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रांची धुर्वा डैम त्रासदी: एक और पुलिसकर्मी का शव मिला, पूरे विभाग में मातम

रांची

झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा डैम में हुए भीषण हादसे में लापता चल रहे चौथे पुलिसकर्मी सत्येंद्र सिंह का शव सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया। इससे पूर्व तीन अन्य पुलिसकर्मियों-उपेंद्र कुमार सिंह, रोबिन कुजूर और चालक अनिल सिंह-के शव कार के अंदर से मिल चुके थे।

सोमवार को चौथे शव की बरामदगी के साथ ही घटना में मौत का आंकड़ा चार तक पहुंच गया है। चारों मृतक जमशेदपुर के जगसुलाई इलाके के रहने वाले थे और जमशेदपुर के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज (पीडीजे) की सुरक्षा टीम में तैनात थे। हादसा 14 नवंबर की देर रात हुआ, जब सुरक्षा में तैनात ये चारों पुलिसकर्मी एक सरकारी वाहन से यात्रा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि धुर्वा डैम के पास वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे पानी में जा गिरा। घटना के समय रात होने के कारण किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। अगले दिन 15 नवंबर की सुबह स्थानीय लोगों ने डैम में कार जैसी कोई वस्तु दिखाई देने की आशंका जताई और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रांची पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया। गोताखोरों ने पानी के भीतर से डूबी हुई कार को ढूंढ़ निकाला। कार खोलने पर उसके अंदर तीन पुलिसकर्मी मृत पाए गए, जो डूबने से अपनी जान गंवा बैठे थे। हालांकि चालक सत्येंद्र सिंह कार के अंदर नहीं मिले, जिससे यह आशंका जताई गई कि वाहन के पानी में गिरते ही उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की होगी, लेकिन तेज बहाव और गहराई में फंसकर वे भी डूब गए।

एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों द्वारा जारी तलाशी अभियान के चौथे दिन सोमवार सुबह सत्येंद्र सिंह का शव भी डैम के एक हिस्से से बरामद कर लिया गया। शव की पहचान होते ही पुलिस बल में शोक की लहर दौड़ गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमॉटर्म के लिए भेज दिया गया है और विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हादसे ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए डैम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेतों को और मजबूत करने की मांग की है।

 

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