samacharsecretary.com

मोनोपॉली पर बड़ा एक्शन: इंदौर में स्कूल प्रबंधन और दो दुकानों के खिलाफ केस दर्ज

इंदौर.

इंदौर शहर के निजी स्कूलों के संचालक जिला प्रशासन की चेतावनी के बाद भी मनमाने तरीके से कापी-किताबें बेच रहे हैं। कापी-किताब की मोनोपोली के खिलाफ जिला प्रशासन ने शनिवार को कार्रवाई की है। स्कूल से मनमाने दाम पर किताबें बेचने पर गांधीनगर स्थित डॉ. विश्वनाथ कराड़ा गुरुकुल शांति (वर्ल्ड पीस स्कूल) के संचालक एवं प्राचार्य के खिलाफ रात में करीब ढाई बजे एफआईआर दर्ज करवाई गई।

मामले में प्रियंका गुप्ता ने शिकायत की थी कि वर्ल्ड पीस स्कूल में बच्चे पढ़ाई करते हैं, लेकिन यहां की किताबें अन्य स्टेशनरी पर उपलब्ध नहीं हैं। स्टेशनरी दुकान से ही कापी-किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। मामले में जांच के लिए विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, जनपद शिक्षा केंद्र तेजाजी नगर द्वारा गठित दल ने जांच की। जांच में पाया गया कि विद्यालय की समस्त पुस्तकें एवं कापियां केवल एक ही निर्धारित दुकान पर उपलब्ध थीं और अन्य दुकानों पर उपलब्ध नहीं थीं। साथ ही विद्यालय प्राचार्य द्वारा लिखित में यह स्वीकार किया गया कि पुस्तकों की व्यवस्था विद्यालय द्वारा ही करवाई जाती है। यह कृत्य कलेक्टर द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जारी आदेश का उल्लंघन पाया गया।

स्कूल से ही यूनिफार्म भी बेचता है संचालक
जानकारी अनुसार वर्ल्ड पीस स्कूल द्वारा विद्यार्थियों की यूनिफार्म भी तैयार करवाई जाती है। पालकों ने बताया कि यूनिफार्म भी हम बाहर से नहीं खरीद पाते हैं, हमें यहीं से खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। हर वर्ष प्रबंधन द्वारा इसी प्रकार की मनमानी की जाती है। पांचवी से आठवीं तक के विद्यार्थियों की किताब स्कूल प्रबंधन द्वारा मनमानी दर तय कर करीब आठ से 10 हजार रुपये में दी जाती है। जानकारी अनुसार इस स्कूल की देश के अन्य राज्यों में भी शाखाएं हैं। वहां भी इसी तरह की मनमानी की जाती है।

डीपीएस स्कूल की किताबें भी एक ही स्टेशनरी पर
डीपीएस स्कूल राऊ की किताबें एक ही दुकान से मिलने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले में गठित दल द्वारा जांच में शिकायत सही पाई गई। समृद्धि पार्क पिपल्याहाना स्थित गुडलक स्टेशनरी द्वारा कलेक्टर द्वारा जारी आदेश का उल्लंघन किए जाने पर विक्रेता के खिलाफ थाना तिलक नगर में एफआइआर दर्ज की गई है। इसी प्रकार विजय नगर स्थित डेली डैजी डेल्स स्कूल द्वारा इंदौर बुक डिपो से शिक्षण सामग्री के लिए खरीदने को बाध्य किया जा रहा था। इस पर प्रशासन ने दुकान के साथ ही स्कूल संचालक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई गई।

स्टेशनरी संचालक पालकों को कापी-किताबों का पूरा सेट खरीदने पर मजबूर करते थे। इसके साथ ही स्कूल संचालक भी किताबों के लिए पांच वेंडर होना बताते हैं, लेकिन किताबें सिर्फ एक ही स्टेशनरी पर मिलती हैं।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here