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पीडब्लूडी सचिव ने अधिकारियों व ठेकेदारों की बैठक लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की समीक्षा की

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित बैठक में ठेकेदारों को निर्माणाधीन सड़कों पर वैकल्पिक या डायवर्टेड मार्ग बनाकर काम करने के दिए निर्देश दिए, ताकि बरसात में लोगों को आवाजाही में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने केशकाल घाटी बायपास सड़क के काम में तेजी लाते हुए सड़क के साथ ही इस मार्ग में बनने वाले दो बड़े पुलों के काम भी जल्दी शुरू करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी श्री अभिजीत कुमार तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आलोक कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आलोक कुमार ने बैठक में बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन रायपुर-विशाखापटनम एक्सप्रेस-वे और दुर्ग-आरंग बायपास मार्ग के काम अगले वर्ष मार्च तक पूरे कर लिए जाएंगे। भारतमाला परियोजना के तहत ही निर्माणाधीन रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरीडोर का काम भी तेज गति से चल रहा है। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले भारतमाला परियोजना की सड़कों का पूरा लाभ उठाने राज्य की सड़कों को इनसे जोड़ने टू-लेन और फोर-लेन सड़कों के प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए, जिससे इन इकोनॉमिक कॉरीडोर्स का पूरा लाभ राज्य को मिल सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के इन सड़क खंडों के चालू हो जाने से राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। माल और यात्री परिवहन की दृष्टि से ये सड़कें बहुत महत्वपूर्ण हैं।  लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में एनएचएआई द्वारा रायपुर के तेलीबांधा चौक, उद्योग भवन चौक और सरोना चौक में प्रस्तावित फ्लाईओवर्स की स्वीकृति की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित भूमि अधिग्रहण और वन-व्यपवर्तन के लंबित मामलों की जानकारी यथासमय उच्च कार्यालयों को देने के निर्देश दिए, जिससे कि इनके जल्द निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर की जा सके। उन्होंने विभिन्न जिलों में सड़कों और पुलों के अपने निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन तथा कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। श्री बंसल ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के दौरान ब्लैक-स्पॉट्स को खत्म करने के साथ ही सड़क सुरक्षा के मापदंडों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने मानकों के अनुरूप ही सड़कों पर गति अवरोधकों का निर्माण करने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को लगातार फील्ड में जाकर कार्यों के बारिकी से निरीक्षण करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित समयावधि में काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप और अधीक्षण अभियंता श्री एस.एस. माझी सहित पांचों राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के कार्यपालन अभिंयता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। ठेकेदारों की बैठक लेकर समस्याओं की ली जानकारी, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कर रहे ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्य एवं कार्यस्थलों पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के साथ ही गुणवत्ता और समय पर कार्य पूर्णता में कोई समझौता नही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से राज्य की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। इनके निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। निर्धारित समायवधि में अच्छा काम होना चाहिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सख्ती का असर

रायपुर  छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और उनके सख्त प्रशासनिक रुख के तहत राज्य सरकार ने गौण खनिज नियमों में व्यापक संशोधन किया है। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना, राजस्व बढ़ाना और खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है। सबसे बड़ा बदलाव अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन पर लगने वाले जुर्माने में किया गया है। अब किसी भी मामले में समझौता राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन के मामलों में प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से समझौता शुल्क देना होगा। इसके अलावा अवैध रूप से ले जाए जा रहे खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई वाहन 35 टन खनिज का अवैध परिवहन करता है, तो उसे केवल प्रशमन शुल्क के रूप में 70 हजार रुपये और खनिज का मूल्य अलग से देना होगा। वहीं ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का प्रशमन शुल्क तथा रेत का मूल्य देना अनिवार्य होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहन आसानी से दोबारा अपराध में इस्तेमाल न हो सकें। अब जब्त वाहन, मशीन या अन्य सामग्री की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन के प्रकार के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही वाहन सुपुर्द किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने विकास कार्यों को गति देने के लिए उत्खनन अनुज्ञापत्र के नियम भी आसान बनाए हैं। शासकीय निर्माण कार्यों के लिए उत्खनन क्षेत्र की सीमा 1 हेक्टेयर से बढ़ाकर 2 हेक्टेयर कर दी गई है, जबकि अनुज्ञापत्र की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी गई है। इससे निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त खनिज उपलब्ध होगा और व्यवस्थित खनन को बढ़ावा मिलेगा। खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण और आधारभूत संरचना के विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025 की स्थापना भी की गई है। अब गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी का 2 प्रतिशत इस न्यास में जमा होगा, जिससे हर वर्ष लगभग 5.25 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होने का अनुमान है। सरकार ने खनन पट्टों के समामेलन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। इससे अलग-अलग प्रकार से स्वीकृत पट्टों के एकीकरण में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयां दूर होंगी और शासन को प्रीमियम राशि प्राप्त करने में सुविधा होगी। निर्माण विभागों में खनिज रॉयल्टी कटौती की व्यवस्था को भी एक समान बनाया गया है। अब सभी विभाग खनिज की कीमत के साथ रॉयल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण उपकर, अधोसंरचना उपकर और सुरक्षा के तौर पर अतिरिक्त राशि निर्धारित नियमों के अनुसार काटेंगे। खनिज विभाग से रॉयल्टी क्लीयरेंस मिलने पर यह राशि वापस कर दी जाएगी, अन्यथा विभाग इसे खनिज मद में जमा करेगा। इससे अवैध स्रोतों से खनिज के उपयोग पर भी प्रभावी रोक लगेगी। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत गौण खनिज से मिलने वाले राजस्व का लाभ अब केवल नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिला पंचायतों को भी इसका हिस्सा मिलेगा। करीब 30 वर्षों बाद खदानों के डेड रेंट (अनिवार्य भाटक) की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। राज्य में 1900 से अधिक गौण खनिज खदानें हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खदानें वर्षों से बंद पड़ी हैं। सरकार का मानना है कि बढ़े हुए डेड रेंट से केवल गंभीर पट्टाधारी ही खदानों का संचालन करेंगे। जो खदानें संचालित नहीं होंगी, वे समर्पित होकर दोबारा नीलामी के लिए उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस पहल को अवैध खनन के खिलाफ सरकार के जीरो टॉलरेंस और सख्त प्रशासनिक रुख का बड़ा सख्त कदम माना जा रहा है। नए नियमों से एक ओर अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगेगा, वहीं राज्य के राजस्व में वृद्धि, पारदर्शिता और खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया उद्घाटन, ‘परमवीर गैलरी’ का भी हुआ अनावरण

रायपुर   सैनिक स्कूल अंबिकापुर में नव-निर्मित अत्याधुनिक पीवीसी बैडमिंटन कोर्ट का भव्य एवं गरिमामय वातावरण में उद्घाटन संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सरगुजा अजीत वसंत विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने उद्घाटन पट्टिका का अनावरण कर नव-निर्मित पीवीसी बैडमिंटन कोर्ट विद्यालय एवं कैडेट्स को समर्पित किया। समारोह का शुभारंभ परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने देश के वीर सैनिकों के सम्मान में स्थापित ‘परमवीर गैलरी’ का भी लोकार्पण किया। इस गैलरी में परमवीर चक्र विजेताओं के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रसेवा की प्रेरक गाथाओं को प्रदर्शित किया गया है, जो विद्यार्थियों और कैडेट्स में राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व क्षमता तथा कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत करेगी। अपने संबोधन में मंत्री राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल अधोसंरचना विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास भविष्य के खिलाड़ियों और नेतृत्वकर्ताओं के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान नव-निर्मित बैडमिंटन कोर्ट पर प्रदर्शनी मैचों का आयोजन भी किया गया, जिसमें कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के उत्साह और आत्मविश्वास ने उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों को प्रभावित किया। विद्यालय की प्राचार्या कर्नल रीमा सोबती ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुशासन, खेल गतिविधियों तथा विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीवीसी बैडमिंटन कोर्ट के निर्माण से कैडेट्स को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे। कार्यक्रम में विद्यालय के अधिकारी, शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में कैडेट्स उपस्थित रहे। समारोह का समापन अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। नव-निर्मित खेल सुविधा और परमवीर गैलरी का लोकार्पण सैनिक स्कूल अंबिकापुर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को और अधिक सशक्त करेगा।

अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस अब सप्ताह में दो दिन

रायपुर सरगुजा संभाग एवं उत्तर छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय रेलवे मंत्रालय ने ट्रेन संख्या 22407/22408 अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस के संचालन को साप्ताहिक से बढ़ाकर द्विसाप्ताहिक (सप्ताह में दो दिन) करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय का पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए जनहितैषी कदम बताया है। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस उत्तर छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा के रूप में कार्य करती है। दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ट्रेन की आवृत्ति बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय ने गंभीरता से लेते हुए पूरा किया है। उन्होंने कहा कि ट्रेन के सप्ताह में दो दिन संचालन से यात्रियों को अधिक सुविधा और विकल्प उपलब्ध होंगे। विशेष रूप से विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों तथा गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों की यात्रा करने वाले मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे यात्रा की प्रतीक्षा अवधि कम होगी और क्षेत्र की राजधानी दिल्ली सहित अन्य प्रमुख शहरों से बेहतर रेल संपर्क स्थापित होगा। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। रेलवे के आधुनिकीकरण, नई रेल सेवाओं के विस्तार और यात्री सुविधाओं में लगातार वृद्धि का लाभ अब सरगुजा जैसे अंचलों तक भी पहुंच रहा है। यह निर्णय क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे मंत्रालय ने क्षेत्र की जनभावनाओं का सम्मान किया है।  अग्रवाल ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर छत्तीसगढ़ को रेलवे क्षेत्र में और अधिक सुविधाएं, नई रेल सेवाएं तथा आधारभूत संरचना से जुड़ी नई सौगातें प्राप्त होंगी।  अग्रवाल ने कहा, “अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस को द्विसाप्ताहिक किए जाने का निर्णय सरगुजा संभाग के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र की कनेक्टिविटी पहले से अधिक मजबूत होगी। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह निर्णय न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि सरगुजा क्षेत्र के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा। क्षेत्रवासियों ने भी इस घोषणा का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय के प्रति खुशी व्यक्त की है।

टैंकर हादसे के बाद सड़क पर फैला तेल बना खतरा, फिसलकर गिरे दो बाइक सवार, फिर भड़की आग

वाड्रफनगर अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर बुधवार दोपहर राइस ब्रान तेल से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर से तेजी से तेल बहने लगा और पक्की सड़क से होता हुआ नजदीक के खेत में जा पहुंचा। सड़क पर तेल फैलने से फिसलन बढ़ गई, जिससे दो मोटरसाइकिल सवार अनियंत्रित होकर गिर पड़े। इस बीच खेत में जल रहे कचरे तक तेल पहुंचते ही भीषण आग लग गई। सूचना पर बसंतपुर पुलिस और वाड्रफनगर से दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना बलरामपुर जिले के फुलीडूमर घाट के पास हुई घटना छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बलरामपुर जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र में फुलीडूमर घाट के पास हुई। बताया जा रहा है कि लटोरी के नजदीक स्थित किसी राइस मिल से राइस ब्रान तेल को टैंकर में लोड कर रिफाइन करने के लिए बनारस स्थित फैक्ट्री ले जाया जा रहा था। टैंकर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और टैंकर सड़क पर ही पलट गया। टैंकर के पलटते ही उसमें भरा हजारों लीटर राइस ब्रान तेल तेजी से सड़क पर बहने लगा। गुजर रहे दो मोटरसाइकिल सवार अनियंत्रित होकर गिर पड़े सड़क पर तेल फैलने से इसका हिस्सा पूरी तरह चिकना हो गया। इसी दौरान वहां से गुजर रहे दो मोटरसाइकिल सवार फिसलन के कारण अनियंत्रित होकर गिर पड़े। दोनों को मामूली चोटें आईं। राहगीरों ने उन्हें उठाकर सड़क किनारे किया। हादसे के बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, जिससे कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई। खेत में जल रहा था कचरा, संपर्क में आते ही लगी आग बहता हुआ तेल सड़क किनारे स्थित एक खेत तक पहुंच गया। खेत में किसान ने कचरा जलाकर रखा था। तेल के संपर्क में आते ही कचरे ने भीषण आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और लपटें दूर तक दिखाई देने लगीं। घटना की जानकारी मिलते ही बसंतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। तेल में लगी आग पर काबू पाना स्थानीय स्तर पर संभव नहीं था। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया इस पर वाड्रफनगर से दमकल वाहन बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक खेत का बड़ा हिस्सा और सड़क किनारे की झाड़ियां जल चुकी थीं। प्रारंभिक जांच में मोड़ पर नियंत्रण खोना हादसे की वजह मानी जा रही है।  

सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को मिल रही बड़ी राहत, खेती की लागत में आई कमी

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में जशपुर जिले में प्रभावी पहल की जा रही है। जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें खेती के लिए आवश्यक सामग्री आसानी से मिल रही है और कृषि लागत में कमी आ रही है। जिले की विभिन्न सहकारी समितियों में खाद एवं बीज वितरण का कार्य लगातार जारी है। वर्तमान में किसानों को प्रति बोरी यूरिया 266.50 रुपये, डीएपी 1350 रुपये, सुपर फॉस्फेट पाउडर 551 रुपये, सुपर फॉस्फेट दानेदार 591 रुपये, जिंकेटेड सुपर फॉस्फेट 576 रुपये, टीएसपी 1300 रुपये, एनपीके 1850 से 1990 रुपये, पोटाश 1975 रुपये, नैनो यूरिया 500 एमएल 225 रुपये तथा नैनो डीएपी 600 रुपये की निर्धारित दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जशपुर के महाराजा चौक स्थित सहकारी समिति सहित जिले की विभिन्न समितियों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान खाद एवं बीज प्राप्त कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि शासन की इस व्यवस्था से खेती के लिए आवश्यक सामग्री सहज रूप से उपलब्ध हो रही है और उन्हें खुले बाजार पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। खाद लेने पहुंचे किसान रहमान साह ने बताया कि उचित दर पर खाद उपलब्ध होने से खेती की लागत कम हुई है और आर्थिक बोझ में राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अब कृषि कार्यों के लिए ऋण या ब्याज पर पैसे लेने की आवश्यकता पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। इसी प्रकार सारूडीह के किसान गिरधारी यादव ने बताया कि पहले खाद, बीज एवं अन्य कृषि सामग्री के लिए अलग-अलग दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते थे और अधिक कीमत चुकानी पड़ती थी। अब सहकारी समितियों के माध्यम से सभी आवश्यक सामग्री उचित मूल्य पर उपलब्ध हो रही है, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिल रही है। किसानों की सुविधा शासन की प्राथमिकता जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ कृषि ऋण, तकनीकी मार्गदर्शन तथा विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। इससे खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारू रूप से आगे बढ़ रही हैं और किसानों को खेती के लिए आवश्यक संसाधन समय पर मिल रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद एवं बीज केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।

राज्यपाल रमेन डेका ने “प्रारंभ” पत्रिका के विशेषांक का किया विमोचन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका द्वारा “सोसायटी फॉर एम्पावरमेंट” द्वारा प्रकाशित पत्रिका “प्रारंभ” का आज विमोचन किया गया। इस विशेषांक का संपादन डॉ. रूपेन्द्र कवी, उपसचिव (संवैधानिक प्रकोष्ठ), लोकभवन, रायपुर द्वारा किया गया है।                 यह विशेषांक “प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में जनजातीय ज्ञान की प्रासंगिकता” विषय पर आधारित है, जिसमें जनजातीय ज्ञान एवं पर्यावरण संरक्षण के परंपरागत दृष्टिकोणों को समाहित किया गया है।                इस अवसर पर राज्यपाल ने पत्रिका की विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह अंक वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। उन्होंने संपादकीय टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान की।

प्रदेश में सुशासन की दिशा में बड़ा सुधार- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी खरीदी की राशि सीधे खातों में मिलेगी

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन की संकल्पना को साकार करने के लिए लगातार बड़े सुधारात्मक कदम उठा रही है। राज्य सरकार अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करते हुए शासन की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाने के लिए निरंतर नवाचार कर रही है।  आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं पसंद की साड़ी चयन करने की स्वतंत्रता             महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने विभाग में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी सुधार का निर्णय लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए साड़ी की संचालनालय स्तर पर होने वाली केंद्रीकृत खरीदी व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब साड़ी खरीदी के लिए निर्धारित राशि सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। हाल के दिनों में साड़ी खरीदी प्रक्रिया को लेकर सामने आए विभिन्न मुद्दों तथा प्राप्त सुझावों का गंभीरता से परीक्षण करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। यह कदम न केवल व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुरूप साड़ी चयन करने की स्वतंत्रता भी प्रदान करेगा। डायरेक्ट बेनिफिट के माध्यम से राशि का ट्रांसफर          महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट सोच है कि शासन की राशि अधिकतम रूप से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लक्षित व्यक्ति तक पहुंचे, ताकि बिचौलियों और अनावश्यक प्रक्रियाओं की कोई गुंजाइश न रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी प्रदेश में अनेक पारदर्शी और तकनीक आधारित सुधार लागू कर सुशासन का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। विभाग का यह निर्णय उसी सोच का विस्तार है।  साड़ी का रंग एवं डिज़ाइन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी          मंत्री  राजवाड़े ने विभाग को निर्देशित किया है कि साड़ी का डिज़ाइन पूर्ववत रखा जाए तथा अंतिम स्वरूप आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से परामर्श के बाद निर्धारित किया जाए। साड़ी का रंग एवं डिज़ाइन विभागीय स्तर पर निर्धारित कर उसकी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पूरे प्रदेश में एकरूपता बनी रहे। वहीं साड़ी के कपड़े जैसे कॉटन, सिंथेटिक अथवा अन्य विकल्पों का चयन स्थानीय स्तर पर स्वयं कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं कर सकेंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका बहनों के प्रति विभाग पूरी तरह संवेदनशील         मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि विभाग में वर्षों से चली आ रही व्यवस्थाओं की भी सतत समीक्षा की जा रही है और जहां भी सुधार की आवश्यकता होगी वहां हितग्राहियों के हित में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।  राजवाड़े आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका बहनों के सम्मान, सुविधा और अधिकारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा उनके हितों की रक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रति यूनिफॉर्म अधिकतम 500 रुपये की राशि निर्धारित         उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की बाल विकास सेवा योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को उनकी पहचान और एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष दो यूनिफॉर्म प्रदान करने का प्रावधान है, जिसके लिए प्रति यूनिफॉर्म अधिकतम 500 रुपये की राशि निर्धारित है। प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग का यह निर्णय प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण आधारित प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे न केवल व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी बल्कि हितग्राहियों को निर्णय लेने का अधिकार भी मिलेगा और शासन की राशि का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचेगा।

शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले 05 आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज, 04 आरोपी हिरासत में और मुख्य आरोपी की तलाश जारी

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश प्रदेशभर में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज विभाग विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई कर रहा है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खनिज संसाधनों की लूट, अवैध कारोबार तथा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी परिस्थिति में अभियान को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।                       केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त शिकायतों एवं विभिन्न माध्यमों से मिली सूचनाओं के आधार पर 22 जून 2026 को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर एवं सरगुजा जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त 07 वाहनों को जप्त कर उनके विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। इसी दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में खनिज परिवहन की वैधता की जांच कर रहे केंद्रीय खनि उड़नदस्ता दल के साथ रेत से भरे टिप्पर के वाहन मालिक लड्डन खान, चालक सोनू टोप्पो, धंसी टोप्पो, खलासी सुरेश सिंह और एक अन्य साथी सुनील के द्वारा अभद्र व्यवहार, धमकी एवं शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया गया। आरोपियों द्वारा वाहन लेकर भागने की भी कोशिश की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना गांधीनगर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत 05 आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई कर अब तक 04 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए हिरासत में ले लिया गया है, जबकि आरोपी वाहन मालिक लड्डन खान की तलाश जारी है। जप्त वाहन को भी पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है।                 खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को बाधित करने, शासकीय अधिकारियों को डराने-धमकाने अथवा कार्रवाई रोकने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे कृत्य करने वालों के विरुद्ध अवैध खनन संबंधी प्रकरणों के साथ-साथ शासकीय कार्य में बाधा, धमकी एवं अन्य संबंधित अपराधों में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा आधुनिक तकनीकों, ड्रोन निगरानी तथा विशेष उड़नदस्ता टीमों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। शासन की मंशा स्पष्ट है कि प्रदेश में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी लगाम लगाई जाए और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए। राज्य सरकार प्रतिबद्ध है कि अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई आगे भी इसी कठोरता के साथ जारी रहेगी तथा शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले तत्वों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में जनजाति समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग को संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के संबंध में चर्चा हुई।            मुख्य सचिव ने प्रदेश के जनजाति समूहों, अन्य वंचित वर्गों एवं गरीब युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार प्रदान करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के अनुसूचित जाति बाहुल्य ईलाकों में व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वहां के रहवासियों को सशक्त बनाने एवं उनके विकास के लिए किए जा रहे कार्याे का प्रस्तुतिकरण के जरिये जानकारी दी।          बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन और पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के मध्य एक गैरलाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी गठन करने का निर्णय लिया गया है। यह संस्था अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समूदायों के गरीब युवाओं एवं महिलाओं तथा तृतीय लिंग के संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता माध्यम से उन्हें सशक्त बनायेगा एवं उनके सर्वांगिण विकास के लिए काम करेगा। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातिय क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास के लिए कौशल विकास योजनाओं को लागू करने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा। युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं जाएंगे। युवाओं का उनकी रूचि और बाजार की मांग के अनुसार विभिन्न ट्रेडों में आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।          बैठक में बताया गया कि संस्था द्वारा केवल कौशल विकास ही नहीं बल्कि प्रशिक्षण के तुरंत बाद युवाओं को रोजगार प्रदान करना है। ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके। इस कार्यक्रम का विशेष जोर स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों, ग्रामीण युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।          बैठक में बताया गया कि पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन झारखण्ड राज्य में शासन के साथ मिलकर कार्य किया गया है और इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं अन्य वंचित युवाओं के शक्तिकरण की दिशा में काम कर रहा है। कल्याण गुरूकुल, कौशल कॉलेज, छत्तीसगढ़ के दूरदराज वनांचल क्षेत्रों मे स्थापित किए जाएंगे। युवाओं के प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही नियुक्ताओं से करार किया जाएगा। जिससे युवाओं को टेªनिंग पूरी होते ही पक्की नौकरी मिल सकें। संस्था द्वारा बस्तर, सरगुजा संभाग के आदिवासी बाहुल्य जिलों में प्रमुख रूप से कार्य कर रहा है। स्थानीय भवनों जैसे-आईटीआई एवं छात्रावास को आवासीय प्रशिक्षण केन्द्रों गुरूकुल में बदला जा रहा है। इन जिलों के ग्रामीण और अंदरूनी गांव से बेरोजगार युवाओं की पहचान कर उन्हें ट्रेनिंग के लिए लाया जा रहा है। इन क्षेत्रों की युवाओं की शैक्षणिक योग्याता के अनुरूप कन्ट्रक्शन, मैनुफेक्चरिंग जैसे सेक्टर में शॉट में आवासीय टेªनिंग दी जा रही है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में नर्सिंग कॉलेजों को खोलने का भी कार्य किया जा रहा है।           बैठक में आदिम जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पर्यटन एवं संस्कृति के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, विशेष सचिव स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के संचालक श्री राजेन्द्र कुमार कटारा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार, पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।