samacharsecretary.com

हरिद्वार में गैर हिंदू श्रद्धालुओं की एंट्री पर पाबंदी, हरकी पौड़ी में पोस्टर लगाए गए

हरिद्वार
तीर्थ नगरी हरिद्वार के कुंभ क्षेत्र में गैर हिंदुओं की एंट्री बैन किए जाने की मांग के बीच हरकी पौड़ी पर चेतावनी के बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें हर की पैड़ी पर ‘अहिंदू प्रवेश निषेध क्षेत्र’ यानी गैर हिंदू की एंट्री पर रोक की चेतावनी लिखी गई है. शुक्रवार सुबह हर की पौड़ी की व्यवस्था संभालने वाली संस्था गंगा सभा की ओर से ब्रह्म कुंड और उसके आसपास ये बोर्ड लगाए गए हैं. बोर्ड गंगा के नाम से नहीं, बल्कि म्युनिसिपालिटी बायोलॉज के हवाले से लगाए गए हैं.

दरअसल बीते मंगलवार को दो युवक अरबी शेख की पोशाक में हर की पौड़ी पर घूमते हुए नजर आए थे, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं. गंगा सभा से जुड़े तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि पहले से मौजूद नियमों के तहत चेतावनी के बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि लोग हर की पैड़ी क्षेत्र में प्रवेश के नियमों को लेकर जागरूक हो सकें.

पोस्टर लगाने का क्या है उद्देश्य

हरिद्वार के तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने कहा कि बोर्ड लगाने का उद्देश्य यही है कि सभी को यहां के नियमों और मर्यादाओं की जानकारी रहे. पहले भी ऐसे पोस्टर लगे थे, लेकिन कुछ क्षतिग्रस्त हो गए थे. हमारा उद्देश्य यही है कि सनातन धर्म के इस पवित्र स्थल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह पता होना चाहिए और किस धर्म ने जुड़े हुए लोगों को यहां प्रवेश करना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि यह बोर्ड हर की पौड़ी या उसके आसपास आने वाले हर क्षेत्र में लग चुके हैं. अब इसका सज्ञान सभी लोग लेंगे और प्रशासन इन नियमों को कड़ाई से पालन कराने में हमारा सहयोग करेगा. संस्था गंगा सभा की ओर से लगाए गए इस पोस्टर के बाद इसकी चर्चा तेज हो गई है और कई संगठन इसका विरोध कर रहे हैं.

चार तीर्थों में प्रमुख स्थान

बता दें कि हरिद्वार हिंदू धर्म में चार तीर्थों में प्रमुख स्थान रखता है, जहां दूर-दूर से भक्त गंगा स्नान करने और दान कर पुण्य प्राप्त करने आते हैं. वहीं श्री गंगा सभा संस्था हर की पौड़ी क्षेत्र की व्यवस्थाएं देखने का कार्य करती है. इस संस्था की नींव महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने रखी गई थी. श्री गंगा सभा के वर्तमान अध्यक्ष नितिन गौतम ने हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है और उनकी इस मांग का साधु-संतों और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग भी समर्थन कर रहे हैं.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here