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UPSC CSE Mains परीक्षा का शेड्यूल जारी, 22 अगस्त से होगा एग्जाम

संघ लोक सेवा आयोग ( यूपीएससी ) ने upsc.gov.in पर सिविल सेवा मुख्य परीक्षा, 2025 का टाइम टेबल जारी कर दिया है. कार्यक्रम के अनुसार, परीक्षा 22 अगस्त (शुक्रवार) को निबंध पेपर (Essay paper) के साथ शुरू होगी और 31 अगस्त को वैकल्पिक विषय (पेपर 2) के साथ समाप्त होगी. यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएंगी, सत्र 1 सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और सत्र 2 दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 2025 के लिए सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है. कार्यक्रम के अनुसार, यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 22, 23, 24, 30 और 31 अगस्त को आयोजित की जाएगी. UPSC CSE Mains 2025: परीक्षा 2025 प्रत्येक दिन दो सत्रों में आयोजित की जाएगी: सुबह का सत्र: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक दोपहर का सत्र: दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक यूपीएससी सीएसई मेंस 2025: तारीख तय नहीं यूपीएससी सीएसई मेंस 2025: परीक्षा पैटर्न सिविल सेवा परीक्षा में तीन चरणों के बाद सेलेक्शन होता है. सबसे पहले प्रारंभिक(Prelims), मुख्य परीक्षा ( Mains)और साक्षात्कार (Interview). प्रारंभिक चरण में दो वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर (Objective Type Question Paper) होते हैं, जिनमें से प्रत्येक 200 अंकों का होता है. प्रश्नपत्र II (CSAT) अर्हता प्राप्त करने वाला होता है, जिसमें उम्मीदवारों को न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करने होते हैं. इस परीक्षा में दोनों प्रश्न पत्र अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध होते हैं. लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, जिसके लिए 275 अंक निर्धारित हैं. साक्षात्कार में कोई न्यूनतम अर्हक अंक (Minimum Qualifying Marks) आवश्यक नहीं है. मुख्य परीक्षा में दो अर्हक प्रश्नपत्र (Two qualifying papers) होते हैं – प्रश्न पत्र 'अ' (भारतीय भाषा) और प्रश्नपत्र 'ब' (अंग्रेजी), प्रत्येक 300 अंकों का होता है. इन्हें अंतिम मेरिट लिस्ट में नहीं गिना जाता है. मेरिट सूची में शामिल होने वाले प्रश्न पत्रों में शामिल हैं: निबंध, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र I से IV, और एक वैकल्पिक विषय पर दो प्रश्नपत्र. इन सातों प्रश्नों में से प्रत्येक 250 अंकों का होता है. सीएसई मुख्य परीक्षा के लिए कौन पात्र हैं? इस परीक्षा में केवल वे ही मुख्य परीक्षा के लिए पात्र होंगे जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा 2025 पास की है. प्रारंभिक परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों को विस्तृत आवेदन पत्र-I (DAF-I) जमा करना था. कब हुई थी प्रारंभिक परीक्षा यूपीएससी सीएसई प्रारंभिक परीक्षा 25 मई, 2025 को आयोजित की गई थी. इसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रकार के पेपर (एमसीक्यू) शामिल थे, प्रत्येक दो घंटे का था और अधिकतम 200 अंक थे. प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जून में घोषित किया गया था. मुख्य लिखित परीक्षा के बाद, यूपीएससी साक्षात्कार/व्यक्तित्व परीक्षण दौर आयोजित करेगा और अंतिम परिणाम घोषित करेगा. अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अधिक जानकारी के लिए नियमित रूप से आयोग की वेबसाइट देखते रहें.

स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए 16 से 31 जुलाई तक अतिरिक्त सीएलसी चरण

स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए 16 से 31 जुलाई तक अतिरिक्त सीएलसी चरण एनसीटीई पाठयक्रमों में प्रवेश में लिए भी अतिरिक्त चरण की समय सारणी जारी, 15 से 18 जुलाई तक होंगे पंजीयन भोपाल उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के शासकीय और अनुदान प्राप्त अशासकीय एवं निजी अशासकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए यह अतिरिक्त सीएलसी चरण 16 से 31 जुलाई तक आयोजित किया जायेगा। विद्यार्थियों के लिए 16 जुलाई से प्रतिदिन प्रवेश पोर्टल पर महाविद्यालय वार रिक्त सीटों का प्रदर्शन किया जायेगा। विद्यार्थी रिक्त सीटों पर सीधे महाविद्यालय में उपस्थित होकर प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। विद्यार्थी 16 जुलाई से प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे तक पंजीयन/विकल्प चयन कर सकेंगे। हेल्प सेंटर द्वारा सायं 4 बजे तक प्राप्त आवेदनों का सत्यापन किया जायेगा और सायं 5 बजे मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। मेरिट लिस्ट जारी होने के 24 घंटे के भीतर विद्यार्थियों को प्रवेश शुल्क जमा करना होगा। प्रवेश शुल्क जमा न किये जाने की स्थिति में प्रवेश मान्य नहीं होगा। विद्यार्थियों को निर्धारित अवधि में प्रवेश शुल्क जमा न करने की दशा में, पुनः रीचॉइस करनी होगी। अतिरिक्त सीएलसी चरण की यह प्रक्रिया 31 जुलाई तक ही होगी। एनसीटीई पाठयक्रमों में प्रवेश में लिए भी अतिरिक्त चरण की समय सारणी जारी उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिये एनसीटीई पाठयक्रम (बी.एड., एम.एड., बी.पी.एड., एमपीएड, बीएड एमएड (एकीकृत तीन वर्षीय ) एवं बी.एल.एड. तथा बी.एड. (अंशकालीन तीन वर्षीय) संचालित करने वाले शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए भी अतिरिक्त चरण की समय सारणी जारी की है। विद्यार्थी 15 से 18 जुलाई तक ऑनलाइन पंजीयन/आवेदन कर सकेंगे। पंजीकृत आवेदनों के दस्तावेजों का सत्यापन 15 से 19 जुलाई तक होगा। मेरिट सूची का प्रकाशन 21 जुलाई को होगा। विद्यार्थियों के लिए 23 जुलाई को सीट आवंटन किया जाएगा। आवंटित हेल्प सेंटर पर मूल दस्तावेजों, टीसी माइग्रेशन के साथ भौतिक सत्यापन के लिए विद्यार्थियों को उपस्थित होकर 23 से 25 जुलाई तक लिंक इनिशिएट कराना होगा। विद्यार्थियों को आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश शुल्क का भुगतान 23 से 26 जुलाई तक करना होगा। आवंटित महाविद्यालय में शुल्क के भुगतान की अंतिम तिथि 26 जुलाई है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रवेश शुल्क का भुगतान किए गए आवेदकों का ही प्रवेश मान्य होगा।  

सिडबी भर्ती 2025: ग्रेड A-B ऑफिसर के लिए नोटिफिकेशन जारी, जानें योग्यता और सैलरी

नई दिल्ली   बैंक में करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए शानदार चांस आ गया है। भारत के सरकारी बैंक सिडबी (SIDBI) ने ग्रेड A और ग्रेड B ऑफिसर पदों पर नई भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हो गया है। आवेदन 14 जुलाई से IBPS की ऑफिशियल वेबसाइट ibpsonline.ibps.in पर शुरू हो चुके हैं। जिसमें इस पद पर नौकरी पाने के इच्छुक अभ्यर्थी अंतिम तिथि 11 अगस्त 2025 तक अप्लाई कर सकते हैं। नोटिफिकेशन में फेज I और फेज II परीक्षा की तारीख भी बताई गई है। पद की डिटेल्स सिडबी का पूरा नाम भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक है, जिसका प्रमुख काम देश के छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के विकास के लिए काम करता है। इस बैंक में आप भी ऑफिसर पद पर नौकरी ले सकते हैं। किस पद के लिए कितनी रिक्तियां निकली हैं? यह जानकारी आप नीचे टेबल से भी देख सकते हैं।  योग्यता असिस्टेंट मैनेजर ग्रेड ए की इस नई भर्ती में अप्लाई करने के लिए उम्मीदवारों के पास कॉमर्स/इकोनॉमिक्स/मैथिमेटिक्स/स्टेटिस्टिक्स/बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन/इंजीनियरिंग में 60 प्रतिशत अंकों के साथ डिग्री या CS/CA/MBA/PGDM की डिग्री होनी चाहिए। मैनेजर ग्रेड बी के लिए बैचलर डिग्री किसी भी स्ट्रीम से 60 प्रतिशत अंकों के साथ 5 साल का अनुभव मांगा गया है। मैनेजर ग्रेड बी लीगल के लिए एलएलबी और 5 वर्ष काम का अनुभव, मैनेजर इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) के लिए बी.ई/बीटेक इंजीनियरिंग डिग्री/कंप्यूटर साइंस/कंप्यूटर टेक्नोलॉजी/इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी/इलेक्ट्रॉनिक्स/इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन के साथ 5 साल का एक्पीरियंस होना जरूरी है। योग्यता संबंधित ये जानकारी आप विस्तार से भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से भी चेक कर सकते हैं। एज लिमिट     आयुसीमा- ग्रेड ए ऑफिसर पद पर अप्लाई करने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम उम्र 30 वर्ष होनी चाहिए। वहीं ऑफिसर ग्रेड बी के लिए न्यूनतम उम्र 25 वर्ष और अधिकतम उम्र 33 वर्ष होनी चाहिए।     सैलरी- असिस्टेंट मैनेजर ग्रेड ए के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को करीब 1,00,000 रुपये प्रति माह और मैनेजर ग्रेड बी को लगभग 1,15,000 रुपये मंथली सैलरी मिल सकती है।     चयन प्रक्रिया- फेज 1, फेज 2 एग्जाम, इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन आदि चरणों के जरिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।     आवेदन शुल्क- सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को 1100 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। वहीं एससी/एसटी/पीएच अभ्यर्थियों को 175 रुपये एप्लीकेशन फीस सब्मिट करनी होगी।     फेज 1 परीक्षा तिथि- 6 सितंबर 2025 (संभावित)     फेज 2 परीक्षा तिथि- 4 अक्टूबर 2025 (संभावित) सिडबी की इस भर्ती से संबंधित अन्य किसी भी जानकारी के लिए आपको बैंक की आधिकारिक वेबसाइट विजिट करने की सलाह दी जाती है।

NEET PG पारदर्शिता मामला: सुप्रीम कोर्ट 3 अगस्त को करेगा अगली सुनवाई

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नीट-पीजी परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, खासकर उत्तर कुंजी जारी करने और मूल्यांकन प्रोटोकॉल के संबंध में चिंता जताने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 3 अगस्त की तारीख तय की है. न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने इन मुद्दों पर याचिकाओं पर संक्षिप्त सुनवाई की. वकील तन्वी दुबे के माध्यम से दायर एक याचिका में मूल्यांकन प्रणाली की अपारदर्शी प्रकृति को चुनौती दी गई है और नीट-पीजी आयोजित करने के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) को कई निर्देश देने की मांग की गई है. ये हैं याचिका की मुख्य मांगें     परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र और आंसर की दी जाए.     सही और गलत उत्तरों को प्रश्न के साथ अच्छे से बताया जाए.     अगर छात्रों के अंक में गड़बड़ा है तो पुनर्मूल्यांकन और दोबारा जांच कराई जाए.     परीक्षार्थियों को विवादित प्रश्नों या उत्तरों को चुनौती देने का अवसर मिले.     वर्तमान और भविष्य की नीट पीजी परीक्षा के लिए एक पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली लागू की जाए. याचिका में अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी जारी करने और मूल्यांकन के अनुसार सही और गलत प्रश्नों का खुलासा करने की मांग की गई है. इसमें अंकों में विसंगतियों के मामलों में पुनर्मूल्यांकन या पुनर्जांच के लिए निर्देश देने की भी मांग की गई है. याचिका में अभ्यर्थियों को विवादित प्रश्नों या उत्तरों को चुनौती देने का अधिकार देने और वर्तमान एवं भविष्य की नीट-पीजी परीक्षाओं के लिए पारदर्शी मूल्यांकन तंत्र स्थापित करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है.

दवा मार्केटिंग के मास्टर बन सवारें अपना भविष्य

फार्मास्युटिकल उद्योग तेजी से बढ़ने वाले उद्योगों में से एक है। शानदार ग्रोथ की वजह से इसमें नौकरियां भी तेजी से बढ़ी हैं। अगर आप साइंस बैकग्राउंड के हैं और सेल्स तथा कस्टमर को मैनेज करने का हुनर रखते हैं, तो मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में करियर की बेहतरीन शुरूआत कर सकते हैं…। भारत का फार्मा सेक्टर 13-14 फीसदी सालाना की दर से ग्रो कर रहा है। मेडिकल फील्ड में हो रही गतिविधियों के कारण मेडिसिन मार्केट भी कमर्शियल रूप से काफी आगे बढ़ रहा है। एफडीआई के बाद से इसमें और विस्तार होने की उम्मीद की जा रही है। कई विदेशी कंपनियां अपने उत्पादों का पेटेंट कराकर भारत में कारोबार करने आ रही हैं। इससे घरेलू फार्मा इंडस्ट्री और तेजी से विकसित हो रही है। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में इस फील्ड में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए जॉब्स की कमी नहीं होगी। क्या है काम मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स फार्मास्युटिकल कंपनीज और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के बीच की कड़ी होते हैं। वे उत्पादों को एक रणनीति के साथ बाजार में प्रमोट करते हैं। वन-टु-वन के अलावा वे ग्रुप इवेंट्स ऑर्गेनाइज कर दवाइयों के प्रति जागरूक करते हैं। फार्मास्युटिकल कंपनीज मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स को नियुक्त् करती हैं, ताकि वे कस्टमर्स और डॉक्टर्स को अपने प्रोडक्ट की उपयोगिता के प्रति संतुष्ट कर सकें। इस तरह मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव दवाइयों की मार्केटिंग में एक अहम भूमिका निभाते हैं। अलग-अलग दवा कंपनियां अपने यहां नियुक्ति के बाद कैंडिडेट्स को स्पेशल स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देती हैं। उन्हें एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, फार्माकोलॉजी, सेल्समैनशिप की ट्रेनिंग के अलावा डॉक्टर्स की प्रोफाइल, उत्पादों की जानकारी और फील्ड ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके तहत सैलिंग टेक्नीक्स बताई जाती हैं। फील्ड ट्रेनिंग के दौरान फ्रैश ग्रेजुएट्स को किसी सीनियर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के अधीन काम करना होता है। जरूरी स्किल्स मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बनने के लिए आपके पास मेडिकल फील्ड, मैनेजमेंट और मेडिसिन की संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए। आपको मानव शरीर और दवा में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक तत्वों की भी जानकारी रखनी होगी। ऐसे में आपके पास कम्युनिकेशन स्किल्स के साथ-साथ अंग्रेजी-हिंदी की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। इस फील्ड में काम के कोई तय घंटे नहीं होते हैं, इसलिए आपको इसके लिए पहले से तैयार रहना होगा। खुद को फिजिकली भी फिट रखना होगा। एजुकेशनल क्वॉलिफिकेशन फार्मा बिजनेस मैनेजमेंट में बीबीए या एमबीए, फार्मास्युटिकल एंड हेल्थकेयर मार्केटिंग में पीजी डिप्लोमा, फार्मा मार्केटिंग में डिप्लोमा या पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा कोर्स करने के बाद आप इस फील्ड में आगे बढ़ सकते हैं। इसके अलावा, सेलिंग और मार्केटिंग की स्किल रखने वाले साइंस ग्रेजुएट्स भी एंट्री ले सकते हैं। आज कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इससे संबंधित कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। कुछ संस्थानों में फार्मा बिजनेस मार्केटिंग से संबंधित कोर्स भी शुरू हो चुके हैं। डिप्लोमा कोर्स करने के लिए आपको साइंस के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा में प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स के पास बीएससी, बीफार्मा की डिग्री होनी चाहिए। 12वीं (मैथ्स और बायोलॉजी) के बाद बीबीए (फार्मा बिजनेस) में दाखिला लिया जा सकता है। तरक्की की संभावनाएं सेल्स परफॉर्मेंस और कस्टमर्स को मैनेज करने का हुनर रखने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव फार्मास्युटिकल मार्केटिंग में शानदार करियर बना सकते हैं। जो लोग कंपनी के टारगेट को समय-समय पर अचीव करते चलते हैं, उन्हें प्रमोशन मिलने में भी देर नहीं लगती है। आप एरिया मैनेजर, रीजनल या जोनल मैनेजर, डिवीजनल सेल्स मैनेजर, डिवीजनल कंट्रोलर, डिप्टी मार्केटिंग मैनेजर के अलावा मार्केटिंग मैनेजर के रूप में प्रमोशन पा सकते हैं। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के अलावा, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, प्रोडक्ट एग्जीक्यूटिव, बिजनेस एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करने का पूरा अवसर है। एमबीए या फार्मेसी की डिग्री रखने वाले एरिया मैनेजर, सर्कल मैनेजर, प्रोडक्ट मैनेजर, ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर, क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर, ब्रांड मैनेजर या मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में दवा कंपनियों के साथ जुड़ सकते हैं। इन कंपनियों में एक-दो साल का अनुभव रखने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स को इंटरव्यू के आधार पर नियुक्त किया जाता है। इसके अलावा, समय-समय पर अखबारों में और वेब साइट्स पर भी विज्ञापन निकलते रहते हैं। सैलरी पैकेज सामान्य तौर पर शुरूआती वेतन 10 से 20 हजार रुपए तक होता है लेकिन अनुभव के आधार पर आमदनी में इजाफा होता रहता है। कुछ अनुभव हासिल करने के बाद 30 से 40 हजार रुपए प्रतिमाह आसानी से हासिल किए जा सकते हैं। पांच या सात साल के अनुभव के बाद वेतन लाखों में हो सकता है। इसके अलावा, आपके परफॉर्मेंस के आधार पर समय-समय पर इंसेंटिव सहित कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। सेल्स टारगेट अचीव करने वालों को कई बार ब्रांड मैनेजमेंट जैसी जिम्मेदारी तक सौंप दी जाती है। इससे आपकी आमदनी बढ़ने के साथ-साथ मार्केट में एक अलग पहचान बनती है। प्रमुख संस्थान:- -दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंस एंड रिसर्च, दिल्ली -इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, वर्धा -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर), अहमदाबाद -एनआईपीईआर, मोहाली, चंडीगढ़ -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स, दिल्ली -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मा मार्केटिंग, लखनऊ  

एयरक्राफ्ट मेन्टेनेन्स इंजीनियरिंग बन भरें तकनीक की ऊंची उड़ान

एयरक्राफ्ट मेन्टेनेन्स इंजीनियरिंग एविएशन सेक्टर से संबंधित एक प्रमुख क्षेत्र है, जिसे मेन्टेनेन्स ब्रांच में शामिल किया गया है। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें प्रोफेशनल्स को पद व पैसा दोनों मिल रहा है। इसमें कमर्शियल एवं मिलिट्री एयरक्राफ्ट, स्पेस क्राफ्ट, सेटेलाइट एवं मिसाइल आदि की डिजाइनिंग, कंस्ट्रक्शन, डेवलपमेंट, टेस्टिंग, ऑपरेशन एवं मेन्टेनेन्स आदि के बारे में विशेषज्ञता हासिल की जाती है। एयरक्राफ्ट मेन्टेनेन्स इंजीनियर का सीधा संबंध एविएशन डिवीजन से होता है। एयरक्राफ्ट के सफलतापूर्वक टेक ऑफ की जिम्मेदारी भी इन्हीं के जिम्मे होती है। ये इंजीनियर पूरी तरह से सुरक्षा पर फोकस करते हैं, ताकि एयरक्राफ्ट को बिना किसी अवरोध के उड़ाया जा सके। क्या कहती है इंडस्ट्री रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक घोषणा के अनुसार इस समय भारतीय एविएशन इंडस्ट्री विश्व की नौवीं सबसे बड़ी एविएशन इंडस्ट्री है तथा 2020 तक इसके तीसरे सबसे बड़े एविएशन मार्केट के रूप में बनने की उम्मीद है। इसी तरह से 2030 तक पहुंचते-पहुंचते इसके पहले स्थान पर काबिज होने का अनुमान है। फिक्की-केपीएमजी रिपोर्ट के अनुसार एविएशन इंडस्ट्री में वर्ष 2017 तक देश में रोजगार में दोगुनी वृद्धि होगी और यह बढ़ कर 1.17 लाख के करीब पहुंच जाएगा। आने वाले समय में इसमें एयरक्राफ्ट मेन्टेनेन्स इंजीनियर पदों के लिए भारी संख्या में प्रोफेशनल्स की आवश्यकता पड़ेगी। बारहवीं के बाद रखें कदम एयरक्राफ्ट मेन्टेनेन्स इंजीनियरिंग तीन वर्षीय ट्रेनिंग कोर्स है। इसमें प्रवेश के लिए छात्रों को 10़2 की परीक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। छात्र की आयु 23 वर्ष से अधिक न हो। सैलरी इसमें ज्यादातर सैलरी पैकेज एकेडमी करियर एवं काम के बारे में जानकारी पर निर्भर करता है। शुरू शुरू में इसमें प्रोफेशनल्स को करीब तीन से चार लाख रुपए सालाना का पैकेज मिलता है। अनुभव बढ़ने के साथ सैलरी भी बढ़ती जाती है। प्राइवेट सेक्टर में सैलरी अधिक मिलती है। सुविधाओं के मामले में सरकारी क्षेत्र आगे है। फीस इसमें फीस की राशि संस्थान पर निर्भर करती है। अमूमन तीन साल के कोर्स में कुल छह सेमेस्टर होते हैं। इनकी फीस करीब दो से ढाई लाख रुपए होती है। इसके अलावा हॉस्टल, यूनिफार्म, खाने, टूल-किट व अन्य खर्चे भी शामिल हैं। छात्र किस्तों में भी फीस दे सकते हैं। एजुकेशन लोन छात्रों को देश-विदेश में अध्ययन के लिए प्रमुख राष्ट्रीयकृत, प्राइवेट अथवा विदेशी बैंकों द्वारा एजुकेशन लोन प्रदान किया जाता है। यह राशि पांच लाख से लेकर अधिकतम 20 लाख रुपए तक हो सकती है। छात्र को जिस संस्थान में एडमिशन लेना है, वहां से जारी एडमिशन लेटर, हॉस्टल खर्च, ट्यूशन फीस एवं अन्य खर्चों का ब्योरा बैंक को देना होता है। अंतिम निर्णय बैंक को करना होता है। बैंक सभी कागजात जांचता है।  

रुचि पहचानकर बनें प्रोग्रामिंग लैंग्वेज विशेषज्ञ, सवांरे अपना भविष्य

आईटी सेक्टर में प्रोफेशनल्स की मांग बनी हुई है। आज भी यह सेक्टर ट्रेंड प्रोफेशनल्स की कमी से जूझ रहा है। यह जरूरी नहीं कि इस क्षेत्र में प्रवेश लेने के लिए आपके पास बड़ी-बड़ी डिग्रियां हों। वेबसाइट बनाने से लेकर कई अन्य प्रोग्राम्स बनाने में कंप्यूटर लैंग्वेज का हुनर जरूरी है। प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीख कर आप आईटी क्षेत्र में कैसे प्रवेश कर सकते हैं, बता रहे हैं हम…. विभिन्न सर्वेक्षणों से यह बात सामने आई है कि आईटी सेक्टर में जॉब की कोई कमी नहीं है। देश में ही नहीं, ट्रेंड प्रोफेशनल्स के लिए विदेशों में भी नौकरी के अवसर बने हुए हैं। बस जरूरत है तो अपनी रुचि पहचान कर उसका विशेषज्ञ बनने की। अगर आप भी आईटी सेक्टर में करियर का सपना बुन रहे हैं तो आपको कुछ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर मजबूत पकड़ बनानी होगी। दरअसल ये लैंग्वेज मोबाइल एप और वेबसाइट्स बनाने से लेकर डेटा एनालिसिस जैसे कई कार्यों में मददगार होती हैं। जावास्क्रिप्ट इस समय नए-नए व उपयोगी एप्स बनाने में जावास्क्रिप्ट की बड़ी भूमिका है। जावा और जावास्क्रिप्ट में सिर्फ नाम की ही समानता है। जावास्क्रिप्ट का इस्तेमाल वेब एप्स बनाने में किया जाता है। मॉडर्न वेब को बनाने में जावास्क्रिप्ट का इस्तेमाल बखूबी किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल करने वालों को बस एक शिकायत रहती है कि इसकी वजह से वेबसाइट की ब्राउजिंग धीमी हो जाती है। इसके अलावा आज जावास्क्रिप्ट का इस्तेमाल वेब पेजेज में फॉर्म्स ऑथेंटिकेशन, ब्राउजर डिटेक्शन और डिजाइन इम्प्रूव करने में किया जा रहा है। आपके फेवरेट ब्राउजर क्रोम एक्सटेंशंस, एपल के सफारी एक्सटेंशंस, एडोब एक्रोबैट रीडर और एडोब क्रिएटिव सूट जैसी एप्लिकेशंस जावास्क्रिप्ट कोडिंग के बिना अधूरी हैं। मशहूर एप्स और ब्राउजर को तो आपने कई बार इस्तेमाल किया होगा, क्यों न इनके अपग्रेड हो रहे सफर में शामिल हुआ जाए। पीएचपी आज अधिकतर वेबसाइट्स पीएचपी पर बनाई जाती हैं। याहू, फेसबुक, वर्डप्रेस जैसी कई कंपनियों ने न सिर्फ अपनी वेबसाइट्स इसी लैंग्वेज में बनाईं, बल्कि साइट के रखरखाव में भी इसी लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप भी चाहते हैं कि ऐसी किसी बड़ी कंपनी में बतौर प्रोफेशनल जुड़ें तो लैंग्वेज की जानकारी इन कंपनियों में जॉब पाने का एक माध्यम बन सकती है। वेबसाइट्स बनाने के लिए पीएचपी बहुत ही कॉमन लैंग्वेज है। हालांकि कई प्रोग्रामर्स ऐसे भी हैं, जिन्हें प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के तौर पर पीएचपी पसंद नहीं। हाई-स्पीड स्क्रिप्टिंग और ऑगमेंटेड कंपाइलिंग कोड प्लगिंग्स जैसी खासियतों के चलते इस लैंग्वेज का फ्यूचर ब्राइट है। पीएचपी से जुड़े कोर्स कर लेने के बाद आप वेब डिजाइनर और वेब डेवलपर जैसे पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। दरअसल पीएचपी सर्वर स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है, जिसका इस्तेमाल वेब डेवलपमेंट के साथ आम प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में भी होता है। ओपन सोर्स होने की वजह से पीएचपी का आज 24 करोड़ से ज्यादा वेबसाइट्स और 20 लाख वेब सर्वर्स में इस्तेमाल हो रहा है। वेब डिजाइनर के रूप में आप शुरुआत में 15 हजार से 20 हजार रुपए पा सकते हैं। अनुभव के बाद अच्छी सेलरी मिलती है। सी सी सबसे पुरानी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में से एक है। यहां तक कि कंप्यूटर की थोड़ी बहुत जानकारी रखने वाले के लिए भी सी जाना-पहचाना नाम है। आज भी बहुत सी आईटी कंपनियों में सी प्रोग्रामर की बहुत डिमांड है। इस लैंग्वेज को 70 के दशक में विकसित किया गया था। इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि 1978 में द सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज नाम की 800 पन्नों की एक किताब तक छप गई। यह किताब आज भी मशहूर है। सी लैंग्वेज को सीखने और इसमें एक्सपर्ट होने के बाद आपके लिए देश-विदेश में जॉब की कोई कमी नहीं होगी। आप इस क्षेत्र में काफी आगे तक जा सकते हैं। जावा आज इस लैंग्वेज का इस्तेमाल न सिर्फ कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में किया जाता है, बल्कि मोबाइल फोन आदि की एप्लिकेशन में भी इसके बगैर काम नहीं चलता। दरअसल जावा ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है। इसे क्लाइंट-साइड लैंग्वेज भी कहा जाता है, क्योंकि ईजी कमांड्स, ईजी कोड्स होने की वजह से यह क्लाइंट-साइड वेब ब्राउजर में इस्तेमाल की जाती है। जावा कोर्स करके आप वेब डेवलपर, प्रोग्रामर जैसी जॉब के लिए कोशिश कर सकते हैं। इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की सहायता से एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर बनाना आसान होता है। जावा एक बड़ी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, इसीलिए कंपनी ने इसे कई भागों में बांटा हुआ है। यानी आप बतौर प्रोग्रामर्स जिस वर्ग से संबंधित सॉफ्टवेयर का विकास करना चाहते हैं, उसी में विशेषज्ञता हासिल करें। जावा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पोर्टेबिलिटी व सुरक्षा है। आज दुनियाभर में यह सबसे लोकप्रिय प्रोग्रामिंग लैंग्वैज है। आज हर दिन नई-नई एप सामने आ रही हैं। इन एप को बनाने में जावा की अहम भूमिका होती है। ऑब्जेक्टिव सी सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज काफी पुरानी और एक सफल लैंग्वेज रही है। इसी से प्रेरित होकर बाद में इससे मिलते-जुलते नाम से अन्य लैंग्वेज भी विकसित की गईं। इन्हीं में से एक है ऑब्जेक्टिव सी। सी से प्रेरित होकर बनी इस लैंग्वेज में कई नए एडवांस फीचर जोड़े गए। अगर आप चाहते हैं कि भविष्य में आईफोन के एप्स बनने में आपकी भी भूमिका हो तो यह लैंग्वेज आपके करियर को ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। दरअसल इस लैंग्वेज का इस्तेमाल आमतौर पर आईफोन की एप्स बनाने में किया जा रहा है। वैसे एपल कंपनी ऑब्जेक्टिव सी के साथ अपनी बनाई हुई लैंग्वेज का भी इस्तेमाल करती है। यूं समझें कि ऑब्जेक्टिव सी आपको एक बेहतरीन करियर देने के लिए बनी है।    पर्ल जब भी टेक्स्ट प्रोसेसिंग की बात आती है तो पर्ल लैंग्वेज को ही याद किया जाता है। पर्ल लैंग्वेज को 80 के दशक में नासा के एक इंजीनियर ने बनाया था। बतौर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज यह एक प्रभावशाली भाषा है। इंजीनियर्स इसे द डक्ट टेप ऑफ द वेब टैग नाम से जानते हैं। इस भाषा में प्रोग्रामिंग करना न सिर्फ आसान है, बल्कि काफी फ्लैक्सिबल भी है। पर्ल को मल्टीटास्किंग लैंग्वेज के रूप में जाना जाता है। सिस्टम प्रोग्रामिंग की कितनी ही मुश्कि लें क्यों न हों, पर्ल लैंग्वेज में सभी हल हैं। इस भाषा में लिखी गई प्रोग्रामिंग पर्ल स्क्रिप्ट के रूप में जानी जाती है। पर्ल की कई खूबियां हैं, जो अपनी समकक्ष भाषाओं से … Read more

अम्बिकापुर : आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु 21 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन

अम्बिकापुर  बाल विकास परियोजना अम्बिकापुर (ग्रामीण) के परियोजना अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंन्द्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के रिक्त पदों पर आवेदन पत्र 21 जुलाई 2025 तक आमंत्रित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि  ग्राम मानिकप्रकाशपुर के आंगनबाड़ी केंन्द्र मानिकप्रकाशपुर एक में कार्यकर्ता के 01 पद एवं ग्राम लब्जी के आंगनबाड़ी केंन्द्र बैगापारा में 01 सहायिका पद पर भर्ती की जानी है। इस हेतु केवल महिला ही आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए आयु सीमा आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। वे अपना आवेदन पत्र परियोजना कार्यालय अम्बिकापुर (ग्रामीण) से प्राप्त कर निर्धारित अंतिम तिथि तक परियोजना कार्यालय (ग्रामीण) में पंजीकृत डाक अथवा स्वयं उपस्थित होकर आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।

जगदलपुर : शासकीय कन्या पाॅलीटेक्निक जगदलपुर में होगा 13 जुलाई तक प्रवेश

जगदलपुर : शासकीय कन्या पाॅलीटेक्निक जगदलपुर में होगा 13 जुलाई तक प्रवेश जगदलपुर बस्तर अंचल के विद्यार्थियों को पीपीटी परीक्षा से छूट प्रदान कर त्रिवर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम हेतु पाॅलीटेक्निक संस्था में सीधे प्रवेश का अवसर देते हुए शासकीय कन्या पाॅलीटेक्निक जगदलपुर में संचालित पाठ्यक्रमों के रिक्त सीटों को तृतीय चरण की काउंसलिंग के माध्यम से भरा जाना है। इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया एवं आवेदन के तृतीय चरण की काउंसलिंग 10 जुलाई से 13 जुलाई 2025 तक होना है। आवेदन के लिए ऑनलाइन पोर्टल 13 जुलाई 2025 तक खुला रहेगा। इस हेतु https://cgdteraipur.cgstate.gov.in/   एवं  https://cgdte.admissions.nic.in/   पोर्टल में  ऑनलाइन   आवेदन कर छात्राएं संस्था में सीधे प्रवेश का अवसर प्राप्त कर सकती हैं। इस हेतु संस्था में भी अभ्यर्थी सुविधा केन्द्र बनाया गया है, जिसमें उपस्थित होकर जानकारी ली जा सकती है।

जगदलपुर : प्लेसमेंट केम्प के माध्यम से रिक्त पदों की पूर्ति हेतु जानकारी देने की अपील

जगदलपुर : प्लेसमेंट केम्प के माध्यम से रिक्त पदों की पूर्ति हेतु जानकारी देने की अपील जगदलपुर  जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र जगदलपुर द्वारा निजी क्षेत्र के रिक्त पदों हेतु प्लेसमेंट केम्प का आयोजन जुलाई माह में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। उप संचालक रोजगार जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार प्लेसमेंट केम्प के माध्यम से रिक्त पदों की पूर्ति करने के इच्छुक नियोजक अपने फर्म (संस्था), कार्यालय और दुकान की रिक्तियों की जानकारी कार्यालय जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र जगदलपुर को पत्र के माध्यम से या कार्यालय के ईमेल  ddirempl@gmail.com अथवा कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर जानकारी प्रदाय कर सकते हैं। जिसमें पदवार रिक्तियों की संख्या, वांछित योग्यता, अनुभव एवं प्रतिमाह देय वेतन की जानकारी भी दिया जाना आवश्यक है, ताकि प्लेसमेंट कैम्प हेतु पद अनुरूप युवाओं को आकर्षित किया जा सके।