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संस्कृति और कला को मिलेगा नया आयाम, MP में बनेंगे थीम पार्क : यादव

 

बार्सिलोना/भोपाल,

 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन यात्रा के दौरान बार्सिलोना में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और कहा कि वहां का माहौल उन्हें उनके अपने शहर उज्जैन जैसा लगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी भारतीय जाते हैं, वे अपनी परंपराओं और त्योहारों से गहराई से जुड़े रहते हैं। यह केवल संवाद नहीं, बल्कि आत्मीय जुड़ाव है। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री यादव ने स्पेन की राजधानी में स्थित विश्वप्रसिद्ध "पार्क गेल" का दौरा किया और कहा कि इसी प्रकार के आकर्षक थीम आधारित सांस्कृतिक और कलात्मक पार्क मध्यप्रदेश में भी विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने इस पार्क की प्राकृतिक सुंदरता और वास्तुकला की समरसता की सराहना की।

मुख्यमंत्री 13 से 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने शीर्ष व्यापारिक प्रतिनिधियों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश की निवेशक हितैषी नीतियों का प्रचार प्रसार किया। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश संभावनाओं की भूमि नहीं, बल्कि निवेश के लिए एक ठोस मंच बन चुका है, जहां नीति, प्रक्रिया और प्रोत्साहनों से जुड़ी व्यापक सुधार योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार चिकित्सा कॉलेज स्थापित करने वाले संस्थानों को मात्र 1 रुपये में 25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी, जिससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें। इसके अलावा, 100 करोड़ रुपये तक के होटल परियोजनाओं को 30 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि राज्य में विश्वस्तरीय पर्यटन ढांचा विकसित किया जा सके। आईटी सेक्टर को छोटे शहरों तक विस्तार देने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है और प्रत्येक क्षेत्र के लिए पृथक नीति व सहायता तंत्र विकसित किया गया है।

पार्क गेल के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने आर्किटेक्ट एंटोनी गौदी की कला की सराहना करते हुए कहा कि वहां की "ड्रैगन सीढ़ियां", 86 स्तंभों वाला हाइपोस्टाइल हॉल और रंग बिरंगे मोजैक से सजा सर्पाकार बेंच जैसे कलात्मक तत्व शहरी सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक सजीवता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी पारंपरिक कला और आधुनिक शिल्प के समन्वय से ऐसे थीम आधारित आर्ट पार्क विकसित किए जा सकते हैं जो पर्यावरण के साथ सामंजस्य बनाते हुए जन सहभागिता को बढ़ावा दें।

 

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