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जेल में बंद आज़म ख़ान को न्यायालय से राहत, अमर सिंह मामला हुआ खत्म

रामपुर 
समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह के परिवार पर अमर्यादित बयान देने के आरोप में फंसे समाजवादी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खान को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। उधर, कोर्ट का निर्णय सुनते ही आजम खान ने अदालत का शुक्रिया अदा किया।

मालूम हो कि आजम खान ने एक निजी चैनल को इंटरव्यू के दौरान राज्यसभा सदस्य रहे अमर सिंह की बेटियों को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी थी। इस मामले में अमर सिंह ने नोएडा से लखनऊ तक रैली निकाली और डीजीपी के आदेश पर लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। चूंकि, इंटरव्यू जौहर विवि में दिया गया था, लिहाजा लखनऊ से केस रामपुर के अजीमनगर थाने में ट्रांसफर हो गया था। पुलिस ने बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। जिसका ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा है।

मंगलवार को इस केस में अंतिम बहस पूरी हो गई थी। अदालत ने निर्णय के लिए 28 नवंबर की तारीख मुकर्रर की थी। इस मामले में जेल में बंद आजम खान को कोर्ट ने व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। शुक्रवार को जब सुनवाई शुरू हुई तो आजम खां को जेल प्रशासन पेशी पर लाने लगा।

बताया जाता है कि आजम खान ने कैदियों को पेशी पर लाने वाली जेल की बड़ी गाड़ी में बैठने से इंकार कर दिया, जिस पर वीसी के जरिए आजम की पेशी हुई। जहां अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आजम को बरी कर दिया। कोर्ट में आजम ने जेल प्रशासन की शिकायत की। साथ ही अदालत का शुक्रिया अदा किया।

 

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