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बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का इंतकाल, पति के साथ हुआ दफन

ढाका
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया को संसद भवन के साउथ प्लाजा में नमाज-ए-जनाजा के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बेगम जिया को उनके पति और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास दफन किया गया। बेगम खालिदा जिया को ढाका के शेर-ए-बांग्ला नगर में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उन्हें नमाज-ए-जनाजा के बाद शाम करीब 4:30 बजे दफनाया गया। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य, सरकारी अधिकारी, विदेशी मेहमान, डिप्लोमैट, और बीएनपी-नॉमिनेटेड नेता मौजूद थे। खालिदा जिया के जाने से बांग्लादेश की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है। सुपुर्द-ए-खाक में सिर्फ कुछ खास लोगों को ही आने-जाने की इजाजत थी और इस दौरान शेर-ए-बांग्ला नगर के जिया उद्यान में लोगों की आवाजाही भी सीमित रही।
23 नवंबर को खालिदा जिया का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खालिदा जिया ने 41 साल तक बीएनपी का नेतृत्व किया और 1990 के दशक के तानाशाही-विरोधी आंदोलन के दौरान उन्हें ‘समझौता न करने वाली लीडर’ का खिताब मिला। जिया पांच बार मेंबर ऑफ पार्लियामेंट रहीं, तीन बार प्रधानमंत्री और दो बार विपक्ष की नेता की जिम्मेदारी निभाई। बेगम खालिदा जिया ने अपने चार दशक से ज्यादा के राजनीतिक सफर का ज्यादातर हिस्सा सड़कों पर बिताया, आंदोलनों का नेतृत्व किया, और गिरफ्तार भी हुईं। उन्हें जेल में भी रहना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी देश नहीं छोड़ा। उन्होंने जो भी चुनाव लड़ा, वह कभी नहीं हारी।
जिया के जनाजे में शामिल होने वाले 32 राजनयिकों में अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत मेगन बोल्डिन, ब्रिटिश हाई कमिश्नर सारा कुक, चीनी राजदूत याओ वेन और यूरोपियन यूनियन के राजदूत माइकल मिलर थे। वहीं, रूस के कार्यवाहक राजदूत एकातेरिना सेमेनोवा, जापानी राजदूत सैदा शिनिची, कैनेडियन हाई कमिश्नर अजीत सिंह, ऑस्ट्रेलियन हाई कमिश्नर सुसान रिले और रेटो सिगफ्राइड रेंगली भी शामिल हुए। इसके अलावा, नीदरलैंड, लीबिया, फिलीपींस, सिंगापुर, फिलिस्तीन, दक्षिण कोरिया, म्यांमार, इटली, स्वीडन, स्पेन, इंडोनेशिया, नॉर्वे, ब्राजील, मोरक्को, ईरान, अल्जीरिया, ब्रुनेई, थाईलैंड, कतर, डेनमार्क और मलेशिया के राजदूत और हाई कमिश्नर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी ढाका पहुंचे थे। ढाका पहुंचने के बाद एस. जयशंकर ने खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की और पीएम मोदी का शोक संदेश सौंपा।

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