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शिक्षा विभाग की तैयारी पूरी: जल्द होगी नई भर्ती, जानिए कितने पद हैं रिक्त

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य में अब भी शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए 5,000 नये शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी। विद्यालय भवनों के रखरखाव के लिए 133 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही छात्रावासों की स्थिति सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की संख्या कम सीएम विष्णु देव साय राजधानी में रविवार को एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही प्राथमिकता रही कि विभाग को गहराई से समझते हुए सुधार की ठोस पहल की जाए। सबसे पहले एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पाया गया कि राज्य में शिक्षक और छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद वितरण असमान है। ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन शिक्षक अपेक्षाकृत कम हैं। जबकि, शहरी क्षेत्रों में शिक्षक अधिक संख्या में पदस्थ हैं। इस असंतुलन को दूर करने के लिए युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ किए गए इसके परिणामस्वरूप वर्तमान में कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। इस प्रभाव का विस्तार इतना व्यापक रहा कि इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है। राज्य में इसे तत्परता से अपनाया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की आशंका: NHM कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

रायपुर प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने 18 अगस्त से अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने का ऐलान किया है. संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो यह आंदोलन व्यापक और तीव्र रूप लेगा. स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव की पूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी. छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमित मिरी ने कहा कि वर्षों से धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा के बाद भी कर्मचारियों को सिर्फ आश्वासन ही मिला है. इसके बाद भी NHM कर्मचारी आंदोलन के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करने से बचने का हर संभव प्रयास करेंगे, लेकिन यदि शासन ने इस बार भी कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की, तो “संघर्ष ही विकल्प” बचेगा. संघ की दस मांगों में संविलियन एवं स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, ग्रेड पे का निर्धारण, कार्य मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता, लंबित 27 प्रतिशत वेतन, नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण, अनुकम्पा नियुक्ति, मेडिकल एवं अन्य अवकाश की सुविधा, स्थानांतरण नीति और न्यूनतम 10 लाख कैशलेश चिकित्सा बीमा शामिल है.

MP में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का मेकओवर: पूरे प्रदेश में दौड़ेंगी किफायती और कंफर्टेबल बसें

भोपाल  मध्यप्रदेश में जल्द ही कम किराएवाली आरामदायक बसें दौड़ती नजर आएंगी। प्रस्तावित मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए परिवहन विभाग की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए प्रदेश में राज्यस्तरीय कम्पनी के साथ 7 सहायक कंपनियां भी गठित की गई हैं। राज्य सरकार द्वारा अप्रैल 2025 में स्वीकृत मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के अंतर्गत नगर वाहन सेवा और अंतरशहरी बस सेवा को सुगम बनाने का काम किया जा रहा है। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी एक्ट के तहत राज्यस्तरीय मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड कंपनी का गठन किया गया। 3 जुलाई 2025 को इसका पंजीयन हुआ। राज्यस्तरीय कंपनी के अध्यक्ष सीएम होंगे जबकि परिवहन मंत्री और मुख्य सचिव उपाध्यक्ष होंगे। राज्यस्तरीय कंपनी के साथ पूरे प्रदेश में 7 सहायक कंपनियां भी रहेंगी। इसके लिए राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में वर्तमान में संचालित सिटी बस कंपनियों के शेयर होल्डिंग में परिवर्तन किया गया है। इन सातों शहरों के लिए नए सिरे से कंपनियां गठित की गई हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत पूरे प्रदेश में नए सिरे से बस रूट निर्धारित किए जा रहे हैं। इन रूट्स पर बस फ्रिक्वेंसी का भी निर्धारण किया जा रहा है। इसके लिए वैज्ञानिक पद्धति से ट्रैफिक सर्वे किया जा रहा है। उज्जैन और इंदौर संभाग का ट्रैफिक सर्वे और रूट निर्धारण का काम जहां अंतिम चरण में है वहीं जबलपुर तथा सागर संभाग में भी सर्वे चल रहा है। इसके बाद भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और चंबल संभाग में सर्वे किया जाएगा। आरामदायक, सुरक्षित और कम किराए वाले बस मिलेगी अधिकारियों ने बताया कि सातों क्षेत्रीय सहायक कंपनियों पर अपनी क्षेत्राधिकार के जिलों में सिटी बस सेवा और अंतरशहरी बस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी रहेगी। सुगम परिवहन बस सेवाओं में यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और कम किराए वाले बस उपलब्ध कराने पर खासा जोर दिया जा रहा है।

MP के चार हाईवे होंगे हाईटेक: यात्रा के दौरान फूड, फ्यूल और चार्जिंग की पूरी सुविधा

 ग्वालियर  नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की सहयोगी संस्था नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) मध्यप्रदेश के चार हाइवे किनारे यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी कर रही है। एनएचएआई की खाली पड़ी जमीन को विकसित कर फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट, शॉपिंग स्टोर, पार्किंग, शौचालय, ईवी चार्जिंग स्टेशन और डोरमेट्री जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां वाहन चालक थोड़ी देर रुककर आराम कर सकेंगे और यात्रियों के लिए बच्चों का खेलकूद एरिया भी विकसित किया जाएगा। इन चार स्थानों पर यह सुविधाएं विकसित होंगी:     ग्वालियर-शिवपुरी हाइवे पर घाटीगांव     तेजाजीनगर-बलवारा के पास बैग्राम (एनएच 347)     नेशनल हाइवे 52 पर भाटखेड़ी     इंदौर-गुजरात नेशनल हाइवे 47 पर हटोड अभी तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर केवल टोल प्लाजा के आसपास कुछ सुविधाएं उपलब्ध होती थीं। लेकिन नए बने एक्सप्रेसवे की तरह अब पुराने नेशनल हाइवे पर भी यात्रियों की सुविधाओं को लेकर गंभीर पहल की जा रही है। इन परियोजनाओं से सरकार को भी फायदा होगा क्योंकि विकसित की गई जमीन लीज पर दी जाएगी, जिससे राजस्व प्राप्त होगा। सर्वे रिपोर्ट से सामने आई जानकारी     तेजाजीनगर-बलवारा (एनएच 347) बैग्राम: 4.86 हेक्टेयर जमीन, यहां से रोजाना 330 कारें और 1,871 ट्रक गुजरते हैं।     नेशनल हाइवे 52, भाटखेड़ी: 2.58 हेक्टेयर जमीन, यहां से औसतन 3,023 कारें और 3,134 ट्रक गुजरते हैं।     ग्वालियर-शिवपुरी (एनएच 46) घाटीगांव: 0.82 हेक्टेयर जमीन, रोजाना 1,637 कारें, 156 बसें और 2,105 ट्रक गुजरते हैं।     इंदौर-गुजरात हाइवे (एनएच 47) हटोड: 2.86 हेक्टेयर जमीन, प्रतिदिन 2,243 कारें, 359 बसें और 1,230 ट्रक गुजरते हैं। क्षेत्रीय कारीगरों को बढ़ावा इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि हाईवे सुविधाओं में क्षेत्रीय कला और कारीगरों के लिए कियोस्क और स्टॉल भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यात्री यहां से स्थानीय कलाकृतियां खरीद सकेंगे, जिससे क्षेत्रीय कारीगरों को रोजगार मिलेगा और हाइवे पर गुजरने वाले लोगों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बनेगा।  

’ये वक्त हमारा है’ अभियान का शुभारंभ एवं वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी होगा

स्व-सहायता समूहों का तीन दिवसीय राखी मेला भोपाल हाट में 5 अगस्त से राखी मेला :पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल करेंगे मेले का उद्घाटन ’ये वक्त हमारा है’ अभियान का शुभारंभ एवं वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी होगा भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों का तीन दिवसीय राखी मेला भोपाल 5 अगस्त को प्रात: 10 बजे प्रारंभ होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मेले का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह भी उपस्थित रहेंगीं। मेले के शुभारंभ के साथ ही आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों की दीदियों की खुशहाली और सशक्तिकरण के अभियान ‘’ये वक्त हमारा है’’ की शुरुआत भी होगी। मेले में अभियान के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया जाएगा, जो समूहों की गतिविधियों और उपलब्धियों को रेखांकित करेगा। मेले में विभिन्न जिलों से आ रही स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा समूह उत्पादों का विक्रय सह प्रदर्शन किया जायेगा। मेले की साज-सज्जा में खास तौर पर ग्रामीण परिवेश की झलक के लिये “सावन की थीम” के साथ पर्यावरण हितैषी बस्तुओं का उपयोग किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को वृहद बाजारों से जोड़ने के लिये अनेक प्रयास आजीविका मिशन द्वारा किये जा रहे हैं। इसी क्रम में स्व-सहायता समूहों का तीन दिवसीय राखी मेला भोपाल हाट में आयोजित किया जा रहा है। मेले में विभिन्न जिलों से आ रही स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा 40 स्टॉल लगाये जायेंगे। राखी के त्यौहार को ध्यान में रखते हुये विशेष रूप से राखी, मिठाईयां वस्त्र एवं सजावटी सामान सहित विभिन्न प्रकार की समूहों द्वारा निर्मित बस्तुएं उपलब्ध रहेंगी। मेले में आने बाले आगन्तुकों को झूला, खटिया, बैलगाड़ी, मटके, विभिन्न जिलों के जनजातीय समुदाय द्वारा बांस एवं अन्य पत्तियों आदि से बनाई जाने वाली टोपी एवं खान-पान में मिलेट्स, महुआ आदि के व्यंजन एवं प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के अन्य व्यंजन पूरे ग्रामीण परिवेश का एहसास करायेंगे। इस दौरान विभिन्न लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जायेंगीं। यह मेला न केवल स्व-सहायता समूहों की मेहनत और हुनर का उत्सव होगा, बल्कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और सामुदायिक एकजुटता का भी शानदार प्रदर्शन करेगा उत्पादों की विविधता मेले में चार चांद लगाएगी। मेला न केवल लोगों को खरीदारी का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि लोगों को समूह से जुडी ग्रामीण महिलाओं के आत्म-निर्भरता और उद्यमिता के प्रेरक सफर को देखने का अवसर भी प्रदान करेगा।  

इंदौर में डिजिटल रजिस्ट्रेशन की शुरुआत, अब शादी का रजिस्ट्रेशन घर बैठे और वीडियो कॉल से

इंदौर  नगर निगम इंदौर का पोर्टल बनकर तैयार हो चुका है। 15 अगस्त से इसके शुरू होने की संभावना है। अभी इसका ट्रायल किया जा रहा है। वार्ड 82 में सबसे पहले काम शुरू होगा फिर पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से लोग घर बैठे ही जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे। संपत्तिकर भर सकेंगे। इंदौर में संपत्तिकर के सात लाख खाते हैं।  नागरिकों को घर बैठे मिलेगी पारदर्शी और सरल सेवा महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि डिजिटल इंदौर की अवधारणा को साकार करने के लिए एकीकृत नगर निगम पोर्टल की आवश्यकता है, जिससे नागरिकों को विभिन्न सेवाएं घर बैठे सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से मिल सकें। इस पोर्टल के माध्यम से संपत्ति कर, जल कर और कचरा प्रबंधन शुल्क जैसे करों की वसूली अब एक ही करदाता आईडी के माध्यम से संभव होगी। डिजिटल पता भी जुड़ेगा डिजिटल पते को इस नई प्रणाली में जोड़कर एक एकीकृत पहचान प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव सामने आया है। इससे करदाताओं को बार-बार जानकारी भरने की आवश्यकता नहीं होगी और दोहरे खाते की समस्या भी समाप्त हो सकेगी। विशेषज्ञों के द्वारा बताया गया है कि पोर्टल पर भुगतान के लिए कई विकल्प उपलब्ध रहेंगे, जिससे नागरिक अपनी सुविधा अनुसार भुगतान कर सकेंगे। संपत्तिकर से जुड़ी प्रक्रिया में एआरओ, बिल कलेक्टर और कैशियर की भूमिकाएं पोर्टल के माध्यम से स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी। विवाह पंजीयन के लिए वीडियो कॉल भी विकल्प होगा जन्म-मृत्यु पंजीकरण के साथ-साथ विवाह पंजीयन प्रक्रिया भी सरल होगी। यदि पति-पत्नी में से कोई एक इंदौर में मौजूद है और दूसरा किसी अन्य शहर में है, तो ऐसी स्थिति में एक की भौतिक उपस्थिति और दूसरे की वर्चुअल उपस्थिति (वीडियो कॉल) के माध्यम से विवाह पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।  

रक्षाबंधन गिफ्ट: लाड़ली बहनों के खाते में इस दिन आएंगे ₹1500

भोपाल   मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की अगस्त महीने में आने वाली 27वीं किस्त की तारीख का ऐलान हो गया है। मध्य प्रदेश की लाडली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पहले कहा जा रहा था कि रक्षाबंधन से पहले खाते में 250 रुपये आएंगे। अब राज्य सरकार की ओर से ऐलान हो गया कि मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के रूप में एक साथ 1500 रुपये खाते में आएंगे। राज्य सरकार के मुताबिक 7 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के 1250 रुपये और रक्षाबंधन शगुन के 250 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। रक्षाबंधन से पहले मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए यह बड़ी सौगात है। आमतौर पर लाडली बहना योजना की किस्त 10 तारीख के बाद आती है, लेकिन इस बार सरकार ने रक्षाबंधन को खास बनाते हुए 7 अगस्त को ही 1.27 करोड़ महिलाओं के खाते में पूरे 1500 रुपये भेजने का फैसला कर लिया है। पहले कहा जा रहा था कि पैसा दो किस्तों में आएगा। 9 अगस्त को रक्षाबंधन से पहले 250 रुपये का शगुन मिलेगा। इसके बाद 1250 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। भाई दूज से हर महीने मिलेंगे 1500 हालांकि अब वो दिन दूर नहीं है, जब खाते में हर महीने 1500 रुपये आना शुरू हो जाएंगे। अगले महीने सितंबर में आने वाली लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त के रूप में 1250 रुपये मिलेंगे। हालांकि अक्टूबर यानी महज सिर्फ एक महीने के बाद से ही हर महीने खाते में 1500 रुपये आने शुरू हो जाएंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि हर साल लाडली बहनों को मिलने वाली राशि को बढ़ाया जाएगा और साल 2028 तक लाभार्थियों के खाते में 3000 रुपये आने शुरू हो जाएंगे लाडली बहनों को किस्त के अलावा मिल सकते हैं 5000 मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना के अलावा राज्य सरकार ने एक और योजना शुरू की है। इसके तहत मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की लाभार्थियों को अलग से 5000 रुपये मिल सकते हैं। जो लाभार्थी महिलाएं फैक्टरी या मिल में नौकरी करेंगी, उन्हें सरकार की ओर से 5000 रुपये अलग से दिए जाएंगे। सीएम मोहन योदव ने अपने एक बयान में कहा कि रक्षाबंधन पर 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1500 रुपये की किस्त भेजे जाएंगे. इससे पहले लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की लाभार्थी महिलाओं को योजना की 26वीं किस्त 12 जुलाई 2025 को जारी की गई थी. उज्जैन के नलवा गांव में आयोजित ‘लाड़ली बहना सम्मेलन’ में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1543.16 करोड़ रुपये की राशि सीधे 1.27 करोड़ बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी. जुलाई की इस किस्त में हर पात्र महिला को 1250 रुपये की मासिक सहायता दी गई थी, जो योजना की नियमित मंथली पेमेंट का हिस्सा है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने 56.74 लाख वृद्ध, विधवा, दिव्यांग और अन्य पात्र नागरिकों को 340 करोड़ रुपये की राशि पेंशन के रूप में ट्रांसफर की थी. रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए 30 लाख से अधिक उज्ज्वला योजना लाभार्थी बहनों को 46.34 करोड़ रुपये की राशि रिफिलिंग के लिए सीधे खातों में दी गई थी. क्या है लाड़ली बहना योजना? शुरुआत: जून 2023 में, महिलाओं की आर्थिक मदद और सम्मान बढ़ाने के लिए लाभार्थी: 21 से 60 वर्ष की विवाहित, तलाकशुदा या विधवा महिलाएं वर्तमान लाभ: मंथली 1250 रुपये नई घोषणा: अक्टूबर से मंथली 1500 रुपये सहायता राशि इस बार: 9 अगस्त को 1250 रुपये और 250 रुपये का रक्षाबंधन शगुन यह योजना क्यों है खास? 'लाड़ली बहना योजना' केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. हर महीने की राशि से महिलाएं अपने छोटे-छोटे फैसले खुद ले सकती हैं, परिवार में उनकी भागीदारी बढ़ती है और आत्मसम्मान भी.  

हेरोइन तस्करी केस में बड़ी सफलता: रायपुर पुलिस ने पकड़े 9 आरोपी, 1 करोड़ की हेरोइन जब्त

रायपुर  रायपुर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पंजाब से जुड़े मुख्य सप्लायर सहित रायपुर के स्थानीय नेटवर्क के कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 412.87 ग्राम हेरोइन जब्त की गई है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान से जुड़े होने के पुख्ता इनपुट मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य सप्लायर लवजीत सिंह उर्फ बंटी, पंजाब के गुरदासपुर का निवासी है, जो पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाकर भारत में सप्लाई करता था। रायपुर में इस नेटवर्क का संचालन सुवित श्रीवास्तव द्वारा किया जा रहा था, जिसने कमल विहार सेक्टर-4 स्थित अपने मकान को नेटवर्क का हब बना रखा था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। आरोपी विदेशी नंबरों से नेट कॉलिंग, वीडियो और लोकेशन शेयरिंग के जरिए ग्राहकों को माल सप्लाई करते थे। पैसों के लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट्स का उपयोग किया जा रहा था। पुलिस की कार्ययोजना और कार्रवाई आईजी रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर स्पेशल टीम गठित की गई थी। विशेष इनपुट मिलने के बाद पुलिस टीम ने आरोपी के ठिकानों पर निगरानी रखते हुए दिनांक 03 अगस्त को कमल विहार स्थित मकान में दबिश दी। वहां से तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपी 1. लवजीत सिंह उर्फ बंटी (39), निवासी गुरदासपुर, पंजाब 2. सुवित श्रीवास्तव (31), निवासी राजेन्द्र नगर, रायपुर 3. अश्वन चंद्रवंशी (33), निवासी जामसरा, राजनांदगांव 4. लक्ष्य परिफल राघव उर्फ लव (24), निवासी सतनामीपारा, रायपुर 5. अनिकेत मालाधरे (24), निवासी गोंदिया, महाराष्ट्र 6. मनोज सेठ (27), निवासी महासमुंद 7. मुकेश सिंह (39), निवासी टाटीबंध, रायपुर 8. जुनैद खान उर्फ सैफ चिला (27), निवासी मौदहापारा, रायपुर 9. राजविंदर सिंह उर्फ राजू (30), निवासी कांकेर इन सभी आरोपियों के कब्जे से हेरोइन, मोबाइल फोन, तौल मशीन, सिल्वर पेपर रोल, नशा करने के उपकरण, एटीएम कार्ड, चेक बुक, और एक क्रेटा कार जब्त की गई है।  

करौली में जलभराव पर सख्त CM भजनलाल: अधिकारियों को दिए त्वरित राहत के निर्देश

करौली राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को करौली जिले के मंडरायल क्षेत्र का दौरा कर जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। हाल ही में भारी बारिश के कारण क्षेत्र में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई थी। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया और स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।   मुख्यमंत्री के मंडरायल पहुंचने पर उनका स्वागत करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर, सपोटरा विधायक हंसराज मीणा, भाजपा नेता सुशील शर्मा, जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना और पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। ‘प्रभावितों को मिले त्वरित राहत, नहीं हो लापरवाही’ मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता पहुंचाई जाए, उन्हें सुरक्षित आवास, चिकित्सा और जरूरी वस्तुएं मुहैया कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।   प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ की समीक्षा बैठक हवाई निरीक्षण और क्षेत्रीय भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री ने करौली और सपोटरा के विधायकों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट ली और पुनर्वास के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में मौजूद आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, सहकारिता मंत्री गौतम दक और मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ सिहाग ने भी राहत प्रयासों की समीक्षा की।   जनता के साथ है सरकार, हर स्तर पर मिलेगी सहायता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से आमजन के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जलभराव से हुए नुकसान का पूरा सर्वेक्षण कराया जा रहा है, ताकि प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा और सहायता मिल सके। वहीं, मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी कहा कि जिला प्रशासन के माध्यम से हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।   धौलपुर के लिए हुए रवाना, दिए स्पष्ट निर्देश मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का करौली दौरा समाप्त होने के बाद वे हेलीकॉप्टर से धौलपुर के लिए रवाना हो गए। रवाना होने से पहले उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि राहत और पुनर्वास कार्यों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता बरती जाए तथा प्रभावितों को हरसंभव सहायता सुनिश्चित की जाए।