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हिना खान ने साझा की दर्दनाक अनुभूति, कैंसर उपचार में नसों का दर्द बना बड़ा संघर्ष

  नई दिल्ली

हिना खान कभी भी अपनी कैंसर जर्नी के बारे में बात करने से हिचकिचाती नहीं हैं. उन्होंने जो दर्द सहन किया है, वो उसके बारे में खुलकर बताती हैं. ये सोचकर बताती हैं कि उनकी कही बातों से लोग अवेयर हो सकें कि ये कितनी मुश्किल होती है. कीमोथेरेपी के दौरान हिना काफी शारीरिक और इमोशनल चैलेंजेज से गुजरीं. उनके लिए वो काफी मुश्किल था. खुद को संभालना टफ रहा. 

हिना ने बयां किया दर्द
काफी महीनों तक हिना ने सबकुछ सहन किया. सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए अपनी बात कही. अपना दर्द बयां किया. सोहा अली खान के पॉडकास्ट में 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' एक्ट्रेस ने कहा- मेरे लिए वो काफी टफ था. बहुत ज्यादा टफ था. वो दिन मैं अपनी जिंदगी में कभी भूल नहीं सकती हूं. तो हर मरीज को एक हफ्ते का गैप दिया जाता है. पहली और दूसरी कीमोथेरेपी में ये गैप देना जरूरी होता है. कुछ के लिए ये गैप तीन हफ्तों का होता है तो मेरे लिए वही था. तीन हफ्ते के गैप में मेरी दूसरी कीमोथेरेपी हुई. 

इस ट्रीटमेंट से मरीज अपने आप वो चीजें एक्स्पीरियंस करता है जो उसने सोची भी नहीं होती है. दर्द रुक-रुककर होता है और रिकवरी भी बहुत स्लो होती है. कीमोथेरेपी के साथ जीना मैंने इस दौरान सीखा. हर तीन हफ्ते में मेरी कीमोथेरेपी होती थी. पहला हफ्ता मेरे लिए बहुत ज्यादा मुश्किल भरा बीता. बहुत ज्यादा दर्द था. मुझे सबसे ज्यादा दर्द नसों में होता था. वो भी रुक-रुककर. फिर कीमो के बाद के दो हफ्ते मेरे अच्छे बीतते थे. 

कैसे हिना ने खुद को संभाला?
उस समय मैंने खुद के साथ समय बिताया. मैंने ट्रैवल किया और वो सबकुछ किया जो मैं करना चाहती थी. पहले फेज का दर्द काफी इंटेन्स था. इसलिए मैंने सोचा कि मैं बाकी के दिन अपने अच्छे गुजारूंगी. दिमाग में मैंने जब ये बात खुद के लिए सोची तो मैं काफी सारी चीजों को और दर्द के झेल पाई. ट्रीटमेंट के दौरान भी काफी चीजें झेल पाई. 

वर्कफ्रंट की बात करें तो हिना को आखिरी बार 'पति पत्नी और पंगा' में देखा गया था. पति रॉकी जायसवाल के साथ वो नजर आई थीं. सोनाली बेंद्रे और मुनव्वर फारूकी ने इस शो को होस्ट किया था. रुबीना दिलैक और अभिनव शुक्ला ने शो को जीता था.   

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