samacharsecretary.com

जयपुर को पहले चरण में नहीं मिला मौका, IPL के दूसरे राउंड में सवाई मान सिंह स्टेडियम में होंगे मुकाबले

जयपुर.

राजस्थान के क्रिकेट फैंस के लिए एक मायूस करने वाली खबर सामने आ रही है। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का बिगुल 28 मार्च से बजने जा रहा है। लेकिन गुलाबी नगरी जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में फिलहाल चौके-छक्कों की गूंज सुनाई नहीं देगी। बता दें कि बीसीसीआई द्वारा जारी पहले फेज के 20 मैचों के शेड्यूल में जयपुर को एक भी मैच की मेजबानी नहीं मिली है।

जयपुर में मैच न होने की सबसे बड़ी वजह SMS स्टेडियम की जर्जर हालत और सुरक्षा मानकों में कमी को माना जा रहा है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स ने स्टेडियम का विस्तृत सर्वे करवाया था। सर्वे की 700 पन्नों की रिपोर्ट में स्टेडियम के ढांचे और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। राजस्थान रॉयल्स के प्रबंधन ने सरकार और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से सुरक्षा की लिखित जिम्मेदारी लेने को कहा था।
हालांकि, मुख्य सचिव और खेल सचिव ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर मरम्मत और सुरक्षा का भरोसा दिलाया है, लेकिन पहले फेज के लिए जयपुर को 'अनफिट' ही माना गया।

राजस्थान रॉयल्स का शेड्यूल
जयपुर में मैच न होने के कारण राजस्थान रॉयल्स अपने शुरुआती 'होम मैच' असम के गुवाहाटी में खेलेगी। आईपीएल के 19वें सीजन के शुरुआती कार्यक्रम पर एक नजर…

तारीख    मुकाबला    वेन्यू (मैदान)
30 मार्च    राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स    गुवाहाटी
04 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs गुजरात टाइटंस    अहमदाबाद
07 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs मुंबई इंडियंस    गुवाहाटी
10 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs आरसीबी    गुवाहाटी

क्या दूसरे फेज में जयपुर को मिलेगा मौका?
फिलहाल 28 मार्च से 12 अप्रैल तक का ही शेड्यूल जारी हुआ है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि यदि इस बीच स्टेडियम की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर पूरा कर लिया जाता है, तो आईपीएल के दूसरे फेज में जयपुर को कुछ मैचों की मेजबानी मिल सकती है।
राज्य सरकार और खेल विभाग लगातार बीसीसीआई के संपर्क में हैं, ताकि राजस्थान के फैंस को अपने घरेलू मैदान पर संजू सैमसन की टीम को खेलते देखने का मौका मिल सके। राजस्थान रॉयल्स अपना पहला मुकाबला 30 मार्च को डिफेंडिंग चैंपियन के खिलाफ गुवाहाटी के बारापारा स्टेडियम में खेलेगी।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here