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​नई दिल्ली में आयोजित ‘विजनरी डॉक्टरेट अवार्ड्स’ में शामिल हुए बस्तर सांसद महेश कश्यप

जगदलपुर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 'विजनरी डॉक्टरेट अवार्ड्स' कार्यक्रम में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस प्रतिष्ठित समारोह में देशभर से पहुंचे उन प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा, विज्ञान, कला और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले महानुभावों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। सांसद महेश कश्यप ने अपने हाथों से पुरस्कार वितरित करते हुए सभी सम्मानित व्यक्तियों के प्रयासों की सराहना की।इस ​अवसर पर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज में सकारात्मक सोच, नवाचार और उत्कृष्टता की भावना को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम हैं। जब हम प्रतिभाओं का सम्मान करते हैं, तो इससे आने वाली पीढ़ी को भी राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरणा मिलती है।​सांसद श्री कश्यप ने सभी सम्मानित महानुभावों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा आप सभी सम्मानित विभूतियों से आशा है कि भविष्य में भी इसी ऊर्जा के साथ समाज के उत्थान और देश की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। ​

अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज की एकता, संगठन, सामाजिक चेतना तथा देश और प्रदेश के विकास में कुर्मी समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एक संगठित और सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों को सिंचाई, सड़क और धार्मिक पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात भी दी। इससे पूर्व उन्होंने जलेश्वर महादेव धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने देश की एकता, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज मेहनतकश, प्रगतिशील और जागरूक समाज है, जिसने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन करा रही है तथा अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश की लाखों मातृशक्ति के खातों में 27-27 हजार रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को विकसित कर धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज शिक्षित और संगठित होता है, वही निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महानायक हों, वह समाज स्वाभाविक रूप से गौरवशाली और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का आह्वान किया। राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, संगठन और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां विश्वास, संस्कार और चरित्र का समावेश होता है, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है और नई पीढ़ियों को दिशा देता है। तखतपुर विधायक  धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख, जागरूक और प्रगतिशील समाज है, जिसकी मजबूत उपस्थिति प्रदेश के लगभग प्रत्येक गांव में दिखाई देती है। पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत, कर्मठता और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है तथा समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष  सर्वेश कटियार ने कहा कि कुर्मी समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है। समाज ने अपनी मेहनत, सामाजिक मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।

समय पर शुरू और पूरे हों विकास कार्य, मंत्री देवांगन ने अफसरों को चेताया

रायपुर. प्रदेश के उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम कोरबा के अधिकारियों को कडे़ निर्देश देते हुये कहा है कि निगम क्षेत्र के वार्डाे में प्रगतिरत विकास कार्याे को समयसीमा के अंदर पूरा करायें तथा जो कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किये गये हैं, उन्हें शीघ्र प्रारंभ कराये। उन्हेाने कहा कि निर्माण कार्याे को प्रारंभ करने में देरी व कार्य प्रारंभ कर बीच में कार्य रोकने वाली निर्माण एजेंसियों के विरूद्ध कार्यवाही करें, नोटिस दें तथा यदि फिर भी कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो अमानत राशि राजसात करते हुये ऐसे निर्माण एजंेसियों को ब्लेक लिस्ट किये जाने की कार्यवाही भी करें। उन्होने यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि किया जा रहा विकास कार्य पूर्ण गुणवत्तायुक्त है, साथ ही गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का कम्प्रोमाईज न हो, यह भी सुनिश्चित करें।    उक्ताशय के निर्देश उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने  विकास कार्याे की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। मंत्री श्री देवांगन ने नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोन व सर्वमंगलानगर जोन के अधिकारियों व वार्ड पार्षदों की बैठक लेकर इन दोनों जोन के 20 वार्डाे के विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा की। बैंठक के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन भी उपस्थित थे। वर्तमान में दर्री जोन व सर्वमंगलानगर जोन में कुल 166 कार्य स्वीकृत हुये थे, जिसमें दर्री जोन के 14 वार्डाे के 112 कार्य स्वीकृत कार्याे में 45 कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, 45 कार्य प्रगतिरत हैं तथा 22 कार्य अभी अप्रारंभ हैं। इसी प्रकार सर्वमंगला नगर जोन के 06 वार्डाे के स्वीकृत 54 विकास कार्याे में 28 कार्य पूर्ण, 14 प्रगतिरत व 12 विकास कार्य अप्रारंभ है। अप्रारंभ विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा करते हुय उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि संबंधित निर्माण एजेंसियों को नोटिस दें तथा कार्याे को शीघ्र प्रारंभ करायें, इसी प्रकार प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ कार्य बीच में रूके हुये हैं, इस पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुये अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित निर्माण एजंेसियों को कार्य प्रारंभ करने का नोटिस दें, फिर भी यदि उनके द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो उनकी जमा अमानत राशि राजसात करते हुये उन्हें ब्लेक लिस्टेड किये जाने की कार्यवाही करें। उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि विकास व निर्माण कार्याे के संपादन के दौरान संबंधित अभियंतागण कार्याे की निरंतर मानीटरिंग करें, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि विकास कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ संपादित हों तथा कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। विविध निर्माण कार्याे की वार्डवार समीक्षा बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवांगन ने दर्री जोन व सर्वमंगला नगर जोन के वार्डाे में विभिन्न मदों जिला खनिज न्यास मद, अधोसंरचना, वित्त आयोग मद, मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, राजस्व व आपदा प्रबंधन, प्रभारी मंत्री मद, विधायक मद, सी.एस.आर. मद, महापौर मद, पार्षद निधि, निगम मद सहित अन्य विभिन्न मदों के अंतर्गत किये जाने वाले सी.सी. रोड निर्माण, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक शेड मंच, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, किचन शेड, अहाता व बाउण्ड्रीवाल, शौचालय निर्माण, उप स्वास्थ्य केन्द्र उन्नयन, अतिरिक्त क क्षों का निर्माण, चबूतरा, सांस्कृतिक मंच निर्माण, कलवर्ट, मुक्तिधाम, घाट पचरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, कांजी हाउस जीर्णाेद्धार, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्य तथा विद्युत विस्तार व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्य प्रगति की वार्डवार समीक्षा की तथा कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिये।  साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें  उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन बैठक के दौरान उक्त दोनों जोन के 20 वार्डाे की साफ-सफाई व्यवस्था व किये जा रहे सफाई कार्याे की समीक्षा की तथा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें। उन्होने कहा कि विगत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे कोरबा ने स्वच्छता रैंकिंग में देश में 08वॉं स्थान प्राप्त किया था, हम सबको मिलकर इस दिशा में और अधिक मेहनत करनी होगी ताकि हमारा कोरबा देश में नम्बर-01 पर आये तथा छत्तीसगढ़ राज्य व ऊर्जानगरी कोरबा का गौरव बढ़े।  पेयजल आपूर्ति व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की समीक्षा  बैठक के दौरान उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तथा स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्यप्रगति की समीक्षा की। उन्हेाने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि सभी वार्ड बस्तियो में पेयजल की आपूर्ति निर्वाध रूप से तथा नियत समय में की जाएं, विद्युत अवरोध, पाईप लाईनों की टूट-फूट या किसी अन्य कारणवश किसी वार्ड व बस्ती में पानी की सप्लाई बाधित होती है तो तत्काल टैंकर के माध्यम से वहॉं पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि इस बढ़ती गर्मी में वहॉं के नागरिकों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने निगम द्वारा लगाई जा रही नई स्ट्रीट लाईटों के कार्य में तेजी लाने तथा जिन वार्डाे में स्ट्रीट लाईट लगाई जा रही है, उन सभी वार्डाे में एक साथ कार्य किये जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।  पार्षदगण अनिवार्य व आवश्यक कार्याे के प्रस्ताव मुझे दें  समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित वार्ड पार्षदों से उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि वार्डाे में जो कार्य कराये जाने अत्यंत आवश्यक है, उन कार्याे के सूची वे मुझे उपलब्ध करायें, ताकि इन आवश्यक कार्याे के प्राक्कलन तैयार कराकर शासन से स्वीकृति प्राप्त किये जाने की कार्यवाही की जा सके तथा वार्ड के नागरिकों की मंशा व उनकी आवश्यकता के अनुरूप वार्ड में विकास कार्य कराये जा सके। समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें  इस अवसर पर महापौर संजूदेवी राजपूत ने निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जो भी निर्देश प्रदान किये जा रहे हैं, उनका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि निगम के विकास व निर्माण कार्याे, नागरिक सेवाओं व सुविधाओं से जुड़े कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी के साथ-साथ आमजन की समस्याओं व शिकायतों पर विशेष रूप से फोकस करें तथा प्राप्त शिकायतों का समयसीमा में निराकरण करायें। बैठक … Read more

सर्वे से बाहर रह गए हितग्राहियों को राहत, PM जनमन योजना में जल्द मिलेगा आवास

गरियाबंद. उड़ीसा में निवासरत होने के कारण आवास सर्वे में शामिल नहीं हो पाए जिले के हितग्राहियों के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर उठे सवालों पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने बताया कि वीडियो में दिख रहे हितग्राही विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से हैं, लेकिन पूर्व में उनके उड़ीसा में निवासरत रहने के कारण उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में दर्ज नहीं हो सका था। अब पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (PM JANMAN) के तहत उनका पुनः सर्वे कर लिया गया है और उन्हें जल्द आवास स्वीकृत किया जाएगा। पीएम जनमन अभियान के तहत बड़े पैमाने पर आवास स्वीकृति बता दें कि जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए चलाए जा रहे पीएम जनमन अभियान के तहत अब तक 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 21 हजार आवासों का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है। प्रशासन का कहना है कि जो पात्र हितग्राही पहले सर्वे में छूट गए थे, उनके लिए विशेष अनुमति लेकर पुनः सर्वे किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। उड़ीसा में निवास के कारण सूची से बाहर था परिवार सीईओ ने स्पष्ट किया कि संबंधित परिवार वर्ष 2011 और 2018 के आवास सर्वे में शामिल नहीं था, क्योंकि उस समय वे छत्तीसगढ़ में निवासरत नहीं थे और उड़ीसा में रह रहे थे। वर्ष 2024 में किए गए नवीन सर्वे के दौरान भी वे गांव में उपस्थित नहीं थे। हाल ही में उनके छत्तीसगढ़ लौटने के बाद उनका सर्वे पीएम जनमन योजना के अंतर्गत पूरा कर लिया गया है और पात्रता के अनुसार आवास स्वीकृति की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। समाधान शिविर में तत्काल बने दस्तावेज प्रशासन ने यह भी बताया कि समाधान शिविर के दौरान हितग्राही को मौके पर ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उनके राशन कार्ड और मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनवाए गए। साथ ही आयुष्मान कार्ड के लिए भी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। पुनः सर्वे और सूची में शामिल करने की प्रक्रिया जारी जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए बसाहटों के आधार पर बार-बार सर्वे कराया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। जो परिवार पहले सूची में शामिल नहीं हो पाए थे, उन्हें अब पुनः सर्वे के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। सर्वे पूर्ण होने के बाद अंतिम सूची भारत सरकार को भेजी जाएगी और स्वीकृति मिलते ही आवास प्रदान किए जाएंगे। प्रशासन का दावा: हर पात्र परिवार तक पहुंचेगा लाभ जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीएम जनमन योजना का उद्देश्य केवल आवास देना नहीं, बल्कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है। इसलिए हर पात्र परिवार की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने कहा कि किसी भी योग्य हितग्राही को वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और सभी को नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाएगा।

इलेक्ट्रिशियन का काम सीख रोजगार की नई राह पर बढ़ाए कदम

रायपुर. पुरूषों के वर्चस्व वाले एक और क्षेत्र में पैर जमाने एवं अपनी पहचान स्थापित करने महिलाएं एक बार फिर तैयार हैं। महिलाओं के लिए अब तक अछूते रहे ‘इलेक्ट्रिशियन’ का काम सीख कर महिलाएं रोजगार की एक नई राह पर कदम बढ़ा रही हैं। ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नए क्षेत्र में रोजगार के अवसर खोलने बिलासपुर के कोनी स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर-सेटी) में विभिन्न गांवों की 20 महिलाओं को इलेक्ट्रिशियन के काम का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये महिलाएं अब एक नए आकाश में उड़ान के लिए तैयार हैं।    आर-सेटी बिलासपुर में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए एक नई पहल की गई है। अब ग्रामीण महिलाएं केवल सिलाई, बुनाई या पारंपरिक रोजगार तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उन क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं जिन्हें वर्षों से पुरुष प्रधान माना जाता रहा है। ‘बिहान’ (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जुड़ी बिलासपुर जिले की 20 महिलाएं इस बदलाव की मिसाल पेश कर रही हैं। एक नए व्यवसाय इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रही हैं।      बिलासपुर के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में इस साल पहली बार महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण शुरू किया गया। महिलाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए इसकी शुरूआत की गई है। यहां प्रशिक्षण ले चुकीं रतनपुर की बिहान दीदी आबिदा कहती हैं – “शुरू में लगा था कि बिजली का कार्य केवल पुरुष ही कर सकते हैं। लेकिन प्रशिक्षण के दौरान उनकी यह सोच पूरी तरह बदल गई। कुशल प्रशिक्षकों ने उन्हें वायरिंग, स्विच बोर्ड सुधार, घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत, सुरक्षा उपाय और तकनीकी जानकारी सरल तरीके से सिखाई।“  आबिदा बताती हैं कि अब वे आत्मविश्वास के साथ घर के बिजली संबंधी कार्य स्वयं कर लेती हैं और भविष्य में इसी कौशल के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने की योजना बना रही हैं। वे बताती हैं कि पहले छोटी-छोटी बिजली खराबियों के सुधार के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे न केवल अपने घर की समस्याएं हल कर पाएंगी, बल्कि आसपास के लोगों की मदद भी कर सकती हैं। आबिदा का मानना है कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रहा है।         आर-सेटी से प्रशिक्षित मस्तूरी के डोमगांव की तिगमती डहरिया ने बताया कि उन्हें पहले से ही बिजली के कार्यों में रुचि थी और वे एक निजी कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के रूप में कार्य कर रही थीं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनके तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास में और अधिक वृद्धि हुई है। तिगमती बताती हैं कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें आधुनिक तकनीकों और सुरक्षा मानकों की बेहतर समझ दी है। जब उनसे जोखिम भरे कार्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने आत्मविश्वास से कहा कि यदि सावधानी, सही तकनीक और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए तो यह कार्य महिलाओं के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित है।  बिलासपुर आर-सेटी में प्रशिक्षित विमला का कहना है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, आवश्यकता केवल अवसर और सही प्रशिक्षण की होती है। यहां से प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान उनके रहने और भोजन की बेहतर व्यवस्था की गई थी। साथ ही अनुभवी एवं कुशल प्रशिक्षकों द्वारा व्यवहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें कार्य के हर पहलू की जानकारी दी गई। महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि आत्मविश्वास, कार्य अनुशासन और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया। इससे उनमें आत्मनिर्भर बनने की नई ऊर्जा और विश्वास पैदा हुआ है।          केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा एसबीआई के सहयोग से आर-सेटी में ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने विभिन्न निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। हर वर्ष सिलाई, ब्यूटी-पार्लर, कम्प्यूटर, अगरबत्ती निर्माण जैसे पारंपरिक कोर्स चलाए जाते रहे हैं। लेकिन इस वर्ष पहली बार महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण शुरू किया गया, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में नई सोच और सकारात्मक बदलाव की शुरुआत की है। यह पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज में उनकी भागीदारी और सम्मान बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान, सुष्मिता सिंह ने UPSC में 32वीं रैंक के साथ पाई भारतीय वन सेवा में जगह

राजनांदगांव. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा शुक्रवार शाम भारतीय वन सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी किया गया, जिसमें 148 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। प्रतिष्ठित सूची में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पली-बढ़ी सुष्मिता सिंह ने 32वीं रैंक हासिल कर भारतीय वन सेवा (IFS) में चयन प्राप्त किया है। उनकी इस सफलता से प्रदेश में हर्ष का माहौल है। राजनांदगांव से लेकर IFS तक का सफर सुष्मिता सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजनांदगांव के जेएमजे नवजीवन स्कूल और रॉयल किड्स स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने डीएवी पब्लिक स्कूल सरकंडा, जैन इंटरनेशनल स्कूल बिलासपुर और डीपीएस भिलाई से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। आगे चलकर उन्होंने यूपीएस देहरादून से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी, पांचवें प्रयास में मिली सफलता बीटेक के बाद सुष्मिता सिंह ने नौकरी भी की, लेकिन UPSC की तैयारी में कठिनाई आने पर उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देकर पूरी तरह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में यह सफलता हासिल की। पिता भी रह चुके हैं IFS अधिकारी सुष्मिता सिंह का परिवार भी वन सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता भारतीय वन सेवा के अधिकारी रह चुके हैं और छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक एसडीओ, डीएफओ, वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे सेवानिवृत्त होकर भिलाई में निवासरत हैं। परिवार और मेहनत को दिया सफलता का श्रेय सुष्मिता सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां की प्रेरणा, पिता के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत, धैर्य और दृढ़ निश्चय ही सफलता की असली कुंजी है। उनकी इस उपलब्धि से युवाओं में नई प्रेरणा का संचार हुआ है।

Mother’s Day Gift: रायपुर महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सुविधा शुरू, कैदियों को परिवार से मिलने का नया जरिया

रायपुर आज मदर्स डे के ममतामयी अवसर पर रायपुर की महिला जेल में बंदिनियों के लिए खुशियों की एक नई किरण जगी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप, जेल प्रशासन ने महिला बंदिनियों को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का बहुप्रतीक्षित तोहफा दिया है। अपनों से दूरी होगी कम वीडियो कॉलिंग की सुविधा से जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए अनुबंध के तहत इस सिस्टम को स्थापित किया गया है। अब महिला बंदी अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से सीधे वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर सकेंगी, जिससे उनके मानसिक संबल और कानूनी विमर्श में मदद मिलेगी।  हुनर को मिला सम्मान निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उनके पुनर्वास और भविष्य में स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है। जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 मासूम बच्चों को विभाग की ओर से विशेष उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान खिल गया और जेल परिसर का माहौल उत्सवमय हो गया। इस संवेनदनशील पहल के शुभारंभ अवसर पर जेल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से श्री हिमांशु गुप्ता (डीजी, जेल), श्री योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), श्री विजय छबलानी (प्रतिनिधि, BSNL), सुश्री गरिमा पांडेय (प्रभारी, महिला जेल) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल बंदिनियों को उनके मानवाधिकारों और परिवार से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि जेल सुधार की दिशा में तकनीकी समावेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगी।

रायपुर जेल में निश्चय कार्यक्रम सफल, 67 बंदियों को स्किल सर्टिफिकेट देकर मुख्यधारा से जोड़ा गया

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना निश्चय के अंतर्गत आज केंद्रीय जेल और महिला जेल, रायपुर में एक विशेष गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर स्वावलंबन और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है। ज़ेन जी युवा बंदियों को अपराध के दलदल में वापिस जाने से रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में निश्चय कार्यक्रम संचालित है। इस कार्यक्रम में युवा बंदियों को कॉउंसलिंग, अपराध बोध का ज्ञान, स्व-रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण एवं रिहाई उपरांत स्वरोजगार हेतु बैंक के माध्यम से ऋण प्रदाय किया जाता है। कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर समारोह के दौरान कुल 67 बंदियों को उनकी प्रशिक्षण अवधि पूर्ण होने पर कौशल विकास प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं।निश्चय कार्यक्रम का उद्देश्य उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत के सहयोग से संचालित इस अभियान के तहत बंदियों को अपराध बोध का ज्ञान, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाता है। तकनीकी शिक्षा हेतु कंप्यूटर केंद्र का आगाज़ डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय जेल, रायपुर में आज कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। अब बंदी जेल के भीतर ही कंप्यूटर का बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जो रिहाई के बाद उनके रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगा। आगामी लोन मेला स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता बंदियों के पुनर्वास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। 13 मई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा केंद्रीय जेल परिसर में लोन मेला लगाया जाएगा, जिसका उद्देश्य रिहा होने वाले बंदियों को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए सुगमता से ऋण उपलब्ध कराना। इस अवसर पर डीजी (जेल) श्री हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी सुश्री गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जगन्नाथ मंदिर पहुंचे CM विष्णुदेव साय, हरिनाम संकीर्तन यज्ञ में शामिल होकर मांगी प्रदेश की खुशहाली

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने हरिनाम संकीर्तन की परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे। मुगंली को देंगे 353 करोड़ की सौगात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की विकास सौगात देंगे. जिला मुख्यालय मुंगेली में आयोजित इस बड़े कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 414 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण और 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक के 130 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है. कार्यक्रम का मुख्य आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम, मुंगेली में होगा. मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है.

RCB टीम का छत्तीसगढ़ पहुंचने पर भव्य स्वागत, खिलाड़ियों ने की कला, संस्कृति और खानपान की जमकर तारीफ

रायपुर  आईपीएल के रोमांच के बीच आरसीबी की टीम के छत्तीसगढ़ पहुँचने पर खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और लोककलाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। टीम 10 मई को रायपुर में Mumbai Indians के खिलाफ मुकाबला खेलेगी। रायपुर स्थित रिसॉर्ट में टीम के पहुँचते ही पारंपरिक तिलक, आरती और लोकनृत्य के माध्यम से खिलाड़ियों का स्वागत किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की रंगत और पारंपरिक संगीत ने खिलाड़ियों का ध्यान आकर्षित किया। कई खिलाड़ी लोककलाकारों के प्रदर्शन को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। इस वीडियो को आरसीबी ने अपने ऑफिसियल इंस्टा हैंडल पर शेयर किया है जिसे अब तक 50 लाख से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं। वहीं इस मुकाबले को देखने मुकेश अम्बानी के बेटे आकाश अम्बानी भी रायपुर आ सकते हैं । वहीं 13 मई को होने वाले आरसीबी और केकेआर मैच देखने के लिए सुपरस्टार शाहरुख खान भी रायपुर आ सकते हैं। खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक खानपान के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों से परिचित कराया गया, जिसकी खिलाड़ियों ने सराहना की। आईपीएल मुकाबले को लेकर रायपुर में क्रिकेट प्रेमियों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है। वहीं, खिलाड़ियों के पारंपरिक स्वागत ने खेल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और मेहमाननवाज़ी की भी अलग पहचान प्रस्तुत की है।