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विजय शर्मा का तीखा जवाब: छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की उपेक्षा का सवाल ही नहीं उठता

रायपुर PCC चीफ बैज के बयान पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा, जिस राज्य के मुख्यमंत्री आदिवासी हैं उस राज्य में आदिवासियों की उपेक्षा का आरोप लगाना गलत है. हमारे मुख्यमंत्री आदिवासी हैं. उनके मार्गदर्शन में हम काम कर रहे हैं. इनके पास बोलने के लिए कुछ विषय नहीं है इसलिए कुछ भी बोलते रहते हैं. कांग्रेस ने एक को आदिवासी कहकर मुख्यमंत्री बनाए थे. आज तक कोई उनको आदिवासी नहीं मान पाए. बता दें कि दीपक बैज ने कहा है कि प्रदेश में आदिवासियों की उपेक्षा हो रही है. आदिवासी त्योहार नहीं मनाया जा रहा है. हाफ बिजली योजना में संशोधन को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, इसकी अभी मुझे पूरी जानकारी नहीं है. मध्यमार्गी परिवार के लिए इसके एवज में योजना लाई गई है. प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना विकल्प में रखा गया है. एक लाख से ज्यादा सब्सिडी दी जा रही है. सूर्य घर योजना से अब लोग अपने घर में ही मुफ्त में बिजली बना सकेंगे. राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ आना हमारे लिए फायदेमंद आगामी राहुल गांधी के दौरे को लेकर विजय शर्मा ने कहा, राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ आना हमारे लिए फायदेमंद है. हम सभी जानते हैं कि राहुल गांधी कितना तर्कहीन बात करते हैं. उनकी बातों में कोई तर्क नहीं होता है. PCC चीफ दीपक बैज के बयान पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा, देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री से सलाह लेना कोई गलत बात है क्या? सलाह लिया इसमें कोई गलत बात नहीं है.

सेंट्रल जेल रायपुर: शोएब ढेबर को मुलाकात कक्ष से किया गया प्रतिबंधित, आदेश जारी

रायपुर शोएब ढेबर पिता अनवर ढेबर को सेंट्रल जेल रायपुर के मुलाकात कक्ष से आगामी तीन माह के लिए प्रतिबंधित किया गया है। शोएब ढेबर जेल अधिकारियों की अनुमति के बिना जबरदस्ती मुलाकात कक्ष में प्रवेश कर शासकीय कार्य में बाधा डाला था, जिसके चलते यह प्रतिबंध लगाया गया है। जेल अधीक्षक रायपुर की ओर से जारी आदेश अनुसार शोएब ढेबर ने अधिवक्ता मुलाकात के समय संबंधित अधिकारियों द्वारा मना किए जाने के बावजूद जबरन प्रवेश किया, जिससे जेल के सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में बाधा उत्पन्न हुआ। इस घटना की जांच उप जेल अधीक्षक एमएन प्रधान ने की, जिनकी रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि शोएब ढेबर ने शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न किया है। जेल नियमावली के नियम 690 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक ने आदेश जारी करते हुए शोएब ढेबर को तीन माह तक किसी भी बंदी से किसी भी प्रकार की मुलाकात से प्रतिबंधित कर दिया है। जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल परिसर की सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने कड़े कदम उठाए जाएंगे।

घर में फांसी पर लटका मिला आरक्षक, वजह तलाश रही पुलिस

दुर्ग पुलिस आरक्षक ने पुलिस लाइन स्थित अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आरक्षक का नाम सुरेंद्र साहू बताया जा रहा है, जो पुलिस लाइन में पदस्थ था. घटना की सूचना मिलते ही पद्मनाभपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच कर रही. बता दें कि पिता की मृत्यु के बाद सुरेंद्र साहू को अनुकंपा में पुलिस विभाग में नियुक्ति मिली थी. इसके बाद से ही वह पुलिस लाइन में कार्यरत था. वहीं आज सुबह सुरेंद्र ने अपने ही घर में पंखे के सहारे से फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही पद्मनाभपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतार कर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवा दिया है. मृतक सुरेंद्र साहू के पास से किसी भी प्रकार का कोई सुसाइडल नोट नहीं मिला है. पुलिस मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकालने की तैयारी कर रही है.

मंदिर अपमान से भड़के लोग, थाने का किया घेराव, आरोपी गिरफ्त में

 दुर्ग  भिलाई के वार्ड 23 में पीपल पेड़ के नीचे स्थित मंदिर में मुस्लिम युवक ने तोड़फोड़ किया है. इस घटना से लोगों में आक्रोश है. इस मामले को लेकर बजरंग दल के साथ वार्डवासियों ने जामुल थाने का घेराव कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी अब्दुल सजाद को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, अटल आवास में रहने वालों के तुलसी चौरा और पीपल पेड़ के नीचे स्थित मंदिर में अब्दुल सजाद ने शराब के नशे में तोड़फोड़ किया है. इस घटना से आक्रोशित वार्डवासी जामुल थाना पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे. पुलिस की समझाइश के बाद लोग वापस लौटे. पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि लोगों की शिकायत के बाद आरोपी अब्दुल सजाद को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा किए गये नवाचार के प्रचार-प्रसार हेतु विवेकानन्द महाविद्यालय में शिविर आयोजन

एमसीबी     मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला-एमसीबी के निर्देशानुसार शासकीय विवेकानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ में एकदिवसीय शिविर आयोजन कर जिला स्तर पर किए गये नवाचार की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। विद्यार्थियों को फार्म-6 में अग्रिम आवेदन भरकर ऑनलाईन एवं ऑफलाईन मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को समझाया गया तथा भारत निर्वाचन आयोग के इसीनेट एप्स की जानकारी, चुनाव के पश्चात जनरल डेटा डिजिटल रूप में तेजी से तैयार करने की समयबद्धता एवं पारदर्शिता से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। मतदान केन्द्रों पर मोबाईल फोन जमा करने की सुविधा, दिव्यांग नागरिकों के लिए जिले में प्रदाय की गई सुविधाओं यथा व्हीलचेयर, सहायताकर्मी के रूप में राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, स्काउट गाइड के विद्यार्थियों द्वारा किए गये सराहनीय कार्यो की जानकारी दी गई। वहीं पच्चासी वर्ष से अधिक वरिष्ठ आयु वाले एवं दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान करने का विकल्प जैसी सुविधाओं की जानकारी दी गई।       निर्वाचन में सक्षम एप्स की जानकारी दी गई। इपिक में डुप्लीकेट एंट्री को रोकने के लिए लागू की गई यूनिक इपिक नंबर की जानकारी दी गई। वही डूप्लीकेट निरस्तीकरण के अंतर्गत मृत वोटरों को सूची से हटाने की जानकारी दी गई। इसीनेट के माध्यम से रियल टाईम वोटर “टर्न आऊट” की रिपोर्टिंग प्रत्येक दो घंटे में अपलोड कर मतदान प्रतिशत को अपडेट करने की जानकारी दी गई। इसी क्रम में संवेदनशील मतदान केन्द्रों में लाइव वेबकाॅस्टिंग की व्यवस्था से भी विद्यार्थियों को अवगत् कराया गया। मतदान प्रशिक्षण में विशेष रूप से माॅकपोल प्रशिक्षण को विशेष रूप से जोड़ा जाना, ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपैट में सुधार की प्रक्रिया से विद्यार्थियों को अवगत् कराया गया। फास्ट ट्रेक के रूप में इपिक कार्ड के अपडेट होने एवं 15 दिन के अंदर डिलीवरी सुनिश्चित होने की जानकारी प्राचार्य डाॅ. श्राबनी चक्रवर्ती के संरक्षण में एवं मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम संयोजक डाॅ. सरोजबाला श्याग विश्नोई द्वारा दी गई। डाॅ. नसीमा बेगम अंसारी सह-संयोजक द्वारा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किये गये नवाचार पर आयोजित कार्यक्रम का मंच संचालन किया गया। कार्यक्रम में डाॅ.सुशील कुमार तिवारी, डाॅ.अरूणिमा दत्ता, शरणजीत कुजूर के द्वारा भी व्याख्यान देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।      कार्यक्रम में डाॅ. प्रभा राज, भीमसेन भगत,  अनुपा तिग्गा, कमलेश पटेल,  सुनील कुमार गुप्ता, सुशील कुमार छात्रे, रामनिवास गुप्ता,  पुष्पराज सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, थनेन्द्र कश्यप, डाॅ. रिंकी तिवारी, सुश्री अल्पना रानी खलखो, शिवकुमार, प्रकाश दास मानिकपुरी, शिवानंद साकेत, रामजी गर्ग, शुभम गोयल, मनीष कुमार श्रीवास्तव,  सुनीत जाँनसन बाड़ा, प्रेमलाल पटेल, बाबूलाल शुक्ला, श्रीमती मीना त्रिपाठी, भोले प्रसाद रजक, हेमन्त सिंह, सुश्री साधना बुनकर, प्रदीप कुमार मलिक,  सतीश सोनी, पारसनाथ तिग्गा, ने सहभागिता कर लाभान्वित हुए एवं कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक डाॅ. विश्नोई द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया।

शासकीय हाईस्कूल में हर घर तिरंगा का किया गया आयोजन, छात्र एवं छात्राओं ने निकाली तिरंगा रैली

एमसीबी/पिपरिया  भारतीय ध्वज “तिरंगा“ राष्ट्र का प्रतीक है। इस 79 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर “हर घर तिरंगा“, कार्यक्रम का आयोजन 02 से 15 अगस्त, 2025 तक तीन चरणों में (प्रथम चरण 02 से 08 अगस्त, द्वितीय चरण 09 से 12 अगस्त, तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त 2025) तक किया जाना है, जो “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग“ थीम पर आधारित होगा। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल पिपरिया में तिरंगा यात्रा निकाला गया। प्राचार्य डॉ. विनोद पांडेय ने बताया कि छात्र-छात्राओं के साथ ग्रामवासियों को इस यात्रा का उद्देश्य विस्तार से बताया गया। यह हमारे देश की शान व हमारे स्वतंत्रता का परिचायक है। यह हमारे मजबूत लोकतंत्र को बताता है, कि हम सभी भारत के लोग एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विश्वास और धर्म की स्वतंत्रता और अवसर की समानता प्राप्त करने के लिए है जिससे छात्र-छात्राओं के मन में  राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित  हो। भारत सरकार द्वारा चरणबद्ध दिए गए गतिविधियों जैसे समस्त शासकीय भवनों एवं संस्थानों आवासीय भवनों में तिरंगा लाईटिंग, रंगोली, सेल्फी जोन एवं तिरंगा फहराना एवं पैम्पलेट, बैनर, स्टैण्डज़ आदि के माध्यम से “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता : स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग“ कार्यक्रम को सफल बनाने स्थानीय भाषाओं में प्रमुखता से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।  रैली कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के नारे लगाते हुए ग्राम के प्रमुख चौराहे पर एकत्रित हुए, रैली में प्रमुख रूप से उषा किरण सिंह, जरीना परवीन, अबुल कमर, शर्मिष्ठा दत्ता, कदम कुंवर प्रधान पाठक एवं संगीता तिवारी, गौरी शंकर सिंह व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

चिरमिरी में 3 विकास कार्यों के लिए 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार रुपये की मिली प्रशासकीय स्वीकृति

चिरमिरी में 3 विकास कार्यों के लिए 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार रुपये की मिली प्रशासकीय स्वीकृति स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत मिली राशि एमसीबी/चिरमिरी छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन विभाग ने राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों हेतु कुल 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार  रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से यह स्वीकृति चिरमिरी नगर पालिक निगम क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए दी गई है। इन कार्यों में वॉर्ड क्र. 07 में कोरिया कॉलरी शाखा शिवमंदिर के पास विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य  लागत 3 करोड़ 56 लाख 76 हजार, अटल परिसर से मालवीय नगर तक पोड़ी वेस्ट चिरमिरी में सड़क चौड़ीकरण  कार्य लागत 69 लाख 19 लाख तथा अहिंसा चौक हल्दीबाड़ी से अग्रसेन चौक बड़ा बाजार तक सड़क चौड़ीकरण कार्य लागत 1 करोड़ 92 लाख 77 हजार रुपए शामिल है।  स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से जिले के सभी क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं और नए विकास कार्यों की मंजूरी भी मिल रही है। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत मिले इन विकास कार्यों के लिए स्वास्थ्य मंत्री, उपमुख्यमंत्री अरुण साव तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट किया है।

छत्तीसगढ़ में मौसम का बदला मिजाज: गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, उमस से बेहाल लोग

रायपुर छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग रायपुर के अनुसार, 7 से 9 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे कुछ राहत तो मिली, लेकिन उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 48 घंटों में बिजली गिरने, तेज गर्जना और तेज बौछारों की आशंका बनी हुई है। राजधानी में 7 अगस्त को आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा। दिन में एक-दो बार वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। बिलासपुर में पिछले चार दिनों से गर्मी और उमस ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। 2 अगस्त को तापमान सामान्य से नीचे था, लेकिन इसके बाद गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली। बुधवार को पारा 35.3 डिग्री पहुंच गया, जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। लोगों को तेज धूप और चिपचिपी उमस ने सावन की ठंडक तक भुला दी है। मानसून द्रोणिका यह इस समय फिरोजपुर, करनाल, मुरादाबाद, खेड़ी, जलपाईगुड़ी होते हुए अरुणाचल प्रदेश तक फैली हुई है। चक्रीय चक्रवात बांग्लादेश के मध्य भाग में स्थित है, जो 5.8 से 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला है। इस सिस्टम के कारण अगस्त माह में प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग की चेतावनी आने वाले 48 घंटों में बिजली चमकने, तेज गर्जना और आंधी के साथ बारिश की चेतावनी। लोगों से खुले में बिजली गिरने के दौरान रहने से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील।

समग्र विकास का मंत्र: मुख्यमंत्री ने आदि कर्मयोगी बैठक में आदिवासी ग्रामों में जनसहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देशित किया कि आदि कर्मयोगी अभियान के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का समग्र विकास जनभागीदारी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत पूरे देश में आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में 20 लाख स्वयंसेवकों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य की भागीदारी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1,32,400 वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि युवाओं को वॉलंटियर्स के रूप में रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ शेष हैं, उनकी पहचान की जाए और आगामी 2 अक्टूबर 2025 को ग्राम सभाओं में इस पर विशेष चर्चा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन कमियों को दूर करने के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आवश्यक ठोस कदम उठाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त हो। बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत ग्रामों में ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जो न केवल मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता में सहायक होंगे, बल्कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सतत क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 से 28 जुलाई 2025 के मध्य सम्पन्न किया जा चुका है तथा जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स की सूची भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। आगामी गतिविधियों में जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिन्हें शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आदिम जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

देशभर से आए विशेषज्ञ निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की दे रहे जानकारी

रायपुर : गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्रियों के चयन के लिए मानकों की जानकारी जरूरी – अरुण साव पीडब्लूडी के अभियंताओं के लिए बीआईएस द्वारा आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री देशभर से आए विशेषज्ञ निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की दे रहे जानकारी रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव आज भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 6 अगस्त और 7 अगस्त को दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। देशभर से आए विषय विशेषज्ञ कार्यक्रम में अभियंताओं को अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्रियों और कार्यों के नए मानकों की जानकारी दे रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न जिलों के अभियंता इसमें हिस्सा ले रहे हैं जिनमें अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम में कहा कि लगातार बदल रही तकनीकों, जरूरतों और अनुसंधानों के बीच नए मानकों और नवाचारों से अपडेट रहना जरूरी है। एक इंजीनियर के रूप में सम-सामयिक तकनीकी पहलुओं और उनके नवीन मापदंडों की जानकारी आवश्यक है। अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने में इनकी अच्छी जानकारी काफी मददगार होती है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे हमारे अभियंताओं की दक्षता और क्षमता बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि निर्माण उद्योग में अलग-अलग कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं की भिन्न-भिन्न गुणवत्ता और कीमत वाली सामग्री मौजूद हैं। गुणवत्ता और मानकों की अच्छी जानकारी रहने से आप सही सामग्रियों का चयन कर सकते हैं। आपके पर्यवेक्षण (Supervision) में हो रहे कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आपकी है। इसके लिए निर्माण कार्यों में मानकों के अनुरूप प्रमाणित सामग्रियों का उपयोग करें। साव ने दो दिनों तक चलने वाले इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम का पूरा लाभ लेते हुए अपनी जानकारियों को अपडेट करने को कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को कार्यस्थल पर प्रभावी कार्य संपादन में सहायता मिलेगी।  लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी ने कहा कि देश-दुनिया में प्रचलित मानकों और मापदंडों से विभाग के अभियंताओं को अवगत कराने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि हर अभियंता को मानकों की पूरी जानकारी रखने के साथ ही फील्ड में इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना चाहिए। उन्होंने मानकों और मापदंडों का पालन कर राज्य में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने को कहा। भारतीय मानक ब्यूरो के क्षेत्रीय निदेशक सुमन कुमार गुप्ता और वैज्ञानिक श्रीमती मधुरिमा माधव ने भी प्रतिभागी अभियंताओं को संबोधित किया। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय के संयुक्त निदेशक फालेन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।  सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों तथा सामग्रियों के मानकों की दी जा रही जानकारी भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को अलग-अलग सत्रों में सिविल और इलेक्ट्किल कार्यों के मानकों की जानकारी दे रहे हैं। सिविल कार्यों में रिसोर्स पर्सन के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ डी.एस. धपोला, डॉ. आदित्य प्रताप सान्याल, डॉ. आर.पी. देवांगन, डॉ. प्रवीण निगम और डॉ. ललित कुमार गुप्ता नए मानकों और मापदंडों की जानकारी दे रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिकल कार्यों में सर्वबाबुल चक्रवर्ती, उमा शंकर, सुहासकृष्णन के.वी. और सुभावना कस्तुरिया मानकों की जानकारी दे रहे हैं।