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दूरी के हिसाब से तय होगा बसों का नया किराया, 5 साल बाद समीक्षा के आधार पर बिहार सरकार ने शुरू की बदलाव की तैयारी

 पटना  

बिहार में बस यात्रा महंगी हो सकती है. लगभग 15 प्रतिशत तक किराया बढ़ सकता है. इससे कहीं ना कहीं लोगों की टेंशन बढ़ने वाली है. परिवहन विभाग की ओर से गुरुवार को ही प्रस्ताव की अधिसूचना जारी की गई है. इसे लेकर एक महीने के अंदर आपत्ति या फिर सुझाव मांगा गया है.

कितने प्रतिशत तक बढ़ेगा किराया?
जानकारी के मुताबिक, नॉर्मल बसों के किराए में 50 किलोमीटर तक के लिए 15 प्रतिशत, 100 किलोमीटर के लिए 14 प्रतिशत, 150 किलोमीटर तक के लिए 13 प्रतिशत, 200 किलोमीटर तक के लिए 12 प्रतिशत, 250 किलोमीटर तक के लिए 11 प्रतिशत और 300 किलोमीटर की अधिक दूरी तक के लिए 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा गया है.

हर 5 साल पर बस किराए की होती है समीक्षा
परिवहन विभाग की ओर से हर 5 साल पर बस के किराए की समीक्षा की जाती है. प्रस्ताव को लेकर बिहार राज्य मोटर फेडरेशन की बैठक में फैसला लिया जाएगा. आपत्ति या सुझाव आने के बाद उस बैठक में चर्चा की जाएगी. इस दौरान बस यात्रियों के साथ-साथ बस संचालकों के हित का भी ध्यान रखा जाएगा. जानकारी के मुताबिक, दूरी के हिसाब से बस का किराया तय किया जाएगा.

चार नई इलेक्ट्रिक लग्जरी बसों की मिलेगी सुविधा
जानकारी के मुताबिक, परिवहन विभाग ने मई महीने से गांधी मैदान से अटल पथ और जेपी सेतु होते हुए सोनपुर और हाजीपुर रेलवे स्टेशन तक चार नई इलेक्ट्रिक लग्जरी बसें चलाने का फैसला किया है. सबसे खास बात यह है कि इस सेवा के शुरू होने से अटल पथ के दोनों ओर रहने वाली करीब पांच लाख की आबादी को पहली बार पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सीधी सुविधा मिलेगी. यह पहल ‘पीएम ई-बस सेवा’ योजना के तहत की जा रही है, जिसका सर्वे इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा.

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