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बिहार में चक्रवात का प्रभाव: तापमान गिरा, कोहरे से जनजीवन प्रभावित

पटना

दित्वाह चक्रवात का असर आज से बिहार में दिखने लगा है। सोमवार की सुबह राज्य के ज्यादातर हिस्सों में धूप नदारद रही। पटना, पूर्णिया, बेतिया, बेगूसराय, मोतिहारी, गोपालगंज समेत कई जिलों में देर रात से कोहरा छाया रहा। पछुआ हवा चलने के कारण सुबह और रात में ठंड अचानक बढ़ गई। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि चक्रवाती प्रणाली की वजह से अगले कुछ दिनों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में ठंड और तेज़ी से बढ़ेगी। बताया गया है कि 5 दिसंबर के बाद न्यूनतम तापमान गिरावट के साथ 10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जिससे ठंड का असर और व्यापक होगा।

बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई। अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस से 29.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जिसमें अररिया में 29.4 डिग्री सेल्सियस का सर्वाधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस से 20.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और किशनगंज में सबसे कम 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्णिया में 500 मीटर की न्यूनतम दृश्यता के साथ सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जबकि तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया।

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के ऊपर बहने वाली हवाओं की दिशा और दबाव में बदलाव फिलहाल दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण है। उत्तरी पंजाब और आसपास ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका असर उत्तरी हरियाणा तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही 5.8 किमी ऊंचाई पर मौजूद द्रोणिका के रूप में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 20 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में 61 डिग्री पूर्वीदेशांतर की ओर बढ़ रहा है। इन दोनों प्रणालियों की वजह से पछुआ हवा लगातार बिहार में प्रवेश कर रही है, जिससे ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।
 
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना जताई है और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। आगामी 4 से 5 दिनों में अधिकतम तापमान में किसी खास परिवर्तन की उम्मीद नहीं है, जबकि न्यूनतम तापमान अगले 48 घंटों तक स्थिर रहेगा। इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में रात का पारा नीचे जाने के आसार हैं, जिससे ठंड और बढ़ेगी।

 

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