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महानदी उफान पर, अमेठी एनीकट पुल पूरी तरह जलमग्न, आवाजाही ठप

बलौदाबाजार-भाटापारा बलौदा बाजार जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। जुलाई के पहले सप्ताह में आमतौर पर शांत रहने वाली महानदी इस बार लबालब भर चुकी है। क्षेत्र में नदी का जलस्तर सामान्य से 10 से 15 फीट तक ऊपर पहुंच गया है, जिससे अमेठी एनीकट पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है। अमेठी एनीकट से होकर कसडोल विकासखंड और महासमुंद जिले की ओर जाने वाले राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पुल के डूब जाने से दोनों तरफ बसे ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। जानकारी के अनुसार, जलस्तर में तेजी से हुई वृद्धि के चलते एनीकट पर लगभग 3 से 4 फीट तक पानी बह रहा है। फिलहाल क्षेत्र में बाढ़ जैसी कोई गंभीर स्थिति नहीं बनी है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। संभावित खतरे को देखते हुए संबंधित इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से नदी के किनारे जाने से परहेज करने की अपील की गई है। प्रशासन ने जलस्तर में और वृद्धि की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड में रखा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित राहत व बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

छत्तीसगढ़ में भांग की खेती को वैध करने की याचिका की खारिज

बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ में भांग की व्यावसायिक खेती की वकालत करते हुए दायर की गई जनहित याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि कोई भी जनहित याचिका तब तक नहीं चलेगी जब तक कि इसमें व्यक्तिगत हित शामिल है. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डीबी में हुई. याचिकाकर्ता एस. ए. काले ने जनहित याचिका दायर कर प्रतिवादी अधिकारियों को छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ‘गोल्डन प्लांट’ भांग के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय लाभों का दोहन करने सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की. याचिकाकर्ता ने व्यक्तिगत रूप से बताया कि उन्होंने 22.02.2024 को सभी संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से ज्ञापन देकर पावती ली है. लेकिन, प्रतिवादियों द्वारा अब तक एक भी सामान्य या विशिष्ट कार्रवाई नहीं की गई है, जिसमें याचिकाकर्ता को जवाब देना भी शामिल है. इसके अलावा, उक्त प्रतिनिधित्व में, उन्होंने ‘गोल्डन प्लांट’ के कई लाभों पर प्रकाश डाला है, जो कई शोधों और सरकारी रिपोर्टों द्वारा समर्थित हैं. यह दर्शाता है कि इस ‘गोल्डन प्लांट’ में छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए “नई पीढ़ी की सोने की खान” होने की क्षमता है. उन्होंने आगे तर्क दिया कि नारकोटिक्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम, 1985 (एनडीपीएस अधिनियम) के अनुसार बागवानी और औद्योगिक उपयोगों के लिए भांग की बड़े पैमाने पर खेती भारतीय कानून द्वारा अनुमत है. कोर्ट ने तर्कों के बाद कहा कि, अच्छी तरह से स्थापित है कि कोई भी जनहित याचिका तब तक नहीं चलेगी जब तक कि इसमें व्यक्तिगत हित शामिल हो. याचिकाकर्ता ने जनहित की आड़ में इस न्यायालय से संपर्क किया है, जिसमें ऐसे निर्देश मांगे गए हैं जो राज्य की विधायी और कार्यकारी नीति के दायरे में आते हैं. न्यायालय सरकार को नीतिगत निर्णय लेने का निर्देश नहीं दे सकते, खासकर मादक पदार्थों पर नियंत्रण जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में. एनडीपीएस अधिनियम के तहत भांग की खेती प्रतिबंधित है, सिवाय विशिष्ट अनुमत उद्देश्यों और वैधानिक प्रक्रिया के, भांग की खेती आम तौर पर चिकित्सा, वैज्ञानिक, औद्योगिक या बागवानी उद्देश्यों को छोड़कर और केवल सरकारी प्राधिकरण के साथ प्रतिबंधित है. याचिकाकर्ता ने न तो कोई जनहित प्रदर्शित किया है और न ही उचित कानूनी तंत्र का पालन किया है. वर्तमान याचिका एक ऐसी याचिका है जिसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कहा जा सकता है. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत जनहित में अधिकार क्षेत्र का आह्वान किया जा सके वैसी याचिका नहीं है. हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर याचिकाकर्ता द्वारा जमा की गई सुरक्षा राशि जब्त करने का निर्देश दिया है.

फांसी के फंदे पर लटकी मिली 12वीं की छात्रा, जांच में जुटी पुलिस

खैरागढ़ छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ से स्कूली छात्रा के आत्महत्या का मामला सामने आया है. अमलीपारा में 12वीं कक्षा की छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के वक्त सिर्फ बुजुर्ग दादा-दादी मौजूद थे. घटना से परिजनों में मातम पसर गया है. इस मामले में पुलिस को कोई कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. जानकारी के मुताबिक, छात्रा मंगलवार की शाम 7 बजे किताब लेने के लिए घर से बाहर निकली थी, लौटने के बाद वह कमरे में जाकर लॉक कर लिया. इस दौरान घर पर सिर्फ बुजुर्ग दादा-दादी मौजूद थे, परिवार के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे. जब दादा ने उसे कमरे से बाहर आने के लिए कहा तो कोई आवाज नहीं आई. दरवाजा नहीं खोलने पर उन्होंने खिड़की से भीतर देखा तो उनकी पोती फांसी के फंदे पर लटकी हुई दिखाई दी. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. शव को नीचे उतार लिया गया और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. नहीं मिला सुसाइड नोट बताया जा रहा है कि मृतिका पढ़ाई में होनहार और शांत स्वभाव की थी. वह दो भाइयों की इकलौती बहन थी. वहीं पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. इस सुसाइड मामले में पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है.

तीन दिवसीय भाजपा प्रशिक्षण शिविर का अंतिम दिन, हमें वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन मिला, जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगा : सीएम साय

रायपुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय भाजपा सांसद-विधायक प्रशिक्षण शिविर का आज समापन होगा. इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ कई कैबिनेट मंत्री, विधायक और सांसद हिस्सा लेंगे. शिविर का उद्घाटन 7 जुलाई को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया था, जबकि समापन सत्र में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने जनप्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को समापन सत्र में शामिल होना था, लेकिन खराब मौसम और लौटने में संभावित देरी के कारण उनका दौरा अंतिम समय पर रद्द हो गया. आज शिविर के अंतिम दिन तीन सत्र आयोजित किया जाएगा. पहले सत्र में “हमारा विचार परिवार, पंच परिवर्तन एवं शताब्दी वर्ष की योजना” पर चर्चा में प्रांत प्रचारक अभय राम ने वक्तव्य दे रहे हैं. दूसरा सत्र “जिज्ञासा एवं समाधान” पर केंद्रित होगा, जिसमें बीएल संतोष ने जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब और पार्टी की रणनीति पर मार्गदर्शन देंगे. समापन सत्र में “देश के सम्मुख चुनौतियों के समाधान में भाजपा की भूमिका” पर विचार-मंथन होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिविर को लेकर कहा है कि, “भाजपा में प्रशिक्षण की परंपरा रही है. समय-समय पर मंत्रियों, सांसदों और विधायकों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है. यह सतत सीखने की प्रक्रिया है, जो जनप्रतिनिधियों को बेहतर ढंग से काम करने में मदद करती है. तीन दिनों तक हमें वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन मिला, जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगा.”

पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद सहित 2 महिला नक्सली गिरफ्तार

नारायणपुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो महिला नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार नक्सली पारो हप्का और सुनीता उर्फ़ संगीता मंडावी माड़ डिवीजन के कुतुल एलओएस में सक्रीय थी. मौके से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है. लंबे समय से कुतुल एलओएस में थे एक्टिव प्रदेश में नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है. इसी कड़ी में पुलिस ने बड़ी कोहकामेटा थाना क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की. दो महिला नक्सली पारो हपका और सुनीता उर्फ़ संगीता मंडावी को गिरफ्तार किया गया. दोनों माड़ डिवीजन के कुतुल एलओएस में एक्टिव थी. वहीं लंबे वक्त से जनताना सरकार के विस्तार, युवाओं की भर्ती, माओवाद के प्रचार और पुलिस पर हमले की साजिशों में शामिल थी. कई हथियार और विस्फोटक साम्रग्री बरामद पुलिस ने नक्सलियों के पास से कई हथियार और विस्फोटक साम्रग्री बरामद किया है. इसमें 12 बोर बीजीएल लॉचर बंदूक, 2 बीजीएल बम, 1 टिफिन बम, 1 डेटोनेटर, 24 पेंसिल सेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मैनपाट में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का किया अनावरण

मुख्यमंत्री ने की 30 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा, सीसी रोड और मंदिर शेड निर्माण को दी मंजूरी तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुरूप आत्मीय स्वागत से मुख्यमंत्री हुए अभिभूत रायपुर छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और भगवान बुद्ध के प्रेम, शांति एवं करुणा के संदेश को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित होटल ग्राउंड परिसर में नवस्थापित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में इस पावन अवसर पर आमंत्रण के लिए तिब्बती समुदाय के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई ऐसे स्थल हैं, जहां भगवान बुद्ध की उपासना की जाती है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और सनातन परंपराएं एक साथ देखने को मिलती हैं, जो राज्य की समावेशी संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने दलाई लामा जी के 90वें जन्मदिवस का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन भगवान बुद्ध की करुणा, प्रेम और शांति के सिद्धांतों का सजीव प्रतीक है। आज की दुनिया के लिए उनका संदेश नई आशा और सकारात्मकता का स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी सहित विश्व भर के नेताओं ने दलाई लामा जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं, जो यह दर्शाता है कि भगवान बुद्ध के विचारों का वैश्विक जीवन पर कितना गहरा प्रभाव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से भरपूर स्थल है, जो पर्यटकों को रोमांचित करता है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और राज्य सरकार इसके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नवीन औद्योगिक नीति में पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी गई है, और मैनपाट जैसे क्षेत्रों में होम स्टे सुविधा शुरू करने वालों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तिब्बती सहकारी समिति की मांग पर मैनपाट स्थित सैला रिसॉर्ट से बौद्ध मंदिर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा प्राचीन बौद्ध मंदिर में शेड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पौधरोपण किया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में पारंपरिक तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुसार मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिससे वातावरण उल्लासमय हो गया। कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, कलेक्टर विलास भोसकर, सेटलमेंट अधिकारी सुश्री स्वांग यांग्सो, तिब्बती सहकारी समिति के अध्यक्ष तामदिंग सेरिंग, मठ प्रमुख लामा दुब्जे, लामा जिनपा सहित तिब्बती समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।  

ग्राम हर्रई में डायरिया रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान, ग्रामीण रहे सक्रिय

एमसीबी/भरतपुर विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्रई में जल जीवन मिशन के अंतर्गत “स्टॉप डायरिया कैंपेन“ के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में डायरिया जैसी जानलेवा बीमारी की रोकथाम करना और लोगों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान विभागीय टीम ने ग्रामीणों को साफ-सफाई के महत्व, हाथ धोने की वैज्ञानिक विधि, स्वच्छ जल के नियमित उपयोग और खुले में शौच से बचने जैसे अहम बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित लोगों को यह समझाया गया कि डायरिया जैसी बीमारियां गंदगी और असुरक्षित जल सेवन से होती है, जिन्हें केवल स्वच्छता और सतर्कता से रोका जा सकता है। इस अवसर पर ग्राम के पुरुष, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में मौजूद रहे और उन्होंने विभाग द्वारा दी जा रही जानकारी को गंभीरता से सुना और समझा।         अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस जानकारी को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और अपने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करें। इस पहल से न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि पूरे समुदाय में बीमारियों के प्रसार को भी रोका जा सकता है। विभाग द्वारा दी गई यह जानकारी ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई और पूरे कार्यक्रम में ग्रामीणों की सहभागिता उत्साहजनक रही, जिससे स्पष्ट है कि ग्रामीण समाज अब स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता की दिशा में सक्रियता से आगे बढ़ रहा हैं।

जनदर्शन में 20 आवेदन हुए प्राप्त, कलेक्टर ने गंभीरता से सुनी सभी नागरिकों की समस्याएं

जनदर्शन में 20 आवेदन हुए प्राप्त, कलेक्टर ने गंभीरता से सुनी सभी नागरिकों की समस्याएं हर शिकायत पर कलेक्टर की पैनी नजर, संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश एमसीबी   कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीण जन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। जनदर्शन में कुल 20 आवेदन प्राप्त हुए। आवेदक पुष्पराज अहिरवार निवासी लरकोड़़ा भूमि हीन मजदूर को सहायता राशि दिलाने के संबंध में, देवकी गौतम निवासी मेडियारास नौकरी प्राप्त करते समय शपथ पत्र की अवहेलना किये जाने के संबंध में, समस्त नागरिकगण निवासी झगराखाण्ड कर्मचारियों को जबरन घर से समान सहित बाहर किये जाने के संबंध में, रमाशंकर मिश्रा नगर पालिका में उप अभियंता लगातार एक ही जगह में पदस्थ रहने के संबंध में एवं दिव्यांग बच्चों पर किये गये अत्याचार के खिलाफ शिकायत के संबंध में, दरियाप सिंह निवासी उजियारपुर आवास पूर्ण होने पर अंतिम राशि प्राप्त करने के संबंध में, अनीता निवासी सोनवर्षा जंगली जानवर के काटने से सहायता राशि न मिलने के संबंध में, प्रदीप केशरवानी निवासी खड़गवां भूमि के संबंध में, हरिकृष्ण कुमार निवासी उजियारपुर सामुदायिक शौचालय की भुगतान करने के संबंध में एवं 28 नग व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की भुगतान करने के संबंध में, धर्मपाल सिंह निवासी भलौर गणित की शिक्षिका दो वर्ष से शासकीय हाई स्कूल में नहीं आ रही है। वैभव सोनी निवासी मनेन्द्रगढ़ भूमि के संबंध में, रोशन साहू लोक निर्माण के टाईम किपर द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किये जाने के संबंध में, कामता सिंह निवासी मुलुकनार भूमि के संबंध में, इन्द्र कुंवर निवासी बालशिव भमि के संबंध में, बाबूलाल निवासी  मसौरा नामांतरण रोके जाने के संबंध में, दृगपाल सिंह निवासी चरवाही फर्जी तरीके से निवास जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के संबंध में, ध्रुव प्रसाद निवासी चिडौला गाली गलौज देने के संबंध में, तुलसीदास निवासी चिडौला भूमि के संबंध में, गीता निवासी भरतपुर भूमि के संबंध में, अपना शिकायत लेकर आये थे। कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

मनेंद्रगढ़ को मिली सेंट्रल लाइब्रेरी की सौगात, 441 लाख की लागत से होगा निर्माण

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से मनेंद्रगढ़ जिले को एक मिली बड़ी सौगात मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर क्षेत्र में सेंट्रल लाइब्रेरी सहित रीडिंग ज़ोन के निर्माण के लिए 441.49 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई मनेंद्रगढ़ को मिली सेंट्रल लाइब्रेरी की सौगात, 441 लाख की लागत से होगा निर्माण रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत प्रयासों से मनेंद्रगढ़ जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर क्षेत्र में सेंट्रल लाइब्रेरी सहित रीडिंग ज़ोन के निर्माण के लिए 441.49 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के तहत नगर पालिक निगम चिरमिरी में 250 सीटों की क्षमता वाली आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के छात्र-छात्राओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं तथा पुस्तक प्रेमियों को बेहतर अध्ययन सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लाइब्रेरी न केवल युवाओं के करियर निर्माण में सहायक होगी, बल्कि ज्ञान आधारित समाज की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगी। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी में आधुनिक सुविधाएं, डिजिटल अध्ययन सामग्री और शांत रीडिंग ज़ोन की व्यवस्था की जाएगी। यह विकास कार्य क्षेत्रीय समानता और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। स्थानीय नागरिकों एवं विद्यार्थियों में इस घोषणा को लेकर खुशी की लहर है। सभी ने इस पहल के लिए मंत्री जायसवाल का आभार जताया है।

नक्सली जीवन छोड़ कौशल विकास योजना से बदली जिंदगी, लोगों के लिए बना मिसाल

रायपुर : शासन की नीति से प्रभावित होकर नक्सलवाद छोड़ा  नक्सलवाद छोड़ा,आत्मसमर्पण से आत्मनिर्भरता तक का सफर नक्सली जीवन छोड़ कौशल विकास योजना से बदली जिंदगी, लोगों के लिए बना मिसाल रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और पुनर्वास को लेकर लागू माओवादी आत्मसमर्पण पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 अब कई जिंदगियों में नई उम्मीद जगा रही है। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के सोनपुर गांव निवासी अन्नुलाल भंडारी इसका प्रेरक उदाहरण है। कभी बंदूक उठाने को मजबूर हुए अन्नुलाल ने माओवादी संगठन में करीब 20 वर्षों तक सक्रिय रहते हुए कई जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 1998 में संगठन से जुड़े अन्नुलाल ने गुरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण प्राप्त कर संगठन के प्रचार-प्रसार, सुरक्षा और रसद जैसे कार्यों को अंजाम दिया। लेकिन डर और हिंसा के उस जीवन से निकलकर वर्ष 2017 में उन्होंने आत्मसमर्पण कर सरकार की पुनर्वास नीति को अपनाया और मुख्यधारा में लौट आए। पुनर्वास के बाद अन्नुलाल ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर खेती कर सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत की। इसके बाद मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने उनके जीवन में नई दिशा दी। इस योजना के तहत नारायणपुर के लाईवलीहुड कॉलेज में वे जल वितरक संचालक (प्लम्बर) का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान न सिर्फ तकनीकी विषयों का ज्ञान मिल रहा है, बल्कि उन्हें शासन की जनहितकारी योजनाओं जिसमें जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ भी मिल रहा है। अन्नुलाल प्रशिक्षण पूरा कर ग्राम पंचायत सोनपुर में जल वितरक के रूप में कार्य करेंगे, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति और मजबूत होगी। अन्नुलाल कहते हैं कि अब वे भयमुक्त होकर स्वतंत्रता पूर्वक समाज में जीवन जी पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। सरकार की यह नीति यह साबित कर रही है कि हिंसा छोड़ने और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का रास्ता हमेशा खुला है बस जरूरत है सही अवसर और हौसले की।