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हमले के बाद और सख़्त हुई रेखा गुप्ता, नई व्यवस्था के साथ फिर शुरू की ‘जन सुनवाई’

नई दिल्ली 
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपने ‘कैंप कार्यालय’ में जनसुनवाई फिर से शुरू की। एक पखवाड़े पहले ही जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने उन पर हमला कर दिया था। सुबह 8 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज कराईं और मुख्यमंत्री से मदद की गुहार की।

अब टेबल-कुर्सी और माइक्रोफोन वाली व्यवस्था
गुप्ता एक कुर्सी पर बैठी थीं, जबकि लोग एक-एक करके उनके सामने आकर अपने आवेदन जमा कर रहे थे और इस उद्देश्य के लिए उनकी मेज पर लगाए गए माइक्रोफोन के माध्यम से उनसे बातचीत कर रहे थे। इससे पहले गुप्ता अपने आवास-सह-कैंप कार्यालय में ‘जन सुनवाई’ के लिए एकत्रित लोगों के बीच जाती थीं और उनसे खुलकर बातचीत करती थीं।

सुरक्षा में इजाफा
मुख्यमंत्री के जनसुनवाई करने के दौरान महिला सुरक्षाकर्मियों सहित पुलिसकर्मियों ने उनके चारों ओर घेरा बना रखा था। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसमें मेटल डिटेक्टर से प्रतिभागियों की तलाशी लेना और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कार्यवाही की निगरानी करना शामिल था। गुप्ता पर 20 अगस्त को राज निवास मार्ग स्थित उनके ‘कैंप कार्यालय’, मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में जनसुनवाई के दौरान राजकोट (गुजरात) के एक व्यक्ति ने हमला किया था।

165 लोगों की सुनीं शिकायतें
अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद और सरकार से मदद की गुहार लगाने के लिए बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं मुख्यमंत्री आवास पर एकत्रित हुए। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 165 लोगों ने मुख्यमंत्री को अपनी शिकायतें और सुझाव सौंपे, जिन पर उन्होंने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर कई लोगों ने गुप्ता को गुलदस्ते देकर बधाई दी।

क्या बोलीं सीएम
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने समूची दिल्ली से आए लोगों से मुलाकात की और अधिकारियों को उनकी शिकायतों के तत्काल निवारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, ‘जनता से बातचीत मुझे हमेशा एक नई ऊर्जा से भर देती है और सेवा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को और गहरा करती है। जन सुनवाई एक नई परंपरा है।’ उन्होंने कहा, ‘जन सुनवाई के दौरान हर नागरिक की बात सुनी जाती है और हर सुझाव दिल्ली के विकास का प्रतीक बन जाता है।’ उन्होंने कहा कि जनसेवा और हर शिकायत का निवारण दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

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