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छत्तीसगढ़ में नक्सली दहशत: सुकमा में हुई निर्मम हत्याओं की हकीकत

बस्तर 
बस्तर एक बार फिर माओवादी हिंसा की चपेट में आ गया है. छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में रविवार देर रात हथियारबंद नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की निर्मम हत्या कर दी. यह घटना केरलापाल थाना क्षेत्र के सिरसेटी के नंदापारा में हुई. मृतकों की पहचान पदम पोज्जा और पदम देवेंद्र के रूप में हुई है.

सूचना पर पुलिस दल मौके पर पहुंच गए हैं और बस्तर पुलिस जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करेगी. सुकमा में एक हफ़्ते के भीतर माओवादियों से जुड़ी यह दूसरी हत्या है. इससे पहले जगरगुंडा के सिलगेर गांव में शिक्षादूत लक्ष्मण बारसे की हत्या कर दी गई थी.
 
पिछले एक पखवाड़े में माओवादियों ने बस्तर में नागरिकों पर हमले तेज़ कर दिए हैं. कांकेर में स्वतंत्रता दिवस पर एक माओवादी स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 25 वर्षीय ग्रामीण मनीष नुरेती का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी. खबरों के अनुसार, उसकी फांसी से पहले एक "जन अदालत" का आयोजन किया गया था. एक अन्य मामले में सुकमा के पोलमपल्ली में 40 वर्षीय सोदी देवा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.

बीते दिनों तीन नक्सलियों को किया गया था गिरफ्तार
नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है. बीते रविवार को सुकमा जिले में विस्फोटकों के साथ तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान पोडियम जोगा (25), माडवी मासा (25) और पोज्जा माडवी (29) के रूप में हुई थी.

ये तीनों प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के मिलिशिया सदस्य हैं. इनके पास से लगभग 3 किलोग्राम वजन का एक टिफिन बम, पांच डेटोनेटर, पांच जिलेटिन रॉड, चार पेंसिल सेल, बिजली के तार और डेटोनेटिंग कॉर्ड बरामद किए गए थे.

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