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इंटरव्यू में अपने साथ जरूर ले जाएं ये 12 चीजें

जब किसी जॉब इंटरव्यू के लिए जाएं, तो पूरी तैयारी के साथ जाना जरूरी है। जॉब प्रोफाइल या इंडस्ट्री अलग-अलग हो सकती है लेकिन कुछ मूलभूत चीजें इंटरव्यू के लिए हमेशा साथ ले जाना चाहिए। नोट कीजिए उन जरूरी चीजों को जिनके बिना इंटरव्यू पर हर्गिज नहीं जाना चाहिएः -अपने रेज्यूमे की 2 प्रतियां (इससे ज्यादा भी रख सकते हैं)। -इंटरव्यू के स्थान का पूरा पता और वहां पहुंचने की जानकारी। -यदि संभव हो, तो यह भी पहले से पता करके रखें कि आपका इंटरव्यू लेने वाले लोगों के नाम और डेजिग्नेशन क्या हैं। -उन लोगों के नाम और फोन नंबर, जो इंटरव्यू को को-ऑर्डिनेट कर रहे हैं। -कुछ कागज और एक पेन, जो अच्छी तरह चलता हो। -अपना आईडी प्रूफ। -रेफ्रेंस की सूची। -अपना पोर्टफोलियो। -अपना रेज्यूमे और अन्य कागजात रखने के लिए फोल्डर्स। -बैगध् ब्रीफकेसध् स्मार्ट बैकपैक। अगर लंबी दूरी तय करके इंटरव्यू स्थल पर पहुंचना है, तो एक जोड़ी अतिरिक्त कपड़े भी साथ रखे लें। यदि पहने हुए कपड़े खराब हो गए (खास तौर पर बारिश के मौसम में) तो ये आपके काम आएंगे। -कंघी, ब्रेथ फ्रेशनर, सेफ्टी पिन जैसी चीजें भी साथ रख लें। क्या न लेकर जाएं -ऐसी चीजें, जिनका इंटरव्यू से कोई संबंध नहीं, जैसे शॉपिंग बैग्स। -चुइंग गम। -दोस्त या रिश्तेदार।  

बीपीएससी की भर्ती: असिस्टेंट प्रोफेसर के 539 पदों पर आवेदन प्रक्रिया 18 अगस्त से शुरू

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत सह-प्राध्यापक के 539 पदों पर बहाली करेगा। ये रिक्तियां राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में विभिन्न विषयों में को भरने के लिए निकाली गई हैं। ऑनलाइन आवेदन की तिथि 18 अगस्त से शुरू होगी। अभ्यर्थी 12 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। बहाली असैनिक अभियंत्रण, यांत्रिक अभियंत्रण, विद्युत अभियंत्रण, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की जाएंगी। इसी तरह कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की रिक्तियों को भरा जाएगा। बीपीएससी करेगा प्राचार्य के 26 पदों पर बहाली इसके अलावा, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC Jobs 2025) ने विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में प्राचार्य के 26 पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। राजकीय पॉलिटेक्निक व राजकीय महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में यह बहाली की जाएगी। 12 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो जाएंगे। नौ सितंबर तक आवेदन किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए आयोग की वेबसाइट पर संपर्क किया जा सकता है।  

MP Assistant Professor Recruitment :फिजिक्स शिक्षक इंटरव्यू फिक्स, पांच विषयों के लिए अभी इंतजार जारी

इंदौर  मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के खाली पदों को भरना है। सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 की प्रक्रिया ढाई साल बाद भी अधूरी है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 35 विषयों में सहायक प्राध्यापक के लिए परीक्षा करवाई थी, जिसमें 1669 पदों के लिए 40 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किए थे। लिखित परीक्षा के परिणाम आने के बाद अभी तक 29 विषयों में इंटरव्यू हो पाए हैं। अभी छह विषयों में चयनित उम्मीदवारों को इंटरव्यू का इंतजार है। अधिकारियों के मुताबिक अगस्त के अंतिम सप्ताह से प्रक्रिया रखी गई है। फिजिक्स, केमिस्ट्री, अर्थशास्त्र, जूलॉजी, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र विषय में 692 पद हैं। आयोग ने सिर्फ फिजिक्स विषय में इंटरव्यू की तारीख निर्धारित की है। 28 अगस्त से चयनित उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया है, जिसमें 115 पद रहेंगे। यह प्रक्रिया सितंबर तक चलेगी। इस दौरान गणेश चतुर्थी और नवरात्र जैसे बड़े त्योहार भी है। ऐसे में इंटरव्यू में समय लग सकता है। जबकि पांच विषयों के इंटरव्यू की तारीख आयोग ने अभी घोषित नहीं की है। इस वजह से चयनित उम्मीदवार परेशान हो रहे हैं। ग्रंथपाल और खेल अधिकारी पद भी खाली आयोग ने ग्रंथपाल और खेल अधिकारी पद के लिए भी भर्ती परीक्षा करवाई है। रिजल्ट घोषित हुए आठ महीने बीत चुके हैं, मगर ग्रंथपाल और खेल अधिकारी (255 पद) के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया अटक गई है। आयोग की तरफ से साक्षात्कार की तारीख को लेकर अभी तक कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। 977 पद पर हुए इंटरव्यू आयोग ने सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 करवाई है, जिसमें 35 विषयों में 1669 पद रखे हैं। लॉ, संस्कृत, गृह विज्ञान, इतिहास, गणित, हिंदी, अंग्रेजी, बॉटनी, कामर्स, जियोलॉजी, उर्दू, फिलासफी, म्यूजिक वोकल, सांख्यिकी, नृत्य सहित 29 विषयों में 977 पदों के लिए इंटरव्यू हुए हैं।

बड़े काम के हैं शॉर्ट-टर्म कम्प्यूटर कोर्सेज

पिछले कुछ वर्षों में युवाओं का सबसे ज्यादा रुझान आईटी सेक्टर की ओर बढ़ा है। युवाओं के बढ़ते क्रेज का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इस बार भी देश में आईआईटी में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों ने कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग या आईटी कोर्स को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। हालांकि बीटेक या एमटेक इन कम्प्यूटर साइंस हायर प्रोफेशनल डिग्री है लेकिन देश में ऐसे युवाओं की भी कमी नहीं, जो हाई स्कूल या इंटरमीडिएट के बाद कम्प्यूटर कोर्स करना चाहते हैं। ये शॉर्ट-टर्म कोर्स न सिर्फ कम्प्यूटर स्किल्स को बढ़ाते हैं, बल्कि नौकरी के रास्ते भी खोल देते हैं जिसकी वजह से आगे विद्यार्थियों को ये कोर्स काफी पसंद आ रहे हैं। कुछ विद्यार्थी किसी वजह से आगे पढ़ाई न करके कुछ काम करना चाहते हैं, तो उनके लिए कम्प्यूटर कोर्स काफी मददगार साबित हो रहे हैं। कैसे मिलेंगी नौकरियां? कम्प्यूटर का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। निजी कंपनियों में कम्प्यूटर या फिर आईटी से जुड़ी नौकरियों में अपार संभावनाएं रहती ही हैं लेकिन डिजिटल इंडिया योजना शुरू होने के बाद सरकारी क्षेत्रों में भी टेक्नोलॉजी से संबंधित नौकरियों के खूब अवसर आने की संभावना है। सरकार इस योजना के लिए एक लाख करोड़ रुपए खर्च करने वाली है। वहीं माइक्रोसॉफ्ट, टाटा, विप्रो, बिड़ला, एयरटेल, वेदांता आदि जैसी कंपनियां 4.5 लाख करोड़ रुपए निवेश करेंगी। गौर करने वाली बात यह है कि इस पूरे निवेश का जोर देश के डिजिटलाइजेशन पर है। ऐसे में जो जॉब्स सृजित होंगीं, वे किसी-न-किसी रूप में कम्प्यूटर से जुड़ी होंगी। शुरूआत में एडवांस अकाउंटिंग, डाटा एंट्री, कम्प्यूटर ऑपरेटर, सेल्स, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर, वेब डिजाइनर, प्रोग्रामर, कस्टमर सर्विस, एप्लिकेशन एनालिस्ट आदि की जॉब के लिए खूब स्कोप है। कम्प्यूटर से जुड़े तीन-चार तरह के शॉर्ट-टर्म कोर्स लोकप्रिय हैं। इनमें बेसिक कम्प्यूटर कोर्स, हाडवेयर एंड नेटवर्किंग कोर्स, सॉफ्टवेयर एंड प्रोग्रामिंग कोर्स, एडवांस आकउंयिंग और डाटा एंट्री से संबंधित कोर्स शामिल हैं। इनकी अवधि 6 महीने से 2 साल की होती है। बेसिक कम्प्यूटर कोर्स एक लैपटॉप या डेस्कटॉप को किस तरह से ऑपरेट करना है, इसके लिए कई सारे शॉर्ट-टर्म कोर्स चलन में हैं। इन कोर्सों के दौरान आपको कम्प्यूटर की बेसिक नॉलेज, ऑपरेटिंग सिस्टम की जानकारी, वेब प्रोग्रामिंग, इंटरनेट ऑपरेशन जैसे सर्फिंग और ईमेल यूज करना, एप्लिकेशन डेवलपमेंट, विंडोज, एमएस ऑफिस, पावर पॉइंट, वायरस प्रोटेक्शन आदि से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी जाती है। थोड़े एडवांस कोर्स में वेब डिजाइनिंग भी शामिल है। प्रमुख कोर्स बेसिक कम्प्यूटर कोर्स, एडवांस एमएस ऑफिस, कम्प्यूटर ऑपरेटर्स एंड प्रोग्रामिंग, असिस्टेंट वेब एंड मल्टीमीडिया डिजाइन, सर्टिफिकेट इन वेब डिजाइनिंग। हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग कोर्स कम्प्यूटर एक मशीन है, जिसके पार्ट्स, जैसे कीबोर्ड, चिप, हार्ड डिस्क, मॉनिटर, सर्किट बोर्ड्स को हार्डवेयर कहा जाता है। इनका रख-रखाव और सुधार करने वाले एक्सपर्ट्स को हार्डवेयर इंजीनियर कहते हैं। इनका काम किसी खराबी को ठीक करना, पीसी और लैपटॉप असेंबल करना, नेटवर्क तैयार करना होता है। ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर इंस्टॉल, डिस्क मैनेजमेंट रिस्क, प्रिंटर असेंबल से लेकर हर वह काम जो कम्प्यूटर में कोई भी एप्लिकेशन या सॉफ्टवेयर चलाने के लिए जरूरी है, वह काम भी हार्डवेयर इंजीनियर करता है। प्रमुख कोर्स डिप्लोमा इन हार्डवेयर नेटवर्किंग, डिप्लोमा इन हार्डवेयर टेक्नोलॉजी, डिप्लोमा इन कम्प्यूटर नेटवर्किंग, लैपटॉप रिपेयरिंग कोर्स। सर्टिफिकेट इन एडवांस अकाउंटिंग रिटेल मार्केट में बड़े स्तर पर कम्प्यूटराइजेशन हुआ है और स्टोर्स में अब सेल्स और बिलिंग कम्प्यूटर से ही होता है। ऐसे में कम्प्यूटर अकाउंटेंट्स की जरूरत काफी बढ़ गई है। प्रमुख कोर्स डिप्लोमा इन कम्प्यूटराइज्ड अकाउंटिंग, डिप्लोमा इन फाइनेंस एंड बैंकिंग, डाटा एंट्री एंड ऑफिस ऑटोमेशन। सॉफ्टवेयर एंड प्रोग्रामिंग कोर्स कम्प्यूटर से जुड़ा यह थोड़ा एडवांस कोर्स है, जिसमें लैंग्वेज कोर्स भी शामिल है। बेसिक कम्प्यूटर सीखने के बाद काम करने के लिए सॉफ्टवेयर, टेक्नोलॉजी और प्रोग्रामिंग की जरूरत होती है, जिसके लिए इन कोर्स को किया जा सकता है। इन कोर्स में सी, सी प्लस, सी प्लस प्लस, जावा स्क्रिप्ट, विजुअल बेसिक, डॉट नेट, एचटीएमएल, सीआईसी, ओरेकल, कोबोल, लिनक्स आदि के बारे में बताया जाता है। प्रमुख कोर्स डिप्लोमा इन नेट प्रोग्रामिंग, डिप्लोमा इन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, एडवांस डिप्लोमा इन कम्प्यूटिंग, डिप्लोमा इन कम्प्यूटर एप्लिकेशन, डिप्लोमा इन कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, डिप्लोमा इन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी। कहां से करें कोर्स? कम्प्यूटर के शॉर्ट-टर्म कोर्स के लिए लगभग सभी शहरों में निजी संस्थान और ट्रेनिंग सेंटर खुले हुए हैं। देश भर में आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज भी हैं, जहां से अपनी पसंद का कोर्स किया जा सकता है। सैलरी कम्प्यूटर के शॉर्ट-टर्म कोर्स करने के बाद नौकरी मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। शुरूआत में 15 से 20 हजार रुपए प्रति माह तक सैलरी मिल जाती है। काम सीखने के बाद सैलरी में अच्छी वृद्धि होती है। आप खुद का पीसी रिपेयरिंग सेंटर या ट्रेनिंग सेंटर भी खोल सकते हैं। सॉफ्टवेयर एंड हार्डवेयर इंजीनियर, वेब डिजाइनर बनाकर भी अच्छे पैसे कमाए जा सकते हैं। प्रमुख संस्थान:- -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली -मोतीलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अहमदाबाद -डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, कानपुर -गवर्नमेंट पॉलीटेक्निक कॉलेज, कोटा -ए-सेट रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली -एनआईआईटी, मुंबई  

जॉब पाना चाहते हैं तो अपनाएं ये असरदार टिप्स

आज के समय में अच्छी नौकरी पाना आसान नहीं है। प्रतियोगिता इतनी बढ़ गई है कि हर एक पद के लिए सैकड़ों उम्मीदवार सामने आते हैं। ऐसे में सिर्फ डिग्री होना ही काफी नहीं है, बल्कि सही रणनीति, तैयारी और प्रोफेशनल अप्रोच अपनाना भी जरूरी है। अगर आप जल्द ही नौकरी पाना चाहते हैं, तो इन टिप्स को अपनाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। रिज्यूमे और कवर लेटर को आकर्षक बनाएं रिज्यूमे आपकी पहली पहचान है। इसे छोटा, सटीक और प्रोफेशनल रखें। अपनी स्किल्स, अनुभव और उपलब्धियों को हाइलाइट करें। हर जॉब प्रोफाइल के अनुसार रिज्यूमे को कस्टमाइज करें। कवर लेटर में बताएं कि आप कंपनी के लिए क्यों उपयुक्त हैं। स्किल्स और नॉलेज पर काम करें कंपनियां अब सिर्फ डिग्री पर नहीं, बल्कि आपके स्किल्स पर ध्यान देती हैं। अपने क्षेत्र से जुड़े कोर्स या सर्टिफिकेशन करें। कम्युनिकेशन स्किल, कंप्यूटर नॉलेज और प्रेजेंटेशन स्किल्स पर ध्यान दें। नए ट्रेंड्स और टेक्नोलॉजी के साथ अपडेट रहें। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करें आजकल ज्यादातर नौकरियां ऑनलाइन पोर्टल और सोशल मीडिया के जरिए निकलती हैं। LinkedIn, Naukri.com, Indeed जैसे पोर्टल्स पर प्रोफाइल बनाएं। प्रोफेशनल नेटवर्किंग बढ़ाएं और अपने क्षेत्र से जुड़े लोगों से जुड़ें। कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट पर करियर पेज चेक करते रहें। इंटरव्यू की तैयारी करें इंटरव्यू में आपका आत्मविश्वास और व्यक्तित्व सबसे ज्यादा मायने रखता है। सामान्य इंटरव्यू प्रश्नों की प्रैक्टिस करें। सही ड्रेसिंग और बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दें। कंपनी के बारे में पहले से रिसर्च करें और आत्मविश्वास के साथ जवाब दें। धैर्य और सकारात्मक सोच रखें नौकरी खोजने की प्रक्रिया में धैर्य जरूरी है। रिजेक्शन से घबराएं नहीं, बल्कि उसे सीखने का मौका मानें। अपनी गलतियों को सुधारें और दोबारा प्रयास करें। सकारात्मक सोच और लगातार प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं।  

चमक रहा इवेंट मैनेजमेंट, उभर रहे नए रोजगार

उदारीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों ने हमारी आर्थिक और सामाजिक ढांचे को ही बदल दिया है। यही वजह है कि आज लोगों में बच्चों के बर्थ डे कार्यक्रम से लेकर शादी−विवाह तक के समारोहों में बड़े पैमाने पर मनाने की होड़ लग गई है। यही वजह है कि आज स्टेटस सिंबल बन चुके सामाजिक रस्मों−रिवाजों को पूरा करने की जिम्मेदारी इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों को सौंपी जानी लगी है। ये कंपनियां मोटी रकम लेकर संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन करती हैं। फिलहाल इस व्यवसाय का देश भर में 600 हजार करोड़ रुपए का कारोबार है। इसमें हर साल 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी भी हो रही है। लिहाजा इस क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं उभर कर सामने आई हैं। इवेंट मैनेजमेंट का मतलब कार्यक्रम प्रबंधन है। जिसके तहत शादी, पार्टियां, बर्थ डे पार्टियां, सौन्दर्य प्रतियोगिता, खेल आयोजन, उद्योग जगत के विभिन्न कार्यक्रमों जैसे नए उत्पादों की लांचिंग, प्रेस कांफ्रेंस, सेमिनार, प्रशिक्षण और ब्रांड शो जैसे कार्यक्रम हैं। इवेंट मैनेजमेंट के तहत इन कार्यक्रमों से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक समूह कार्यक्रम कराने वालों की स्थिति का अध्ययन करता है। जिसके आधार पर ही इवेंट मैनेजर कार्यक्रमों की तैयारी करते हैं। आयोजक की जिम्मेदारी सिर्फ पैसे चुकाने तक ही होती है। इवेंट मैनेजमेंट के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कार्यों का संपादन किया जाता है। लिहाजा इसके लिए किसी विशेष पाठ्यक्रम की व्यवस्था नहीं है। यह व्यवसाय पूरी तरह से व्यवहार कुशलता और संचालन व्यवस्था पर आधारित है। इसलिए आमतौर पर एमबीए और जनसंचार से संबंधित डिग्रियां एक कुशल इवेंट मैनेजर बनने के लिए सहायक होती हैं। लेकिन व्यवहारिक रूप से कोई भी ग्रेजुएट युवक जो बहिमुखी प्रतिभा का धनी है और अपनी बातों को प्रभावी ढंग से दूसरे के समक्ष रखने में सक्षम है तथा उसमें प्रबंधन की क्षमता हो वह इसे कॅरियर के तौर पर अपना सकता है। एक इवेंट मैनेजर में टीम भावना होना बहुत जरूरी है। क्योंकि यह इस व्यवसाय का मेरू दंड है। इस कारोबार में उतरने से पहले अभ्र्यथी को किसी इवेंट कंपनी में बतौर प्रशिक्षु काम करना आवश्यक है। इसके अलावा उसे पार्टियों के आयोजन में हो रहे बदलाव से अवगत होना भी जरूरी है। साथ ही समाज के धनी तबके के बीच पैठ एक इवेंट मैंनेजर की सफलता के सूत्र हैं। इच्छुक अभ्यर्थी इन संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं… -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, 7 एवन आरकेड, डीजे रो विल पार्ले मुंबई। -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, जेएनयू कैम्पस, नई दिल्ली। -मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, शोला अहमदाबाद। -सेंट जेविर्यस कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन, धोबी तालाब रोड़, लाइंस मुंबई। -केजे सोमाया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, विले पार्ले मुंबई। -यूनिवर्सिटी ऑफ पुणे, गणेश खिंड, पुणे।  

पहली नौकरी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

आपने परीक्षा, इंटरव्यू आदि तमाम बाधाओं को पार करते हुए अपनी पसंद की नौकरी हासिल कर ली। यह मौका संतुष्ट होकर बैठ जाने का नहीं है, बल्कि आपसे यह अपेक्षा है कि आप पहले ही दिन अपने बॉस व साथियों से अपना लोहा मनवा लें और फिर लगातार स्वयं में सुधार लाते जाएं। अपनी पहली नौकरी में अच्छा काम कर दिखाना सफल करियर बनाने के लिए बहुत जरूरी है। आपको खूब मेहनत करनी होगी। पढ़ाई के दिनों की आदतें छोड़नी होंगीं। यह समझना होगा कि अब आप स्टूडेंट नहीं, प्रोफेशनल हैं। जानिए कि अपनी पहली नौकरी में आपको किन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। टाइम मैनेजमेंट इस बात का खास ध्यान रखें कि आप तय समय से कुछ पहले ऑफिस पहुंच जाएं। कॉलेज में पहला पीरियड निकल जाने के बाद पहुंचना चल जाता था लेकिन ऑफिस में यह रवैया नहीं चल सकता। स्कूल-कॉलेज में साल के अंत में आपको परीक्षा देनी होती थी मगर यहां आपको रोज-रोज परीक्षा देनी है और उसमें पास भी होना है। तय समय से पहले ऑफिस न छोड़ें। जो भी काम आपको सौंपा गया है, उसे समय-सीमा के अंदर पूरा कर दें। इसके लिए टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। ऑफिस का माहौल जानें हर ऑफिस का अपना खास माहौल, अपनी खास संस्कृति होती है। पहले दिन से ही इसका अध्ययन कर इसे समझने की कोशिश करें। यह देखें कि क्या कर्मचारी कैजुअल कपड़े पहनकर आते हैं या फिर फॉर्मल। यह भी कि वे ईमेल के जरिये संवाद करते हैं या रूबरू मिलकर। कुछ काम बच जाए, तो उसे घर से करने का चलन है या नहीं…। जानें आपसे क्या चाहा गया है आपको स्वयं पहल करके अपने बॉस के साथ बातचीत करनी होगी। उनसे जानें कि आपकी जिम्मेदारियां ठीक-ठीक क्या हैं। यह भी कि कंपनी के लक्ष्यों को पाने की प्रक्रिया में आप कहां ठहरते हैं। अच्छे दिखें फर्स्ट इंप्रेशन का अहम पहलू यह है कि आप दिखते कैसे हैं। स्मार्ट और प्रोफेशनल तरीके से कपड़े पहनें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। आपके कपड़े आरामदायक होने चाहिए, जिनमें आप पूरा दिन काम करते हुए बिता सकें। सुनें, देखें आपको लग सकता है कि आप बहुत कुछ जानते हैं और आपके आइडिया के दम पर कंपनी का बहुत फायदा हो सकता है लेकिन यह मत भूलिए कि कंपनी में अन्य लोग आपसे बहुत पहले से काम करते आ रहे हैं। उनके पास अनुभव है। इसलिए बिन मांगे अपने सुझाव न दें, खास तौर पर डींगें हांकने वाले अंदाज में तो कतई नहीं। शुरूआत में बेहतर यही होगा कि आप दूसरों की सुनें, उनके काम को देखें। जब पूछा जाए, तो ही अपनी राय दें और वह भी विनम्रता से। यदि कोई बात समझ में न आ रही हो, तो सवाल पूछने में झिझकें नहीं। कंपनी जानती है कि आप फ्रेशर हैं। कोई यह उम्मीद नहीं कर रहा कि आपको सब कुछ आता है। सो आपका सवाल पूछना सामान्य ही माना जाएगा। इससे यह समझा जाएगा कि आपमें काम सीखने की लगन है। तमीज का रहे ध्यान भले ही ऑफिस का माहौल अनौपचारिक हो लेकिन किसी साथी की सैलरी के बारे में पूछना अच्छा नहीं माना जाएगा। इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि आप क्या बोलते हैं और किससे बोलते हैं। किसी साथी से अनबन की स्थिति आ जाए, तो भी दूसरों से सामने उसकी बुराई कतई न करें। राजनीति से दूर रहें लगभग हर दफ्तर में ऑफिस पॉलिटिक्स होती ही है। नए रंगरूट के तौर पर आप इससे जितना दूर रहें, उतना ही अच्छा है। आप नहीं जानते कि कौन किस खेमे में है। आपको नहीं पता कि किसको कही गई बात किस तक पहुंच सकती है। कोई बॉस की बुराई करके आपको भी ऐसा करने के लिए उकसा सकता है। ऐसे में सबकी सुन लें लेकिन किसी के बहकावे में न आएं। अपने काम से काम रखें। अपना आकलन करें पहला महीना खत्म होने पर अपने इमिडिएट बॉस से पूछें कि आपका काम उन्हें कैसा लग रहा है और आपको स्वयं में क्या बदलाव लाने की जरूरत है। स्वयं में सुधार लाने की प्रक्रिया कभी बंद न होने दें।  

MPESB शिक्षक भर्ती में राहत: अब 25 अगस्त तक भर सकेंगे फॉर्म, 13,000 से ज्यादा पदों पर मौका

भोपाल  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती के लिए चल रही आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि को 6 अगस्त से बढ़ाकर अब 25 अगस्त 2025 कर दिया है। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उनके पास अब सुनहरा मौका है।इस भर्ती अभियान के तहत कुल 13,089 पदों को भरा जाएगा, जिनमें स्कूल शिक्षा विभाग के 10,150 पद और जनजातीय कार्य विभाग के 2,939 पद शामिल हैं। आवेदन की प्रमुख तिथियां प्रक्रिया                                             तिथि ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ              18 जुलाई 2025 अंतिम तिथि (बढ़ाई गई)              25 अगस्त 2025 आवेदन सुधार की अंतिम तिथि     26 अगस्त 2025 संभावित परीक्षा तिथि            31 अगस्त 2025 (हो सकती है स्थगित) क्या परीक्षा टल सकती है? एमपीईएसबी ने अभी तक परीक्षा की संभावित तिथि 31 अगस्त 2025 तय की है, लेकिन आवेदन तिथि बढ़ने के कारण परीक्षा की तिथि आगे खिसकना लगभग तय माना जा रहा है। नई तारीखों की घोषणा जल्द ही की जा सकती है। योग्यता और पात्रता: कौन कर सकता है आवेदन?     केवल वे अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे जिन्होंने MPESB द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2020 या 2024 को निर्धारित अंकों के साथ पास किया हो।     आवेदक के पास D.El.Ed (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) की डिग्री होना अनिवार्य है।     B.Ed धारकों को इस भर्ती प्रक्रिया में पात्र नहीं माना गया है।     अभ्यर्थियों को केवल एक ही फॉर्म भरना होगा, चाहे वे किसी भी विभाग के लिए आवेदन कर रहे हों।  

MPPSC कैलेंडर जारी: साल के अंत तक छह बड़ी भर्ती परीक्षाएं करेगा आयोग

इंदौर  मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) अगस्त से दिसंबर तक 6 बड़ी भर्ती परीक्षाएं आयोजित करेगा। इनमें राज्य अभियांत्रिकी सेवा, दत चिकित्सक, खनिज अधिकारी, सहायक संचालक, पंजीयक और खाद्य सुरक्षा अधिकारी जैसी अहम परीक्षाएं शामिल है। लाखों युवा इन परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं, हालांकि इन परीक्षाओं में पदों के मुकाबले आवेदकों की संख्या अधिक होने से मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा 2024 को लेकर गुस्सा 24 अगस्त को होने जा रही स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा 2024 में को लेकर अभ्यर्थियों में गुस्सा साफ नजर आ रहा है। इस परीक्षा के लिए 8 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, लेकिन सीटें बेहद सीमित है। कई छात्रों का कहना है कि आयोग को पहले सीटें बढ़ानी चाहिए थी, ताकि अधिक युवाओं को मौका मिल सके। सोशल मीडिया पर अभ्यर्थी एमपीपीएसी से सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद 21 सितंबर को सहायक संचालक (संस्कृति), उप संचालक, दंत चिकित्सक और खनि अधिकारी परीक्षाएं होंगी। शेड्यूल इस तरह रहेगा     24 अगस्तः राज्य अभियांत्रिकी सेवा (सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल)     21 सितंबरः सहायक संचालक(संस्कृति), उप संचालक, दंत चिकित्सक, खनि अधिकारी     12 अक्टूबरः सहायक अनुसंधान अधिकारी, सहायक प्रबंधक, आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी     23 नवंबरः सहायक पंजीयक परीक्षा     7 दिसंबरः खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा     14-21 दिसंबरः मुख्य रसायन, जिला विस्तार और माध्यम अधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी आदि।

परीक्षा हॉल में सख्ती: आधी बांह के बिना एंट्री नहीं, धार्मिक कपड़ों पर जांच अनिवार्य

बिलासपुर  व्यापम द्वारा 3 अगस्त को आयोजित प्रयोगशाला परिचारक भर्ती परीक्षा को लेकर सख्त ड्रेस कोड लागू किया गया है। परीक्षार्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनना अनिवार्य किया गया है। वहीं, धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर सामान्य समय से पहले पहुंचना होगा। ऐसे अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद ही परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया गया यह कदम     छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा प्रयोगशाला परिचारक भर्ती परीक्षा 3 अगस्त रविवार को आयोजित है।     यह परीक्षा सुबह पाली में प्रात: 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक संपन्न होगी।     जिले में परीक्षा के लिए कुल 47 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां 17,115 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।     परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और नकल पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सत दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।     जैसे जूते के बजाए चप्पल पहनकर ही पर्चा हल कर सकेंगे।     ढाई घंटे पहले उपस्थिति देनी होगी,30 मिनट पहले केंद्र के गेट बंद हो जाएंगे। कलेक्टर ने दिए आवश्यक निर्देश कलेक्टर संजय अग्रवाल ने परीक्षा की समुचित तैयारी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। सुरक्षा के लिहाज से इस बार परीक्षार्थियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किया गया है। 10:30 बजे बंद हो जाएगा गेट परीक्षा पूर्व निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर 11 बजे से 1:15 बजे तक आयोजित किया जाएगा। लेकिन अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार 10.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों में भारत इलेक्ट्रानिक लिमिटेड द्वारा जैमर तथा प्रत्येक परीक्षा केंद्र में एक कर्मचारी की ड्यूटी लगायी जाएगी। अभ्यर्थियों को हैंड मेटल डिक्टेटर तथा हाथों से तलाशी अर्थात फ्रिस्किंग की जाएगी। महिला पुलिस कर्मी करेंगी जांच प्रत्येक केंद्र में एक महिला और एक पुरूष पुलिस कर्मी फ्रिस्किंग का यह कार्य करेंगे। उन्हें परीक्षा शुरू होने के ढाई घंटे पहले अपनी उपस्थिति देनी होगी। महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग महिला पुलिस कर्मी द्वारा कराई जाएगी। केंद्र के प्रत्येक कक्ष में एक दीवाल घड़ी होगी। घड़ी, पर्स, पाउच, बेल्ट, टोपी प्रतिबंधित फुटवियर के रूप में चप्पल पहनें। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित किया गया है। परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रानिक उपकरण, इलेक्ट्रानिक घड़ी, पर्स, पाउच, बेल्ट, टोपी आदि ले जाने पर प्रतिबंध है। परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और उनकी उम्मीदवारी समाप्त कर दी जाएगी।