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नर्मदा पर स्वास्थ्य सेवा की नई पहल: पानी पर तैरते अस्पताल बनेंगे, नदी एम्बुलेंस नेटवर्क होगा विस्तारित

भोपाल
मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के घाटों पर फ्लोटिंग अस्पताल शुरू कर नदी एम्बुलेंस का विस्तार किया जाएगा। इससे घाट पर आने वाले तीर्थयात्रियों, परिक्रमावासियों, आगंतुकों और स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में सुगमता होगी। राज्य सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल आलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में नदी किनारे बसे लोगों को चिकित्सीय सुविधाएं देने के लिए नदी एम्बुलेंस शुरू की गई हैं, जो आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार व दवाएं उपलब्ध कराने में मददगार साबित होंगी।
 
आदिवासी इलाकों के लिए महत्वपूर्ण कदम
खासकर बाढ़ प्रभावित और दूरदराज के आदिवासी इलाकों के लिए यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके अलावा वेलनेस और योग टूरिज्म में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए घाटों पर योग, ध्यान केंद्र और पार्क निर्माण भी किए जाएंगे।

नर्मदा के घाटों पर प्रतिदिन 2.5 लाख आते हैं श्रद्धालु
नर्मदा नदी के 861 घाटों पर प्रतिदिन लगभग 2.5 लाख से अधिक पर्यटक, श्रद्धालु, तीर्थयात्री आते हैं। 396 सूक्ष्म आकार के घाटों पर एक लाख आठ हजार से अधिक, 338 मध्यम आकार के घाटों पर 95 हजार और 116 वृहद आकार के घाटों पर 65 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं।

डॉक्टर, नर्स सहित मेडिकल सुविधाओं से लैस होगा
फ्लोटिंग अस्पताल यानी पानी पर तैरता हुआ अस्पताल, जो दूरदराज के इलाकों और द्वीपों पर रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएगा। यह चिकित्सा सेवाओं को नदी से लगे सड़क विहीन गांवों तक ले जाने में सक्षम होगा। डॉक्टर, नर्सिंग टीम व मेडिकल सुविधाओं से लैस ये अस्पताल आपातकालीन स्थितियों में भी मददगार होंगे। इनमें जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध होंगी।

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