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रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली के जरिए लाई जाएगी कानून व्यवस्था में कसावट

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज (बुधवार) मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली को साय कैबिनेट ने मंजूरी दी. रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होगा. इसी साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दौरान इसकी घोषणा हुई थी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस व्यवस्था के लागू होने की घोषणा की थी. रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली 23 जनवरी से लागू होगी.

बता दें कि पहले चर्चा थी कि एक जनवरी से रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू हो जाएगी लेकिन बताया जा रहा है कि कैबिनेट में 23 जनवरी से लागू करने पर सहमति बनी क्योंकि 23 जनवरी को ही सुभाष चंद्र बोस की जयंती है. पुलिस कमिश्नर प्रणाली लेकर स्पष्ट खाखा 7 दिन के भीतर तैयार कर लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि कई सारे बिंदुओं पर सहमति बन गई है. तीन हिस्सों में रायपुर पुलिस की कमिश्नरी बंटेगी. मध्य, पूर्व और पश्चिम हिस्सा होगा.  हर क्षेत्र की कमान डीएसपी के हाथ में होगी, जो एसपी रैंक का अधिकारी होगा.

कैसा होगा पुलिस कमिश्नरेट

डीएसपी के ऊपर एक एडिशनल कमिश्नर और फिर कमिश्नर रैंक होंगे, कमिश्नर के अंडर एडिशनल डीसीपी होंगे और 21 एसीपी रहेंगे, यह डीएसपी रैंक के अफसर होंगे.पुलिस थानों के प्रभारी अब टीआई नहीं, बल्कि डीएसपी रैंक के अफसर होंगे. कमिश्नर मुख्यालय में तीन डीसीपी नियुक्त किए जाएंगे. यह क्राइम, प्रोटोकॉल, ट्रैफिक, अजाक और महिला अपराध जैसे विंग देखेंगे.रायपुर नगर निगम और बिरगांव नगर पालिका निगम क्षेत्र कमिश्नरी का हिस्सा होंगे. रायपुर ग्रामीण के लिए अलग एसपी होंगे.

होंगे ये बदलाव

23 जनवरी से लागू होने वाले कमिश्नरी सिस्टम का खाका 7 दिन में तैयार किया जाएगा.कमिश्नर को कलेक्टर की तरह 17 अधिकार दिए जाएंगे. पुलिस कमिश्नर आर्म्स एक्ट, धारा 144 लगाने जैसे अधिकार का उपयोग खुद कर सकता है, पहले इसके लिए कलेक्टर की अनुमति लेने की आवश्यकता होती थी.गन लाइसेंस लेने के लिए सीधे कमिश्नर को आवेदन किया जा सकता है .UAPA एक्ट, अनैतिक देह व्यापार, मानव तस्करी, मोटर व्हीकल एक्ट, कारागार अधिनियम, पॉइजन एक्ट, कैटल ट्रेस पास एक्ट समेत कुछ अन्य अधिकार कमिश्नरेट को दिए जा सकते हैं.

इन थानों को किया जा सकता है शामिल

पुलिस सूत्रों के मुताबिक रायपुर के सिविल लाइन, तेलीबांधा, देवेंद्र नगर, पंडरी, कोतवाली, गोल बाजार, गंज, मौदहापारा, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, टिकरापारा, डीडी नगर, आजाद चौक, सरस्वती नगर, आमानाका, कबीर नगर, खमतराई, गुढ़ियारी, उरला, धरसीवा और खमारडीह थाने कमिश्नर प्रणाली में शामिल किए जा सकते हैं. जबकि रायपुर जिले के आरंग, तिल्दा, खरोरा अभनपुर, नया रायपुर और माना क्षेत्र रायपुर ग्रामीण एसपी के अधीन होगा.

 

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