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एमपी बोर्ड परीक्षा में सामूहिक नकल पर कड़ा एक्शन, पूरी परीक्षा होगी निरस्त, 3 साल तक की सजा

 भोपाल

मध्य प्रदेश में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किया गया हैं। सामूहिक नकल पर पूरे केंद्र की परीक्षा निरस्त होगी। एग्जाम में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर 3 साल की जेल या 5 हजार रुपये का जुर्माने का प्रावधान है। अगर कोई व्यक्ति छात्रों की मदद करता है तो उसे भी 3 साल की जेल होगी।

एमपी बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक संचालित की जाएगी। वहीं 12वीं कक्षा का एग्जाम 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक होगा। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी।

माशिमं ने संबंध में जारी किए दिशा-निर्देश

मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। कक्षा में सामूहिक नकल या अन्य व्यक्ति द्वारा नकल करवाने पर उस केंद्र की सभी परीक्षाएं निरस्त होंगी। प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। वहीं राजधानी में 104 परीक्षा केंद्र रहेंगे।

यह भी नकल की श्रेणी में आएगा

एक उत्तर पुस्तिका में एक से अधिक हस्तलिपि में प्रश्न हल किए हो तो व्यक्तिगत नकल प्रकरण की श्रेणी में रखा जाएगा और सभी विषयों की परीक्षा और परीक्षाफल निरस्त किया जाएगा। साथ ही उस केंद्र के केंद्राध्यक्षों, सहायक केंद्राध्यक्षों व पर्यवेक्षकों को पांच साल तक परीक्षा कार्य से वंचित किया जाएगा।

मूल्यांकन के दौरान भी रहेगी पैनी नजर

माशिमं ने स्पष्ट किया है कि सामूहिक नकल की पहचान केवल परीक्षा हाल तक सीमित नहीं रहेगी। यदि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के समय किसी एक परीक्षा केंद्र की कम से कम 10 उत्तर पुस्तिकाएं एक ही तरीके (समान उत्तर और समान शैली) से लिखी हुई पाई जाती हैं, तो इसे सामूहिक नकल की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित केंद्र की परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाएगा।

स्कूलों और परीक्षा केंद्रों को निर्देश
एमपी बोर्ड ने सभी स्कूलों और परीक्षा केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षार्थियों को नकल न करने और परीक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करें. परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बोर्ड अधिकारियों ने यह भी बताया कि परीक्षा में शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी कर्मियों और कैमरों को मैनेज किया जाएगा. छात्र और शिक्षक दोनों को इसके महत्व को समझते हुए परीक्षा का निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करना होगा.

इस कदम का मकसद परीक्षा में ईमानदारी बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन कायम रखना है. बोर्ड ने छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन से अपील की है कि वे सभी नियमों का पालन करें और परीक्षा को सफल बनाने में सहयोग करें.

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर प्रतिबंध रहेगा

मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है, या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन साल की सजा का प्रविधान है। अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने पर विद्यार्थी की पूरी परीक्षा निरस्त होगी। बोर्ड परीक्षा में कैलकुलेटर का उपयोग अनुचित साधन की श्रेणी में माना जाएगा। साधारण केलकुलेटर, साइंटिफिक कैलकुलेटर, पेजर, सेल्युलर फोन, कंप्यूटर के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है।

20 विद्यार्थियों पर एक पर्यवेक्षक तैनात होगा

परीक्षा केंद्रों पर 20 विद्यार्थियों पर पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। एक कक्षा में 20 से अधिक व 40 से कम विद्यार्थियों पर दो पर्यवेक्षक नियुक्त रहेंगे। विद्यार्थियों की 40 से अधिक संख्या होने पर 15 परीक्षार्थियों पर एक पर्यवेक्षक रहेगा।

    10वीं व 12वीं परीक्षा में नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर कड़ा प्रतिबंध होगा। सामूहिक नकल की श्रेणी में आने पर पूरी परीक्षा निरस्त होगी। परीक्षा की तैयारियां पूरी हो चुकी है- बलवंत वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, माशिमं।

 

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