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तिब्बत को लेकर नितिन नवीन का गंभीर आरोप, नेहरू पर लगाए ऐतिहासिक चूक के आरोप

पटना

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोला है। बुधवार सुबह उन्होंने उन्होंने इसे ‘समझौता मिशन’ की राजनीति बताते हुए आरोप लगाया कि परिवार के हितों को देशहित से ऊपर रखा गया। नवीन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1954 में बिना किसी प्रतिफल के तिब्बत में भारत के अधिकार चीन को सौंप दिए। उन्होंने कहा कि नेहरू ने कभी 45 करोड़ भारतीयों को अपनी ‘जिम्मेदारी’ बताया था, लेकिन उनके फैसलों ने राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाया।

राजीव गांधी के कार्यकाल पर सवाल
भाजपा अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय रक्षा सौदों का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया गया। उन्होंने दावा किया कि रक्षा सेवाओं के माध्यम से निजी बैंक खातों को भरने का काम हुआ।

राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप
नवीन ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को ‘विदेशी शक्तियों की कठपुतली’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस का चुनावी इतिहास कथित तौर पर सीआईए फंडिंग से प्रभावित रहा है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने 247 से अधिक विदेशी यात्राएं कीं, जिनमें कई बार सुरक्षा एजेंसियों को सूचना नहीं दी गई। उन्होंने विदेशी नेताओं, जैसे इल्हान ओमर और निवेशक जॉर्ज सोरोस से मुलाकातों पर भी सवाल उठाए।

सोनिया गांधी को लेकर क्या कहा?
नवीन ने आरोप लगाया कि 2004 से 2014 के बीच राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (NAC) के जरिये सोनिया गांधी ने ‘सुपर प्रधानमंत्री’ की तरह काम किया और समानांतर सरकार चलाई। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी सरकार और जॉर्ज सोरोस के नेटवर्क से फंडिंग मिली।

युवा और राष्ट्रहित पर जोर
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश का युवा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहता है। यदि उसे गुमराह करने की कोशिश की जाती है तो यह समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जनता अब तथाकथित ‘समझौता मिशन’ को समझ चुकी है और भविष्य में वही नेतृत्व स्वीकार करेगी जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे। उन्होंने कहा कि देश की जनता राष्ट्रहित के मुद्दों पर सजग है और आने वाले समय में वही नेतृत्व चुनेगी जो देश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा।

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