samacharsecretary.com

पाकिस्तान की नई रणनीति? दशकों बाद बांग्लादेश में दिखा उसका युद्धपोत

बांग्लादेश

बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार हटने और मोहम्मद यूनुस की अगुआई में अंतरिम सरकार गठित होने के बाद से ही भारत के साथ संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। वहीं बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का झुकाव पाकिस्तान की ओर बढ़ता ही जा रहा है। अब पाकिस्तानी सेना का एक युद्धपोत बांग्लादेश के कटगांव पोर्ट पर पहुंच गया है। 1971 के युद्ध के बाद पहली बार है जब यहां कोई पाकिस्तानी पोत पहुंचा है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी नौसेना का पीएनएससैफ (PNF SAIF) युद्धपोत चटगांव पहुंचा है। बांग्लादेशी नौसेना ने पाकिस्तानी युद्धपोत का जबरदस्त स्वागत भी किया।

पाकिस्तान का युद्धपोत चटगांव पहुंचना भारत के लिए चुनौती वाली बात है। जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान किसी तरह से भारत की घेराबंदी करने का प्लान बना रहा है। 1971 के बाद से ही बांग्लादेश और पाकिस्तान के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं लेकिन पिछले कुछ महीने में सब कुछ बदल गया है। इस समय पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख ऐडमिरल नावीन अशरफ भी बांग्लादेश की यात्रा पर हैं।

पाकिस्तान के टॉप मिलिट्री कमांडर जनरल साहिर श्मशाद मिर्जा कुछ दिन पहले ही बांग्लादेश की यात्रा पर गए थे। उन्होंने मोहम्मद यूनुस से भी मुलाकात की थी। बता दें कि बांग्लादेश में पिछले साल अगस्त में हिंसक छात्र आंदोलन हुआ था। इसके बाद शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा था। फिलहाल वह भारत की शरण में हैं। वहीं मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया था।

अफगानिस्तान से खराब होते संबंधों के बीच पाकिस्तान बांग्लादेश में नई संभावनाएं तलाश कर रहा है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार और भारत के बीच संबंध लागातार मजबूत हो रहे हैं। वहीं अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान का तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इस्तांबुल में तीसरे चरण की शांति वार्ता का भी कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। ऐसे में वह चाहता है कि बांग्लादेश से करीबी बढ़ाकर भारत को धौंस दिखाने की कोशिश की जाए। हालांकि बांग्लादेश में यह स्थिति कब तक रहेगी यह भी कहा नहीं जा सकता है। फरवरी में ही बांग्लादेश में आम चुनाव होने हैं। आवामी लीग ने यूनुस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना शुरू कर दिया है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here