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सेवा_ संकल्प_ अभियान मत्स्य पालन से संवरी गांधीराम की ज़िंदगी

रायपुर, कहते हैं कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग हो, तो परिस्थितियां बदलते देर नहीं लगती। कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है जिले के ग्राम बरदूला निवासी श्री गांधीराम अजगल्ले ने। कभी आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच जीवन-यापन करने वाले गांधीराम के लिए आज मछली पालन केवल आजीविका का जरिया नहीं, बल्कि परिवार की किस्मत बदलने वाला एक मजबूत जरिया बन चुका है।     प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना ने दिखाया नया रास्ता गांधीराम की जिंदगी में यह सकारात्मक मोड़ 'प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना' के तहत आया। उन्होंने अपनी खुद की जमीन पर 0.20 हेक्टेयर जलक्षेत्र में 'तालाब लाइनर' का निर्माण कराया। 16.80 लाख रुपए की कुल लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए उन्हें सरकार की ओर से 4 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ। योजना से मिली इस शुरुआती मदद ने उन्हें स्वावलंबन का नया मार्ग दिखाया। ​उत्पादन और आय का नया कीर्तिमान  तालाब तैयार होने के बाद गांधीराम ने पूरे लगन और नियमित प्रबंधन के साथ मत्स्य पालन की शुरुआत की। आज परिणाम यह है कि मात्र 0.20 हेक्टेयर के इस छोटे से जलक्षेत्र से वे प्रतिवर्ष औसतन 100 क्विंटल मछली का उत्पादन कर रहे हैं। बाजार में बिक्री के बाद तमाम खर्चे निकालकर उन्हें सालाना 5 से 8 लाख रुपए तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। ​आर्थिक तंगी से आत्मनिर्भरता तक का सफर  योजना का लाभ मिलने से पहले गांधीराम का जीवन काफी संघर्षमय था। परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी एक बड़ी चुनौती थी। दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय उन्होंने मत्स्य पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाया। आज इस व्यवसाय से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित हो चुका है।श्री गांधीराम अजगल्ले ने कहा कि योजना से मिले सरकारी सहयोग ने मेरे लिए कमाई का नया रास्ता खोल दिया। अब परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं और आर्थिक रूप से एक बेहतर आधार तैयार हुआ है। ​सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई 'बदलाव की कहानी'  राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ऐसी ही वास्तविक बदलाव की कहानियों को सामने लाया जा रहा है, जो यह दर्शाती हैं कि शासकीय योजनाएं किस प्रकार आम नागरिक के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। गांधीराम अजगल्ले की यह सफलता की कहानी प्रदेश के उन तमाम युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत से अपनी तकदीर बदलना चाहते हैं।

गजराजों के विश्राम और सेवा का पर्व, ‘हाथी पुनर्यौवनीकरण’ कैंप-2026 का हुआ शुभारंभ

भोपाल  विश्वविख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की देखभाल, स्वास्थ्य और पुनर्यौवनीकरण को समर्पित ‘हाथी पुनर्यौवनीकरण’ कैंप-2026 का शुभारंभ गुरुवार को परासी गेट के समीप धमोखर बफर क्षेत्र में हुआ। कार्यक्रम में उमरिया कलेक्टर मती राखी सहाय, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक  योहान कटारा ने बताया कि हाथी पुनर्यौवनीकरण कैंप का उद्देश्य ‘कैंप हाथियों’ को नियमित कार्य से विश्राम देना, उनके स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल करना तथा उन्हें पौष्टिक और पसंदीदा आहार उपलब्ध कराना है। इससे हाथियों को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। नन्हे ‘कृष्णा’ ने खींचा सबका ध्यान कैंप के दौरान नन्हा नर हाथी ‘कृष्णा’ आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। अपनी चंचलता, उछलकूद और मासूम अंदाज से कृष्णा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ में ही हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 दिसंबर 2025 को बांधवगढ़ प्रवास के दौरान उसका नामकरण किया था। 15 में से 9 कैंप हाथी कैंप में शामिल वर्तमान में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कुल 15 ‘कैंप हाथी’ कार्यरत हैं। इनमें से 4 हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन और 2 हाथी अनुश्रवण कार्य में लगे हैं। शेष 9 हाथियों को हाथी पुनर्यौवनीकरण कैंप-2026 में शामिल किया गया है। कैंप में इन हाथियों को नियमित कार्य से विश्राम देने के साथ उनके स्वास्थ्य परीक्षण, पौष्टिक एवं पसंदीदा भोजन तथा विशेष देखभाल की जा रही है। इसका उद्देश्य हाथियों को शारीरिक और मानसिक रूप से तरोताजा रखना है। बफर क्षेत्र में पर्यटन और जन-जागरूकता को मिलेगा बढ़ावा इस वर्ष ‘हाथी पुनर्यौवनीकरण’ कैंप के लिए परासी गेट का चयन किया गया है। इसका उद्देश्य कैंप हाथियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के साथ बफर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और स्थानीय ग्रामीणों को वन्य जीवों के प्रति जागरूक करना है। परासी और आसपास के ग्रामीणों को कैंप में शामिल होकर हाथियों को करीब से देखने तथा उनके व्यवहार, देखभाल और संरक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। रेस्क्यू अभियान के कारण कुछ कैंप हाथी नहीं हो सके शामिल मैहर वन मंडल के गोरसरी फॉरेस्ट क्षेत्र में हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के नेतृत्व में बांधवगढ़ के कैंप हाथियों, वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तोमर और रेस्क्यू दल द्वारा रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके चलते कुछ कैंप हाथी इस आयोजन में शामिल नहीं हो सके।  

सेवा और समर्पण से ही सशक्त समाज का निर्माण : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित अंत्योदय सेवा वंदन पर्व, ‘अनकही कहानियां’ सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं वीरगाथा सम्मान समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में सेवा, समर्पण, साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरक कहानियों को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर जीवंत किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और सेवाभाव पर केंद्रित ‘नमो सेवा गाथा’ का भी मंचन किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नागरिकों के साथ पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों, नागरिक सेवाओं तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े सेवाभावी व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र की सेवा में निष्ठापूर्वक योगदान देने वाले लोगों का सम्मान नई पीढ़ी को भी सेवा और कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अंत्योदय का भाव हमारी विकास यात्रा का मूल आधार है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाना तथा उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ में भी इसी भावना के अनुरूप जनकल्याण और विकास के कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्वच्छता, स्वास्थ्य, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों में बढ़ती जनभागीदारी इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दे रही है। लोककला और देशभक्ति के रंगों से सजा मंच अंत्योदय सेवा वंदन पर्व में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और देशभक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। कलाकारों ने लोकगीत, जसगीत, भजन, राउत नाचा और पारंपरिक समूह नृत्यों के साथ बांसुरी वादन तथा नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने लोकगीत एवं समूह नृत्य प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं की जीवंत झलक दिखाई। दिव्यांग विद्यालय के बच्चों ने देशभक्ति समूह गीत प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से सभी का मन मोह लिया। श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा विभिन्न समूहों से जुड़े प्रतिभागियों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्वच्छता के संदेश पर आधारित विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया गया। अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी शमा अंजुम की उपस्थिति भी विशेष रही। ‘हमार संगी-साथी’ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामाजिक संदेश दिया गया। वहीं ड्रोन दीदी मती अंजना दास ने अपने पुत्र के साथ ‘मेरी यशोदा मैया’ गीत पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी। रायपुर शहर के साथ ही आरंग, अभनपुर, धरसींवा और खरोरा क्षेत्र के कलाकारों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। विविध अंचलों से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों ने अंत्योदय सेवा वंदन पर्व को छत्तीसगढ़ की लोककला, प्रतिभा और सामाजिक सहभागिता का व्यापक मंच बना दिया। मुख्यमंत्री ने तीन नवाचारों का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर रायपुर जिला प्रशासन के तीन नवाचारों- ‘प्रोजेक्ट राहत’, ‘प्रोजेक्ट ध्वस्त’ और Advance AI – ‘ताकत है MY’ का शुभारंभ किया। ‘प्रोजेक्ट राहत’ के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को आरबीसी 6(4) के अंतर्गत दी जाने वाली राहत राशि की प्रक्रिया को अधिक त्वरित और प्रभावी बनाने की पहल की गई है, ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंच सके। ‘प्रोजेक्ट ध्वस्त’ के अंतर्गत जिले में जर्जर एवं असुरक्षित भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की पहल की गई है। इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं की आशंका को कम करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी प्रकार Advance AI – ‘ताकत है MY’ के माध्यम से आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में पहल की गई है। मुख्यमंत्री  साय ने इन नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक और नवाचार का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उससे आम नागरिकों को सुविधाएं तेजी और सरलता से मिलें। सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना भी है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सम्मानित सभी नागरिकों, जवानों, समाजसेवियों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सेवा, साहस और समर्पण की कहानियां समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेवा संकल्प अभियान प्रदेश में जनसेवा और सामाजिक सहभागिता की भावना को और व्यापक बनाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, मंत्री  टंकराम वर्मा, राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा, विधायक  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी, कलाकार एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा, इंदौर से 36 शहरों के लिए शुरू होगी सीधी बस सेवा

इंदौर  मप्र में राज्य परिवहन मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीआरटीसी) की तर्ज पर शुरू हो रही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का दायरा अब बढ़ने जा रहा है। सिटी बसों के ट्रायल के बाद अब इंदौर से प्रदेश के 36 दूरस्थ शहरों के लिए बसों का संचालन शनिवार से शुरू होगा। ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए शहर में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड इंदौर लगी हुई है। पीएम ई-बस सेवा के तहत 150 अत्याधुनिक ई-बसें चलाने की योजना है। पिछले दिनों मार्ग नंबर-14 पर शुरू किया गया 10 ई-बसों का तकनीकी और व्यावसायिक ट्रायल सफल रहा है। पीएम ई-बस सेवा के तहत 70 नई बसें चलेंगी इसके चलते पीएम ई-बस सेवा के तहत 70 नई बसें चलेगी। वहीं, मुख्यमंत्री सुगम यात्री परिवहन सेवा के तहत 20 बसों को बढ़ाया जाएगा। एआइसीटीएसएल के सीइओ अर्थ जैन ने बताया कि एआइसीटीएसएल द्वारा अभी शहर में करीब 200 सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से इनका ट्रायल रन हो रहा था। सभी बसें शहर के प्रमुख मार्गाें पर अपना औपचारिक संचालन शुरू करेंगी। आने वाले दिनों में इन बसों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। यात्रियों को बसें एआइसीटीएसएल, सरवटे बस स्टैंड, गंगवाल बस स्टैंड और नायतामुंडला बस स्टैंड से यात्रियाें को बसें मिल सकेंगी। इंदौर-भोपाल का किराया 380 रुपये जानकारी के अनुसार नई इंटरसिटी सेवा के लिए किराए भी तय किए गए हैं। ये किराया पिछले दिनों परिवहन विभाग द्वारा बढ़ाए गए बसों के किराए पर ही आधारित होगा। कोई भी आपरेटर इससे ज्यादा किराया नहीं ले सकेगा। इसके तहत इंदौर से भोपाल के लिए नान एसी बस का किराया 380 रुपये, डीलक्स नान एसी का 475, डीलक्स एसी का 570 और सुपर लग्जरी वाल्वो का किराया 665 रुपये होगा। एसी बसों पर पांच प्रतिशत जीएसटी अलग से लागू होगा। महिलाओं व दिव्यांग यात्रियों के लिए प्रावधान नई बस सेवा में यात्रियों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। बसों में महिला सुरक्षा के लिए पैनिक बटन जैसी सुविधा होगी। किसी ही आपात स्थिति में महिलाएं बटन दबाकर सहायता ले सकेंगी। दिव्यांग यात्रियों को किराए में 50 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान रहेगा। इसके अलावा हर बस में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की निगरानी की जा सकें। इन 36 मार्गों पर आज से चलेगी बसें इंदौर-धार, इंदौर-अशोक नगर, इंदौर-झाबुआ, इंदौर-रतलाम, इंदौर-रीवा, इंदौर-पन्ना, इंदौर-छतरपुर, इंदौर-सतना, इंदौर-जबलपुर, इंदौर-चंदेरी, इंदौर-उज्जैन, इंदौर-खंडवा, इंदौर-बुरहानपुर, उज्जैन से इंदौर होकर ओंकारेश्वर, इंदौर-भोपाल, इंदौर-मंदसौर-नीमच, इंदौर-रतलाम, इंदौर-अहमदाबाद, इंदौर-जयपुर, इंदौर-उदयपुर, इंदौर-सागर, इंदौर-मुलताई, इंदौर-नागपुर चलेगी। आगामी दिनों में इन 20 शहरों के लिए चलेगी बसें बड़वानी-शाजापुर, बुरहानपुर-रतलाम, झाबुआ-भोपाल, खरगोन-नीमच, धार-पंचमढ़ी, इंदौर-नरसिंहपुर, बुरहानपुर-नीमच, इंदौर-ग्वालियर (एसी), इंदौर-ग्वालियर (नान-एसी), इंदौर-जबलपुर (नान-एसी), इंदौर-नर्मदापुरम, इंदौर-सागर (नान-एसी), इंदौर-छतरपुर, बड़वानी-आगर मालवा, इंदौर-बीना, इंदौर-नर्मदापुरम, इंदौर-अनूपपुर, इंदौर-सागर (एसी), इंदौर-रीवा (एसी) और इंदौर-जबलपुर (एसी) मार्गों पर बसें चलेंगी।

सेवा की कहानी: हुनर से आत्मनिर्भर बनीं उर्मिला, बुटीक शुरू कर अब दूसरों को भी दे रहीं रोजगार

रायपुर हुनर को जब प्रशिक्षण और अवसर का साथ मिलता है, तो वह आत्मनिर्भरता के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार की राह खोल सकता है। सूरजपुर जिले के ग्राम राजापुर, पोस्ट साल्ही की उर्मिला सिंह ने कौशल प्रशिक्षण से मिले हुनर को अपनी आजीविका का आधार बनाकर इसे साबित किया है। छह माह का प्रशिक्षण लेने के बाद उर्मिला ने अम्बिकापुर में अपना बुटीक शुरू किया। आज वे स्वयं प्रतिमाह 12 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी कर रही हैं, दो लोगों को रोजगार दे रही हैं और चार-पांच लोगों को सिलाई का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। खेती-किसानी से जुड़े परिवार की बेटी ने हुनर को बनाया ताकत उर्मिला बताती हैं कि उनके माता-पिता खेती-बाड़ी करते हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा गांव में ही पूरी की और इसके बाद सूरजपुर से कॉलेज की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण की जानकारी मिली। उन्होंने जन शिक्षण संस्थान के माध्यम से छह माह का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण में मिले व्यावहारिक ज्ञान और सिलाई के हुनर ने उन्हें स्वयं का काम शुरू करने का आत्मविश्वास दिया। प्रशिक्षण के बाद अम्बिकापुर में शुरू किया अपना बुटीक कौशल प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उर्मिला ने नौकरी की प्रतीक्षा करने के बजाय अपने हुनर को स्वरोजगार में बदलने का निर्णय लिया। करीब तीन-चार महीने पहले उन्होंने अम्बिकापुर में अपना बुटीक शुरू किया। वे महिलाओं के विभिन्न प्रकार के परिधान तैयार करती हैं। प्रशिक्षण से मिली दक्षता का उपयोग करते हुए उन्होंने कम समय में ही अपने काम को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। खुद के साथ दूसरों के लिए भी खोली रोजगार की राह उर्मिला की उपलब्धि केवल स्वयं का रोजगार शुरू करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने बुटीक में दो लोगों को रोजगार दिया है। इसके साथ ही चार से पांच लोगों को सिलाई की बारीकियां और परिधान तैयार करने का काम भी सिखा रही हैं, ताकि वे भी हुनर सीखकर अपनी आजीविका का साधन तैयार कर सकें। इस तरह उर्मिला को प्रशिक्षण से मिला अवसर अब दूसरे लोगों तक भी पहुंच रहा है। उनका प्रयास बताता है कि कौशल विकास के माध्यम से स्वरोजगार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी तैयार किए जा सकते हैं। शुरुआती दौर में ही 12 से 15 हजार रुपये की मासिक आमदनी उर्मिला बताती हैं कि बुटीक को शुरू किए अभी तीन से चार महीने ही हुए हैं और इस शुरुआती दौर में उन्हें प्रतिमाह लगभग 12 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है। वे आने वाले समय में अपने काम को और आगे बढ़ाने के साथ अधिक लोगों को हुनर सिखाना चाहती हैं। “हुनर ने अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया” अपनी यात्रा साझा करते हुए उर्मिला सिंह ने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत यह हुनर सीखा। इसके जरिए मैं अपने पैरों पर खड़ी हुई हूं। अब मैं दूसरे लोगों को भी सिखा रही हूं और दो लोगों को काम भी दिया है। हमें ऐसा अवसर और योजना मिली, जिससे हम अपने पैरों पर खड़े हो पाए। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहती हूं।” कौशल से स्वरोजगार और फिर रोजगार सृजन तक का सफर सेवा संकल्प अभियान के तहत उर्मिला सिंह की यह ‘सेवा की कहानी’ कौशल से स्वरोजगार और फिर रोजगार सृजन तक के सफर को सामने लाती है। प्रशिक्षण से मिले हुनर ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया और अब वही हुनर दूसरे लोगों के लिए भी आजीविका की राह तैयार कर रहा है।

सेवा की कहानी: आंगनबाड़ी से मिली जानकारी ने ममता को योजनाओं से जोड़ा, बच्चों के पालन-पोषण को मिला आर्थिक संबल

रायपुर आंगनबाड़ी केंद्र महिलाओं और बच्चों को पोषण एवं अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ पात्र परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम’ में खालपारा निवासी ममता ने अपनी ‘सेवा की कहानी’ साझा करते हुए बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मिली जानकारी और सहयोग से वे विभिन्न योजनाओं से जुड़ीं। योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता आज उनके बच्चों के पालन-पोषण और उनकी जरूरतों को पूरा करने में मददगार बन रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने योजना से जोड़ा, आवेदन में भी किया सहयोग ममता ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी देने के साथ आवेदन की पूरी प्रक्रिया समझाई। उनके मार्गदर्शन में ममता ने आवेदन किया, जिसके बाद उन्हें योजना के तहत 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। दूसरी बेटी के जन्म के बाद उन्हें 6 हजार रुपये की सहायता भी मिली। बच्चों के पालन-पोषण में काम आई सहायता राशि परिवार की जिम्मेदारियों के बीच योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता ममता के लिए उपयोगी साबित हुई। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों के पालन-पोषण और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में किया गया। इससे परिवार को बच्चों से जुड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल मिला। “आंगनबाड़ी से मिली योजनाओं की जानकारी और लाभ” आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में अपना अनुभव साझा करते हुए ममता ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से उन्हें केवल एक योजना ही नहीं, बल्कि शासन की कई योजनाओं और सेवाओं की जानकारी मिली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें योजनाओं के बारे में बताने के साथ आवेदन की प्रक्रिया में भी सहयोग किया। ममता ने कहा, “आंगनबाड़ी के माध्यम से हमें कई लाभ मिले हैं। योजनाओं से मिलने वाली राशि बच्चों के पालन-पोषण में काम आ रही है।” उन्होंने योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय तथा सहयोग करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के प्रति आभार व्यक्त किया। हितग्राही और योजनाओं के बीच मजबूत कड़ी बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र सेवा संकल्प अभियान के तहत ममता की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि सही समय पर जानकारी और आवेदन में सहयोग किस तरह पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचा सकता है। आंगनबाड़ी केंद्र महिलाओं एवं बच्चों को सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचाकर पात्र हितग्राहियों को उनसे जोड़ने की प्रभावी कड़ी बन रहे हैं।  

सुकमा वन क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के संकेत, ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील वन विभाग की टीमें निगरानी में जुटीं

रायपुर सुकमा वनमंडल के सुकमा वन परिक्षेत्र में मवेशी के मारे जाने के बाद बाघ की संभावित मौजूदगी के संकेत मिले हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा पशु चिकित्सकों की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से बाघ के संभावित पगमार्क मिले हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने क्षेत्र में बाघ की संभावित आवाजाही की निगरानी तेज कर दी है। डीएफओ श्री अक्षय भोंसले के नेतृत्व में  संभावित आवागमन वाले क्षेत्रों का वन विभाग के अमले द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। कोयाबेकुर, नीलावरम, फूलबगड़ी और केरलपाल पंचायत सहित आसपास के वन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की निर्धारित SOP के अनुरूप निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग की टीमें तैनात की गई हैं, मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है और कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, ताकि बाघ की गतिविधियों की पुष्टि एवं निगरानी की जा सके। पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से शाम 4 बजे के बाद जंगल में जाने से बचने और आवश्यकता होने पर समूह में ही जाने की अपील की है। बाघ दिखाई देने पर उसके पास जाने, पीछा करने, भीड़ लगाने, उसे भगाने या स्वयं पकड़ने का प्रयास न करने की सलाह दी गई है। बाघ की संभावित गतिविधि अथवा किसी संदिग्ध घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग को देने को कहा गया है। साथ ही अपुष्ट फोटो, वीडियो या सूचनाओं को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करने तथा केवल वन विभाग और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मवेशी की मौत बाघ के हमले से होने की पुष्टि होने पर शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार पात्र पशुपालक को उचित मुआवजा दिया जाएगा। बाघ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-प् में संरक्षित वन्यजीव है और इसके शिकार, हत्या या शिकार के प्रयास पर कठोर दंड का प्रावधान है, जिसमें अधिकतम 7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना शामिल है। विभाग ने ग्रामीणों से घबराने के बजाय सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और इस संबंध में किसी भी सूचना को तत्काल वन विभाग के साथ साझा करने की अपील की है।

एशियन गेम्स में ऐश्वर्य की ‘सटीक निशानेबाजी से देश को मिला रजत पदक

भोपाल एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश के निशानेबाज ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के प्रतिभावान खिलाड़ी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने भारतीय टीम के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में रजत पदक अपने नाम किया। ऐश्वर्य ने नीरज कुमार और रुद्रांक्ष पाटिल के साथ मिलकर भारत को यह पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1762-94x स्कोर के साथ भारत दूसरे स्थान पर भारतीय टीम ने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम स्पर्धा में 1762-94x का शानदार स्कोर हासिल किया। टीम ने नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग—तीनों पोजिशन में निरंतरता और सटीकता के साथ निशाना साधते हुए रजत पदक सुनिश्चित किया। चीन ने 1766-95x के स्कोर के साथ स्वर्ण और दक्षिण कोरिया ने 1751-87x के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। ऐश्वर्य की सटीक निशानेबाजी ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का गौरव ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने टीम स्पर्धा के साथ व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में भी दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 589-34x का स्कोर दर्ज करते हुए क्वालिफिकेशन में तीसरा स्थान हासिल किया और व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐश्वर्य का यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश की निशानेबाजी प्रतिभा का शानदार उदाहरण है। अकादमी की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के खिलाड़ी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर की यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित किए जा रहे उच्चस्तरीय खेल प्रशिक्षण और प्रतिभा संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ऐश्वर्य ने अपने प्रदर्शन से न केवल भारतीय टीम की सफलता में योगदान दिया, बल्कि मध्यप्रदेश को भी गौरवान्वित किया है। खेल मंत्री श्विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर को एशियन गेम्स में रजत पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ऐश्वर्य का शानदार प्रदर्शन देश और प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। अब आशी चौकसे पर टिकी निगाहें एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। 26 सितंबर को अकादमी की खिलाड़ी आशी चौकसे 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन टीम इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। ऐश्वर्य की उपलब्धि के बाद अब आशी से भी देश और प्रदेश को शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। आशी की स्पर्धा को लेकर खेल प्रेमियों की निगाहें भी टिकी रहेंगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने जताया गर्व खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश की ओर से ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई। विभाग को विश्वास है कि ऐश्वर्य इसी तरह अपनी प्रतिभा, मेहनत और सटीक निशानेबाजी के दम पर आने वाले अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में भी देश और मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।  

ग्वालियर में दिनदहाड़े फायरिंग से सनसनी, जमीन कारोबारी को लगीं 3 गोलियां

ग्वालियर  देशभर के उच्च न्यायविदों की मौजूदगी के चलते ग्वालियर पुलिस जब पूरे शहर में 'हाई अलर्ट' और कड़े सुरक्षा घेरे का दावा कर रही थी। इसी हाईअलर्ट के बीच मुरार थाना क्षेत्र में बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। ऋषि गालव स्कूल के पास सुबह करीब नौ बजे कार और बाइक पर सवार होकर आए सात हथियारबंद बदमाशों ने जिम से लौट रहे जमीन कारोबारी लखन शर्मा निवासी दीनदयाल नगर को घेरकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। तीन गोलियां लगने से लखन शर्मा लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मकान निर्माण देखने जा रहे कारोबारी पर घात लगाकर हमला घायल लखन शर्मा के दोस्त गज सिंह लोधी ने नईदुनिया को बताया कि सुबह दोनों जिम करने के बाद लाल टिपारा स्थित अपने नए मकान का निर्माण कार्य देखने जा रहे थे। दोनों अपनी-अपनी गाड़ियों में थे और गज सिंह करीब 50 मीटर पीछे था। जैसे ही वे लाल टिपारा रोड स्थित ऋषि गालव स्कूल के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे सात बदमाशों ने लखन को चारों तरफ से घेर लिया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उसे तीन गोलियां लगी। हमलावर यहां से भाग निकले। जमीन कारोबारी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। रंजिश से जुड़ा है मामला प्रत्यक्षदर्शी गज सिंह के मुताबिक, वारदात में लखन का एक जिगरी दोस्त भी शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोलीबारी छोटू पठारिया, बलराम पठारिया और गौरव ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर की है। हमले की मुख्य वजह पुराना जमीनी विवाद और आपसी रंजिश बताई जा रही है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, तीन दिन- मुरार में दूसरी गोलीबारी हाई-प्रोफाइल वीवीआईपी दौरे के दौरान हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की मुस्तैदी और गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुरार थाना क्षेत्र में पिछले तीन दिनों के भीतर गोलीबारी की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले जितेंद्र सिंह बैस पर राहुल गुर्जर व उसके साथियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। यह घटना मुरार के सीपी कालोनी क्षेत्र की थी। कैमरों के फुटेज खंगाल रही पुलिस: दो टीमें सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। आरोपी पहले से यहां खड़े थे।  

भारी बारिश को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर संभाग के सभी कलेक्टरों से ली स्थिति की जानकारी

रायपुर  बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश और कई क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों से दूरभाष पर चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के जलस्तर, आवागमन की स्थिति तथा प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को पूरी सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए। मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जहां भी जलभराव अथवा बाढ़ की स्थिति बन रही है, वहां प्रशासन तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनके लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निचले और संवेदनशील इलाकों तथा नदी-नालों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। जिन मार्गों, पुल-पुलियों या रपटों पर पानी बह रहा हो, वहां लोगों को आवागमन न करने दिया जाए। आवश्यकता के अनुसार पुलिस एवं प्रशासन की टीम तैनात कर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। मंत्री  कश्यप ने बस्तर के ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण संपर्क मार्ग प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखी जाएं और राहत दल आवश्यक संसाधनों के साथ सतर्क रहें, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके। मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना और जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जिला स्तर पर स्थिति की लगातार समीक्षा करने, आवश्यकतानुसार संसाधनों की तत्काल व्यवस्था करने तथा मैदानी अमले को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाने में विलंब न हो। राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश मंत्री  कश्यप ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की आवश्यकता हो, वहां राहत शिविरों की समुचित व्यवस्था की जाए। शिविरों में भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध हो। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने बारिश और जलभराव के बाद उत्पन्न हो सकने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य अमले को सतर्क रखने के निर्देश भी दिए। नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील मंत्री  कश्यप ने नागरिकों से अपील की कि भारी बारिश के दौरान तेज बहाव वाले नदी-नालों, जलमग्न पुल-पुलियों और रास्तों को पार करने का प्रयास न करें। जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति या सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।