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मेहनत और योजना का संयोजन, कविता दुबे ने बनाया सफल व्यवसाय

मेहनत और योजना का साथ, कविता दुबे ने खड़ा किया सफल व्यवसाय

भोपाल 

कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में घर की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली कविता दुबे ने आज अपनी मेहनत और हौसले से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। मध्यप्रदेश शासन की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना ने उनके सपनों को पंख दिए और आज वही सपना उनके सफल व्यवसाय के रूप में साकार हो रहा है।

परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कविता दुबे कुछ अलग करना चाहती थीं। इसी दौरान उन्हें उद्योग विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी मिली। योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन ने उनके मन में छिपे आत्मविश्वास को जगाया और उन्होंने अपने छोटे से सपने को साकार करने की ठान ली।

वर्ष 2023 में कविता ने “नारायणी लेडीज कलेक्शन” नाम से अपनी दुकान की शुरुआत की। शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन उनके इरादे बड़े थे। आज उनकी दुकान पर महिलाओं के लिए लहंगे, सूट, साड़ियाँ, कुर्तियाँ, ब्लाउज और आर्टिफिशियल बेंटेक्स ज्वेलरी जैसी कई वस्तुएँ उपलब्ध हैं। ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वे इन वस्तुओं को बिक्री के साथ-साथ किराये पर भी उपलब्ध कराती हैं।

लगन और निरंतर मेहनत का परिणाम है कि आज कविता को अपने व्यवसाय से हर महीने लगभग 15 से 20 हजार रुपये तक की आय हो रही है। यह आय न केवल उनके परिवार के लिए सहारा बनी है, बल्कि उन्हें समाज में एक नई पहचान भी दिला रही है।

कविता का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का सहयोग न मिला होता तो शायद उनके सपने अधूरे रह जाते। अब उनका सपना है कि अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाकर वे अन्य लोगों को भी रोजगार का अवसर दें।

कविता दुबे की यह कहानी बताती है कि जब सपनों के साथ मेहनत और सरकारी योजनाओं का साथ मिलता है, तो एक साधारण शुरुआत भी सफलता की बड़ी कहानी बन जाती है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना आज प्रदेश के युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार, आत्मसम्मान और नई पहचान का मजबूत माध्यम बन रही है।

 

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