samacharsecretary.com

रांची नगर निगम 6 साल बाद भी पाइप लाइन से नहीं कर पाया पानी और गैस की सप्लाई

रांची.

रांची नगर निगम के अंतर्गत वार्ड नंबर 51 देवीनगर हेसाग हटिया में जल संकट को लेकर आयोजित जागरण आपके द्वार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान वार्डवासियों ने एक स्वर में वर्षों से लंबित बुनियादी सुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर सवाल उठाए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हेसाग क्षेत्र में करीब छह साल पहले पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन आजतक नल में एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। पानी की यह समस्या सालों से बनी हुई है, लेकिन गर्मी के मौसम में यह विकराल रूप ले लेती है। लोगों को मजबूरी में कुएं और बोरिंग पर निर्भर रहना पड़ता है। कई परिवारों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज के इलाकों तक जाना पड़ता है। गर्मी के दिनों में प्रशासन द्वारा टैंकर के माध्यम से पानी आपूर्ति करने का दावा किया जाता है, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी साबित होती है। टैंकर से मिलने वाला पानी जरूरत के हिसाब से बेहद कम होता है, जिससे अक्सर लोगों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है। महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।

गैस पाइपलाइन बिछा, लेकिन कनेक्शन का सालों से इंतजार
पेयजल के साथ-साथ गैस पाइपलाइन का मुद्दा भी लोगों के गुस्से की बड़ी वजह है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में गैस पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन अब तक गैस कनेक्शन चालू नहीं किया गया। आज भी लोग गैस कनेक्शन का इंतजार कर रहें है। आज भी लोग रसोई गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। कई बार पूरा दिन सिलेंडर के इंतजार में निकल जाता है। वार्ड में बुनियादी ढांचे की हालत भी बेहद खराब है। कई गलियों में सड़कें टूटी हुई हैं, बरसात में कीचड़ और गर्मी में धूल से लोगों का जीना मुश्किल हो जाता है। नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रात में अंधेरा छाया रहता है और असामाजिक तत्वों का डर बना रहता है। इसके अलावा बिजली के जर्जर खंभे और झूलते तार किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा उठाव की व्यवस्था भी नियमित नहीं है, जिससे जगह-जगह कचरे का ढेर लगा रहता है और बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।

वृद्धा पेंशन व विधवा पेंशन दोंनों ही बनना बंद
सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में भी वार्ड पिछड़ा हुआ है। पिछले कई वर्षों से वार्ड की कई महिलाओं का वृद्धा पेंशन और विधवा पेंशन कार्ड नहीं बन पाया है। बार-बार आवेदन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिससे गरीब और जरूरतमंद महिलाएं आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि निकाय चुनाव नहीं होने के कारण वार्ड की समस्याओं को उठाने और समाधान कराने वाला कोई जनप्रतिनिधि नहीं है। अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं होता।

    छह साल से पानी की पाइपलाइन पड़ी है, लेकिन आज तक नल से पानी नहीं आया। गर्मी में हालत बद से बदतर हो जाती है। प्रशासन सिर्फ कागजों पर काम दिखा रहा है।
-पूजा देवी

    गैस पाइपलाइन बिछने के बाद भी कनेक्शन नहीं मिला। आज भी सिलेंडर के लिए लाइन में लगना पड़ता है। महिलाओं का समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो रहा है।
– रीना गुप्ता

    टैंकर से पानी मिलता है, लेकिन वह बहुत कम होता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए पानी जुटाना सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। लोग पाइपलाइन सेवा शुरू करने की मांग कर रहें है।
– सीता शर्मा

    सड़क और नाली की हालत खराब है। बरसात में घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। शिकायत करने पर कोई सुनने वाला नहीं है। मुख्य सड़क पर वर्षेा से स्ट्रीट लाइट खराब है।
-सुनील गुप्ता

    स्ट्रीट लाइट खराब रहने से रात में डर लगा रहता है। महिलाएं और बच्चियां बाहर निकलने से डरती हैं। शिकायत करने पर भी कोई सुनने वाला नहीं है। लोग सिर्फ टैक्स भर रहें है।
– रामचंद्र शर्मा

    बिजली के झूलते तार कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं, लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। कई नए मोहल्ले में बिजली के खंभे नही है। आवेदन के बाद भी खंभा नहीं लग रहा है।
– मुन्नी देवी

    डोर-टू-डोर कचरा उठाव सही से नहीं होता। गंदगी की वजह से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। स्मार्ट सिटी में चौ-चौराहों पर कचरे फेंकने को मजबूर है। सुनने वाला मौन है।
– प्रीति देवी

    गरीबों की कोई सुनवाई नहीं है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जलापूर्ति, गैस कनेक्शन और अन्य बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की मांग करती हूं। ताकि वार्डवासियों को राहत मिल सके।
-साधु कुमार

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here