samacharsecretary.com

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर: नोएडा में लोग कर रहे टंकी फुल कराने की दौड़

नई दिल्ली
 ईरान व अमेरिका-इस्राइल के बीच युद्ध के कारण भारत में भी पेट्रोल व डीजल महंगा होने वाला है। इसकी आशंका पर शनिवार को ग्रेटर नोएडा के काफी पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखने को मिली। वहां लंबी लाइन लगी थी। ज्यादातर लोग कार व बाइक के टैंक को पूरा भरवा रहे थे। वहीं प्रशासन भी लगातार पेट्रोलियम कंपनियों के संपर्क में हैं। अफसरों का कहना है कि युद्ध का असर हर जगह है। पेट्रोलियम कंपनियां यहां भी कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
 
ईंधन की आपूर्ति पर पड़ा असर
खाड़ी देशों में युद्ध का असर अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। ईरान पर हमले के कारण ईंधन की आपूर्ति पर असर पड़ा है। वहां से दुनिया भर में 20 प्रतिशत तेल जाता है। आपूर्ति बंद होने पर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुकी है। इस कारण अन्य देशों में तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं। अगर युद्ध जारी रहा तो भारत में भी तेल की कीमतें जल्द बढ़ जाएंगी।

पेट्रोल पंपों पर लगी गाड़ियों की कतारें
शनिवार को शहर में तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका रही। इस कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर शाम को काफी भीड़ रही। ग्रेनो वेस्ट की समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू निवासी संजीव ने बताया कि एक मूर्ति गोल चक्कर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार शाम को काफी भीड़ रही। बाइक और कारों की लंबी लाइन लगी थीं। ज्यादातर लोग बाइक व कार का टैंक फुल करवा रहे थे। ताकि पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के कारण उनकी जेब ढीली होने से बच सके।

अफसर बोले- अभी आशंका है
हालांकि जिला आपूर्ति विभाग के अफसरों का कहना है कि आशंका है, लेकिन इस संबंध में कंपनियों की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिली है। साथ ही कंपनियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। फिलहाल तेल की कीमतें बढ़ने संबंधी कोई आदेश नहीं है।

पाकिस्तान में 55 रुपये प्रति लीटर का उछाल
खाड़ी देशों में युद्ध के कारण पाकिस्तान में तेल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस कारण वहां पर पेट्रोल की कीमतें 335 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुकी है। वहीं अमेरिका और यूरोप में भी तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। जबकि इस्राइल में भी कीमतें बढ़ी हैं।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here