी बाकी कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में 33 जिलाध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। इनमें 32 नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि पानीपत शहरी जिलाध्यक्ष की कुर्सी अब भी खाली है। राव ने संकेत दिए हैं कि यह नियुक्ति भी जल्द होगी, ताकि प्रदेश का पूरा संगठनात्मक नक्शा तैयार हो सके। इस बीच कई जिलाध्यक्षों ने पहले ही ब्लॉक स्तर की गतिविधियां तेज़ कर दी हैं। इसमें हस्ताक्षर अभियान से लेकर सदस्यता विस्तार तक शामिल हैं।   3 नवंबर को ‘कांग्रेस की क्लास’ राव नरेंद्र सिंह ने अब 3 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सभी जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। यह बैठक केवल औपचारिक नहीं, बल्कि ‘रिपोर्ट कार्ड मीटिंग’ होगी। जिलाध्यक्षों को अपने-अपने जिलों में किए गए कार्यों की रिपोर्ट पेश करनी होगी। खासकर ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान, ब्लॉक कार्यकारिणी गठन और स्थानीय जनसंपर्क गतिविधियों की स्थिति पर रिपोर्ट देनी होगी। बैठक में हरियाणा मामलों के प्रभारी बीके हरिप्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दोनों सह-प्रभारी भी मौजूद रहेंगे। राजनीतिक रूप से यह बैठक राव की नेतृत्व क्षमता और जिलाध्यक्षों की निष्ठा दोनों की परीक्षा मानी जा रही है। ‘हर महीने जवाबदेही’ का फार्मूला राव नरेंद्र सिंह ने संगठन को निष्क्रियता से निकालने के लिए एक सख्त शेड्यूल लागू किया है। इसके तहत 1 से 5 तारीख के बीच ब्लॉक कांग्रेस की बैठकें होंगी। 6 से 10 तारीख के बीच जिलाध्यक्षें को जिला स्तर की बैठकें करनी होंगी। इन बैठकों की समीक्षा हर माह 11 से 15 तारीख के बीच प्रदेशाध्यक्ष के साथ होने वाली बैठक में की जाएगी। यानी अब हर माह कांग्रेस संगठन के भीतर ‘संगठनात्मक गतिविधियों की पल्स’ मापी जाएगी। राव का संदेश साफ है – ‘जो सक्रिय रहेगा, वही आगे बढ़ेगा। जो सिर्फ राजनीति करेगा, उसे संगठन नहीं बचाएगा।’ ग्राउंड लेवल पर वर्करों को मिलेगा मंच राव ने जिलाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिया है कि वे ब्लॉक स्तर पर हर माह कार्यकर्ता बैठकें करें और संगठन में नए लोगों को जोड़ें। उनका जोर है कि कांग्रेस की असली ताकत ब्लॉक नहीं, बूथ पर तैयार होती है। इसलिए कार्यकर्ताओं को ‘न्याय यात्रा’ और ‘हस्ताक्षर मुहिम’ जैसे अभियानों से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पार्टी जनता के मुद्दों पर सड़क तक उतरी दिखे।