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मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी, जबलपुर-सागर समेत 22 जिलों में गिरेगा पानी, कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी

भोपाल

साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से 28 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। अगले 48 घंटों में ग्वालियर, चंबल, सागर, उज्जैन एवं नर्मदापुरम संभाग में मौसम बदला रहेगा।आज सोमवार को 22 जिलों भारी से अति बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी जिलों में बिजली गिरने चमकने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। भिंड, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर और शिवपुरी में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। बता दे कि मध्य प्रदेश में इस सीजन में अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है यानि 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95% तक बारिश हो चुकी है।

मौसम विभाग ने भोपाल-उज्जैन, जबलपुर-सागर समेत कुल 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में भारी बारिश होने का अनुमान है। इंदौर, भोपाल समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा।

सोमवार को एक्टिव होगा नया वेदर सिस्टम

    उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। इससे जुड़ा ऊपरी वायु परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊँचाई के साथ दक्षिण की ओर झुक रहा है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर- पश्चिम की ओर बढ़ने और उसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।

    वर्तमान में मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, पुरुलिया, दीघा और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। पश्चिमी विक्षोभ माध्य समुद्र तल से 3.। और 9.6 किमी ऊपर एक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है, जिसकी धुरी औसत समुद्र तल से 3. किमी ऊपर देशांतर 70* पूर्व से अक्षींश 28* उत्तर के उत्तर तक बनी हुई है।

    एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रो में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है और ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झक रहा है। अगले 48 घंटों के दौरान ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से ट्रर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है जिससे मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा।

उमरिया में सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश

प्रदेश में रविवार को 30 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश उमरिया में हुई। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़,विदिशा, देवास, इंदौर, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, सागर, हरदा, मंडला, मुरैना, श्योपुर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, बालाघाट समेत कई जिलों में भी हल्की बारिश जारी रही।

श्योपुर में गर्भवती को बोट से अस्पताल ले गए श्योपुर में गर्भवती महिला को बोट से अस्पताल भिजवाया गया। वहीं, सतना में निचली बस्तियों में पानी भर गया। तेज बारिश होने से नर्मदापुरम जिले के तवा डैम के गेट 5 फीट तक खोले गए।

सिस्टम की एक्टिविटी से बारिश मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि रविवार को मानसून टर्फ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया की एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से उत्तरी हिस्से में तेज बारिश का दौर बना रहा। इसी प्रकार अगले 4 दिन तक कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।

एमपी में अब तक 35.1 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 28.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है।

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