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सूरजकुंड मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने 90 हजार दर्शकों का मोहा मन

फरीदाबाद.

अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में मंगलवार को खिली धूप के साथ शिल्पकारों के चेहरे भी खिल गए। सुबह से ही माैसम साफ होने की वजह से प्रत्येक गेट से दर्शक प्रवेश करते हुए नजर आए। कार्य दिवस होने के बावजूद स्टाल से लेकर फूड कोर्ट तक दर्शक खाते पीते हुए खरीदारी करते हुए दिखाई दिए। युवाओं ने विदेशी कलाकारों के साथ सेल्फी ली तो बुजुर्ग हरियाणा के अपना घर को देखते हुए नजर आए।

पूर्वोतर के राज्यों के स्टाल पर भी दर्शकों ने खरीदारी की। शाम के समय मेला परिसर में निकलने वाले कार्निवल में दर्शक कलाकारों के साथ जमकर झूमे। मेला प्रबंधन की माने तो मंगलवार को मेले में 35 हजार दर्शक पहुंचे। अभी तक तीन दिनों में कुल 90 हजार दर्शक मेला देखने आ चुके हैं।

मुख्य चौपाल पर गूंजा वंदे मातरम
मंगलवार काे मुख्य चौपाल पर अफ्रीकाी देश काबो वर्दे के कलाकारों ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को अपनी शैली में गाकर माहौल देश भक्तिमय कर दिया। उनकी प्रस्तुति को मुख्य चौपाल पर मौजूद प्रत्येक दर्शक ने तालियां बजा कर दाद दी। इससे पूर्व कजाकिस्तान की महिला कलाकारों के नृत्य एवं गायन ने पर्यटकों को खूब मनोरंजन किया। चौपाल की दर्शकदीर्घा में बैठे भले ही कजाकी गीतों के बोल समझ न आ रहे हो, लेकिन उनका जोशीला म्यूजिक और गीत पर्यटकों को उत्साह से भर रहा था। पर्यटक अपने ही स्थान पर झूम रहे थे। वहीं मंगलवार को बृज के हाली के रसिया ने भी पर्यटकों का खूब मनोरंजन किया।

अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्त्र की झलक
अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में पार्टनर देश मिस्र की कला को प्रदर्शित करने के लिए विशेष स्टाल लगाए गए हैं। जिनके माध्यम से मेले में आए पर्यटकों को थीम कंट्री की संस्कृति की झलक दिखाई दे रही है। इसी क्रम में स्टाल नंबर तीन पर शिल्पकार सनर हासनीन द्वारा प्रदर्शित उत्पाद पर्यटकों को काफी पसंद आ रहे हैं। उनके स्टाल पर हैंडमेड फैब्रिक से बने कपड़े, खजूर के पेड़ के रेशों से बनी पारंपरिक टोकरियां, ऊन से तैयार पारंपरिक मिस्र के कालीन और वार सज्जा की वस्तुएं उपलब्ध है,जो मेले में आए पर्यटकों को खूब लुभा रहे है। पर्यटक इन उत्पादों की जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं।

बहुरूपियों के साथ दर्शक खिंचवा रहे फोटो
मेला परिसर में रावण, यमराज, पीके, गब्बर सिंह और जोकर के वेश में बहुरूपिये घूमते देखे जा सकते हैं। मेले में पहुंचने वाले पर्यटकों में उनके साथ सेल्फी का विशेष उत्साह दिखाई देता है। इन बहुरूपियों के आसपास में पर्यटकों की भीड़ नजर आती है। पर्यटक इन बहुरूपियों के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं।

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