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मध्य प्रदेश में ठंड का असर: राजगढ़ सबसे ठंडा, 20 जिलों में कोल्ड वेव की चेतावनी

भोपाल 

मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर बढ़ गया है। 20 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहर शामिल हैं। उत्तरी हवाओं के असर से तापमान तेजी से गिरा है, भोपाल में 10 साल का और इंदौर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा, पारा क्रमशः 8°C और 7°C दर्ज किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर भी दिख रहा है। राजधानी और अन्य शहरों में कंपकंपी वाली ठिठुरन महसूस हो रही है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में भी तापमान गिरा है। अगले 2 दिन शीतलहर की संभावना बनी हुई है।

आज यहां रहेगा हशीतलहर असर
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, इंदौर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, देवास, उज्जैन, शाजापुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, मैहर, कटनी, जबलपुर, उमरिया और शहडोल जिलों में शीतलहर असर दिखाएगी।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। इससे उत्तरी हवाएं सीधे एमपी में आ रही है। इस वजह से उत्तरी हिस्से के जिलों में शीतलहर असर है। पिछले 2 दिन में भोपाल, राजगढ़, सीहोर, इंदौर और शाजापुर में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा, जबकि रीवा, शहडोल और जबलपुर में भी शीतलहर चली।

सोमवार को भोपाल, इंदौर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, देवास, उज्जैन, शाजापुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, मैहर, कटनी, जबलपुर, उमरिया और शहडोल में शीतलहर का अलर्ट है।

 इंदौर में 25 साल, भोपाल में 10 साल की सबसे सर्द रात
शनिवार और रविवार की रातों ने कई शहरों में नया ठंडा इतिहास लिख दिया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज हुआ, जो पिछले 10 वर्षों में नवंबर का सबसे कम तापमान है। इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा गिरा-यह नवंबर महीने में पिछले 25 साल की सबसे ठंडी रात रही। यहां नवंबर का सर्वकालिक रिकॉर्ड वर्ष 1938 का है, जब तापमान 5.6 डिग्री पहुंचा था। राजगढ़ में भी पारा 7 डिग्री रहा और यह लगातार चौथी रात रही जब शहर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। उज्जैन में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री, ग्वालियर में 10.7 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री दर्ज हुआ।

सीहोर, उमरिया और रीवा में भी पारा 10 डिग्री से नीचे
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई इलाकों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक लुढ़का है। दिलचस्प रूप से पचमढ़ी में अन्य शहरों की तुलना में ठंड कम रही और यहां न्यूनतम तापमान 15 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सीहोर में 8.5 डिग्री, उमरिया में 9.5 डिग्री, मलाजखंड में 9.6 डिग्री और रीवा में 9.9 डिग्री दर्ज हुआ। छिंदवाड़ा 10°, नौगांव 10.5°, मंडला 10.6°, बैतूल 10.8°, गुना,दमोह,शिवपुरी 11°, सागर 11.5°, धार 11.6°, टीकमगढ़, सतना 11.8°, रतलाम 12.2°, दतिया 12.5°, श्योपुर 12.6°, खजुराहो 13°, खंडवा,सीधी,नरसिंहपुर 13.4°, नर्मदापुरम 13.7° और खरगोन 14.2° दर्ज किया गया।

इंदौर में 25 तो भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा शनिवार-रविवार की रात में कई शहरों में रिकॉर्ड ठंड रही। पारा 10 डिग्री के नीचे आ गया। भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रहा, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है।

इंदौर में पारा 7 डिग्री रहा। यहां पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है। जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था। इंदौर के साथ राजगढ़ में भी पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया।

लगातार चौथी रात राजगढ़ में पारा सबसे कम रहा। ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान लुढ़का है। उज्जैन में 10.5 डिग्री, ग्वालियर में 10.7 डिग्री और जबलपुर में तापमान 9.8 डिग्री रहा।

आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा बढ़ेगा
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार नवंबर की शुरुआत से ही ठंड ने जोर पकड़ लिया है। आने वाले दिनों में कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल देर रात और सुबह के समय ठंड अधिक महसूस की जा रही है, साथ ही हल्का कोहरा भी नजर आने लगा है।दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा और अनुमान है कि पारे में गिरावट का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।

उमरिया, बैतूल, रीवा भी सबसे ठंडे पिछले तीन दिन से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में ही तेज ठंड का असर था, लेकिन अब पूर्वी हिस्से में भी पारा लुढ़क रहा है। रविवार-सोमवार की रात में उमरिया में 8.5 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट)-रीवा में 9.1 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 9.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.6 डिग्री तापमान रहा।

इसी तरह मंडला में 10.1 डिग्री, गुना-शिवपुरी में 11 डिग्री, दमोह-सतना में 11.2 डिग्री, सीधी में 11.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 11.5 डिग्री, दतिया में 11.6 डिग्री, रतलाम में 12 डिग्री, धार में 12.1 डिग्री, सागर में 12.6 डिग्री, खजुराहो में 13 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन-नर्मदापुरम में 13.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, पचमढ़ी में इन सभी शहरों से ज्यादा 14.2 डिग्री रहा।

इसलिए बढ़ा ठंड का असर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी हो रही है। इस वजह से उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में आ रही है। मौसम विभाग का मानना है कि नवंबर में पहले ही दौर में तेज ठंड शुरू हो गई है, जो अब लगातार रहेगी। अब ठंड के साथ कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल देर रात और अल सुबह ठंड का असर ज्यादा है। वहीं, सुबह हल्का कोहरा भी है, जो आने वाले दिनों में बढ़ जाएगा।

दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। रविवार को ज्यादातर शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। आने वाले दिनों में पारे में और भी गिरावट होने की संभावना है।

पिछले 10 साल से नवंबर में ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।

वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा।

अब जानिए, पूरे नवंबर में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड का असर बढ़ेगा। हुआ भी वैसा ही। पारे में खासी गिरावट देखने को मिल रही है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा।

ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही बारिश होने के आसार है। तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।

 

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