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हाथों की खूबसूरती बनाए रखने के ये 6 नुस्खे

त्वचा को जवां बनाने और निखारने की बात करते हैं तो अपने हाथों को भूल जाते हैं। जबकि देखभाल की सबसे ज्यादा जरूरत हमारे हाथों को होती है, क्योंकि इन पर धूप का प्रभाव सबसे ज्यादा पडता है। इसके अलावा घरेलू कामकाज के दौरान भी हार्ड केमिकल्स का इन पर बहुत प्रभाव पडता है। अगर इनकी ठीक प्रकार से देखभाल की जाए, तो आपके हाथ लम्बे समय तक जवां और खूबसूरत बने रहेंगे। -बढती एज की निशनियां -अपने हाथों पर गौर करें। -हाथों की स्किन का ढीला हा कर लडक जाना। -हाथों की नसों का दिखायी देना। -हथेलियों का हर समय रूखा-सूखा रहना। हाथों की खूबसूरती बनाएं रखें:- 1. दिनभर घर का काम करने से हाथों का मॉइश्चर खत्म हो जाता है और वे खुरदरे हो जाते हैं। बदलते मौसम में शुष्क हवाओं के असर भी हाथ रूखे हो जाते हैं। पानी में काम करने के बाद और सुबह नहाने के बाद अच्छा अब्जॉर्बिग लोशन लगाएं। रात में थोडा हेवी और क्रीम बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं, ताकि क्रीम हाथों में अच्छी तरह से जज्ब हो आए। 2. धूप और धूल के प्रभाव से हाथों में पिगमेंटेशन और टैनिंग भी हो जाती है। इन्हें दूर करने के लिए स्क्रब करके पैक लगाएं। हाथों की ब्लीचिंग भी की जा सकती है। 3. स्क्रबिंग के लिए होममेड स्क्रब जैसे चीनी और बेसन का यूज करें और ताजे फलों का पैक लगाएं। चीनी से सक्रब करने के लिए हथेलियों को गीला करके थोडी सी चीनी लें और तब तक हाथों की मसाज करें जब तक चीनी घुल ना जाए। फिर साफ पानी से हाथ धो लें। इसी तरह 1 चम्मच बेसन में थोडा नींबू का रस, हल्दी और कच्चाा दूध या मलाई मिलाएं। इसे हाथों पर लगा कर स्क्रब करें। 4. सनस्क्रीन ना सिर्फ आपके चेहरे के लिए, बल्कि बॉडी के उन सभी पाट्र्स के लिए जरूरी है, जो सीधे धूप के सम्पर्क में आते हैं। घर से बाहर निकलते समय 15 मिनट पहले चेहरे के साथ-साथ हाथों पर भी सनस्क्रीन लगाएं। 5. नाखूनों के क्यूटिकल्स की भी देखभाल करें। हाथ रूखें हो जाने पर क्यूटिकल्स निकल आते हैं, जिनसे हो कर गंदगी और बैक्टीरिया हमारे शरीर में घुस जाते हैं। हाथ धोने के बाद शिया बटर युक्त मॉइश्चराइजर लगाएं। चाहें, तो नाखूनौं के बेस पर थोडा सा लिप बाम भी लगा सकती हंै। 6. हटाए झुर्रियां हाथों में आयी झुर्रियां आपको अपने हाथ छिपाने के लिए मजबूर ना करें इाके लिए जरूरी है कि हैंड रिजूविनेशन ट्रीटमेंट अपनाया जाए। डर्मा फिल्र्स जैसे ज्यूवडर्म इसके लिए बेहद करागर उपचार है। इस ट्रीटमेंट में हाइएल्यूरोनिक एसिड जैल का इस्तेमाल किया जाता है। यह हमारी स्किन का एक कुरती तत्व है, जो स्किन को वॉल्यूम देता है। इस ट्रीटमेंट के बाद हाथ भरे-भरे दिखते हैं, स्किन का टेक्सचर बेहतर होता है और स्किन में कोलेजन बन कर स्किन में कसाव आता है। हाथों की झुर्रियां हटाने के लिए भी यह अच्छा ट्रीटमेंट है।  

फूल भी करते हैं दवा का काम, इन रोगों में ये हैं रामबाण

फूलों की खूशबू और उनकी सुंदरता तो हम सभी का मन मोह लेती है, लेकिन क्या आप जानते है कि हम फूलों को भी खा सकते हैं। खाने में फूलों का उपयोग भले ही हम सीधे न कर पाएं, लेकिन सही पर फूलों का इस्तेमाल हम कई चीजें में करते हैं, फिर चाहे वह खाना हो या सलाद। हजारो सालों से हम फूलों कि सुंदरता को देखते और महक का आनंद लेते आए हैं। उनके इन्हीं रंगों में उनकी बहुत सारी खूबियां छिपी हुई हैं। अभी तक अधिकांश लोग यही जानते थे कि फूलों का उपयोग सिर्फ इत्र बनाने में होता है,तो आइए जाने कुछ ऐसे ही फूलों को जो हमारे भोजन को स्वादिष्ट बनाते हैं। लैवेंडर फूल-इन खुशबूदार फूलों का इस्तेमाल आइस्क्रीम और दही में किया जाता है। इसका इस्तेमाल एंटीसेप्टिक और बालों की रूसी को रोकने में भी होता है। गुलदाउदी-कैमोमाइल की तरह ही गुलदाउदी का चाय में इस्तेमाल होता है। गुलदाउदी में एंटी ऑक्सीडेंट और मिनरल्स के अलावा एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटी-कार्सनोजेनिक गुण भी पाए जाते हैं। बबूने का फूल (कैमोमाइल)-यह फूल आपको शान्त रखने में मदद करता है, इसीलिए इसका इस्तेमाल चाय में किया जाते है। इसमें एंटीइनफ्लेमेटरी, एंटी-कार्सनोजेनिक और घाव भरने के गुण पाए जाते हैं। गुडहल के फूल-इन फूलों का इस्तेमाल सलाद को गार्निश करने के लिए होता है, इसके अलावा चाय में भी गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल होता है। इनमें भरपूर मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट पाए जाते हैं जो लो-ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करते हैं। एप्पल और ऑरेंज के फूल-ये दोनों फूल सबसे ज्यादा खाए जाते हैं, इन्हें खाने से कई रोग दूर होते हैं। इसके बारे में कुछ ही लोग जानते हैं, लेकिन इनका उपयोग कम मात्रा में करना चाहिए।  

Amazon Sale की बड़ी डील, 10 हजार से कम में मिल रहे ये पांच नए 5G फोन, सबसे सस्ता ₹7199 का

नए स्मार्टफोन का प्लान कर रहे हैं, तो Amazon Prime Day Sale में आपकी तलाश खत्म हो सकती है। यह सेल 12 जुलाई से शुरू होगी और 14 जुलाई तक चलेगी। सेल में स्मार्टफोन्स भारी डिस्काउंट के साथ हजारों रुपये सस्ते मिलेंगे। अमेजन ने कुछ डील्स का खुलासा कर दिया है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि अगर आप 10 हजार रुपये से कम में नया 5G Smartphone खरीदना चाहते हैं, तो आपके पास कौन-कौन से ऑप्शन हैं। लिस्ट में देखें आपको कौन सा फोन पसंद आ रहा है… सेल में यह फोन ऑफर्स के बाद केवल 9,499 रुपये की शुरुआती प्रभावी कीमत पर मिलेगा। इसमें 6000mAh की बड़ी बैटरी है। फोन में 6.74 इंच का डिस्प्ले है। इसमें 50 मेगापिक्सेल का एआई मेन रियर कैमरा है। धूल और पानी से सुरक्षित रहने के लिए यह IP64 रेटिंग के साथ आता है। फोन मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6300 चिपसेट से लैस है। सेल में यह फोन ऑफर्स के बाद केवल 7,199 रुपये की शुरुआती प्रभावी कीमत पर मिलेगा। इसमें 5000mAh की बड़ी बैटरी है। फोन में 6.75 इंच का डिस्प्ले है। इसमें 50 मेगापिक्सेल का मेन रियर कैमरा है। धूल और पानी से सुरक्षित रहने के लिए यह IP64 रेटिंग के साथ आता है। फोन मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6400 चिपसेट से लैस है। सेल में यह फोन ऑफर्स के बाद केवल 7,999 रुपये की शुरुआती प्रभावी कीमत पर मिलेगा। इसमें 5160mAh की बड़ी बैटरी है। फोन में 6.88 इंच का डिस्प्ले है। इसमें 50 मेगापिक्सेल का मेन रियर कैमरा है। धूल और पानी से सुरक्षित रहने के लिए यह IP52 रेटिंग के साथ आता है। फोन स्नैपड्रैगन 4s जेन 2 प्रोसेसर से लैस है। सेल में यह फोन ऑफर्स के बाद केवल 8,999 रुपये की शुरुआती प्रभावी कीमत पर मिलेगा। इसमें 5000mAh की बड़ी बैटरी है। फोन में 6.75 इंच का डिस्प्ले है। इसमें 50 मेगापिक्सेल का मेन रियर कैमरा है। धूल और पानी से सुरक्षित रहने के लिए यह IP64 रेटिंग के साथ आता है। फोन डाइमेंसिटी 7060 प्रोसेसर से लैस है। सेल में यह फोन ऑफर्स के बाद केवल 8,499 रुपये की शुरुआती प्रभावी कीमत पर मिलेगा। इसमें 5000mAh की बड़ी बैटरी है। फोन में 6.78 इंच का डिस्प्ले है। इसमें 64 मेगापिक्सेल का मेन रियर कैमरा है। फोन डाइमेंसिटी 6300 प्रोसेसर से लैस है।

डॉक्टर की चेतावनी: हार्ट अटैक सिर्फ कोलेस्ट्रॉल से नहीं, यह सस्ता टेस्ट जरूर कराएं

नई दिल्ली  हार्ट अटैक से बचने के लिए डॉक्टर अच्छी लाइफस्टाइल के साथ अक्सर स्क्रीनिंग की भी सलाह देते हैं। अब रशिया के एक कार्डियोलॉजिस्ट का पोस्ट वायरल है। इसमें उन्होंने बताया है कि कोलेस्ट्रॉल नहीं बल्कि दिल की सेहत का हाल जानने के लिए एक और ब्लड टेस्ट इम्पॉर्टेंट है। डॉक्टर डिमीट्री वह इंस्टाग्राम पर हार्ट ट्रांसप्लांट डॉक्टर के नाम से हैं साथ ही हार्ट फेलियर में स्पेशलाइजेशन है। ये है साइलंट इन्फ्लेमेशन मार्कर इंस्टाग्राम पर हार्ट ट्रांसप्लांट के नाम से फेमस डॉक्टर डिमीट्री का जून का एक पोस्ट वायरल है। इसमें उन्होंने लिखा है, यह ब्लड टेस्ट हार्ट अटैक की भविष्यवाणी करता है लेकिन यह कोलेस्ट्रॉल नहीं है। इस टेस्ट का नाम है सीआरपी। यह एक साइलेंट इन्फ्लेमेशन मार्कर है जो कि आपकी लाइफ बचा सकता है। सीआरपी यानी सी रिऐक्टिव प्रोटीन आपके लिवर में तब बनता है जब कोई इन्फ्लेमेशन होता है। जब इन्फ्लेमेशन बहुत ज्यादा होता है तो यह आपकी ब्लड वसेल्स को डैमेज करता है और हार्ट अटैक और स्ट्रोक के रिस्क को बढ़ा देता है। कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने के बाद भी रिस्क डॉक्टर ने बताया कि सीआरपी टेस्ट इसलिए इम्पॉर्टेंट है क्योंकि ये हार्ट अटैक, स्ट्रोक, धमनियों के सकरे होने और पेरिफेरल आर्टरी डिसीज से जुड़ा है। अगर आपका कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल है और सीआरपी ज्यादा है तो आप रिस्क जोन में हैं। कितना होना चाहिए सीआरपी सीआरपी का ये टेस्ट Hs-CRP यानी हाई सेंसिटिव सीआरपी के नाम से होता है। अगर इसका नतीजा 3.0mg/L है तो आपको हाई रिस्क है। अगर 1.0 से 3.0 तक है तो मॉडरेट रिस्क है। अगर आपका Hs-CRP 1 से कम है तो आपको रिस्क भी कम है। कैसे कम करें सीआरपी टेस्ट के बाद अगर आपका सीआरपी ज्यादा आए तो आप इसे कम करने की कोशिश करें। इसके लिए ऐसी डायट लें जो दिल के लिए अच्छी और ऐंटी-इनफ्लेमेटरी हो। फिजिकली ऐक्टिव रहें। वजन ज्यादा है तो इसे कम करें। सिगरेट छोड़ दें। अपने डॉक्टर से बात करें। बता दें कि सीआरपी और Hs-CRP टेस्ट बहुत महंगे नहीं बल्कि 400 से 900 रुपये के बीच हो जाते हैं। इनका रेट शहर और पैथोलॉजी के हिसाब से बदल सकता है।  

पीएसजी ने रियल मैड्रिड को रौंदा, 4-0 की जीत के साथ फाइनल में धमाकेदार एंट्री

न्यू जर्सी पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) ने रियल मैड्रिड को 4-0 से शिकस्त देकर फीफा क्लब विश्व कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। पीएसजी की जीत के हीरो फाबियन रुइज रहे, जिन्होंने दो गोल दागे। यह मुकाबला मेटलाइफ स्टेडियम में गुरुवार (भारतीय समयानुसार) को खेला गया। अब पीएसजी की टीम खिताबी मुकाबले में इंग्लिश क्लब चेल्सी से भिड़ेगी, जिसने सेमीफाइनल में फ्लुमिनेंस को 2-0 से हराया है। भारत में इस फाइनल मैच की शुरुआत 14 जुलाई को रात 12 बजकर 30 मिनट पर होगी। रियल मैड्रिड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में लुइस एनरिके की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल अपनाते हुए दबदबा बनाए रखा। मुकाबले के छठे मिनट फाबियन रुइज ने गोल दागकर पीएसजी को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद ओउस्माने डेम्बेले ने 9वें मिनट में गोल करते हुए टीम को 2-0 से बढ़त में ला दिया। बार्सिलोना के पूर्व फॉरवर्ड ने 2025 में अपने क्लब के लिए 33 मैचों में 27 गोल दागे हैं। 27वें मिनट फाबियन रुइज ने एक और गोल करते हुए पीएसजी के फैंस को खुशी से झूमने पर मजबूर कर दिया। यहां से रियल मैड्रिड की टीम पर काफी दबाव था, लेकिन मैड्रिड गोल करने में कामयाब नहीं हुई। 87वें मिनट गोंसालो रामोस ने भी गोल करते हुए अपना खाता खोला और पीएसजी को 4-0 से लीड दिला दी। पीएसजी की टीम इससे पहले लीग-1, कप डे फ्रांस और यूईएफए चैंपियंस लीग अपने नाम कर चुकी है। फीफा क्लब वर्ल्ड कप की शुरुआत साल 2000 में हुई थी। यह टूर्नामेंट हर साल आयोजित होता है। इसमें दुनियाभर की बड़ी क्लब फुटबॉल टीमें हिस्सा लेती हैं, जिसका उद्देश्य दुनिया की सबसे बेहतरीन क्लब टीम का फैसला करना है। पीएसजी की टीम पहली बार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है, जबकि चेल्सी साल 2021 में चैंपियन रह चुकी है। साल 2012 में टीम को खिताबी मुकाबले में शिकस्त मिली थी। रियल मैड्रिड सबसे ज्यादा पांच बार क्लब वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीत चुकी है।  

किसी भी परिस्थिति में माइंड को रखे शांत, जीवन में मिलेगी सफलता

किसी भी परिस्थिति में कंट्रोल करना जरूरी है। पर ये कंट्रोल दूसरों पर ना होकर खुद पर होना जरूरी है। अपने आप को और दिमाग को इस तरह से ट्रेनिंग दे कि मुश्किल, विपरीत और बिल्कुल अलग तरह की सिचुएशन में कैसे खुद को शांत रखें। क्योंकि ज्यादातर गलतियां हम तभी करते हैं जब हमारी सोच, फिजिकल एक्टीविटी और हमारे शब्द जल्दी से रिएक्ट कर देते हैं। जब अपने दिमाग पर हमारा कंट्रोल होगा तो इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना आसान होगा। जानें कैसे विपरीत सिचुएशन में खुद को कूल रखें। खुद पर कंट्रोल खोने से बचाना जब भी सामने वाला आपको प्रोवोक करे, नीचा दिखाए तो खुद से यहीं कहना है कि मेरा रिएक्शन मेरी ताकत है और मैं इसे ऐसे ही नहीं दूंगा। क्योंकि गुस्से में खुद पर कंट्रोल खो देने से पावर भी चली जाती है। धीरे से रिएक्ट करें जब भी बहुत ही गंभीर, डिप्रेशन और स्ट्रेसफुल सिचुएशन आए तो तीन बार गहरी सांस लें और सोचें क्या मेरा इस जगह पर रिस्पांड करना जरूरी है। जो इंसान शांत रहते हैं वो अपनी प्रतिक्रिया देने के मामले में जल्दीबाजी नहीं दिखाते। और, जो लोग जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं अक्सर वो कमजोर ही होती है। सिचुएशन नहीं माइंड पर कंट्रोल करें अक्सर लोग सिचुएशन को कंट्रोल करने में लग जाते हैं लेकिन सिचुएशन नहीं खुद के माइंड पर कंट्रोल करने की जरूरत होती है। मेंटली स्ट्रांग लोगों से इन बातों को सीखें। जैसे ही कोई निगेटिव सिचुएशन आए तो सोचें कि हर समस्या का समाधान होता है। इससे पहले भी कई मुश्किल परिस्थितियां संभाली हैं। इसे भी संभाल लेंगे और ज्यादा सोचने से नहीं बल्कि अपने ऐक्शन में क्लियरिटी लाएं। जिससे प्रॉब्लम सॉल्व की जा सके। बॉडी लैंग्वेज पर कंट्रोल जब भी निगेटिव सिचुएशन आती है तो अपने बॉडी लैंग्वेज पर भी कंट्रोल करें। स्पाइन को सीधा करें, चेस्ट को ओपन करें और सांसों को धीरे से लें। ऐसा करने से बॉडी लैंग्वेज कंट्रोल में दिखेगी। निगेटिव विचारों को रोकें मन में जैसे ही निगेटिव विचार आएं तो खुद से बात करें कि क्या जो मैं सोच रहा हूं वो सही है या केवल मन का भ्रम। अपने विचारों को लिखें, ऐसा करने से ज्यादा क्लियर होगा माइंड।  

भारत में आया सबसे सस्ता AI स्मार्टफोन, 4,999 में मिल रहे 10,000 रुपये वाले फोन के फीचर्स

नई दिल्ली भारत में आज नए स्मार्टफोन ब्रांड ने दस्तक दी है, जिसका नाम AI+ है. ये ब्रांड NxtQuantum Shift Technologies कंपनी के अंदर काम करेगा. इस कंपनी के CEO और फाउंडर माधव सेठ हैं, जो पहले Realme की भी कमान संभाल चुके हैं. AI+ के तहत Pulse और Nova 5G हैंडसेट को लॉन्च किया गया है.  Ai+ Pulse की शुरुआती कीमत 4999 रुपये है, जिसमें 4GB Ram और 64GB स्टोरेज मिलेगी. इसके अलावा दूसरे वेरिएंट की कीमत 6999 रुपये है. इस हैंडसेट की पहली सेल 12 जुलाई को होगी.  Ai+ Nova 5G वेरिएंट की शुरुआती कीमत 7,999 रुपये और दूसरे वेरिएंट की कीमत 9,999 रुपये है. इसकी पहली सेल 13 जुलाई से शुरू होगी. इन दोनों स्मार्टफोन में ऐसे कई फीचर्स हैं, जो 10 हजार रुपये के मोबाइल के अंदर मिलते हैं.  मिलेंगे कई खास फीचर्स और AI सर्च  AI+ के स्मार्टफोन के खास फीचर्स की बात करें तो इसमें डैशबोर्ड, प्राइवेट स्पेस और AI सर्च जैसे ऑप्शन मिलते है, जो इसे दूसरे ब्रांड के स्मार्टफोन से अलग बनाते हैं.  डैशबोर्ड की मदद से आप ऐप्स की परमिशन समेत कई इंफोर्मेशन को चेक कर सकते हैं. इसके अलावा प्राइवेसी में प्राइवेट स्पेस दिया है, जिसमें आप दूसरे से छिपाकर ऐप्स और अन्य डेटा को स्टोर कर सकते हैं. इसमें AI सर्च का अलग ऑप्शन है.  प्राइवेसी का रखा ध्यान और Google के साथ पार्टनरशिप  कंपनी के CEO और फाउंडर ने बताया कि इन हैंडसेट में प्राइवेसी का खास ध्यान रखा है. डेटा को इंडिया में स्थित सर्वर पर स्टोर किया जाएगा. इसके लिए कंपनी ने Google Cloud India के साथ पार्टनरशिप की है. इस स्मार्टफोन को ब्लोटवेयर ऐप्स से फ्री रखा है. AI+ Nova 5G का डिस्प्ले  AI+ Nova 5G में 6.7 Inch का डिस्प्ले दिया है, जिसमें 120Hz का रिफ्रेस रेट्स मिलता है. इसमें नॉच कटआउट का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें सेल्फी कैमरा मिलता है.  AI+ Nova 1 5G का प्रोसेसर और रैम  AI+ Nova 5G में Unisoc T8200 चिपसेट का यूज किया है. इसमें यूजर्स को 6GB/8GB Ram के ऑप्शन मिलते हैं.साथ ही 128GB की इंटरनल स्टोरेज मिलती है. इसमें 1 TB तक का SD Card लगा सकते हैं. यह हैंडसेट Android 15 बेस्ड NxtQuantum OS पर काम करेगा.  AI+ Nova 5G का कैमरा  AI+ Nova 5G में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया है, जिसमें प्राइमरी कैमरा 50MP का दिया है. सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 5MP का फ्रंट कैमरा दिया है.  AI+ Pulse स्मार्टफोन के स्पेसिफिकेशन्स  AI+ Pulse में 6.75 Inch का HD+ डिस्प्ले दिया है. इसमें 90Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा. माधव सेठ ने बचाया है कि इसमें Data Encryption की सुविधा मिलती है.  AI+ Pulse में Unisoc T615 चिपसेट का यूज किया है, जिसको Antutu Score 262K है. इसमें 4GB/6GB Ram मिलती है. साथ ही 64GB और 128GB की इंटरनल स्टोरेज मिलती है. जरूरत पड़ने पर 1TB का माइक्रोएसडी कार्ड लगा सकते हैं. इसमें Bloatware ऐप्स नहीं मिलेंगे. 50MP का रियर कैमरा दिया है.  इतने लोग यूज करते हैं 2G फीचर्स फोन 400 मिलियन लोग अभी भी 2G फीचर्स फोन का यूज करते हैं. ऐसे में कंपनी ने Ai+ Pulse स्मार्टफोन को लॉन्च किया है, जो ग्रामीण लोगों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है और यह उनकी जरूरत को भी पूरा करेगा. ये जानकारी माधव सेठ ने अपने इवेंट में दी. 

Mivi ने अपने नए AI बड्स किए लॉन्च, इंसानों की तरह ही कर सकते हैं बात

नई दिल्ली Mivi ने अपने नए AI बड्स लॉन्च किए हैं, जो तकनीक और संगीत का एक अनूठा संगम हैं। कंपनी का दावा है कि ये बड्स जबरदस्त साउंड के साथ AI संग बातचीत का एक्सपीरियंस भी देते हैं। इन बड्स की खासियल है कि यह यूजर्स के साथ न सिर्फ इंसानों की तरह बात कर सकते हैं बल्कि उनकी कई कामों में मदद भी कर सकते हैं। Mivi की ओर से Mivi AI Buds नाम से नए इयरबड्स मार्केट में उतारे हैं। कंपनी का दावा है कि Mivi AI Buds शानदार आवाज के साथ-साथ कमाल के AI एक्सपीरियंस के साथ आते हैं। इन बड्स की खासियत है कि यह अपने यूजर के साथ इंसानों की तरह ही बात कर सकते हैं। इन मेड इन इंडिया बड्स की मदद से बिना किसी स्क्रीन से AI को एक्सेस किया जा सकता है। Mivi AI Buds की कीमत Mivi AI Buds को 6,999 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया गया है। इन्हें फ्लिपकार्ट* और Mivi की ऑफिशियल वेबसाइट www.Mivi.in पर खरीदा जा सकता है। चलिए इन बड्स के बारे में डिटेल में जानते हैं। मिवी AI बड्स की खासियत Mivi AI Buds किसी भी आम बड्स से काफी अलग हैं। इसका सीधा सा कारण हैं इनमें मौजूद AI फीचर। इतना ही नहीं कंपनी का कहना है कि इनमें मौजूद AI भी आम AI से काफी अलग है। ये बड्स आपकी बातों को याद रखते हैं, आपकी पसंद को समझते हैं और इंसानों की तरह जवाब देते हैं। आप इनसे नौकरी के इंटरव्यू की तैयारी, खाना बनाने की टिप्स या किसी भी सवाल का जवाब ले सकते हैं। ये 8 भारतीय भाषाओं जैसे कि हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, कन्नड़, मलयालम और गुजराती में यूजर से बात कर सकते हैं। इनके बारे में कंपनी के को-फाउंडर मिधुला देवभक्तुनी का कहना है कि “मिवी AI बड्स के साथ हम एक नया प्रोडक्ट नहीं, बल्कि AI के साथ बातचीत का नया तरीका ला रहे हैं। यह भारत के लिए गर्व का पल है। ये बड्स स्मार्ट और सेंसटिव हैं। हम इस बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “भारत सरकार के 2000 करोड़ रुपये के AI निवेश के साथ, Mivi का यह प्रोडक्ट भारत को दुनिया में AI का बड़ा खिलाड़ी बनाता है।” Mivi AI Buds के फीचर्स Mivi के इन नए ईयरबड्स के फीचर्स की बात करें, तो यह एक नए डिजाइन के साथ आते हैं जो कि कान में आरामदायक और स्टाइलिश महसूस होता है। इनके AI को एक्टिवेट करने के लिए यूजर को बड्स पहनने के बाद “Hi Mivi” कहकर बात शुरू करनी होगी। इन बड्स की सेटिंग्स को Mivi AI App के जरिए बदला जा सकता है। यहां से आप अपने AI की आवाज को अपनी पसंद के मुताबिक सेट कर सकते हैं। इतना ही नहीं मिवी AI में कई खास अवतार हैं, जो अलग-अलग कामों में मदद करते हैं। इनमें पहला है गुरु अवतार जो किसी भी सवाल का आसान जवाब देता है, जैसे अंतरिक्ष, इतिहास या रोजमर्रा की बातें। इसके अलावा इंटरव्यूअर अवतार जो कि इंटरव्यू की तैयारी में मदद करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है। इसके शेफ अवतार और वेलनेस कोच अवतार भी खास हैं जो खाना बनाने में स्टेप बाय स्टेप मदद करने के साथ तनाव या खुशी में आपकी बात सुनता है और बिना जजमेंट के सपोर्ट करता है। इन सबके अलावा इसका एक न्यूज रिपोर्टर अवतार भी आता है। इसकी मदद से आप आपनी पसंद की खबरें, जैसे खेल या विश्व समाचार, आसान भाषा में सुन सकते हैं। Mivi AI Buds के स्पेसिफिकेशन Mivi AI Buds हाई-रेज ऑडियो और LDAC को सपोर्ट करते हैं। इनकी मदद से आप लॉसलेस म्यूजिक का भी आनंद ले पाएंगे। यह 3D साउंड और स्पैटियल ऑडियो जैसी म्यूजिक के अनुभव को खास बनाने वाली टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं। इसमें ANC के लिए क्वाड माइक दिए गए हैं और यह 40 घंटे की बैटरी लाइफ के साथ आते हैं।

Samsung S26 Ultra कैमरा और परफॉर्मेंस अपग्रेड सुनकर दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे

नई दिल्ली Samsung जल्द कुछ दिनों में अपने फोल्ड डिवाइसेज से पर्दा उठाने वाला है। उससे पहले S26 अल्ट्रा की कुछ ऐसी डिटेल्स सामने आने लगी हैं कि सुनकर आप दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे। एक भरोसेमंद टिप्सटर की ओर से इस फोन को लेकर कुछ जानकारी सामने आई है, जिससे पता चलता है कि S26 अल्ट्रा में कुछ बहुत बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा और इसमें कंपनी फोन को पतला रखने समेत बेहतर हीट मैनेजमेंट पर ध्यान देगी। चलिए टिप्सटर की ओर से सामने आई डिटेल्स के बारे में गहराई से बात करते हैं। S26 Ultra के स्पेसिफिकेशन X पर आई PandaFlashPro की रिपोर्ट के अनुसार S26 Ultra में पुराने S25 Ultra जैसी ही 6.9 इंच की डिस्पले होगी। हालांकि इसके बेजल्स पिछले फोन से पहले होंगे। वहीं बीच में खबरें आईं थी कि सैमसंग अपने S Pen से डिजिटाइजर को हटा सकता है लेकिन टेस्टिंग में अच्छे परणाम न मिलने की वजह से सैमसंग ने S Pen से डिजिटाइजर हटाने का फैसला कैंसिल कर दिया है। इसके अलावा डिजाइन के मामले में फोन S25 Ultra जैसा ही दिखेगा। बताया जा रहा है कि सैमसंग S26 Ultra से सैंमसंग कैमरा रिंग हटा सकता है। S25 Ultra में भी यह रिंग्स काफी विवादस्पद रहे थे। कुछ यूट्यूबर्स ने उन लेंस को फोन से हटा कर भी दिखाया था। ऐसे में अगले मॉडल में कैमरा कैसा दिखेगा इसे लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ेगी। सैमसंग अपने अगले मॉडल के लिए भी IP68 रेटिंग दे सकता है। फ्रंट कैमरा में हो सकता है सुधार Galaxy S26 Ultra में कैमरे और परफॉर्मेंस को लेकर जबरदस्त अपग्रेड देखने को मिल सकते हैं। सबसे पहले बात कैमरे की तो इस फोन में 200MP का ISOCELL HP2 मेन कैमरा होगा, जिसे नया लेंस मिलेगा। इसके साथ 50MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 50MP का पेरिस्कोप कैमरा मिलेगा, जो 5x ऑप्टिकल जूम देगा। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें 3x जूम वाला टेलीफोटो कैमरा भी अपग्रेड हो रहा है। पहले यह 10MP था, अब यह 12MP हो सकता है। साथ ही एक नया लेजर ऑटोफोकस सेंसर भी आ सकता है, जिससे फोटो जल्दी और बेहतर फोकस होंगी। बेहतर फोटो प्रोसेसिंग के लिए इसमें अगली जेनरेशन का ProVisual Engine होगा। सेल्फी कैमरे की बात करें तो वह भी नया होगा, हालांकि उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। फोन में नया Snapdragon 8 Elite Gen 2 प्रोसेसर मिलेगा, जो TSMC का 3nm चिप होगा। इसे खास Galaxy वर्जन में ओवरक्लॉक किया जा सकता है। परफॉर्मेंस और बैटरी के लिए इसमें 1.2 गुना बड़ा वेपर चेंबर कूलिंग सिस्टम होगा, जिससे गर्मी कम होगी और फोन लंबे समय तक स्मूद चलेगा। सभी को मिलेगी 16GB RAM Galaxy S26 Ultra में इस बार सभी वेरिएंट्स में 16GB की दमदार रैम दी जाएगी। चाहें आप 256GB, 512GB या 1TB स्टोरेज वाला मॉडल लें। यानी अब रैम के मामले में कोई समझौता नहीं होगा।

यूरोपीय संघ में गूगल के एआई ओवरव्यूज फीचर के विरुद्ध एंटीट्रस्ट शिकायत की दायर

नई दिल्ली Alphabet की कंपनी Google को यूरोपियन यूनियन यानी कि EU में AI Overviews फीचर को लेकर एक एंटीट्रस्ट शिकायत का सामना करना पड़ा है। एंटीट्रस्ट शिकायत का मतलब कॉम्पिटिशन के खिलाफ काम करने से जुड़ी शिकायत है। बता दें कि यह शिकायत स्वतंत्र पब्लिशर्स के एक ग्रुप ने दर्ज की है। इस ग्रुप की शिकायत है कि Google का AI Overviews फीचर उन्हें गंभीर और शायद अपूरणीय नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने EU से अपील की है कि वह इस पर अस्थायी रोक लगाए, ताकि नुकसान को रोका जा सके। क्या है Google Overviews? बता दें कि AI Overviews एक ऐसा फीचर है जिसमें यूजर को सर्च रिजल्ट में ऊपर ही AI द्वारा तैयार की गई समरी दिखाई जाती है। ऐसा गूगल का AI अलग-अलग वेबसाइट्स के कंटेंट का इस्तेमाल करके करता है। जिससे भले गूगल सर्च करने वाले को उसका जवाब मिल जाए लेकिन जो वेबसाइट्स इस तरह का कंटेंट तैयार कर रही हैं उनसे उनका यूजर या रीजड छिन जाता है। इसके लिए गूगल पब्लिशर्स से किसी तरह की अनुमति भी नहीं लेता। बता दें कि गूगल ने मई 2024 से इसमें विज्ञापन भी दिखाने शुरू कर दिए हैं। पब्लिशर्स का मानना है कि इससे उनके वेबसाइट पर आने वाला ट्रैफिक और कमाई दोनों पर असर पड़ रहा है। क्या है शिकायत? रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक Google ने अपनी सर्च सर्विस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल करके अब तक का सबसे बड़ा दांव खेला है। लेकिन इस कदम को लेकर कई कंटेंट प्रोवाइडर्स, खासकर पब्लिशर्स, ने चिंता जताई है। इंडिपेंडेंट पब्लिशर्स अलायंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बारे में यूरोपियन कमीशन से शिकायत की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि Google ऑनलाइन सर्च मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ का गलत इस्तेमाल कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि "Google की मुख्य सर्च सेवा अपने AI Overviews में वेब कंटेंट का गलत इस्तेमाल कर रही है। इससे पब्लिशर्स को, खासकर न्यूज पब्लिशर्स को, भारी नुकसान हो रहा है। इससे वेबसाइट का ट्रैफिक, पाठकों की संख्या और कमाई में गिरावट शामिल है। यह नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है।" इसका मतलब है कि Google, वेबसाइट्स से जानकारी लेकर अपने AI Overviews में दिखा रहा है, जिससे यूजर को वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं पड़ती और इसी वजह से वेबसाइट्स को ट्रैफिक और रेवेन्यू दोनों का नुकसान हो रहा है। Google का पक्ष ब्रिटेन की Competition and Markets Authority (CMA) एजेंसी ने पुष्टि की है कि उसे Google के खिलाफ की गई शिकायत मिल चुकी है। इस शिकायत में कहा गया है कि Google का AI Overviews फीचर से स्वतंत्र पब्लिशर्स और न्यूज वेबसाइट्स को भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि लोग अब सीधे वेबसाइट पर नहीं जा रहे, बल्कि सर्च में दिख रहे AI समरी को ही पढ़कर अपना काम चला रहे हैं। Google ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि वह हर दिन वेबसाइट्स को अरबों क्लिक भेजता है, और उसका AI फीचर लोगों को और ज्यादा सवाल पूछने के लिए प्रोतसाहित करता है। इससे नई वेबसाइट्स और बिजनेस को मिलने वाले मौके बढ़ जाते हैं। हालांकि, Foxglove Legal, Movement for an Open Web, और Independent Publishers Alliance जैसे संगठन इस बात से सहमत नहीं हैं। Foxglove की को-डायरेक्टर रोजा कर्लिंग ने इस बारे में कहा है कि "स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए Google की AI Overviews एक संकट की तरह सामने आया है।" उन्होंने आगे कहा कि इसी वजह से Foxglove और उनके साथी संगठन यूरोपीय आयोग से मांग कर रहे हैं कि स्वतंत्र न्यूज वेबसाइट्स को AI से बाहर रहने का ऑप्शन मिलना चाहिए। वहीं Google ने कहा है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप अधूरे और गलत जानकारी पर आधारित हैं। इस पर Google के प्रवक्ता ने कहा है कि "वेबसाइट्स का ट्रैफिक कई वजहों से घट-बढ़ सकता है जैसे कि मौसम, यूजर्स की पसंद या हमारे सर्च अल्गोरिद्म में बदलाव।" बता दें कि अमेरिका में भी एक एजुकेशन टेक कंपनी ने गूगल के खिसाफ शिकायत की है कि AI Overviews की वजह से ओरिजिनल कंटेंट की मांग घट रही है।