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‘काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका’: CM नायब सैनी

चंडीगढ़.

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीबी-जी रामजी योजना पर फैलाए जा रहे विपक्ष के भ्रम को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हर श्रमिक को काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका की गारंटी इस योजना के मुख्य पहलू हैं।

उन्होंने राज्य भर से आए श्रमिकों के साथ संवाद करते हुए उनकी बात सुनी और आशंकाओं का समाधान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी- जी रामजी) मेहनतकश श्रमिकों के जीवन स्तर को उंचा उठाने की मजबूत नींव है। सीएजी (कैग) की रिपोर्टों से लेकर सामाजिक आडिट तक में बार-बार यह सामने आया कि मनरेगा योजना के रहते असली मजदूर काम करता रहा और जेबें औरों की भरती रहीं। वीबी-जी रामजी योजना में मजदूरों की आय बढ़ेगी तथा राज्य के हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे।

नायब सिंह सैनी पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में वीबी- जी रामजी पर राज्य स्तरीय सम्मेलन में उपस्थित श्रमिकों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री ने लिया है, उसे गांवों और श्रमिकों के विकास के बिना पूरा नहीं किया सकता। विकसित भारत का रास्ता गांवों की गलियों से होकर गुजरता है। वीबी- जी रामजी केवल रोजगार देने की योजना नहीं है बल्कि मेहनतकश लोगों के जीवन को ऊंचा उठाने, उनको सम्मान देने और उनका स्वाभिमान बनाये रखने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नये कानून के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। नये कानून में राज्यों को फसल बुवाई और कटाई के समय 60 दिन के लिए काम रोकने का अधिकार दिया गया है। इससे श्रमिकों को इन 60 दिनों का काम तो मिलेगा ही, विकसित भारत जी रामजी योजना के तहत भी 125 दिन का काम मिलेगा। इससे पूरे भारत वर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन सात हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी।

हरियाणा में हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे। हरियाणा में प्रतिदिन देश में सर्वाधिक 400 रुपये की दर से न्यूनतम मजदूरी दी जाती है। इससे हर श्रमिक की वार्षिक आय कम से कम 50 हजार रुपये हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना में अब 15 दिन की जगह साप्ताहिक वेतन भुगतान की व्यवस्था की गई है, ताकि मजदूर को समय पर उसका पैसा मिल सके। अब न तो फर्जी मजदूर होंगे, न फर्जी काम होगा और न ही फर्जी भुगतान होगा। पहले मनरेगा के तहत सीमित रोजगार दिया जाता था। मनरेगा के नाम पर देश के कई हिस्सों में भ्रष्टाचार, फर्जी जाब कार्ड, ठेकेदारों का वर्चस्व और मजदूरों के हक की लूट हुई थी।

भाजपा ने किया पांच हजार करोड़ का भुगतान
मुख्यमंत्री ने हरियाणा में भाजपा के अब तक के कार्यकाल और कांग्रेस के 10 वर्षों के कार्यकाल के दौरान मनरेगा के भुगतान की तुलना की। अक्टूबर 2014 से अक्टूबर 2025 तक श्रमिकों को भाजपा सरकार ने पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया, जबकि कांग्रेस के 10 वर्षों में यह आंकड़ा दो हजार करोड़ रुपये से भी कम था। नायब सैनी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुद्दाविहिन हो चुकी है और जी रामजी योजना पर लोगों को भ्रमित करने के लिए हथकंडे अपना रही है। कांग्रेस के नेताओ ने मनरेगा योजना को श्रमिकों की बजाय अपनी आजीविका का साधन बना रखा था।

पंजाब सरकार नहीं कर रही भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई
नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आप सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब सरकार केवल वोट की राजनीति के लिए जी रामजी योजना का विरोध कर रही है। पंजाब में मनरेगा के तहत श्रमिकों के भुगतान में भ्रष्टाचार साबित होने के बावजूद भी पंजाब सरकार दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि श्रमिकों के पसीने की हर बूंद में भारत के निर्माण की कहानी छिपी है, जिसे लंबे समय तक अनदेखा किया गया।

मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. साकेत कुमार ने कहा कि जी रामजी से श्रमिकों को न केवल रोजगार मिलेगा बल्कि हर स्तर पर पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा, कार्तिकेय शर्मा, पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया और हरियाणा मनरेगा मेट मजदूर संघ के अध्यक्ष नवीन कुमार शामिल हुए।

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