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सिंहस्थ की तैयारी: उज्जैन में 100 एकड़ में फूलों का विशाल क्लस्टर, 30 जनवरी को भोपाल में फ्लॉवर एग्जीबिशन

उज्जैन 
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने उज्जैन में 100 एकड़ जमीन पर फूलों का विशेष उत्पादन क्लस्टर विकसित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर यह क्लस्टर धार्मिक नगरी उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में फूलों की बढ़ेगी खेती। 

महाकालेश्वर सहित आसपास से आती है फूलों की डिमांड उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बताया कि उज्जैन, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर साल भर फूलों की बड़ी मांग रहती है। इसी को देखते हुए सरकार ने उज्जैन के आसपास व्यावसायिक पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने की कार्य योजना बनाई है।

सिंहस्थ 2028 को अवसर के रूप में देख रहा है विभाग

मंत्री कुशवाह ने कहा कि सिंहस्थ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और पूजा-अर्चना के लिए फूलों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में बाहर से फूल मंगाने की बजाय स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित फूलों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे परिवहन लागत घटेगी और किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे।

किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

क्लस्टर के माध्यम से उज्जैन और आसपास के किसानों को गुलाब, गेंदा, जरबेरा, रजनीगंधा, सेवंती, ग्लेडियोलस जैसे अधिक मांग वाले फूलों की वैज्ञानिक और व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि पुष्प उत्पादन को केवल पारंपरिक खेती न मानते हुए कृषि-उद्यम के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

प्रशिक्षण से लेकर बाजार तक मिलेगा सहयोग

    उन्नत किस्मों के पौधों की उपलब्धता
    आधुनिक खेती तकनीकों का प्रशिक्षण
    कोल्ड स्टोरेज और भंडारण सुविधाएं
    मंडी और बाजार से सीधा जुड़ाव
    पुष्प प्रसंस्करण इकाइयों से कनेक्शन

प्रदेश को पुष्प उत्पादन में अग्रणी बनाने की योजना

मंत्री कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश पहले से ही पुष्प उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उज्जैन में 100 एकड़ का यह क्लस्टर राज्य को पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में नंबर-वन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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