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टेस्ट के पहले दिन सैम कोंस्टास का धमाल, अय्यर ब्रिगेड की पकड़ ढीली

लखनऊ 
सैम कोंस्टास की शतकीय पारी और पहले विकेट के लिए कैंपबेल केलावे के साथ 198 रन की साझेदारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ए ने पहले अनौपचारिक टेस्ट के शुरुआती दिन भारत ए के खिलाफ मंगलवार को लखनऊ में पांच विकेट पर 337 रन बना लिए। हर्ष दुबे ने तीन विकेट लेकर मैच में भारत ए की कुछ हद तक वापसी कराई। दुबे ने 21 ओवर में 88 रन देकर तीन विकेट झटके। कोंस्टास ने भारतीय टीम के पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पदार्पण मैच में आक्रामक पारी से प्रभावित किया था। उन्होंने रणजी ट्रॉफी के रिकार्डधारी दुबे की गेंद पर आउट होने से पहले परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए 144 गेंद की पारी में 10 चौके और तीन छक्कों की मदद से 109 रन बनाए।
 
प्रसिद्ध कृष्णाके खिलाफ आक्रामक तेवर
इस 19 साल के खिलाड़ी को केलावे का शानदार साथ मिला, जिन्होंने 97 गेंद में 10 चौके और दो छक्कों की मदद से 88 रन बनाए। कोंस्टास और केलावे की जोड़ी ने भारतीय टेस्ट गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा सहित अन्य गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखा कर टीम को 38वें ओवर में 200 रन के करीब पहुंचा दिया। इस साझेदारी को गुरनूर बरार (47 रन पर एक विकेट) ने केलावे तनुष कोटियान के हाथों कैच कराकर तोड़ा। इस साझेदारी के टूटने के बाद क्रीज पर आए कप्तान नाथन मैकस्वीनी (एक) कुछ खास नहीं कर सके और दुबे का पहला शिकार बने। दुबे ने दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को एलबीडब्ल्यू करने के बाद कोंस्टास को भी बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई।

भारत ने पकड़ बनाने का मौका गंवाया
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद (46 रन पर एक विकेट) ने ज्यादा समय गंवाए बिना ऑलिवर पिक (दो) को एलबीडब्ल्यू किया तब लगा कि श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारत ए की टीम अब मैच पर पकड़ बना लेगी। कूपर कॉनली (70) और लियन स्कॉट (नाबाद 47) ने पांचवें विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी कर एक बार फिर से मैच पर ऑस्ट्रेलिया ए का दबदबा कायम कर दिया। इस साझेदारी को दुबे ने कॉनली को देवदत्त पडिक्कल के हाथों कैच कराकर तोड़ा। कॉनली ने 84 गेंद की पारी में 12 चौके और एक छक्का लगाया। स्टंप्स के समय स्कॉट के साथ जॉश फिलिप (नाबाद तीन) क्रीज पर मौजूद थे। प्रसिद्ध कृष्णा और तनुष कोटियान को कोई सफलता नहीं मिली। कृष्णा ने 11 ओवर में 47 जबकि कोटियान ने 19 ओवर में 92 रन दिए।

 

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